आगरा में मेट्रो का काम बनी परेशानी, MG रोड पर जाम से निपटने के लिए 10 मशीनें लगाई गईं

आगरा। आगरा में मेट्रो कॉरिडोर का काम इन दिनों शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, खासकर एमजी रोड पर। यहां बैरिकेडिंग के कारण सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। इस समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने एमजी रोड पर काम को तेजी से पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एमजी रोड पर लगीं सबसे ज्यादा मशीनें शहर भर में मेट्रो कॉरिडोर के पिलर निर्माण के लिए कुल 18 मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें से 10 मशीनें सिर्फ एमजी रोड पर ही काम कर रही हैं। जबकि सुलतानपुरा, मॉल रोड, हाईवे और सुलतानगंज जैसे अन्य हिस्सों में बाकी की 8 मशीनों से काम चलाया जा रहा है। UPMRC का लक्ष्य है कि दिसंबर तक एमजी रोड पर पिलर का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि बैरिकेडिंग हटाकर लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर क्यों है ज्यादा दिक्कत? आगरा में कुल 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इसमें से एक कॉरिडोर एमजी रोड से होकर गुजरता है, जहां प्रतापपुरा से भगवान टॉकीज तक पिलर निर्माण के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस रोड की चौड़ाई 8 मीटर है, जो बैरिकेडिंग के बाद और भी संकरी हो गई है। सड़क के दोनों ओर शोरूम होने के कारण वाहनों के रुकते ही ट्रैफिक बाधित हो जाता है। पिछले महीने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया था कि जहां पिलर का काम पूरा हो गया है, वहां बैरिकेडिंग को थोड़ा अंदर खिसकाया जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। इसी कारण एमजी रोड पर जाम की स्थिति बनी हुई है।

आगरा में दशहरा शोभायात्रा समिति के चुनाव संपन्न, विनय अग्रवाल अध्यक्ष चुने गए

आगरा। लोहामंडी स्थित अग्रवाल सेवा सदन में मंगलवार को जटपुरा के श्रीराम मंदिर से जुड़ी दशहरा शोभायात्रा आयोजन समिति के चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। इन चुनावों में सर्वसम्मति से विनय अग्रवाल को समिति का नया अध्यक्ष चुना गया। चुनावी प्रक्रिया की देखरेख चुनाव अधिकारी रामदास कटारा, संरक्षक महेंद्र खंडेलवाल, पूर्व पार्षद हेमा वर्मा और विनोद अग्रवाल ने की। इस चुनाव में सर्वसम्मति से कई अन्य पदाधिकारियों को भी चुना गया, जिसमें: इस अवसर पर प्रियाकांत बंसल, ब्रजेश कुमार, लवेश जैन, गौरव लोधी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

आगरा के एस.एन. मेडिकल कॉलेज में ‘नेल्स’ वर्कशॉप का दूसरा दिन, डॉक्टरों ने सीखे आपातकालीन कौशल

आगरा। एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा में चल रहे नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट (NELS) पाठ्यक्रम का दूसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह वर्कशॉप डॉक्टरों को आपातकालीन चिकित्सा के लिए आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल देने पर केंद्रित है। इसका आयोजन नोडल स्किल सेंटर की डॉ. अर्चना अग्रवाल के नेतृत्व में किया जा रहा है। दूसरे दिन की शुरुआत में, विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ संकाय सदस्यों ने महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिए: व्याख्यान सत्र के बाद, डॉक्टरों ने डमी (Mannequin) पर नीडल थोराकोसेंटिस, आईसीडी, ई-फास्ट और वेंटिलेटर सेटिंग जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का अभ्यास किया। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण ने डॉक्टरों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आत्मविश्वास दिया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से अपडेट रखने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करता रहेगा।

आगरा में ADA का अवैध निर्माणों पर एक्शन, बुलडोजर चलाकर कॉलोनी ध्वस्त और एक बिल्डिंग सील

आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को ADA ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए एक अवैध कॉलोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और ताजमहल के पास बन रही एक निर्माणाधीन बिल्डिंग को सील कर दिया। इस सख्त कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। हिंगोट खेरिया में ध्वस्त हुई 6 हजार वर्गमीटर की अवैध कॉलोनी ताजगंज क्षेत्र के अमर एन्क्लेव, मौजा हिंगोट खेरिया में बंटू यादव, भरत सिंह और कमल सिंह द्वारा 6 हजार वर्गमीटर में एक अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। ADA अधिकारियों ने जब उनसे निर्माण की अनुमति मांगी तो वे इसे नहीं दिखा पाए। इसके बाद ADA ने कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर पूरी कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। अवैध रूप से लगाए गए गेट, पक्की सड़कें और बाउंड्रीवाल भी बुलडोजर से उखाड़ दिए गए। ADA ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के किसी भी तरह का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-27 के तहत की गई। ताजमहल के पास बन रही अवैध बिल्डिंग सील दूसरी ओर, ADA ने ताजमहल के प्रतिबंधित क्षेत्र में बन रही एक और अवैध बिल्डिंग को सील कर दिया। ताजगंज स्थित तांगा स्टैंड के पास सुनील राठौर और मनीष वर्मा द्वारा बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के यह निर्माण कराया जा रहा था। बिल्डिंग को टीनशेड से छिपाने की कोशिश की गई थी। जब ADA अधिकारियों ने निर्माणकर्ताओं से अनुमति मांगी तो वे कोई भी वैध कागजात नहीं दिखा पाए। इसके बाद ADA ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-28क(1) के तहत इस अवैध बिल्डिंग को सील कर दिया।

आगरा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर होगी सख्त कार्रवाई

आगरा। आगरा में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उन्हें लंबे समय से ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा नियमों की मनमानी की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने खुद भी सड़कों पर यह अनुभव किया है कि ये चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं, गलत दिशा में चलते हैं और ट्रैफिक रुकते ही अपनी लाइन छोड़कर दूसरों के लिए दिक्कत पैदा करते हैं। इससे न केवल जाम लगता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों और बच्चों को होती है परेशानी दीपक कुमार ने कहा कि इन चालकों की मनमानी का खामियाजा सामान्य नागरिकों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि ई-रिक्शा और सीएनजी ऑटो उनकी आजीविका का साधन हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे यातायात नियमों की अनदेखी करें और दूसरों को प्रभावित करें। टीमें गठित करने के निर्देश, होगा भारी जुर्माना पुलिस आयुक्त ने डीसीपी ट्रैफिक को विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नजर रखेंगी। उन्होंने सभी ऑटो चालकों से अपील की है कि वे अपनी लेन में चलें, ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करें और क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो गठित टीमें नियमानुसार भारी जुर्माना लगाएंगी और ई-रिक्शा/सीएनजी ऑटो को सीज करने पर मजबूर होंगी। यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

आगरा के सेंट थॉमस स्कूल में ‘डोनेशन’ का खेल, आटा-दाल मांगने पर जांच के आदेश

आगरा। आगरा के सेंट थॉमस स्कूल, सुनारी पर छात्रों से डोनेशन के नाम पर खाने-पीने का सामान मांगने का आरोप लगा है। अभिभावकों की संस्था प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स अवेयरनेस (PAPA) की शिकायत पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने इस मामले का संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिए हैं। PAPA के राष्ट्रीय संयोजक दीपक सरीन ने शिकायत में बताया कि स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों के मोबाइल पर संदेश भेजकर बच्चों से पांच किलो आटा, दो किलो चावल, आधा किलो दाल और आधा लीटर तेल जैसी वस्तुएं जबरन मंगवाई हैं, जिसके लिए 4 सितंबर की तारीख भी दी गई है। डोनेशन मांगना पूरी तरह से अवैध शिकायत में कहा गया है कि स्कूल द्वारा इस तरह का डोनेशन मांगना न केवल अनैतिक है, बल्कि पूरी तरह से गैरकानूनी भी है। यह प्रथा कई शिक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन करती है, जिनमें शामिल हैं: जांच के लिए टीम गठित दीपक सरीन की शिकायत के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने खंड शिक्षा अधिकारी नगर सुमित कुमार सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी बरौली अहीर महेश कुमार पटेल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। ये दोनों अधिकारी मौके पर जाकर जांच करेंगे और अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। PAPA ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाए, उनकी मान्यता निलंबित की जाए और सभी निजी व मिशनरी स्कूलों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। दीपक सरीन ने कहा, “शिक्षा बच्चों का अधिकार है, स्कूलों के लिए यह एक सेवा है, व्यवसाय नहीं।”

आगरा में ‘अप्सा गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप’ कार्यक्रम, 45 मेधावी छात्राओं को मिली छात्रवृत्ति

आगरा। मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को सी.एफ. एन्ड्रूज स्कूल में ‘अप्सा गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप-2025’ का भव्य आयोजन किया गया। एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल्स ऑफ आगरा (अप्सा) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 45 मेधावी और निर्धन छात्राओं को उनकी उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति के चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. आर.एस. पारीक और अप्सा के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ. पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि एक शिक्षित बेटी न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को सशक्त बनाती है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को बचाने में बेटियों के अमूल्य योगदान की सराहना भी की। अप्सा के सचिव और सेंट एन्ड्रूज ग्रुप के सी.एम.डी. डॉ. गिरधर शर्मा ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में अप्सा द्वारा निर्धन और मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए कुल 25.44 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। इस साल चयनित 45 छात्राओं में से प्रत्येक को 8,000 रुपये का चेक दिया गया है और अगले तीन वर्षों में कुल 24,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जो इन छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। अप्सा के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने इस पहल को पूरे देश में अपने तरह का एक अनूठा कार्यक्रम बताया, जिसका उद्देश्य मेधावी छात्राओं को उनके सपनों को साकार करने के लिए एक मंच देना है। इस अवसर पर अप्सा के कोषाध्यक्ष प्रदुम्न चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष डॉ. जी.एस. राणा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और स्कूलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता में सी.एफ. एन्ड्रूज स्कूल की प्राचार्या रुचि तनवर और उनकी टीम का भी विशेष योगदान रहा।

आगरा में सुगंध दशमी और दशलक्षण पर्व की धूम, मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

आगरा। मंगलवार को आगरा के विभिन्न जैन मंदिरों में सुगंध दशमी और दशलक्षण पर्व का छठा दिन बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर भक्तों ने उत्तम संयम धर्म का पालन किया, जिसके बाद मंदिरों में पूजा-पाठ, अभिषेक और भव्य सजावट देखने को मिली। कलाकुंज जैन मंदिर में ‘पोस्टर बनाओ’ प्रतियोगिता कलाकुंज जैन मंदिर में वर्धमान युवा मंडल द्वारा एक विशेष ‘पोस्टर बनाओ’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों और युवाओं ने अहिंसा, सदाचार और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बेहद रचनात्मक पोस्टर बनाए, जिन्होंने सबका ध्यान खींचा। प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा राजीव जैन, अजय जैन (मास्टर) और आदि जैन शास्त्री ने की। विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। अवधपुरी जिनालय में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम अवधपुरी स्थित श्री पदमप्रभु जिनालय में भी उत्सव का माहौल था। यहां पोस्टर बनाओ, मंगल कलश सजाओ और थाल सजाओ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चों और परिवारों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सुंदर पोस्टर, मंगल कलश और थाल सजाए, जिससे मंदिर का वातावरण और भी भक्तिमय हो गया। इन सभी कार्यक्रमों के माध्यम से संयम धर्म और आत्मशुद्धि का संदेश दिया गया। युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी ने मिलकर इस पावन पर्व को अपनी श्रद्धा और कला के साथ मनाया।

आगरा में ‘एसएमई आईपीओ’ पर संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने बताई लघु उद्योगों के विकास की राह

आगरा। आगरा में मंगलवार को आईटीसी मुगल होटल में चैम्बर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (CFPIA) द्वारा एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका मुख्य विषय था ‘एसएमई आईपीओ के माध्यम से विकास को प्रोत्साहित करना एवं इक्विटी मूल्यांकन को अनलॉक करना’। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने लघु एवं मध्यम उद्यमियों को एसएमई आईपीओ (Small and Medium Enterprises IPO) के महत्व और प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। एसएमई आईपीओ से विदेशी निवेश और वैश्विक पहचान मुख्य वक्ता नीता प्रसाद ने बताया कि कोई भी उद्योग जो लगातार तीन वर्षों से सफलतापूर्वक चल रहा है और जिसकी आय एक करोड़ रुपये या उससे अधिक है, वह अपना एसएमई आईपीओ ला सकता है। उन्होंने कहा कि इससे उद्यमी बैंक ऋण और ब्याज के बोझ से मुक्त होकर अपनी कंपनी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सकते हैं। नीता प्रसाद ने यह भी बताया कि आईपीओ के जरिए विदेशी निवेशक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी निवेश के लिए आकर्षित होती हैं, जो व्यवसाय के लिए बेहद फायदेमंद है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने एसएमई आईपीओ को उद्योग जगत की रीढ़ बताया और कहा कि आने वाले समय में इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी। महासचिव अनुज सिंघल ने उद्यमियों से इस अवसर का लाभ उठाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया। मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ‘रावी’ ने कहा कि आईपीओ सिर्फ पूंजी जुटाने का माध्यम नहीं, बल्कि कंपनी के ब्रांड मूल्य और विश्वसनीयता को बढ़ाने का जरिया भी है। फूड एक्सपो की समीक्षा और आगरा में लैब की मांग संगोष्ठी के बाद हुई कार्यकारिणी बैठक में जून 2025 में हुए पहले फूड एक्सपो की समीक्षा की गई और वर्ष 2026 के लिए फूड एक्सपो की योजना पर चर्चा हुई। सचिव विकास चतुर्वेदी ने सरकार से आग्रह किया कि आगरा में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विस्तार के लिए विशेष योजनाएं और अनुदान दिए जाएं। मुख्य कार्यकारी सदस्य राजेश गोयल ‘माना’ ने कहा कि भारतीय खाद्य उत्पादों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही है, इसलिए पैकेजिंग और गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है और इसके लिए फूड टेस्टिंग लैब का निर्माण आवश्यक है। कार्यक्रम का समापन उपाध्यक्ष आशीष गर्ग के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर आगरा के कई प्रमुख उद्यमी और व्यवसायी उपस्थित थे।

आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने से दहशत, CCTV फुटेज में कुत्ते पर हमला करता दिखा जानवर

आगरा। आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक तेंदुआ देखे जाने से हड़कंप मच गया है। एक सीसीटीवी फुटेज में एक तेंदुआ एक पालतू कुत्ते पर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। हमले में घायल कुत्ते का इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से हाईवे के पास की कॉलोनी के लोग दहशत में हैं और घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। वन विभाग रेंज ऑफिसर कृपा शंकर ने बताया कि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था, लेकिन अब विभाग पूरी तरह सतर्क है। टीम इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा जानवर तेंदुआ ही है या कोई और। हालांकि, वीडियो में जानवर एक कुत्ते पर हमला करता साफ दिख रहा है। तेंदुए के देखे जाने की खबर के बाद से वन विभाग की टीम अलर्ट पर है। दो दिनों से लगातार कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी रात में भी डेरा डाले हुए हैं। वन विभाग की टीम स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए तेंदुए को पकड़ने की कोशिश कर रही है।

आगरा में यमुना खतरे के निशान से ऊपर, ताज की बाउंड्री तक पहुंचा पानी; 8 चितास्थल डूबे

आगरा। आगरा में यमुना नदी एक बार फिर उफान पर है। गोकुल बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से दो फीट ऊपर आ गया है। नदी का पानी ताजमहल की बाउंड्री तक पहुंच गया है, वहीं कैलाश घाट, बल्केश्वर घाट और ताजगंज शमशान घाट के आठ चितास्थल भी डूब गए हैं। गोकुल बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा है पानी गोकुल बैराज से मंगलवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, जबकि सोमवार को भी 99 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके कारण आगरा में यमुना का जलस्तर बढ़कर 497 फीट पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 495 फीट पर है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज से भी पानी की मात्रा बढ़ गई है। सुबह नौ बजे 3.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके 5 सितंबर तक आगरा पहुंचने की संभावना है। इससे यमुना का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। खेतों में फंसे 25 किसान, 5 परिवार हुए शिफ्ट यमुना के रौद्र रूप के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। बल्केश्वर स्थित पार्वती घाट और ताजगंज मोक्षधाम के चितास्थल पानी में डूब गए हैं। तनौरा-नूरपुर और मेहरा नाहरगंज के लगभग 25 किसान तीन घंटे तक अपने खेतों में फंसे रहे, जिन्हें बाद में स्टीमर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। सदर तहसील के डौकी क्षेत्र में यमुना किनारे रहने वाले पांच परिवारों को अपने घरों तक पानी पहुंचने के कारण सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होना पड़ा है। वे फिलहाल अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। इन गांवों पर बाढ़ का खतरा प्रशासन ने यमुना के किनारे स्थित कई गांवों को बाढ़ के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है। तहसील सदर में तनौरा, नूरपुर, कैलाश, नगला बूढ़ी सहित कई गांव प्रभावित हो सकते हैं, जबकि तहसील फतेहाबाद में भरापुर, बमरौली, भडायना जैसे गांव खतरे में हैं। प्रशासन की अपील और तैयारी एडीएम (एफआर) शुभांगी शुक्ला ने नागरिकों से अपील की है कि वे जरूरी कागजात को वॉटरप्रूफ बैग में रखें, सूखे अनाज और मवेशियों के चारे को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से बाढ़ के शरणांलयों में जाने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका मोबाइल नंबर 0562-2260550 और 09458095419 है। इसके अलावा, तनौरा-नूरपुर में बाढ़ चौकी भी स्थापित की गई है।

आगरा में धर्मांतरण के आरोप में 11 लोग गिरफ्तार, एक महीने की गोपनीय जांच के बाद हुई कार्रवाई

आगरा। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने एक घर से 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई एक महीने तक चली गोपनीय जांच के बाद की है। केदार नगर के एक घर में प्रत्येक रविवार को ईसाई धर्म सभा आयोजित की जाती थी। शिकायत के अनुसार, इस सभा में हिंदुओं को बुलाया जाता था और उन्हें सनातन धर्म के देवी-देवताओं की पूजा-पाठ से दूर रहने के लिए कहा जाता था। इसके बदले में, उनकी गरीबी और अन्य सभी कष्टों को दूर करने का दावा किया जाता था। पुलिस ने सादे कपड़ों में भेजे थे कर्मी एक माननीय मंत्री से इस इलाके में धर्मांतरण की गतिविधियों की शिकायत की गई थी, जिसके बाद मामला पुलिस आयुक्त दीपक कुमार तक पहुंचा। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शाहगंज पुलिस ने गोपनीय जांच शुरू की। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में धर्म सभा में भेजा गया ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। जांच में पता चला कि इस घर में बाहर से कुछ लोग आते थे और आसपास के हिंदुओं को इकट्ठा करते थे। उनकी समस्याओं के बारे में पूछने के बाद उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। जो लोग इसके लिए तैयार होते थे, उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया जाता था। दो दिन पहले, पुलिस ने छापेमारी कर इस घर से पांच महिलाओं सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक मुख्य व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

आगरा में शिवाजी मार्केट की दुकान में चोरी, 8 लाख रुपये कैश उड़ा ले गए चोर

आगरा। आगरा के थाना रकाबगंज क्षेत्र स्थित शिवाजी मार्केट में चोरों ने एक रेडीमेड गारमेंट की दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपए कैश चोरी कर लिया। चोरों की यह हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है। दुकानदार शोभराज ने बताया कि उनकी दुकान ‘लवीना गारमेंट’ के नाम से है और उनका थोक का काम है। रविवार को वह दुकान बंद करके घर गए थे। सोमवार सुबह जब आसपास के दुकानदारों ने उन्हें दुकान का शटर टूटा होने की जानकारी दी, तो वह मौके पर पहुंचे। अंदर जाकर देखा तो अलमारी में रखा सारा कैश गायब था। व्यापारी ने लगभग 8 लाख रुपये कैश चोरी होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों से पेमेंट आने के बाद कैश को गल्ले में रखा गया था। प्रारंभिक हिसाब में अब तक 7 लाख रुपये के कैश का पता चला है। सीसीटीवी में कैद हुए 4 चोर व्यापारी ने बताया कि मार्केट में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि रात के समय तीन-चार चोर आए थे। उन्होंने शटर तोड़ा और अंदर घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। गौरतलब है कि एक साल पहले भी इसी व्यापारी की दुकान में 60 लाख रुपये की चोरी हुई थी। उस समय पुलिस ने चोरों को पकड़कर 57 लाख रुपये बरामद कर लिए थे। अब इस नई घटना के बाद पुलिस एक बार फिर चोरों को पकड़ने के लिए जांच कर रही है।

आगरा में ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान पहले ही दिन हुआ फेल, बेअसर दिखे DM के आदेश

आगरा। आगरा में सड़क सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी द्वारा शुरू किया गया ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान पहले ही दिन बेअसर साबित हुआ। 1 से 30 सितंबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान के बावजूद, शहर के कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पहने बाइक सवारों को धड़ल्ले से पेट्रोल दिया जा रहा है। पिछले शनिवार को हुई बैठक में डीएम ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे बिना हेलमेट वाले किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल न दें और ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन पहले दिन की पड़ताल में सामने आया कि इन आदेशों की पूरी तरह अनदेखी हो रही है। पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों से नहीं पूछा जा रहा हेलमेट ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, शहर के कई इलाकों, खासकर कोठी मीना बाजार के पास स्थित पेट्रोल पंपों पर, बिना किसी रोक-टोक के पेट्रोल दिया जा रहा है। राजेश माहौर नाम के एक ग्राहक ने बताया कि उन्होंने बिना हेलमेट के पेट्रोल भरवाया और किसी भी कर्मचारी ने उनसे हेलमेट के बारे में नहीं पूछा। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को बिना हेलमेट के ही फ्यूल मिल रहा है। जीआईसी के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर भी यही स्थिति देखने को मिली। सचिन नामक एक युवक ने बताया कि उसने खबर पढ़ी थी कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा, इसलिए वह हेलमेट पहनकर आया था। लेकिन, उसने देखा कि जो लोग बिना हेलमेट के आ रहे थे, उन्हें भी आसानी से पेट्रोल मिल रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि पंप पर ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ का कोई नोटिस भी नहीं लगा था। डीएम के सख्त आदेशों के बावजूद, शहर के फ्यूल स्टेशन उनकी अनदेखी कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आगे क्या कदम उठाता है और आदेशों की अवहेलना करने वाले पेट्रोल पंपों पर क्या कार्रवाई होती है।

आगरा में रामलीला महोत्सव की तैयारी शुरू, 66 लाख से संवरेगा मैदान

आगरा। आगरा में श्रीरामलीला महोत्सव की तैयारियों को लेकर नगर निगम पूरी तरह से जुट गया है। इस साल महोत्सव से पहले रामलीला मैदान को नया रूप देने के लिए 66.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है, ताकि 6 सितंबर से शुरू होने वाले महोत्सव में श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। मैदान और नाले की मरम्मत पर विशेष ध्यान नगर निगम द्वारा रामलीला मैदान और उसके आसपास की व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्य अभियंता (निर्माण) बीएल गुप्ता ने बताया कि रामलीला मैदान के सामने स्थित काजीपाड़ा नाले की क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत कराई जा रही है। नाले की सफाई के लिए रैंप बनाया जा रहा है और सुरक्षा के लिए जाल भी लगाया जाएगा। इसके अलावा, मैदान की बाउंड्रीवाल और सीढ़ियों की रंगाई-पुताई और मरम्मत का काम भी चल रहा है। मैदान में नए प्लेटफॉर्म और सीढ़ियों का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। जनकपुरी क्षेत्र से हटाया गया अतिक्रमण रामलीला महोत्सव के साथ ही होने वाले जनकपुरी महोत्सव की तैयारियों के मद्देनजर नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को कमला नगर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। सुल्तानगंज की पुलिया के आसपास फुटपाथ पर लगे टिन शेड, अस्थाई काउंटर और दुकानों के आगे रखे गए सामान को निगम की टीम ने हटवा दिया। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि रामलीला महोत्सव शहर की सांस्कृतिक धरोहर है। हमारा लक्ष्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल देना है। उन्होंने बताया कि सभी कार्यों को 6 सितंबर से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आगरा के 6 बिल्डर RERA के निशाने पर, 19.53 करोड़ का बकाया; हो सकती है गिरफ्तारी

आगरा। आगरा के छह बिल्डर रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA) के रडार पर आ गए हैं। इन पर RERA का 19.53 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसके बाद इनके खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन अब इन बिल्डरों की संपत्तियों को नीलाम कर बकाया वसूली की तैयारी में है, और जरूरत पड़ने पर उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। यदि आप आगरा में फ्लैट खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि हो सकता है कि जिस बिल्डर का फ्लैट आप खरीदने जा रहे हैं, उसकी संपत्ति RERA की नीलामी में शामिल हो। ये हैं वो बिल्डर जिन पर है RERA का बकाया: सदर तहसील के एसडीएम सचिन राजपूत ने बताया कि बकाया वसूली के लिए इन बिल्डरों की संपत्ति कुर्क कर नीलामी की जाएगी। कुछ फरार बिल्डरों की तलाश कर गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इन शिकायतों पर जारी हुईं 20 RC RERA में डेढ़ दर्जन से अधिक फ्लैट खरीदारों ने इन बिल्डरों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। इनमें सबसे ज्यादा 9 RC गायत्री डेवलपवेल के खिलाफ, जबकि प्रेरणा कंस्ट्रक्शन और श्रीजी इंफ्राहाउस के खिलाफ 3-3, द्वारिका रेजीडेंसी और रामरघु बिल्ड वेल के खिलाफ 2-2, और नालंदा बिल्डर्स के खिलाफ एक RC जारी हुई है। यह दर्शाता है कि इन बिल्डरों ने ग्राहकों को समय पर फ्लैट नहीं दिए या अन्य वादों का पालन नहीं किया। गायत्री डेवलपवेल के निदेशक हरिओम दीक्षित ने कहा इस मामले पर गायत्री डेवलपवेल के निदेशक हरिओम दीक्षित ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें अपनी सभी RC (रिकवरी सर्टिफिकेट) के बारे में जानकारी है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी RC खत्म कर चुके हैं और पिछले हफ्ते भी उन्होंने एक RC की बकाया राशि जमा की है, जिसके कागजात वे जल्द ही तहसील में जमा करेंगे। हरिओम दीक्षित ने यह भी आश्वासन दिया कि वे अगले 4-5 महीनों में सभी RC की राशि जमा करके RERA का पूरा बकाया खत्म कर देंगे।

आगरा में कई थाना प्रभारियों का तबादला, हरीपर्वत, सिकंदरा, नाई की मंडी, लोहामंडी और जगदीशपुरा के प्रभारी बदले गए

आगरा। आगरा में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इसमें सबसे अहम तबादले हरीपर्वत और सिकंदरा थाना प्रभारियों के हुए हैं। इन थाना प्रभारियों का हुआ तबादला: यह बदलाव पुलिस कमिश्नर द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और शहर में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

आगरा में जमीन से सोना निकालने के नाम पर 16 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

आगरा। आगरा में पुलिस ने जमीन से सोना निकालने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। यह ठग काले जादू का दावा करता था और लोगों को नकली सोने की माला देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेता था। आरोपी ने एक युवती से इसी तरह 16 लाख रुपये की ठगी की थी। ऐसे करता था ठगी पूर्वी क्षेत्र के डीसीपी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस को डौकी क्षेत्र से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एक व्यक्ति खुद को जमीन से सोना निकालने वाला बताता था और लोगों को नकली सोने की माला देता था। जब लोग सुनार के पास जांच कराने जाते, तो पता चलता था कि माला नकली है। इसी तरह एक युवती ने पुलिस को शिकायत दी कि वह दो साल पहले इस ठग से मिली थी। ठग ने खुद को तांत्रिक बताते हुए दावा किया था कि वह काले जादू से जमीन से सोना निकाल सकता है। युवती ने उसे 16 लाख रुपये दिए थे। ठग ने युवती के घर पर एक पूजा रखवाई और जमीन से पीले रंग की धातु का एक कलश निकाला, जिसमें मोतियों की माला थी। जब युवती ने इन मोतियों की जांच कराई तो वे नकली निकले। युवती ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो ठग ने 8 लाख रुपये तो लौटा दिए, लेकिन बाकी के 8 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। उड़ीसा का रहने वाला है आरोपी गिरफ्तार किए गए ठग की पहचान उड़ीसा के रहने वाले रितेश के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से ₹2.90 लाख नकद, 5 मोबाइल फोन, नकली सोने की लड़ियां और काले जादू की एक किताब बरामद की है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह उन लोगों को अपना शिकार बनाता था जो अंधविश्वासी होते थे और जो जल्द से जल्द अपना पैसा दोगुना करना चाहते थे। पुलिस उड़ीसा से भी उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जैसे-जैसे अन्य शिकायतें मिलेंगी, उसी के अनुसार मामले में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।

आगरा में बुद्धा पार्क के विकास को लेकर नगर आयुक्त और जाटव समाज के नेताओं में मुलाकात

आगरा। आगरा के कालिंदी विहार स्थित बुद्धा पार्क के विकास को लेकर अब जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। रविवार को भाजपा नेता और भारतीय जाटव समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष नेत्रपाल सिंह ने आगरा के नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल से उनके कार्यालय में मुलाकात की। नेताओं ने बुद्धा पार्क के विकास के लिए एक ज्ञापन सौंपा और इस विषय पर लंबी चर्चा की। सीएम योगी से भी हो चुकी है मुलाकात उपेंद्र सिंह ने नगर आयुक्त को बताया कि 3 अगस्त को उनका एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुका है। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए पार्क को विकसित करने का आश्वासन दिया था और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए थे। प्रतिनिधिमंडल में उपेंद्र सिंह, नेत्रपाल सिंह, अनिल कुमार, लोकेश प्रधान और तेज कपूर शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र भी दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से इस पर प्रभावी कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी आदेश की प्रति नेताओं ने आज नगर आयुक्त को सौंपी। ‘पार्क का नामकरण नहीं होगा, पूरे क्षेत्र को विकसित किया जाएगा’ नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि बुद्धा पार्क के विकास पर जल्द से जल्द काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि कार्य योजना तैयार हो चुकी है और जल्द ही अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मौके का मुआयना करेगा। नगर आयुक्त ने बताया कि वे खुद भी पहले बुद्धा पार्क का दौरा कर चुके हैं। पार्क के नामकरण को लेकर फैल रही अफवाहों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि बुद्धा पार्क का किसी भी प्रकार का कोई नया नामकरण नहीं होगा। इसके अलावा, 30 बीघा से अधिक क्षेत्रफल में फैले इस पार्क के आसपास के पूरे क्षेत्र को भी विकसित किया जाएगा।

आगरा: पेट्रोल पंप पर सो रहे कर्मचारी को सांप ने डसा, CCTV में कैद हुई घटना

आगरा। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पथौली स्थित एक पेट्रोल पंप पर रात में सो रहे कर्मचारी को एक सांप ने डस लिया। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। कर्मचारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। गहरी नींद में था कर्मचारी, CCTV में कैद हुई वारदात यह घटना रविवार देर रात करीब 2 बजे की है। पेट्रोल पंप पर काम करने वाला कर्मचारी कमरे में फर्श पर सो रहा था। तभी एक काले रंग का सांप कमरे में रेंगता हुआ आया और सीधे कर्मचारी के सिर के पास पहुंच गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि सांप कर्मचारी के चेहरे के पास से गुजरता है और अचानक उसके हाथ पर काट लेता है। सांप के डसते ही कर्मचारी हड़बड़ाकर उठ जाता है और दर्द से कराहने लगता है। पहले वह अपने हाथ को देखता है, फिर आसपास नजर दौड़ाता है। तभी उसे सांप तेजी से रेंगते हुए जाता दिखाई देता है। इसके बाद कर्मचारी ने शोर मचाया, जिसके बाद अन्य कर्मचारी उसकी मदद के लिए पहुंचे और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग रात में बाहर निकलने से डर रहे हैं। इस घटना ने रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगरा में बेसमेंट में नहीं चलेगा कोई अस्पताल: DM ने ऑपरेशन थिएटर और ICU के संचालन पर लगाई रोक, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में अब बेसमेंट में कोई भी अस्पताल, क्लीनिक या डे-केयर सेंटर संचालित नहीं हो सकेगा। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मंगलवार को इस संबंध में सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने साफ निर्देश दिए हैं कि बेसमेंट में ऑपरेशन थिएटर (OT), आईसीयू या वार्ड का संचालन नहीं होगा। यदि कहीं भी मरीज बेसमेंट में भर्ती मिले तो संबंधित चिकित्सक और अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अरुण श्रीवास्तव को 15 दिन के भीतर बेसमेंट में चल रहे सभी चिकित्सा संस्थानों की सर्वे रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। जिले में लगभग 1300 चिकित्सा संस्थान पंजीकृत हैं, जिनमें से 2025-26 के लिए अभी तक करीब 700 का पंजीकरण हुआ है। अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भी सख्त कार्रवाई जिलाधिकारी ने अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर भी लगाम कसने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सीएमओ को आदेश दिया है कि मुखबिरों के माध्यम से लिंग परीक्षण करने वालों को चिह्नित किया जाए। इसके साथ ही, सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर चिकित्सकों की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य की जाएगी। डीएम ने बेसमेंट में चल रहे अस्पतालों के साथ-साथ अल्ट्रासाउंड सेंटर्स की जांच के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट और पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी की एक विशेष टीम भी बनाई है। यह टीम सेंटर्स की जियो-टैगिंग और फोटोग्राफी सहित विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। सीएमओ डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में लगभग 300 अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं, जिनकी मशीनों से लेकर चिकित्सकों की जांच कर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। बैठक में तीन नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के आवेदन स्वीकार किए गए, जबकि आठ के नवीनीकरण की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, डीएम ने उन सेंटरों की सील की हुई मशीनों की भी जांच के आदेश दिए हैं जिनके आवेदन निरस्त हो चुके हैं। पिछले एक साल में 50 से अधिक अस्पतालों की जांच की गई है और अवैध संचालकों के खिलाफ कई केस दर्ज किए गए हैं।

आगरा के जूता उद्योग के लिए खुशखबरी: ₹2500 तक के जूतों पर घट सकती है GST, 5% हो सकती है दर

आगरा। आगरा के जूता उद्योग को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि जीएसटी काउंसिल की आगामी 2-4 सितंबर को होने वाली बैठक में ₹2500 तक के जूतों पर जीएसटी दर को 12-18% से घटाकर 5% किए जाने की प्रबल संभावना है। फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि इस मांग को लेकर 25 अगस्त को लखनऊ में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की गई थी, जिन्होंने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब इसे जीएसटी काउंसिल की बैठक में अंतिम निर्णय के लिए रखा जाएगा। GST दर बढ़ने से 1085 व्यापारियों ने रद्द कराए थे पंजीकरण विजय सामा ने कहा कि जीएसटी दर में वृद्धि के कारण आगरा में ही 1085 व्यापारियों ने अपने जीएसटी पंजीकरण रद्द करा दिए थे। इसका सीधा असर हजारों परिवारों पर पड़ा, क्योंकि आगरा का जूता उद्योग करीब साढ़े तीन लाख परिवारों की आजीविका से जुड़ा है, जिसमें बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के लोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा प्रभाव एमएसएमई सेक्टर की माइक्रो यूनिट्स पर पड़ा, जिनका टर्नओवर 5 करोड़ रुपये तक है। जीएसटी दर में प्रस्तावित कटौती से न केवल कारोबार को राहत मिलेगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्रेस वार्ता में दिलप्रीत सिंह, अजय महाजन (गब्बर भाई), हितेश वरियानी सहित कई व्यापारी मौजूद थे, जिन्होंने सरकार के इस संभावित कदम का स्वागत किया।

आगरा में वकीलों की ‘रथयात्रा’ को पुलिस ने रोका: पश्चिमी यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग पर एमजी रोड पर प्रदर्शन, वकील बेहोश

आगरा। आगरा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने और यहां हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर वकीलों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखा। सोमवार को अधिवक्ताओं ने दीवानी चौराहे से कलेक्ट्रेट तक रथयात्रा निकाली, लेकिन पुलिस ने उन्हें एमजी रोड पर बीच में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच जमकर नोकझोंक और खींचतान हुई, जिसके बाद अधिवक्ता सड़क पर ही बैठकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी जैसे ही लगभग 40-50 वकीलों का एक समूह घोड़े की गाड़ी के साथ अपनी ‘जनरथ यात्रा’ लेकर निकला, कलेक्ट्रेट से लगभग एक किलोमीटर पहले पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस बीच हुई धक्का-मुक्की और बहस के बाद, वकीलों ने विरोध में बीच सड़क पर धरना शुरू कर दिया, जिससे एमजी रोड पर लंबा जाम लग गया। प्रदर्शन के दौरान एक वकील गर्मी से बेहोश हो गए, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला। “अलग राज्य बनने से जनता को होगा लाभ” अधिवक्ता राजीव कुमार सोनी ने बताया कि यह रथयात्रा केंद्र सरकार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर निकाली गई है। उन्होंने कहा कि अगर यह अलग राज्य बनता है, तो आगरा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना हो सकेगी, जिससे प्रदेश की जनता को बहुत फायदा मिलेगा। वकीलों ने कहा कि वे इस यात्रा के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन भी दिया है। हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का यह प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। उनका मानना है कि पश्चिमी यूपी के अलग राज्य बनने से ही उनकी यह पुरानी मांग पूरी हो सकती है।

आगरा में गोवंश के शक पर दो जगह हंगामा: कैंटर में तोड़फोड़, मांस मिलने पर बवाल; पुलिस ने दी सफाई

आगरा। सोमवार रात आगरा में दो अलग-अलग घटनाओं में गोवंश का मांस और हड्डियां होने की आशंका को लेकर जमकर हंगामा हुआ। हिंदूवादी संगठनों ने रामबाग और पंचकुइयां चौराहे पर बवाल किया, जिससे अफरातफरी मच गई और सड़कों पर जाम लग गया। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच के बाद स्थिति साफ की और बताया कि हंगामा बेबुनियाद था। रामबाग पर कैंटर में हड्डियां मिलने पर बवाल रामबाग फ्लाईओवर कट पर हिंदूवादियों ने गोमांस के शक में जानवरों की हड्डियों से भरे एक कैंटर को रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने कैंटर में तोड़फोड़ की और उसके चालक दानिश के साथ मारपीट भी की। उनका आरोप था कि कैंटर में गाय की हड्डियां हैं। चालक और उसके साथी जान बचाने के लिए भागकर पुलिस चौकी पहुंचे। चालक दानिश ने बताया कि वह भरतपुर नगर निगम द्वारा नीलाम की गई मृत जानवरों की हड्डियां सहारनपुर ले जा रहा था और उसके पास इसके वैध कागजात भी थे। एसीपी छत्ता पीयूषकांत राय ने भी जांच के बाद बताया कि कैंटर में मृत जानवरों की हड्डियां थीं, जिन्हें वैध कागजात के साथ ले जाया जा रहा था। पंचकुइयां पर बोरे में मांस मिलने पर हंगामा वहीं, दूसरी घटना पंचकुइयां चौराहे के पास हुई। जीआईसी मैदान पेट्रोल पंप के पास एक कट्टे में मांस भरा हुआ मिला, जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि बोरे में गाय का मांस है। सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी सोनम कुमार और एडिशनल कमिश्नर रामबदन सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कट्टे को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। एडिशनल कमिश्नर रामबदन सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया कट्टे में किसी जानवर के बच्चे का मांस लग रहा है। मांस को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है।

आगरा में नकली दवा केस: हिमांशु अग्रवाल समेत 6 के खिलाफ FIR, रेलवे पार्सल उठाने वाले दो भाई भी शामिल

आगरा। आगरा में नकली दवाओं के कारोबार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में थाना कोतवाली में 6 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल के साथ-साथ रेलवे के पार्सल की ढुलाई करने वाले दो भाई यूनिस और वारिस भी शामिल हैं। रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किए गए हिमांशु अग्रवाल को विजिलेंस कोर्ट मेरठ भेज दिया गया है, जबकि पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। ऑटो चालक के बयान से खुला राज ड्रग विभाग और एसटीएफ ने 22 अगस्त को हे मां मेडिकोज के गोदाम पर छापा मारा था, जहां से भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद हुईं। इसी दौरान एसटीएफ ने चेन्नई से नकली दवाओं से भरा एक लोडिंग ऑटो भी पकड़ा। ऑटो चालक आकिर ने पूछताछ में बताया कि बोरों में दवा की जगह लेदर होने की बात कही गई थी। आकिर ने खुलासा किया कि वह सुल्तानपुरा निवासी भाई यूनिस और वारिस के लिए काम करता है, जो रेलवे से आने वाले माल की ढुलाई का काम करते हैं। चालक ने यह भी बताया कि लड़ामदा निवासी फरहान और वारिस भी उसके साथ थे, लेकिन माल पकड़े जाने पर वे भाग गए। पुलिस ने एफआईआर में लखनऊ के विक्की कुमार और आलमबाग के सुभाष कुमार को भी नामजद किया है, जिनके नाम पर नकली दवाओं का बिल कटा था।

आगरा में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार वाहन ने 8 गोवंश को रौंदा, हाईवे पर हंगामा और जाम

आगरा। आगरा-जयपुर हाईवे पर सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। रसूलपुर पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क किनारे बैठे 8 गोवंश को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में 4 गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना पर नाराजगी जताते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान उनकी पुलिस से भी तकरार हुई, लेकिन काफी समझाने-बुझाने के बाद जाम को खोला गया। घायलों का इलाज, मृतकों का अंतिम संस्कार यह घटना सोमवार को तड़के करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है। हाईवे पर खून से लथपथ गायों को देखकर लोगों का गुस्सा भड़क गया। प्रदर्शनकारियों ने टोल मैनेजर को मौके पर बुलाने की मांग की, जिसके कारण घंटों तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री परेशान होते रहे। बाद में, पुलिस ने क्रेन मंगाकर मृत और घायल गोवंशों को हाईवे से हटवाया। मृत गोवंशों का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि घायल गायों को इलाज के लिए अपना घर आश्रम भेजा गया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

आगरा में ज्वेलर्स की दुकान में चोरी: शॉल ओढ़कर आए चोर, ढाई लाख के गहने उड़ाए

आगरा। आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र स्थित कालिंदी विहार में चोरों ने एक ज्वेलर्स की दुकान के ताले तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए। यह वारदात रात करीब 3:30 बजे हुई। चोरों ने सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए शातिर तरीका अपनाया और शॉल ओढ़कर दुकान में घुस गए। शटर काटकर की चोरी की वारदात कालिंदी विहार के 100 फुटा रोड पर स्थित कृष्णा पैलेस में मां पीतांबरा ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। दुकान के मालिक रोहित ने बताया कि सुबह जब वह दुकान खोलने आए, तो देखा कि शटर कटा हुआ था और अंदर का सारा सामान बिखरा हुआ था। चोर दुकान से करीब दो किलो चांदी के आभूषण और अन्य सामान चुराकर ले गए। चोरी हुए माल की कुल कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। सीसीटीवी में दिखा शॉल ओढ़े चोर सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो उसमें एक चोर दिखाई दिया जो अपना चेहरा छिपाने के लिए शॉल ओढ़कर आया था। पुलिस ने फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया। फिलहाल, पुलिस आसपास के अन्य सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके। यह घटना दिखाती है कि चोर अब अपने तरीकों में कितने शातिर हो गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। और खबरें भी हैं…

ऑपरेशन सिंदूर और महादेव भारत के सैनिकों की बड़ी उपलब्धि: रामप्रताप सिंह चौहान

भाजपा ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की रूपरेखा की तय, 15 अगस्त तक चलेगा देशव्यापी कार्यक्रम आगरा, 7 अगस्त 2025, शाम 7:30 बजे आगरा: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आगामी अगस्त माह में चलाए जाने वाले ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत, आज आगरा महानगर की कार्ययोजना बैठक ब्रज क्षेत्र कार्यालय, जयपुर हाउस में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ को भारत के सैनिकों की बहुत बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ महापुरुषों और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान, विधायक पुरषोत्तम खंडेलवाल, आगरा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, ब्रज क्षेत्र कोषाध्यक्ष वीरेंद्र अग्रवाल, टी.एन. अग्रवाल, हेमंत भोजवानी, महेश शर्मा और रोहित कत्याल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों का तिरंगा दुपट्टा पहनाकर अभिवादन किया गया। हर मंडल में तिरंगा यात्रा और स्वच्छता अभियान बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि भाजपा प्रदेश नेतृत्व के दिशा-निर्देशों के तहत ‘हर घर तिरंगा’ अभियान महानगर के सभी 22 मंडलों में धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद भी भाजपा ने हर विधानसभा, हर मंडल और हर बूथ पर तिरंगा यात्रा निकालकर सैनिकों के जोश और उत्साह को बढ़ाया था। गुप्ता ने आगे बताया कि इस अभियान के तहत प्रत्येक मंडल में 10 से 12 अगस्त तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी और महापुरुषों, शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर जिला स्तर पर प्रदर्शनी, संगोष्ठी और मौन जुलूस का आयोजन होगा। अंत में, 15 अगस्त को सभी कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि ब्रज क्षेत्र कार्यालय पर एकत्रित होकर ध्वजारोहण करेंगे। मोदी सरकार में भारत की सैन्य शक्ति बढ़ी मुख्य अतिथि रामप्रताप सिंह चौहान ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के तीनों सैन्य बलों ने पहलगाम में पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों के ठिकानों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ के अंतर्गत मिट्टी में मिलाकर और उनके आतंकवादियों को मार गिराकर अपनी बहादुरी और कौशल का परिचय पूरे विश्व को दिया है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के नेताओं ने दुश्मन देशों से वफादारी निभाई और देशवासियों को धोखा दिया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी और वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी जी ने जब से भारत की कमान संभाली है, एक इंच भी जमीन किसी को लेने नहीं दी है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के उस संकल्प का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने भविष्य में सेना के बल पर पाक अधिकृत कश्मीर को भी वापस लेने की बात कही थी। चौहान ने विपक्षी दलों पर देश विरोधी ताकतों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा उन शहीद हुए सैनिकों के बलिदानों की यादों को जिंदा रखने का एक माध्यम है। कार्यशाला में प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान, विधायक पुरषोत्तम खंडेलवाल, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, वीरेंद्र अग्रवाल, टी.एन. अग्रवाल, राघवेंद्र मुगदल, अरुण पाराशर, हेमंत भोजवानी, रश्मि धाकड़, महेश शर्मा, राहुल सागर, मुनेंद्र जादौन, सुधीर राठौर, मनोज राजोरा, रोहित कत्याल, नवीन गौतम, अभिषेक गुप्ता, शैलू पंडित, विजय भदौरिया, विपुल मित्तल, बॉबी लाले, उपमा गुप्ता सहित सभी मंडल अध्यक्ष और मंडल प्रभारी उपस्थित रहे।    

श्रमायुक्त कार्यालय से पत्रकारों का उत्पीड़न, मजीठिया वेज बोर्ड के मामलों में लापरवाही

ताज प्रेस क्लब ने उपश्रमायुक्त को सौंपा ज्ञापन; 10 साल से लंबित वादों पर त्वरित कार्रवाई की मांग आगरा, 9 अगस्त 2025 आगरा: पत्रकारों के संगठन ताज प्रेस क्लब ने मजीठिया वेज बोर्ड से संबंधित वादों के निपटारे में हो रही लापरवाही पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। पत्रकारों का आरोप है कि श्रम आयुक्त कार्यालय की उदासीनता के कारण कई मामले पिछले 10 वर्षों से लंबित हैं। क्लब के अध्यक्ष सुनयन शर्मा ने कहा है कि श्रम विभाग की हठधर्मिता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित मामलों का कारण और मांग सुनयन शर्मा के अनुसार, ज्यादातर मामले इसलिए अटके हुए हैं क्योंकि उन साक्ष्यों को प्रस्तुत नहीं किया जा सका है जो या तो श्रम विभाग के पास हैं या फिर समाचार पत्र प्रकाशकों के पास। इस संबंध में, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन और श्रमजीवी पत्रकार संगठन के प्रतिनिधियों ने उपश्रमायुक्त, आगरा को दो ज्ञापन सौंपे हैं। पहले ज्ञापन में मांग की गई है कि: दूसरे ज्ञापन में उन साक्ष्यों को उपलब्ध कराने की मांग की गई है, जो श्रम आयुक्त और उनके अधीनस्थ अधिकारियों के नियंत्रण में हैं। इसमें 2011 से अब तक जारी हुए शासनादेश, सर्कुलर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और शासन की त्रिपक्षीय कमेटी के मीटिंग मिनट्स शामिल हैं। Also read: – मॉडर्न हो चुका है आगरा का सेक्स मार्केट वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट के तहत अधिकार पत्रकारों ने श्रम आयुक्त से अनुरोध किया है कि वे उत्तर प्रदेश से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों के प्रकाशक प्रतिष्ठानों की मजीठिया वेज बोर्ड के मानकों के अनुसार श्रेणी निर्धारित कर, उसे श्रम आयुक्त के पोर्टल पर अपलोड करवाएं। पत्रकारों का कहना है कि श्रम विभाग में कार्यरत निरीक्षक वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट, 1955 की धारा 17A और उसकी उप-धारा 2 के तहत व्यापक अधिकार रखते हैं, लेकिन फिर भी इस मामले में लापरवाही बरती जा रही है। मणिसाना वेज बोर्ड की सिफारिशों पर उदासीनता पत्रकारों ने यह भी बताया कि श्रम आयुक्त मजीठिया वेज बोर्ड की तरह ही मणिसाना वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू कराने के लिए भी नोडल निकाय हैं। श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 2020 में मणिसाना वेज बोर्ड की सिफारिशों को पुनः जारी किए जाने के बावजूद, उत्तर प्रदेश श्रम विभाग और श्रमायुक्त ने इसे लागू कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। आंदोलन की चेतावनी दैनिक जागरण के पूर्व वरिष्ठ पत्रकार और क्लब अध्यक्ष सुनयन शर्मा ने कहा कि ज्ञापन की एक प्रति प्रदेश के श्रमायुक्त और मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू कराने के लिए बनी त्रिस्तरीय कमेटी को भी भेजी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 10-10 साल से विचाराधीन मामलों का निपटारा नहीं होता है, तो पत्रकार चुप नहीं बैठेंगे और श्रमायुक्त कार्यालय की लापरवाही को उजागर करने के लिए आंदोलन करेंगे। Also read: – राजस्थान में भारतीय जाटव समाज का भव्य समागम: मेधावी छात्रों का सम्मान, चंचल मेहरा प्रदेश टॉपर बनीं इस दौरान, प्रेस क्लब के सचिव यतीश लवानिया, पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना, कुलदीप त्यागी, असलम सलीमी, अनिल सारस्वत सहित कई पत्रकार मौजूद थे।

आगरा में ‘ट्रैफिक रेंगता है’ का हाल! हरीपर्वत से आवास विकास तक ‘गड्ढे-अतिक्रमण का सफर’: 4 KM की दूरी 30 मिनट में, ‘मांएं स्कूल से लौटते बच्चों का करती हैं इंतजार’

आगरा। आगरा शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक, हरीपर्वत से आवास विकास तक का मार्ग, इन दिनों शहरवासियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं। महज 4 किलोमीटर की यह दूरी, जिसे सामान्यतः 10 मिनट में तय किया जा सकता है, अब 25 से 30 मिनट का समय ले रही है। सबसे ज़्यादा पीड़ा उन माताओं को उठानी पड़ रही है, जो स्कूल से अपने बच्चों के लौटने का बेसब्री से इंतजार करती हैं, क्योंकि बच्चों को थोड़ी सी दूरी तय करने में भी घंटों लग रहे हैं। इस रूट पर ट्रैफिक चलता नहीं, बल्कि रेंगता है, जिसका मुख्य कारण जगह-जगह मौजूद गड्ढे और बेतहाशा अतिक्रमण है, जिसने पूरे रास्ते को एक बड़े जाम में तब्दील कर दिया है। हरीपर्वत से ही शुरू हो जाती है मुसीबत: स्कूल टाइम और शाम को ‘हाल बेहाल’ स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस परेशानी की शुरुआत हरीपर्वत चौराहे से ही हो जाती है, जहां से सड़क पर गड्ढे मिलने लगते हैं। दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय और शाम 6 से 8 बजे के बीच इस रूट पर सबसे भीषण जाम लगता है। खासकर दिल्ली गेट से लेकर मदिया कटरा पुल और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान तक वाहन मुश्किल से आगे बढ़ पाते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिल्ली गेट पर स्थित अस्पतालों की पार्किंग में खड़े वाहन भी अक्सर सड़क पर ट्रैफिक को रोक देते हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। मदिया कटरा पर केवल एक लेन होने के कारण टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, और गाड़ियां बस रेंगती रहती हैं। जाम के कारण स्कूल से लौटते बच्चों को गर्मी और उमस में भारी परेशानी होती है, जिससे मांओं की चिंता बढ़ती है कि उनका बच्चा कब घर आएगा, कब खाएगा और कब सो पाएगा। बारिश में हालात और बदतर: नालियां ओवरफ्लो, सड़कें बन जाती हैं तालाब मदिया कटरा चौराहे पर दुकानदारों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दोपहर और शाम को रोज आवास विकास से आने वाले वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। वहीं एक रेहड़ी लगाने वाले ने बताया कि चौराहे से लेकर मानसिक चिकित्सालय तक हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। सड़कें तालाब जैसी बन जाती हैं, जिससे गाड़ियां फंस जाती हैं। नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं, और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे यह 4 किलोमीटर का सफर बारिश के दिनों में 45 मिनट तक का समय ले सकता है। 16 सेक्टरों को जोड़ता है यह अहम मार्ग, हजारों वाहन रोज गुजरते हैं यह मार्ग आवास विकास कॉलोनी के 16 सेक्टरों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। मदिया कटरा से होकर लोहामंडी, न्यू राजामंडी और सिकंदरा पुल जाने वाले हजारों लोग रोजाना इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, यह मार्ग मथुरा और दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए भी एक अहम कड़ी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली से हजारों लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि शहरवासियों को इस रोजमर्रा के ‘जाम और गड्ढों के सफर’ से मुक्ति मिल सके।

आगरा की ‘लाइफ-लाइन’ अब ‘गड्ढा-लाइन’: मेट्रो निर्माण ने MG रोड को बनाया नरक, DM आवास के बाहर ही दिखी चकाचक सड़क!

आगरा। आगरा की जिस एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ कहा जाता था, वह अब ‘गड्ढा-लाइन’ में तब्दील हो गई है! बारिश और मेट्रो के निर्माण कार्य ने इस मुख्य सड़क की ऐसी दुर्दशा कर दी है कि हर 10 मीटर पर गहरे गड्‌ढे, बेहिसाब धूल के गुबार और हर मोड़ पर जलभराव लोगों के लिए बड़ी आफत बन गया है। आलम यह है कि शहर के केंद्र से गुजरने वाली इस सड़क पर डीएम आवास के ठीक बाहर का छोटा-सा हिस्सा ही चकाचक है, जबकि बाकी जगहों पर सफर करना किसी जोखिम भरे अभियान से कम नहीं। 7 KM का सफर बना ‘परीक्षा’, 50 मीटर भी बिना गड्ढे नहीं दैनिक भास्कर टीम ने भगवान टॉकीज से अवंतीबाई चौराहे तक करीब 7 किलोमीटर के एमजी रोड का जायजा लिया, और चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे रास्ते में 50 मीटर सड़क भी ऐसी नहीं मिली जिस पर कोई गड्ढा न हो। वाहनों की रफ्तार थम सी गई है, और यात्री हिचकोले खाते हुए निकल रहे हैं। अधिकारियों के घर के आगे चमकती सड़क, बाकियों को धूल और जाम की मार एमजी रोड की यह बदहाली तब और अखरती है जब पता चलता है कि जिलाधिकारी, सीएमओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के घरों के ठीक सामने वाला सड़क का हिस्सा बिल्कुल दुरुस्त है। यह स्थिति आम जनता के लिए दोहरी मार है। एमजी रोड पर जगह-जगह बिखरी गिट्टी और गड्ढे, साथ ही नालियों के अभाव में जलभराव, ने इस सड़क को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ से हटाकर ‘परेशानी की लाइन’ बना दिया है। सवाल यह है कि आगरा की इस सबसे महत्वपूर्ण सड़क की दुर्दशा पर कब तक आंखें मूंदी जाएंगी और नागरिकों को इस जोखिम भरे सफर से कब मुक्ति मिलेगी।

सीएम योगी के आगरा दौरे में दिखा ‘अफसरों का दौड़’ और ‘जनप्रतिनिधियों की सतर्कता’: मंडलायुक्त शैलेंद्र सिंह ने काफिले संग लगाई दौड़, पौधरोपण टला, राजेश्वर मंदिर पर भी हुई बात

आगरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंगलवार को आगरा दौरा कई मायनों में अहम रहा। उन्होंने जहां एक ओर मंडल के सभी जिलों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों की गहन समीक्षा की और महत्वाकांक्षी ‘अटलपुरम् टाउनशिप’ योजना का शुभारंभ किया, वहीं दूसरी ओर उनके दौरे ने अफसरों की कार्यशैली और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं को भी खुलकर सामने ला दिया। सीएम के जाने के समय मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह का उनके काफिले के साथ दौड़ लगाना और राजेश्वर महादेव मंदिर का मुद्दा उठना दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। अटलपुरम् टाउनशिप का भव्य शुभारंभ: 1515 करोड़ की लागत से बनेगा नया शहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को खेरिया हवाई अड्डे पर पहुंचे और सीधे सर्किट हाउस जाने के बाद मंडलायुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक में शामिल हुए। इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की 36 वर्षों बाद साकार हो रही ‘अटलपुरम् टाउनशिप’ योजना का शुभारंभ रहा। सीएम ने शिलापट्ट अनावरण कर इस नवीन टाउनशिप का औपचारिक उद्घाटन किया। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने मुख्यमंत्री को बताया कि लगभग 1515.47 करोड़ रुपये की कुल संभावित लागत से करीब 340 एकड़ (लगभग 138.00 हेक्टेयर) में यह टाउनशिप विकसित की जाएगी। इसमें 1430 आवासीय भूखंड, 18 ग्रुप हाउसिंग भूखंड और 96 अनावासीय भूखंड (जैसे व्यावसायिक भूखंड, स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक सुविधाएं, सामुदायिक सुविधाएं, बैंक्वेट हॉल, होटल, डाकघर/बैंक सुविधा) नियोजित किए गए हैं। इसके अलावा, योजना में अग्निश सुरक्षा के लिए फायर स्टेशन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवासीय परिसर के साथ-साथ पुलिस चौकी भूखंड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। यह टाउनशिप आगरा के शहरी विस्तार में एक मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है। विकास कार्यों की समीक्षा और सीएम के कड़े निर्देश: गड्ढामुक्ति से जलभराव तक मुख्यमंत्री ने आगरा मंडल के मंत्रियों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ विकास कार्यों से संबंधित मंडलीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग, नगर विकास विभाग और धर्मार्थ कार्य विभागों की प्रगति, कार्ययोजना एवं प्रस्तावित कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान, नगर विकास के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और पर्यटन, संस्कृति व धर्मार्थ के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। सीएम योगी ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश दिए: पर्यटन विभाग ने प्रेजेंटेशन में बताया कि आगरा मंडल में पर्यटन विकास के लिए 590 करोड़ रुपये की 160 परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें से 379 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। 92 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और 68 पर काम चल रहा है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने अवैध धर्मांतरण व अपराध से संबंधित ‘मिशन अस्मिता अभियान’ पर आगरा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का प्रेजेंटेशन भी दिया। सीएम की ‘चुटकियाँ’ और राजेश्वर मंदिर पर ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ बैठक के दौरान कुछ हल्के-फुल्के पल भी आए। जब सीएम योगी एक-एक जनप्रतिनिधि से उनके प्रस्तावों पर चर्चा कर रहे थे, तभी फतेहपुर सीकरी के विधायक चौधरी बाबूलाल का नंबर आया। सीएम ने उनसे चुटकी लेते हुए कहा, “बाबूलाल जी अब तो आप रिटायरमेंट की ओर हो…अब क्या करोगे।” इस पर बैठक में हल्की हंसी भी गूंजी। वहीं, आगरा में इन दिनों छावनी विधानसभा क्षेत्र के राजेश्वर महादेव मंदिर का मुद्दा काफी गर्माया हुआ है। मंदिर प्रशासन और क्षेत्रीय जनता ने क्षेत्रीय विधायक डॉ. जीएस धर्मेश पर इस प्राचीन मंदिर के विकास के लिए कोई काम न करने का आरोप लगाया था, जिस पर एक पंचायत भी हुई थी। इस मुद्दे को लेकर जनता में विधायक के प्रति नाराजगी है। जब सीएम योगी आदित्यनाथ की बैठक खत्म हुई और यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री व आगरा के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह मीडिया को जानकारी दे रहे थे, तब विधायक डॉ. जीएस धर्मेश बार-बार उनसे राजेश्वर मंदिर के बारे में भी बताने का अनुरोध करते दिखे। पर्यटन मंत्री ने मीडिया को आश्वस्त किया कि विधायक की ओर से राजेश्वर मंदिर के विकास के लिए प्रस्ताव दिया गया है और इसे शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश स्पष्ट हैं और श्री राजेश्वर महादेव मंदिर का विकास तेजी से कराया जाएगा। पौधरोपण कार्यक्रम टला, कमिश्नर ने काफिले संग लगाई दौड़ सीएम योगी आदित्यनाथ का दौरा भले ही विकास पर केंद्रित रहा हो, लेकिन एक बात जो सभी ने गौर की, वह यह कि बैठक खत्म करने के बाद मुख्यमंत्री बिना पौधरोपण किए ही सीधे खेरिया हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गए। अमूमन मुख्यमंत्री के ऐसे दौरों में पौधरोपण एक नियमित कार्यक्रम होता है, लेकिन इस बार इसे टाल दिया गया। सबसे रोचक और ध्यान खींचने वाला दृश्य तब सामने आया जब मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी में एयरपोर्ट जाने के लिए बैठ रहे थे। उसी वक्त आगरा मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह अपनी गाड़ी तक पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री के काफिले के साथ दौड़ लगाते हुए दिखे। यह दृश्य दिखाता है कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर अधिकारियों में कितनी मुस्तैदी और प्रोटोकॉल के पालन को लेकर कितनी गंभीरता है। कुल मिलाकर, सीएम योगी का यह आगरा दौरा विकास कार्यों की समीक्षा, नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत और अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेही का स्पष्ट संदेश देने वाला रहा।

आगरा में कांग्रेस का पैदल मार्च: गांधी प्रतिमा की बदहाली और शौचालय न होने पर भड़के कांग्रेसी, ‘गोडसे’ का नाम लेकर जताया विरोध

आगरा। मंगलवार को आगरा में शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग ने गांधी पार्क की बदहाली और जलभराव की समस्या को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा की मरम्मत न होने और पार्क में शौचालय का निर्माण न किए जाने पर कांग्रेसियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने पार्क के सौंदर्यीकरण की मांग करते हुए छावनी परिषद को ज्ञापन सौंपा। “गांधी की प्रतिमा है इसलिए प्रशासन नहीं सुन रहा, गोडसे की होती तो सौंदर्यीकरण हो गया होता” छावनी क्षेत्र के वार्ड 6, सुल्तानपुरा में एनसी वैदिक इंटर कॉलेज के सामने स्थित पार्क में लगी गांधी प्रतिमा और वहाँ हो रहे जलभराव को लेकर कांग्रेसियों ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने गांधी प्रतिमा की तत्काल मरम्मत और पार्क में शौचालय के निर्माण की मांग की, ताकि पार्क की दयनीय स्थिति सुधर सके। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस नेता अनिल शर्मा और अनुज शिवहरे ने तीखा बयान देते हुए कहा, “पार्क में गांधी की प्रतिमा लगी हुई है। जिस वजह से आज सरकार और प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है। अगर गोडसे की प्रतिमा होती तो सौंदर्यीकरण हो गया होता।” उन्होंने कैंट बोर्ड से जल्द से जल्द गांधी की प्रतिमा की मरम्मत कराने और खराब पड़े शौचालय का निर्माण कराने की मांग की। कांग्रेसियों ने बताया कि प्रतिमा और शौचालय को लेकर पहले भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बार उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कांग्रेस हड़ताल करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कैंट बोर्ड के अधिकारी को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस के कार्यकर्ता: (यह फोटो विवरण समाचार में शामिल किया जाएगा) गांधी प्रतिमा के सामने धरना देते कांग्रेस के कार्यकर्ता: (यह फोटो विवरण समाचार में शामिल किया जाएगा) यह विरोध-प्रदर्शन न केवल गांधी पार्क की उपेक्षा पर केंद्रित था, बल्कि इसके माध्यम से कांग्रेस ने प्रशासन और सरकार पर सांकेतिक रूप से वैचारिक भेदभाव का भी आरोप लगाया।

आगरा में IIT इंजीनियर का सुसाइड: “मेरा शव परिजनों को नहीं, मेडिकल स्टूडेंट्स को दे देना” – मरने से पहले लिखा दिल दहला देने वाला नोट

आगरा। शाहगंज थाना क्षेत्र के पंचकुइयां स्थित होटल खुबसरस में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आईआईटी मुंबई से पढ़े मेरठ निवासी रोहित कुमार (30) नामक इंजीनियर ने होटल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह जब वह अपने कमरे से बाहर नहीं आए, तो होटल कर्मचारियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पेन ड्राइव में मिला सुसाइड नोट: महिला चिकित्सक का जिक्र और देहदान की इच्छा सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस को मृतक के पास से एक पेन ड्राइव मिली, जिसमें पीडीएफ फाइल के रूप में एक सुसाइड नोट मिला है। इस सुसाइड नोट में रोहित कुमार ने एक महिला चिकित्सक का नाम लिखा है, जो पहले आगरा में थीं और अब किसी दूसरे जिले में हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रोहित ने अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि “मेरे शव को परिजन और रिश्तेदारों को न दें। दान कर दें या फिर मेडिकल स्टूडेंट को दे दिया जाए। अंग दान कर दिए जाएं, जिससे चिकित्सकों की पढ़ाई के लिए काम में लाया जा सके।” यह दिल दहला देने वाली इच्छा उनकी मानसिक स्थिति और शायद किसी गहरे सदमे को दर्शाती है। मेरठ का रहने वाला था रोहित, आईआईटी मुंबई से किया था बीटेक एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि रविवार शाम को मेरठ स्थित शिवरामपुरम, गोलाबाद निवासी रोहित कुमार ने होटल खुबसरस में कमरा नंबर 204 लिया था। रात में वह बाहर जाने के बाद फिर से कमरे में आ गए और उसके बाद बाहर नहीं निकले। सोमवार सुबह काफी देर तक बाहर न आने पर कर्मचारियों को शक हुआ। दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए और कमरा खुलवाया, जहाँ रोहित का शव पंखे से लटका मिला। पुलिस को उनके परिजनों के मोबाइल नंबर मिले और उन्हें सूचना दी गई। परिजनों ने बताया कि रोहित ने आईआईटी मुंबई से बीटेक किया था। एसीपी ने बताया कि सुसाइड नोट में महिला चिकित्सक के नाम के अलावा ज्यादा कुछ नहीं लिखा था कि आत्महत्या की वजह क्या रही। पुलिस फिलहाल इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।

राजेश्वर महादेव मंदिर से भेदभाव: आगरा में आंदोलन की चेतावनी, 6 अगस्त को मार्च

आगरा। प्राचीन राजेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सोमवार को हुई एक सार्वजनिक बैठक में सरकारी विकास योजनाओं में मंदिर के साथ हो रहे भेदभाव पर तीव्र विरोध दर्ज कराया गया। श्रद्धालुओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि यदि सरकार द्वारा मंदिर को अनुदान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। इसी कड़ी में, राजेश्वर महादेव के भक्त 6 अगस्त को कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालेंगे। “विधायक ने नहीं की पहल, अन्य मंदिरों को मिला करोड़ों का अनुदान” बैठक में मौजूद लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए योजनाएं स्वीकृत की जा रही हैं। इसके बावजूद, छावनी के विधायक जी.एस. धर्मेश ने अपने क्षेत्र के प्रमुख श्री राजेश्वर महादेव मंदिर के विकास के लिए कोई पहल नहीं की है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष डी.के. वशिष्ठ और उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश रावत ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि आगरा के अन्य प्रमुख मंदिरों को प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये के अनुदान से विकास कार्यों में शामिल किया है। ऐसे में, राजेश्वर महादेव मंदिर को किसी भी योजना में शामिल न किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि यह मंदिर पूरी तरह से भक्तों के सहयोग से विकसित हुआ है और इसका स्वरूप अनुकरणीय है, फिर भी इसे सरकारी योजनाओं से वंचित रखना अनुचित है। 6 अगस्त को कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च, मांगों पर विचार न होने पर तेज होगा आंदोलन बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि अपनी मांगों को लेकर 6 अगस्त को सुबह 10 बजे मंदिर से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा। श्रद्धालु कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। भक्तों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। एसडीएम ने दिया आश्वासन, समाधान का भरोसा मंदिर में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी आगरा के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे एसडीएम सचिन राजपूत ने श्रद्धालुओं को आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी के माध्यम से अनुपूरक मांग प्रस्ताव (supplementary demand proposal) तैयार कराया जा रहा है। एसडीएम ने जिलाधिकारी से मिलकर इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने का भरोसा भी दिलाया। बैठक में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष विमल तिवारी, उपसचिव पप्पू ठाकुर, अनिल रावत, बंटी ठाकुर, गोविन्द पाराशर, महेंद्र शर्मा, जितेंद्र देपुरिया, राकेश शर्मा, यश शर्मा, बॉबी अरेला, सतीश पूरी, भूपेंद्र मुखरैया, आशीष पाठक, दीपक शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

त्योहारों से पहले आगरा में खाद्य विभाग की ‘सख्त नज़र’: क्वालिटी के साथ हाइजीन पर भी ‘नो कॉम्प्रोमाइज़’, छोटी शिकायत पर भी होगा एक्शन!

आगरा। अगर आप खान-पान के व्यापार से जुड़े हैं तो यह खबर आपके लिए है! आगामी त्योहारों को देखते हुए आगरा में खाद्य सुरक्षा विभाग अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि मिलावट करने वालों और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर कड़ा शिकंजा कसा जाएगा। साथ ही, हाइजीन (स्वच्छता) का ख्याल न रखने वालों पर भी कार्रवाई होगी। इसका सीधा उद्देश्य यही है कि त्योहारों के इस मौसम में लोगों को अच्छा, शुद्ध और सुरक्षित खान-पान मिल सके। FSSAI ने व्यापारियों को चेताया, अब शुरू होगा अभियान दरअसल, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अधिकारियों ने सोमवार को दरेसी नंबर एक के व्यापारियों और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक में FSSAI के मुख्य ACF-II महेंद्र श्रीवास्तव और चीफ राजेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए आगामी दिनों में जांच अभियान तेज किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों ने भी मिलावट रोकने के लिए FSSAI के साथ समन्वय से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान, आने वाले त्योहारों को ध्यान में रखते हुए कुट्टू के आटे, पनीर, खोया और मसालों में संभावित मिलावट की शिकायतों पर विशेष चर्चा हुई। क्वालिटी और हाइजीन पर ज़ोर, छोटी शिकायत पर भी होगा एक्शन खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूरत में गुणवत्ता या स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। टीमें अब अचानक दुकानों, गोदामों, कारखानों और बाजारों में पहुंचकर खाद्य पदार्थों के नमूने लेंगी और उनकी जांच करेंगी। यदि किसी भी नमूने में मिलावट, खराब गुणवत्ता या स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि छोटी से छोटी शिकायत पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह के स्वास्थ्य जोखिम का सामना न करना पड़े। विभाग ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे स्वच्छता मानकों का पालन करें और केवल उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का ही निर्माण एवं बिक्री करें।

आगरा की सूरत से कांग्रेस ‘इतनी दुखी’: DM को लिखा पत्र, कहा – शहर का नाम ‘नर्क की नगरी’ रख दो! CM योगी से मिलेंगे

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर की बदहाल स्थिति से नाराज कांग्रेस कमेटी ने अब शहर का नाम बदलने की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखने का फैसला किया है। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि शहर की मौजूदा हालत को देखकर आगरा का नाम बदलकर ‘नर्क की नगरी’ रख दिया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल 5 अगस्त को मुख्यमंत्री के आगरा आगमन पर उनसे मुलाकात करना चाहता है। महानगर अध्यक्ष बोले – जलभराव से लोग गंवा रहे जान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) को एक पत्र लिखा है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की अनुमति मांगी गई है। पत्र में अमित सिंह ने लिखा है कि आगरा में आम आदमी का जीना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने शहर की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे शहर में गंदगी, जलभराव, टूटी सड़कें और आवारा पशुओं का आतंक है। स्कूलों के पास शराब के ठेके खुल गए हैं, जिससे छात्राओं के स्कूल के पास शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। अमित सिंह ने आरोप लगाया कि गंदगी व जलभराव के कारण कई नौजवान अपनी जान गंवा चुके हैं। आगरा कांग्रेस कमेटी मांग करती है कि आगरा का नाम बदलकर ‘नर्क की नगरी’ रख दिया जाए। एमजी रोड पर भी गड्ढे, एक घंटे की बरसात में जलमग्न होता है शहर कांग्रेस नेताओं के अनुसार, शहर की हर सड़क पर गहरे गड्ढे हो रहे हैं। शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड पर भी हर 30 फीट पर गड्ढे मौजूद हैं। उनका कहना है कि मात्र एक-दो घंटे की बरसात में ही पूरा शहर जलभराव की चपेट में आ जाता है। आलम यह है कि बच्चे सड़कों पर भरे पानी में स्वीमिंग करते और नावें चलाते नजर आते हैं, जबकि नगर निगम के अधिकारियों के घरों के सामने साफ-सफाई रहती है। कांग्रेस की यह मांग शहर की समस्याओं को उजागर करने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

आगरा : नदी में डूबने से 2 छात्रों की मौत, बाह पर भी यमुना ने ली जान; 24 घंटे में तीन डूबने की घटनाएं

आगरा। आगरा में सोमवार को दो अलग-अलग घटनाओं में नदी में डूबने से दो छात्रों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पहला हादसा जगनेर क्षेत्र में हुआ, जहाँ साइकिल फिसलने से दो छात्र नदी के तेज बहाव में बह गए और उनकी जान चली गई। वहीं, दूसरा हादसा बाह में हुआ, जहाँ यमुना में नहाते समय एक युवक डूब गया। आपको बता दें कि बीते कल (रविवार) भी आगरा के वाटरवर्क्स के पास यमुना नदी में नहाने गए दो युवकों में से एक की डूबने से मौत हो गई थी, जबकि दूसरा बच गया था। इस प्रकार 24 घंटे के भीतर आगरा में डूबने से चार लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें तीन यमुना नदी में डूबे हैं। जगनेर में साइकिल फिसलने से 2 छात्रों की मौत, 3 घंटे बाद मिले शव पहला दर्दनाक हादसा जगनेर-वरिगवां बुजुर्ग मार्ग पर किबाड़ नदी को पार करने वाली रपट पर हुआ। सोमवार सुबह करीब नौ बजे गोविंदा (15 वर्ष) पुत्र राजू और जितिन पुत्र तारा साइकिल से जगनेर के लिए निकले थे। दोनों छात्र जगनेर कस्बे के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे। किबाड़ नदी को पार करते समय रपट पर उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लगभग तीन घंटे के अथक प्रयासों के बाद, गोताखोरों की मदद से दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत बच्चों को सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसीपी इमरान अहमद ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बाह और वाटरवर्क्स पर भी यमुना में डूबे युवक दूसरा हादसा बाह के बटेश्वर में हुआ। रविवार रात दुष्यंत कुमार नामक युवक यमुना नदी में नहा रहा था। नहाते समय दुष्यंत का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। परिजनों ने युवक की तलाश के लिए काफी कोशिश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। स्थानीय प्रशासन द्वारा युवक की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बीते कल (रविवार) को आगरा के वाटरवर्क्स के पास भी यमुना नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई थी। वह अपने एक साथी के साथ नहाने गया था, जिसमें से एक बच निकला था। लगातार हो रही ये घटनाएं नदियों में सावधानी बरतने और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देती हैं।

सस्पेंशन खत्म होने का इंतजार कर रहा था, खेलने लगा जुआ… आगरा पुलिस ने जुए के फड़ पर मारा छापा, निलंबित सिपाही समेत 6 गिरफ्तार!

आगरा। आगरा में जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। थाना सिकंदरा पुलिस ने जुए के एक अड्डे पर छापा मारकर निलंबित सिपाही समेत 6 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। जुआरियों के पास से 2 लाख 13 हजार रुपये नकद और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस को देखकर जुआरी भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घेरकर धर दबोचा। जगदीशपुरा पुलिस ने दबोचे जुआरी, अलीगढ़ का निलंबित सिपाही भी शामिल एसीपी हरि पर्वत हेमंत कुमार ने बताया कि सिकंदरा स्थित कक्रेथा में जुआ चलने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर सिकंदरा पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए जुए के अड्डे पर छापा मारा। मौके पर जुआ चल रहा था, जहाँ से 6 जुआरियों को रंगेहाथों पकड़ा गया। एसीपी ने जानकारी दी कि पकड़े गए जुआरियों में एक अलीगढ़ पुलिस का सिपाही भी शामिल है, जो मूल रूप से आगरा का ही रहने वाला है। यह सिपाही पिछले 3 महीने से अलीगढ़ में निलंबित चल रहा था। पुलिस ने जुआरियों के पास से नगदी (2 लाख 13 हजार रुपये), 6 मोबाइल फोन और ताश की गड्डियां बरामद की हैं। पकड़े गए सभी अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

चांदी लूट एनकाउंटर पर उठे सवाल: परिजन बोले – “भाई को जिंदा पकड़ा था, शव को भी पेट्रोल-डीजल डालकर जबरन जला दिया”

आगरा। मथुरा में एक कारोबारी से 75 किलोग्राम चांदी लूट के आरोप में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नीरज बघेल के भाई ने मथुरा पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके भाई को गुरुवार सुबह ही हिरासत में ले लिया था और चांदी बरामदगी के बाद रात में उसे मुठभेड़ में मार गिराया। परिजनों का यह भी कहना है कि पुलिस ने जबरन नीरज का अंतिम संस्कार भी करा दिया और शव को पेट्रोल-डीजल डालकर जलाया गया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। “जिंदा पकड़ा था, फिर क्यों मार दिया?” – भाई मनोज के सवाल मथुरा के सर्राफ की 75 किलोग्राम चांदी लूट के मामले में गुरुवार रात सैंया के गांव धाना तेहरा के रहने वाले नीरज बघेल को मथुरा पुलिस ने फरह क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया था। उसका एक साथी घायल हुआ था। शनिवार दोपहर नीरज के बड़े भाई मनोज गुजरात से अपने गांव पहुंच गए। नीरज तीन भाइयों में सबसे छोटा था, और उसके बड़े भाई नीरज (समान नाम?) और नरेंद्र ट्रक चलाते हैं। दोनों मुठभेड़ के समय गुजरात में थे और जानकारी मिलने पर वापस आ गए। आरोपी नीरज के भाई मनोज ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि नीरज किसी मजिस्ट्रेट की प्राइवेट गाड़ी चलाता था। मनोज के अनुसार, नीरज 26 जुलाई को कांवड़ लेने सोरौं गया था, और सोमवार को कांवड़ लेकर वापस आया। मंगलवार और बुधवार को वह पूरे दिन घर पर ही था। गुरुवार को उसने खाना बनाने में भाभी की मदद की। दोपहर में उसके पास कोई कॉल आई, जिसके बाद वह सुबह 10:30 बजे घर से चला गया। मनोज का दावा है कि करीब 11 बजे मथुरा पुलिस ने उसे ग्वालियर रोड पर स्थित बाद गांव से उठा लिया था। इसके बाद, दोपहर तीन बजे पुलिस उनके घर पहुंची। मनोज के अनुसार, पुलिस के पास नीरज के कमरे की चाबी थी। उन्होंने ताला खोला और नीरज के कमरे में घुस गए, जहाँ से चांदी बरामदगी दिखाई गई। मनोज का कहना है कि, “पुलिस ने उसे जिंदा पकड़कर चांदी बरामद कर ली थी तो मारने की क्या जरूरत थी? भाई किसी साजिश का शिकार हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि, “अगर लूट करने के आरोप में पुलिस सजा-ए-मौत दे रही है तो सभी लुटेरों को मारा जाए।” “पुलिस ने जबरन पेट्रोल डालकर शव जलाया” – परिजनों का आरोप मनोज ने बताया कि जब भाई के एनकाउंटर की खबर मिली तो वे गुजरात के मोरबी में थे। शाम को जब शव गांव पहुंचा तो पुलिस ने जबरन रात में ही अंतिम संस्कार करा दिया। मनोज ने सुबह तक रुकने के लिए बार-बार गुजारिश की और परिवार के लोग भी हाथ जोड़ते रहे। मगर, इसके बाद भी पुलिस ने पेट्रोल डालकर शव को जला दिया। इस पूरी घटना ने मथुरा पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ऑपरेशन सिंदूर और टैरिफ वार पर आगरा में मंथन, विशेषज्ञों ने कहा- भारत को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं

राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच ने आयोजित की संगोष्ठी, अमेरिका के दबाव की राजनीति को नेतृत्व ने नकारा आगरा, सोमवार, 3 अगस्त 2025, शाम 7:00 बजे आगरा: राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, आज आगरा स्थित श्री राम फार्म हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच द्वारा एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय था: “भारत – अमेरिका: ऑपरेशन सिंदूर और टैरिफ वार के बाद के संबंध”। कार्यक्रम में सैन्य विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा किए। गोष्ठी की शुरुआत करते हुए कर्नल जीएम खान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह दो दिवसीय लक्षित संघर्ष था, जिसमें भारतीय सेना ने अपने सभी लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संघर्ष में कुछ नुकसान तो होता ही है, लेकिन भारतीय सेना ने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया। अमेरिका को गहरा घाव, लेकिन भारत को चिंता की जरूरत नहीं ब्रिगेडियर मनोज कुमार ने इस चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सेना के ऑपरेशनों और उनकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती, लेकिन यह स्पष्ट है कि सेना ने पाकिस्तान को गंभीर नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, “सेना ने पाकिस्तान को ऐसा गहरा घाव दिया, जिससे अमेरिकी हित भी प्रभावित हुए।” ब्रिगेडियर कुमार ने टैरिफ वार को इसी बौखलाहट का नतीजा बताया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भारत को इससे बहुत चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक समरसता पर जोर गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रोफेसर डॉ. राजीव उपाध्याय ने राष्ट्रीय मजबूती के लिए सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों की पुनर्स्थापना को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जब समाज और परिवार मजबूत होंगे, तभी राष्ट्र भी मजबूत होगा। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रीय सचिव डॉ. रजनीश त्यागी ने अमेरिका के टैरिफ वार को भारत पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, “भारत का वर्तमान नेतृत्व अमेरिका के किसी भी दबाव में नहीं आया और उसने उस झूठ को स्वीकार नहीं किया, जो अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाने के लिए कहा था।” डॉ. त्यागी ने यह भी कहा कि अमेरिका विभिन्न तरीकों से भारतीय संस्कृति को खत्म करना चाहता है, ताकि उसके उत्पाद भारत में आसानी से बिक सकें। भारतीय सेना की युद्ध क्षमता से दुनिया अचंभित कर्नल यूसी दुबे ने भारतीय सेना की युद्ध क्षमता की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने जिस तरह पुराने और आधुनिक हथियारों का तालमेल बिठाकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, उससे पूरी दुनिया अचंभित है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी पुरानी आर्टिलरी गन से पाकिस्तानी ड्रोन का मुकाबला किया, और अपनी महंगी मिसाइलों से पाकिस्तान की एयरफोर्स और एटमी ठिकानों को भी निशाना बनाया, जिससे पूरी दुनिया में भारत की सैन्य शक्ति का संदेश गया। नेतृत्व के साथ एकजुट रहने का आह्वान श्री गौरीशंकर सिकरवार ने कहा कि देश को इस समय मजबूत नेतृत्व कर रही सरकार के साथ एकजुट होकर खड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक ताकतें किसी भी मजबूत भारतीय नेतृत्व को हमेशा अस्थिर करने का प्रयास करती रही हैं, और ऐसे प्रयासों को हमें एकजुट होकर विफल करना होगा। गोष्ठी का विषय प्रवर्तन और कुशल संचालन महामंत्री डॉ. दिवाकर तिवारी ने किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संगोष्ठी में प्रमुख सहयोगियों के रूप में प्रोफेसर (डॉ.) पंचशील शर्मा, भाजपा नेता विक्रांत शर्मा, डॉ. डी.एस. तोमर, डॉ. गजेंद्र सिंह, अन्नू दुबे, मृगांग त्यागी, मनोज राघव, अमितेश दीक्षित, अमित त्यागी, रवि करोटिया, भरत सिंह सोलंकी, तर्ष वशिष्ठ, डॉ. डी.एस. छौंकर, राहुल चौधरी, राहुल पालीवाल, करुणा नागर, शैलेश अग्रवाल, विकास शर्मा** सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

आगरा में यमुना ने ली जान: नहाते समय दो दोस्त डूबे, एक की मौत; दूसरा मुश्किल से बचा

आगरा। आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र अंतर्गत वाटरवर्क्स के पास यमुना नदी में नहाने गए दो दोस्त डूब गए। इस हादसे में एक युवक तो जैसे-तैसे बचकर बाहर आ गया, लेकिन उसका दूसरा दोस्त यमुना के तेज बहाव में बह गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से डूबे हुए युवक का शव नदी से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तेज जलस्तर बना काल, दोस्त ने मचाया शोर यह घटना रविवार शाम को हुई। नगला पदी के रहने वाले दो युवक वाटरवर्क्स के पीछे यमुना नदी में नहाने गए थे। इन दिनों यमुना का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, और यही उनके लिए घातक साबित हुआ। नहाते समय अचानक दोनों युवक डूबने लगे। उनमें से एक युवक तो किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब रहा और बाहर आ गया, लेकिन उसका दोस्त अनिकेत नदी के तेज बहाव में फंसकर बह गया। अपने दोस्त को डूबता देख बाहर निकले युवक ने जोर-जोर से शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से अनिकेत की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा काफी तलाश के बाद अनिकेत का शव यमुना नदी में मिल गया। एसीपी छत्ता पीयूष कांत ने बताया कि दोनों दोस्त दोपहर में यमुना में नहाने आए थे, और एक के डूबने से उसकी मौत हो गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। यह घटना एक बार फिर यमुना में बढ़े हुए जलस्तर के दौरान नहाने से होने वाले खतरों को उजागर करती है।

चांदी की चोरी कर छिप रहे थे चोर, फिर पड़ी पुलिस की ‘पीतल की गोली’! आगरा में बदमाशों से मुठभेड़, 1 घायल; 4 गिरफ्तार

आगरा। आगरा में चांदी और पेठा कारोबारी के यहां दो दिन पहले हुई चोरी का पुलिस ने 48 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। थाना मदनमोहन गेट इलाके में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई, जिसमें चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी शरद उर्फ लल्लू के पैर में गोली लगी है, जिसे घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। नूरी गेट से चोरी हुई थी चार किलो चांदी और नगदी नूरी गेट स्थित चांदी और पेठा कारोबारी के कारखाने में दो दिन पहले नकबजनी और चोरी की बड़ी वारदात हुई थी। चोर यहां से करीब चार किलो चांदी और नगदी लेकर फरार हो गए थे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था। शनिवार रात को पुलिस ने चेकिंग के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों को रोका। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश शरद उर्फ लल्लू के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। चार गिरफ्तार, फरार एक साथी की तलाश जारी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों के नाम सौरव, पंकज, हिमांशु और शरद उर्फ लल्लू हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई चांदी और एक तमंचा भी बरामद किया है। एसीपी कोतवाली शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस टीम पर अवैध असलहा से फायर किया था, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपितों का एक साथी अमित मौके से फरार हो गया है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से चोरी की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।

एस.एन. मेडिकल कॉलेज में ‘हेपेटाइटिस क्लिनिक’ का उद्घाटन, जन-जागरूकता पर जोर

विश्व हेपेटाइटिस सप्ताह के तहत आयोजित हुआ सीएमई, विशेषज्ञों ने लिवर कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव के उपाय बताए आगरा, ,3 अगस्त 2025, आगरा: विश्व हेपेटाइटिस सप्ताह के उपलक्ष्य में, एस.एन. मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग और मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर (MTC) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के अंतर्गत, आज एल.टी.-4 में एक शैक्षणिक संगोष्ठी (CME) और जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम थी: “Hepatitis: Let’s Break it Down”। इस अवसर पर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन, डॉ. प्रशांत गुप्ता ने मेडिसिन विभाग की दूसरी मंजिल पर स्थित कक्ष संख्या 52 में एक समर्पित ‘हेपेटाइटिस क्लिनिक’ का उद्घाटन किया। इस क्लिनिक का मुख्य उद्देश्य आम जनता को हेपेटाइटिस से संबंधित सभी प्रकार की जाँच, परामर्श और उपचार की सुविधाएँ एक ही स्थान पर निःशुल्क उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी सीएमई में हेपेटाइटिस के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत व्याख्यान दिए, जिससे चिकित्सकों और उपस्थित लोगों को इस बीमारी के बारे में गहन जानकारी मिली। गर्भवती महिलाओं और नवजातों के लिए विशेष संदेश कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि वायरल हेपेटाइटिस बी और सी, लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसे गंभीर रोगों का प्रमुख कारण हैं, जिनका समय पर इलाज संभव है। विशेष रूप से, यह बताया गया कि सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हेपेटाइटिस बी की जाँच अनिवार्य होनी चाहिए। साथ ही, संक्रमित माताओं के नवजात शिशुओं को जन्म के 24 घंटे के भीतर HBIG (हेपेटाइटिस बी इम्यूनोग्लोबुलिन) और हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की पहली खुराक (O-dose) देना आवश्यक है, ताकि संक्रमण से बचाया जा सके। कार्यक्रम में मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. अजीत सिंह चाहर, डॉ. नेहा आज़ाद, डॉ. चेतन शर्मा, डॉ. आरती अग्रवाल और डॉ. सुर्यकमल वर्मा सहित मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। जनमानस को यह संदेश दिया गया कि यदि उन्हें पीलिया, भूख न लगना, थकावट, पेट दर्द, गहरे रंग का मूत्र जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत स्वास्थ्य जाँच कराएं। एस.एन. मेडिकल कॉलेज में नव-उद्घाटित क्लिनिक इस दिशा में एक बड़ा सहारा साबित होगा। Photo Gallery-

दे दना दन! प्रॉपर्टी के लिए ‘दे घूंसे-दे घूंसे’! आगरा में भतीजे ने बीच सड़क पर गिराकर पीटा अपना ही चाचा, VIDEO वायरल होते ही पुलिस ने दबोचा

आगरा। आगरा में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। थाना छत्ता अंतर्गत बेलनगंज के भैरो बाजार इलाके में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक भतीजे ने अपने ही चाचा को बीच सड़क पर बुरी तरह पीटा। मारपीट का यह दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। क्या दिखा वायरल वीडियो में? वायरल हुए वीडियो में दिख रहा है कि कमल होटल के पास एक व्यक्ति बाइक पर था। तभी एक युवक वहां आता है और बाइक सवार से कुछ कहता है। दोनों के बीच बहस होती है, जिसके बाद युवक बाइक सवार को धक्का दे देता है। बाइक सवार व्यक्ति अपनी बाइक खड़ी करके युवक के पास जाता है, लेकिन युवक उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा देता है। इसके बाद वह लगातार उसके मुंह पर कई घूंसे बरसाता है। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो जाती है। लोगों ने युवक को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह मारपीट करता रहा। काफी मुश्किल से लोगों ने उसे हटाया, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं माना और लगातार हमलावर बना रहा। चाचा-भतीजे का विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस की जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिख रहे दोनों व्यक्ति आपस में चाचा-भतीजे हैं और उनके बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित चाचा की तहरीर पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना दर्शाती है कि प्रॉपर्टी विवाद किस तरह रिश्तों में कड़वाहट घोलकर हिंसा का रूप ले सकता है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

आगरा की जनकपुरी अब डिजिटल: घर बैठे देख सकेंगे भव्य विवाह उत्सव, IT सेल का हुआ शानदार शुभारंभ; सांसद नवीन जैन और संयोजक नितिन कोहली रहे मौजूद

आगरा। कमला नगर में होने वाला भव्य जनकपुरी महोत्सव इस बार एक नए डिजिटल अवतार में नज़र आएगा! समिति ने सोशल मीडिया सेल का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है, जिससे अब देश-विदेश के करोड़ों रामभक्त इस विवाह उत्सव का आनंद घर बैठे ही उठा सकेंगे। जनकपुरी महोत्सव समिति ने सोशल मीडिया के ज़रिए पल-पल की जानकारी साझा करने की पूरी योजना बनाई है। सोशल मीडिया पर मिलेगी हर अपडेट, लाखों श्रद्धालु होंगे शामिल शनिवार को जनकपुरी महोत्सव समिति, कमला नगर द्वारा बी ब्लॉक स्थित कार्यालय में सोशल मीडिया सेल का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नवीन जैन, समिति अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल, महामंत्री प्रदीप अग्रवाल, संयोजक पंकज अग्रवाल और आईटी सेल प्रभारी जुगल किशोर श्रोत्रिय ने पोस्टर विमोचन कर इस अभियान की शुरुआत की। समिति अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु महोत्सव में भाग लेंगे, लेकिन इस बार देश-विदेश में बसे करोड़ों रामभक्त भी सोशल मीडिया के ज़रिए इस उत्सव से जुड़ेंगे। इसी उद्देश्य से आईटी सेल को सशक्त किया गया है। युवा यूट्यूबर्स और एक्सपर्ट्स देंगे लाइव अपडेट, ड्रोन से होगी रिकॉर्डिंग आईटी सेल प्रभारी जुगल किशोर श्रोत्रिय के नेतृत्व में यश शिवहरे, हिमांशु धाकरे, वैभव कक्कड़, गर्वित शिवहरे जैसे युवा यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर महोत्सव की हर छोटी-बड़ी गतिविधि की लाइव अपडेट देंगे। संयोजक नितिन कोहली ने उत्साहपूर्वक बताया कि इस बार की जनकपुरी पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ेगी और बहुत भव्य होगी। उन्होंने यह भी बताया कि बारात के दौरान ड्रोन कैमरों से विशेष वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, जिसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाएगा। जुगल किशोर श्रोत्रिय ने लोगों से “जनकपुरी कमला नगर आगरा” नाम के सोशल मीडिया पेज और ग्रुप्स से जुड़ने का आग्रह किया, ताकि वे आयोजन से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त कर सकें। इस मौके पर समिति के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

आगरा नगर निगम बेच रहा गोबर वाली राखियां! आइए और ले जाइए सिर्फ ₹15-20 में… जानिए इन ‘ईको-फ्रेंडली’ राखियों की खासियतें

आगरा। इस रक्षाबंधन पर भले ही लोग सोने और चांदी की राखियां खरीद रहे हों, लेकिन आगरा में नगर निगम की गौशाला में बनी राखियां लोगों के बीच खूब चर्चा बटोर रही हैं और पसंद भी की जा रही हैं! ये अनोखी राखियां गाय के गोबर से तैयार की गई हैं और पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली हैं। हाउस टैक्स या अन्य काम के लिए निगम परिसर आ रहे लोग इन राखियों को खरीद भी रहे हैं। फेंकने पर उगेगा तुलसी का पौधा: पर्यावरण को मिलेगा ‘सकारात्मक’ रूप नगर निगम आगरा अपनी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नए-नए उत्पाद तैयार कर रहा है। दीपावली पर ईको-फ्रेंडली लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और होली पर गोकाष्ठ (गोबर की लकड़ी) तैयार की जाती है। इसी कड़ी में इस बार रक्षाबंधन के लिए गाय के गोबर से बनी राखियां नगर निगम परिसर में उपलब्ध कराई गई हैं। स्टॉल संचालक प्रांकुर जैन ने बताया कि इन राखियों को बनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सकारात्मक रूप देना है। इन राखियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें तुलसी का बीज डाला गया है। राखी का त्योहार खत्म होने के बाद जब इसे फेंका जाएगा या गमले में डाला जाएगा, तो इससे तुलसी का पौधा उग आएगा! यह वाकई एक अभिनव और पर्यावरण-हितैषी पहल है। रंग-बिरंगी राखियां और ‘सीड बॉल’ भी उपलब्ध प्रांकुर जैन ने बताया कि लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए रंग-बिरंगी राखियां बनाई जा रही हैं, जो मात्र ₹15 से ₹20 में नगर निगम परिसर स्थित दुकान पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, नगर निगम ने कई अन्य ईको-फ्रेंडली उत्पाद भी तैयार किए हैं। इनमें सीड बॉल भी शामिल हैं, जिनमें सहजन, जामुन और नीम के बीज डाले गए हैं। इन सीड बॉल को मानसून में सड़क किनारे, पार्क या नमी वाली जगह पर फेंकने से पौधे उग आएंगे, जिससे हरियाली बढ़ेगी। यह पहल न केवल गौशालाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है। इस रक्षाबंधन पर आप भी इन अनोखी राखियों को अपनाकर प्रकृति के प्रति अपना प्यार दिखा सकते हैं।

सावधान आगरा! सावन के आख़िरी सोमवार पर कहीं जाम में न फंस जाना: ये रहा पूरा रूट डायवर्जन प्लान, अभी पढ़ लो!

आगरा। सावन के पवित्र महीने का आख़िरी सोमवार आ गया है और इसके साथ ही शिवभक्तों की भीड़ और कांवड़ यात्रा को देखते हुए आगरा की ट्रैफिक पुलिस ने शहर की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अगर आप सोमवार को घर से निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है! रविवार शाम 4 बजे से लेकर सोमवार देर रात तक शहर में भारी वाहनों की ‘नो एंट्री’ रहेगी, ताकि आप जाम में न फंसें और कांवड़ियों को कोई दिक्कत न हो। कहां-कहां रहेगी ‘नो एंट्री’ और कैसे निकलना है? ये रास्ते भारी वाहनों के लिए रहेंगे बंद: कांवड़ियों का रास्ता रहेगा साफ: मंदिरों के आसपास भी रहेगी खास व्यवस्था: क्या हैं आपके लिए वैकल्पिक रास्ते? ट्रैफिक पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे इन निर्देशों का पालन करें और सड़क पर कांवड़ियों को प्राथमिकता दें। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ये रूट डायवर्जन ज़रूर पढ़ लें, ताकि सोमवार को आपको कोई परेशानी न हो!

आगरा मेट्रो: अक्टूबर से RBS तक दौड़ेगी ‘असली’ सवारी, अब ‘किटी पार्टी’ के भरोसे नहीं चलेगी मेट्रो!

आगरा। आगरा मेट्रो, जिसे लेकर अभी तक ‘किटी पार्टी’ और खाली ट्रेनों के चर्चे होते थे, अब RBS तक दौड़ने के लिए तैयार है! उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने पटरी बिछाने के काम में जबरदस्त तेजी दिखाई है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अक्टूबर 2025 से यात्री आरबीएस (RBS) कॉलेज तक मेट्रो का सफर कर सकेंगे। यह आगरावासियों के लिए एक बड़ी राहत होगी, क्योंकि अब उन्हें अपने शहर में आधुनिक परिवहन का अनुभव मिलेगा। सितंबर तक काम पूरा, फिर शुरू होगा सफर UPMRC के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले कॉरिडोर में आरबीएस, राजा मंडी और आगरा कॉलेज स्टेशन लगभग तैयार हो चुके हैं। इनमें सिग्नलिंग, बिजली की आपूर्ति और सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य अंतिम चरण में हैं। आरबीएस-राजामंडी स्टेशन के बीच दोनों ओर की पटरी बिछाने का काम भी पूरा हो गया है, जबकि आगरा कॉलेज तक सिर्फ 200 मीटर का हिस्सा बाकी है। मिश्रा के मुताबिक, आगरा कॉलेज से एसएन मेडिकल कॉलेज स्टेशन और एसएन से मनःकामेश्वर स्टेशन के बीच सिविल कार्य तेजी से चल रहा है। बिजलीघर के पास रेलवे की एनओसी में देरी के कारण करीब एक महीने का समय और लगेगा, लेकिन सितंबर तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद, अक्टूबर से आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो का व्यावसायिक संचालन शुरू हो जाएगा। दूसरे कॉरिडोर पर भी रफ्तार, 9 नई रिंग मशीनें लगाई गईं पहले कॉरिडोर के साथ-साथ, दूसरे कॉरिडोर का निर्माण भी तेजी से जारी है। आगरा कैंट से एमजी रोड तक पिलर बनाने का काम चल रहा है, जिसे और तेज करने के लिए 9 नई रिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। इस कॉरिडोर के पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा, जिसका लक्ष्य अगले दो साल में पूरा करना है।

आज एसएन मेडिकल कॉलेज में MRI पर्चा बनवाओगे तो 3 महीने बाद आएगा नंबर! वाह रे ‘उत्तम’ इंतजाम… ‘जैक’ लगाओगे तो 7 दिन में भी मिल सकती है डेट!

आगरा। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज (SNMC) में इलाज कराने पहुंचे मरीजों के लिए एक चौंकाने वाली खबर है। अगर आज आप डॉक्टर का पर्चा लेकर एमआरआई (MRI) जांच कराने पहुंचेंगे, तो आपको सीधे तीन महीने बाद यानी अक्टूबर की डेट मिलेगी! जी हां, एक पत्रकार ने जब खुद मरीज बनकर पता किया तो यही जवाब मिला। जिन मरीजों ने शुक्रवार को पर्चा बनवाया है, उन्हें सितंबर या अक्टूबर की तारीखें दी जा रही हैं, जिससे मरीज बुरी तरह परेशान हैं। ‘जैक’ का खेल: आम आदमी 3 महीने में, खास आदमी 7 दिन में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि अगर आप ‘जैक’ (पैरवी या जुगाड़) लगाओगे, तो यही एमआरआई जांच मात्र 7 दिनों में भी हो सकती है। एक मरीज ने नाम न बताने की शर्त पर बताया, “पिता के लिए शुक्रवार को पर्चा बनवाया है, 9 सितंबर की डेट मिली। पत्नी के एमआरआई के लिए भी सितंबर की डेट मिली थी, लेकिन फिर एक ‘जैक’ लगाई तो एक हफ्ते में ही नंबर आ गया।” मरीज ने तो यहाँ तक सलाह दी कि “आप भी जैक ढूंढ लो, जल्दी काम हो जाएगा।” लंबी लाइनें और एकमात्र मशीन: 15 MRI पर 100 मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज में एमआरआई की केवल एक ही मशीन है। इस एक मशीन पर प्रतिदिन लगभग 15 एमआरआई हो रहे हैं, जबकि मरीजों की संख्या प्रतिदिन 100 तक पहुंच जाती है। यही वजह है कि मरीजों को पहले पर्चा बनवाने के लिए डेढ़ से दो घंटे लाइन में लगना पड़ता है, फिर डॉक्टर से जांच लिखवानी होती है, और उसके बाद रेडियोडायग्नोस्टिक सेंटर के कमरा नंबर 9 में लंबी लाइन में लगकर एमआरआई की तारीख लेनी पड़ती है। SNMC में एमआरआई की फीस 3 से 4 हजार रुपये के बीच है, जबकि प्राइवेट में यह खर्चा 8-9 हजार रुपये आता है, जिसके कारण लोग सरकारी अस्पताल की ओर रुख करते हैं। प्रिंसिपल बोले: “अगले साल तक मिल सकती है दूसरी मशीन” प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि इमरजेंसी या भर्ती मरीजों के एमआरआई समय पर हो रहे हैं, लेकिन ओपीडी वाले मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शासन को एक और मशीन का प्रस्ताव भेजा गया है और उम्मीद है कि अगले साल तक एक और मशीन मिल जाएगी। यह व्यवस्था उन आम मरीजों के लिए किसी आफत से कम नहीं है, जिन्हें तत्काल जांच की जरूरत होती है। क्या ‘उत्तम प्रदेश’ के स्वास्थ्य इंतजामों में ‘जैक’ ही अब एकमात्र रास्ता रह गया है?

आगरा में शुरू हुई रिमफायर एंड एयर राइफल बेंचरेस्ट शूटिंग चैंपियनशिप 2025: देशभर से जुटे निशानेबाज, ब्रिगेडियर एनएस चारग ने किया शानदार आगाज

आगरा। ताज रोड स्थित 2 यूपी बटालियन एनसीसी में आज, शुक्रवार (1 अगस्त 2025) को रिमफायर एंड एयर राइफल बेंचरेस्ट शूटिंग चैंपियनशिप 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्घाटन ब्रिगेडियर एनएस चारग ने राइफल से सटीक निशाना साध कर और केक काटकर किया। इस मौके पर उन्होंने प्रतियोगिता की ऑफिशियल टी-शर्ट भी लॉन्च की। देशभर से आए 130 निशानेबाज, अनुशासन और मानसिक संतुलन पर जोर यह तीन दिवसीय चैंपियनशिप रिमफायर एंड एयर राइफल्स बेंचरेस्ट शूटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RABSAI) द्वारा आयोजित की जा रही है। इसमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली और तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न राज्यों से कुल 130 प्रतिभागी अपनी सटीक निशानेबाजी का जौहर दिखाएंगे। इनमें से 35 एनसीसी कैडेट्स विशेष रूप से आगरा के हैं, जो इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। ब्रिगेडियर चारग ने इस अवसर पर कहा कि बेंचरेस्ट शूटिंग युवाओं में अनुशासन और मानसिक संतुलन विकसित करती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को देश के लिए नई प्रतिभाएं खोजने का एक बेहतरीन मंच बताया, जो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करेंगी। तकनीकी कौशल और एकाग्रता की होगी परीक्षा, पुरस्कार वितरण शनिवार-रविवार को RABSAI के अध्यक्ष रजत विज ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रतिभागियों की एकाग्रता और तकनीकी कौशल की कड़ी परीक्षा लेगी। महासचिव हिना विज ने जानकारी दी कि पहले दिन प्रतिभागियों ने बेंचरेस्ट लक्ष्य पर निशाना साधा। शनिवार (2 अगस्त) को 250 और 500 पॉइंट राउंड आयोजित किए जाएंगे। जूनियर वर्ग के लिए पुरस्कार वितरण शनिवार को होगा, जबकि सीनियर वर्ग के लिए पुरस्कार रविवार (3 अगस्त) को दिए जाएंगे। चैंपियनशिप को ट्रेजैक्ट्रॉन एयर राइफल का तकनीकी सहयोग मिल रहा है। इसके एक्सपर्ट जेन्युअल और हर्षद ने राइफल्स की तकनीकी जानकारी और मॉडर्न फीचर्स पर एक विशेष सत्र भी दिया। इस आयोजन में कर्नल पीके मिश्रा, लेफ्टिनेंट कर्नल मेघना रॉबर्ट, आयुष गर्ग, राजकुमार गर्ग, सिद्धार्थ सिंह, मधुकर यादव, अंकुर मिस्त्री और राहुल गर्ग सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

चलो अब ‘चक्कर’ काटने का झंझट खत्म! आगरा नगर निगम ने लॉन्च किया ऑनलाइन पोर्टल, घर बैठे मिलेगा बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट

आगरा। अब आगरावासियों को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नगर निगम के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे! आगरा नगर निगम ने एक बड़ी राहत देते हुए अपना ऑनलाइन वेब पोर्टल https://www.annbdregistration.com/ लॉन्च कर दिया है। यह सुविधा शुक्रवार से शुरू हो गई है, जिसका सीधा फायदा शहर के लाखों नागरिकों को मिलेगा। नागरिकों की सहूलियत के लिए उठाया गया कदम नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के दौरान आम नागरिकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने यह ऑनलाइन वेब पोर्टल लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। अब आवेदक को प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के बाद एक एप्लीकेशन नंबर भी मिलेगा, जिससे वह अपने आवेदन की ऑनलाइन प्रगति जान सकेगा। अगर आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो विभाग उसे ऑनलाइन ही दुरुस्त कर देगा। निगम द्वारा आवेदन स्वीकृत होने के बाद, डेथ या बर्थ सर्टिफिकेट आवेदक को ऑनलाइन ही प्राप्त हो जाएगा। कैसे करें ऑनलाइन आवेदन? नगर निगम के आईटी ऑफिसर गौरव सिन्हा ने आवेदन की प्रक्रिया समझाई: यह नई सुविधा निश्चित रूप से आगरा के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे समय और भागदौड़ दोनों की बचत होगी।

नकली देसी घी की फैक्ट्री का भंडाफोड़: रक्षाबंधन से पहले 300 किलो से ज़्यादा माल ज़ब्त

फिरोजाबाद के शख्स द्वारा चलाई जा रही थी फैक्ट्री, आगरा और अलीगढ़ में होनी थी सप्लाई; आरोपी फरार आगरा, शुक्रवार, 1 अगस्त 2025, रात्रि 9:15 बजे सुरेश बाबू बघेल आगरा: रक्षाबंधन के त्योहार से पहले, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, आगरा में चलाई जा रही नकली देसी घी बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। एत्मादपुर तहसील के नगला ज्ञान सिंह में स्थित इस फैक्ट्री से 300 किलो से अधिक नकली घी बरामद किया गया है। यह फैक्ट्री इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के आगरा स्मार्ट टर्मिनल डिपो के पास एक किराए के मकान में चलाई जा रही थी। फिरोजाबाद का आरोपी फरार, अलीगढ़ मंडल तक होती थी सप्लाई बताया गया है कि इस फैक्ट्री को फिरोजाबाद के टूंडला निवासी कौशल किशोर शर्मा चला रहा था। वह महीनों से यहां किराए का मकान लेकर अवैध रूप से यह काम कर रहा था। छापे की कार्रवाई के दौरान आरोपी कौशल किशोर शर्मा फरार होने में कामयाब रहा। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नकली घी की सप्लाई मुख्य रूप से आगरा के बाज़ारों और अलीगढ़ मंडल के विभिन्न जिलों में की जाती थी। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर इसकी मांग बहुत बढ़ जाती है, जिसके लिए आरोपी ने बड़े पैमाने पर स्टॉक तैयार कर रखा था। फैक्ट्री सील, जाँच रिपोर्ट के बाद होगी कड़ी कार्रवाई छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने घी से भरे पाँच बड़े ड्रम बरामद किए। इन ड्रमों में रखे घी के नमूने लेकर जाँच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों ने फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “हमें गुप्त सूचना मिली थी कि इस जगह पर नकली देसी घी बनाया जा रहा है। हमारी टीम ने छापा मारा और भारी मात्रा में नकली घी बरामद किया है। हमने सभी ड्रमों से सैंपल ले लिए हैं और लैब में जाँच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि घी में कौन-कौन से तत्व मिलाए गए थे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।” इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और प्रशासन अब इस तरह के अन्य अवैध कारोबारों का पता लगाने में जुट गया है।

उत्तर प्रदेश का पहला टेस्ट ट्यूब बेबी 27 वर्ष का हुआ, आगरा के मल्होत्रा अस्पताल में मनाया गया जश्न

रेनबो आईवीएफ ने साझा की ऐतिहासिक उपलब्धि की खुशियाँ, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की सफलता का प्रतीक बना उत्सव आगरा, शुक्रवार, 1 अगस्त 2025, रात्रि 7:15 बजे आगरा: उत्तर प्रदेश के चिकित्सा इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाले पहले निजी टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में जन्मे उत्सव ने आज अपने जीवन के 27 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए, मल्होत्रा टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर और रेनबो अस्पताल के परिसर में उनका जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों ने उत्सव को केक काटकर और गुलदस्ते भेंट कर बधाई दी और इस ऐतिहासिक क्षण की खुशियाँ साझा कीं। यह आयोजन सिर्फ एक जन्मदिन का जश्न नहीं था, बल्कि यह आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की एक बड़ी सफलता और आशा का प्रतीक था, जिसने हज़ारों परिवारों के जीवन में उजाला किया है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव रेनबो आईवीएफ की एमडी और जानी-मानी बांझपन विशेषज्ञ डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने इस अवसर पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “उत्सव का जन्म हमारे लिए एक ऐतिहासिक पल था, जिसे हम कभी नहीं भूल सकते। आज जब वह 27 वर्ष का हो चुका है, तो यह हमारे लिए और भी अधिक गर्व का विषय है। यह आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की एक बड़ी सफलता को दर्शाता है और हमें आगे भी इसी तरह के काम करते रहने के लिए प्रेरित करता है।” उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के एमडी और प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने इस तकनीक के सामाजिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इस तकनीक ने न केवल उत्सव के परिवार को खुशियाँ दीं, बल्कि इसने उन हज़ारों दंपतियों के लिए भी संतान सुख का मार्ग प्रशस्त किया, जो किसी कारणवश प्राकृतिक रूप से माता-पिता नहीं बन पा रहे थे। उत्सव की यह कहानी उन सभी के लिए एक प्रेरणा है।” आईवीएफ और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निहारिका मल्होत्रा ने कहा, “उत्सव की यह यात्रा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। यह न केवल हमारे अस्पताल के लिए, बल्कि पूरे चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।” रेनबो आईवीएफ के निदेशक और जाने-माने एंब्रोलॉजिस्ट डॉ. केशव मल्होत्रा ने आईवीएफ तकनीक की बढ़ती सफलता के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि अब तक रेनबो आईवीएफ के माध्यम से 20,000 से अधिक परिवारों को संतान सुख मिल चुका है। उन्होंने आगरा की लैब को देश की सबसे आधुनिक लैब में से एक बताते हुए कहा कि यहाँ की उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता ने सफलता दर को काफी बढ़ाया है। आईवीएफ तकनीक: एक वरदान उत्सव का जन्म 27 साल पहले आईवीएफ (In Vitro Fertilization) तकनीक के माध्यम से हुआ था। यह तकनीक उन दंपतियों के लिए एक वरदान साबित हुई है, जिन्हें बांझपन की समस्या का सामना करना पड़ता है। आईवीएफ तकनीक के तहत, अंडे और शुक्राणु को शरीर के बाहर एक लैब में मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है, और फिर उस भ्रूण को गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है। उत्सव का 27 वर्ष का होना इस तकनीक की दीर्घकालिक सुरक्षा और सफलता का एक ठोस प्रमाण है। यह जश्न न केवल उत्सव के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि यह उन सभी परिवारों के लिए एक आशा की किरण भी है, जो संतान सुख की कामना कर रहे हैं। मल्होत्रा अस्पताल और रेनबो आईवीएफ की यह उपलब्धि आगरा और उत्तर प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में एक गौरवशाली अध्याय जोड़ती है।

मोबाइल, बेवफाई का शक और शराब’ ने उजाड़ दिए घर! जानकर रह जाएंगे हैरान:आगरा में 10 हजार शादियां टूटने की कगार पर

आगरा। आगरा में करीब 10 हजार से अधिक शादियाँ टूटने की कगार पर हैं और इसकी वजह जानकर आप चौंक जाएंगे। परिवार न्यायालय में ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई है जहाँ वर्षों पुराने रिश्तों में “मोबाइल फोन, बेवफाई का शक और शराब” जैसी वजहें दरार पैदा कर रही हैं। ये वो मामले हैं जहाँ एक वक्त साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले पति-पत्नी अब एक-दूसरे का चेहरा भी नहीं देखना चाहते, जिसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। रात भर मोबाइल पर बात, 6 साल से अलग पति-पत्नी: कहानी सिर्फ एक नहीं एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ शादी को 20 साल हो चुके हैं। पति रात भर फोन पर किसी से बात करता था और पत्नी के टोकने पर फोन काट देता। पत्नी को पति के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर का शक हुआ और बात इतनी बढ़ी कि दोनों पिछले 6 साल से अलग रह रहे हैं। यह सिर्फ एक उदाहरण है; परिवार न्यायालय में ऐसे ही शक और अविश्वास पर आधारित 10 हजार से ज़्यादा मामले चल रहे हैं। कुछ चौंकाने वाले केस जिनसे हर कोई ले सकता है सबक: ये मामले दिखाते हैं कि आधुनिक जीवनशैली में संवाद की कमी, व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गलत परिभाषा, और बाहरी प्रभावों ने कैसे पारंपरिक रिश्तों की बुनियाद को हिला दिया है। क्या इन बढ़ती दूरियों को कम करने का कोई रास्ता है?

आगरा में घरों में सेंध लगाने वाले गैंग का पर्दाफाश: 3 बदमाश गिरफ्तार, लाखों के गहने बरामद; चोरी का माल खरीदने वाला ‘पूर्व प्रधान’ भी गिरफ्त में

आगरा। आगरा के थाना फतेहपुर सीकरी पुलिस ने घरों में घुसकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिसमें चोरी का माल खरीदने वाला एक पूर्व प्रधान भी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की वारदातों को कबूला है और उनके पास से लाखों के गहने व अन्य सामान बरामद हुआ है। 1 जुलाई की चोरी से हुई शुरुआत, पुलिस ने बिछाया जाल डीसीपी अतुल शर्मा ने बताया कि यह मामला 1 जुलाई को फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के औलेंडा गांव में राजकुमार के घर हुई चोरी से शुरू हुआ था, जहाँ गहने और अन्य सामान चुरा लिया गया था। इस घटना के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही थीं। मुखबिर की सूचना पर, पुलिस टीम ने जाजऊ-फतेहपुर सीकरी रोड से डूंगर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। चोर ने उगले राज, पूर्व प्रधान तक पहुंची पुलिस पूछताछ में आरोपी डूंगर ने खुलासा किया कि वह चोरी का माल लड़ामदा निवासी पूर्व प्रधान नरेश को बेचता था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूर्व प्रधान नरेश को भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के लाखों के गहने बरामद किए, जिनमें 1 जोड़ी झुमकी, 6 अंगूठी, 1 जोड़ी झाले (सभी पीली धातु), 3 कंधनी, 7 जोड़ी पायल, 2 सिक्के, 4 जोड़ी बिछिया, 1 कमरबंध, एक अवैध तमंचा और 2 कारतूस शामिल हैं। राजस्थान बॉर्डर पर सक्रिय था गैंग, पूर्व प्रधान भी था शामिल पूछताछ में डूंगर ने बताया कि उसने यह माल पिछले 3 से 4 महीने में राजस्थान बॉर्डर के आसपास रूपबासत तथा औलेण्डा के अगल-बगल के गांवों से चुराया है। उसने एक महीने पहले औलेण्डा में रेलवे स्टेशन के पास एक मकान में और लगभग 3 महीने पहले जाजऊ में गांव के बाहरी ओर बने घर में भी चोरी की बात कबूली। जाजऊ से उसने सोने-चांदी के जेवरात और करीब ₹55 हजार नगद चुराए थे, जिसका माल उसने पूर्व प्रधान नरेश को बेच दिया था। डूंगर ने बताया कि वह चोरी के माल से मिले पैसों को मौज-मस्ती पर खर्च कर देता था। पूर्व प्रधान नरेश जानता था कि डूंगर चोरी करता है और चोरी का माल बहुत सस्ते दामों में उसे देता था। नरेश ने लालच में यह माल खरीदा और राह चलते लोगों को बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमाता था। आरोपी पूर्व प्रधान ने यह भी बताया कि वह डूंगर को करीब 15 सालों से जानता है। इस गिरफ्तारी से घरों में चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो आगरा-राजस्थान सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था।

बारिश बनी ‘मुर्दों’ के लिए भी आफत! आगरा में श्मशान घाट पर नहीं छत, तिरपाल के नीचे हो रहे अंतिम संस्कार; ‘उत्तम प्रदेश’ के दावों की खुली पोल

किरावली, आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में विकासखंड अछनेरा का छहपोखर गांव इस समय एक हृदयविदारक समस्या से जूझ रहा है। यहाँ के श्मशान घाट पर न तो कोई टीनशेड है और न ही कोई अन्य बुनियादी व्यवस्था, जिसके चलते बारिश के मौसम में लोगों को अपने प्रियजनों का दाह संस्कार करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। खुले आसमान के नीचे तिरपाल से ढकी चिता: प्रशासन की लापरवाही उजागर एक वायरल हो रहे वीडियो में श्मशान घाट की दर्दनाक हकीकत सामने आई है। इसमें साफ दिख रहा है कि ग्रामीण भारी बारिश के बीच, खुले आसमान के नीचे, तिरपाल की मदद से चिता को बारिश से बचाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। बारिश की बूंदों के बीच अंतिम संस्कार करने की यह दुर्दशा स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ ज़िंदों के साथ-साथ अब मृतकों को भी बारिश की आफत झेलनी पड़ रही है। ‘उत्तम प्रदेश’ के दावों पर सवाल एक तरफ राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का यह अभाव साफ दिखाई दे रहा है। श्मशान घाट जैसी आवश्यक सुविधाओं का विकास न होना स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर समस्या बन गया है, जो उन्हें सम्मानजनक तरीके से अपने अंतिम संस्कार करने से भी वंचित कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को अधिकारियों के सामने उठाया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस मामले में फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

“हमारा घर गिरा तो मेट्रो की वजह से!” – आगरा के मोती कटरा में दीवारों पर चिपके दहशत भरे पोस्टर, जिम्मेदार कौन?

आगरा। आगरा के मोती कटरा इलाके में मेट्रो की खुदाई ने कई परिवारों की नींद हराम कर दी है। यहाँ कई मकान इतने जर्जर हो गए हैं कि वे कभी भी गिर सकते हैं, जिसके चलते लोगों में गहरी दहशत है। अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित इन परिवारों ने अब अपने घरों की दीवारों पर सीधे-सीधे पोस्टर लगा दिए हैं, जिन पर लिखा है: “यह मकान अगर गिरा तो इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) की होगी।” मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति, दहशत में जी रहे लोग मकान मालिकों का आरोप है कि मेट्रो की सुरंगों की खुदाई के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण उनके भवन जर्जर हो गए हैं। उनकी शिकायत है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है और अब ये मकान रहने लायक नहीं रहे। उन्हें हर पल किसी बड़े हादसे का डर सता रहा है। दयानंद गुप्ता ने बताया कि उनका चार मंजिला घर है और सुरंग की खुदाई से उसमें दरारें आ गई हैं। सरकार से मान्यता प्राप्त इंजीनियर से कराए गए ऑडिट में भी उनके घर को रहने लायक नहीं बताया गया है, जिसके चलते उनका परिवार किराए पर रहने को मजबूर है। मोती कटरा के ही चितरंजन कुमार जैन ने शिकायत की कि UPMRC के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। UPMRC का दावा: “अब कोई खतरा नहीं, कुछ लोग चाहते हैं पूरा घर नया बन जाए” दूसरी ओर, UPMRC के महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा का इस मामले पर अलग ही रुख है। उनका कहना है कि इन घरों की मरम्मत करा दी गई है और अब सुरंग बन जाने के बाद घरों को कोई खतरा नहीं है। मिश्रा ने यह भी जोड़ा कि कुछ लोग चाहते हैं कि उनका पूरा घर ही नया बनवा दिया जाए। UPMRC के इस दावे और स्थानीय लोगों की दहशत के बीच, मोती कटरा के निवासियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या ठोस कदम उठाता है।

“गोलमाल है भाई सब गोलमाल है!” – आगरा के खेरागढ़ में चाय के खोखे पर मिले लाखों की दवाइयों के कार्टन, 2026 तक वैलिड!

आगरा। आगरा के खेरागढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक पास एक चाय के खोखे के नीचे से करोड़ों की दवाइयों के कार्टन मिले हैं। गाँव वालों ने जब इन दवाइयों की जाँच की तो पाया कि उन पर एक्सपायरी डेट 2026 तक की थी! इस पूरे मामले का वीडियो बनाकर गाँव वालों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। चाय के खोखे पर मिली ‘सरकारी’ दवाएं, जनता को नहीं नसीब आज सुबह खेरागढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने एक बंद चाय के खोखे के नीचे दवाइयों के कई कार्टन रखे हुए मिले। शुरुआत में गाँव वालों को लगा कि दवाएं एक्सपायर हो गई होंगी, इसलिए फेंक दी गई होंगी। लेकिन जब उन्होंने देखा तो सभी दवाइयों पर 2026 की एक्सपायरी डेट लिखी थी। इन कार्टनों में कई तरह की टैबलेट और ड्रॉप्स मिली हैं। गाँव वालों ने गुस्से में वीडियो बनाते हुए कहा कि ये दवाएं आम जनता को नहीं मिलती हैं, जबकि यहाँ स्वास्थ्य केंद्र के बाहर एक प्राइवेट गुमटी में कार्टन के कार्टन रखे हुए हैं। नगला ब्रजा के एक युवक ने वीडियो में कहा कि वह योगी जी का फैन है और ग्रेटर नोएडा में खाने का काम करता है, लेकिन उसे खुद दवाएं प्राइवेट मेडिकल स्टोर से महंगी खरीदनी पड़ती हैं। यह घटना स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली और दवाओं के वितरण पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आगरा में बालूगंज पुलिस चौकी सस्पेंड: चौकी इंचार्ज समेत 8 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, लूट के मामले में ‘सेटिंग’ की चर्चा

आगरा। आगरा के थाना रकाबगंज की बालूगंज चौकी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। चौकी इंचार्ज समेत 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, और पूरी चौकी को सस्पेंड कर दिया गया है। एसपी सिटी सोनम कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। लापरवाही या ‘सेटिंग’ का नतीजा? आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि यह कार्रवाई बेहतर पुलिसिंग में फेल होने, अपराध रोकने में नाकामी और कार्य में लापरवाही के चलते की गई है। हालांकि, पुलिस महकमे में और शहर में यह चर्चा गर्म है कि यह एक्शन लूट के एक मामले में पुलिसकर्मियों द्वारा ‘सेटिंग’ करने को लेकर हुआ है। बताया जा रहा है कि 23 जुलाई को जंगजीत नगर निवासी राकेश का मोबाइल लूट लिया गया था। यह घटना पुलिस कमिश्नर के आवास से आगे माल रोड पर हुई थी, जो एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इस मामले में पुलिस ने एक दिन के भीतर ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया था। लेकिन, अब यह चर्चा सामने आ रही है कि इस गिरफ्तारी में कुछ ‘सेटिंग’ या समझौता किया गया था, जिसके बाद ही यह बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस कमिश्नर आवास के करीब हुई लूट की घटना और उसमें कथित ‘सेटिंग’ की चर्चा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद यह निलंबन की कार्रवाई की गई है। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

पदमप्रभु जिनालय में गूंजे जयकारे: अवधपुरी में भक्तिभाव से संपन्न हुआ श्री कल्याण मंदिर विधान

आगरा। अवधपुरी स्थित पदमप्रभु जिनालय में आज, 1 अगस्त को, आध्यात्मिक भक्ति और उत्साह के साथ श्री कल्याण मंदिर विधान का आयोजन सानंद संपन्न हुआ। यह दिव्य आयोजन पदमप्रभु महिला मंडल द्वारा पंडित विवेक जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। अभिषेक, शांतिधारा और मंगल कलश की स्थापना विधान की शुरुआत में, भक्तों ने पूर्ण भक्तिभाव के साथ सर्वप्रथम श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा की। इसके उपरांत, सौभाग्यवती महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक मांडले पर मंगल कलश स्थापित कर इस पावन विधान का विधिवत शुभारंभ किया। यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत मनोहारी और प्रेरणादायक था। अष्ट द्रव्यों से प्रभु की आराधना पंडित विवेक जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में, उपस्थित सभी श्रावक-श्राविकाओं ने अष्ट द्रव्यों (जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप और फल) के साथ प्रभु की आराधना की। इस दौरान, श्री कल्याण मंदिर विधान की सभी मांगलिक क्रियाएं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुईं। पूरा जिनालय मंत्रोच्चार और जयकारों से गूंज उठा, जिससे वातावरण और भी अधिक आध्यात्मिक हो गया। सकल जैन समाज की भागीदारी इस अवसर पर, विधान में ओम प्रकाश जैन, इंद्रप्रकाश जैन, मनीष जैन, प्रवीन जैन, अजय जैन, नरेंद्र कुमार जैन, रवि जैन, शुभम जैन, अनिल जैन, रश्मि जैन, करुणा जैन, बीना जैन, कविता जैन, पुष्पा जैन, अंजू जैन सहित समस्त अवधपुरी सकल जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आयोजन ने समाज में धार्मिक सौहार्द और एकजुटता का संदेश दिया।

ओवरकॉन्फिडेंस ले डूबा कैंटर ड्राइवर को! लोगों ने रोका, पर नहीं माना… आगरा-राजस्थान बॉर्डर पर पार्वती नदी में बहे 4 लोग, रेस्क्यू जारी

आगरा। कभी-कभी आत्मविश्वास भी अति हो जाता है, और यही अति आत्मविश्वास आगरा-राजस्थान बॉर्डर पर एक कैंटर चालक की जान पर भारी पड़ गया। लोगों ने उसे पार्वती नदी के उफनते बहाव में कैंटर ले जाने से रोका, लेकिन वह नहीं माना और आखिरकार कैंटर सहित 4 लोग नदी में बह गए। यह दिल दहला देने वाली घटना आज लादूखेड़ा से रनौली रपट गांव लिंकरोड पर स्थित पार्वती नदी के पुल पर हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आंखों के सामने समाया कैंटर, 4 लोग डूबे मानसून के कारण पार्वती नदी इस समय उफान पर है और पुल के ऊपर से पानी तेजी से बह रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय लोगों ने कैंटर चालक को कई बार रोकने की कोशिश की, उसे चेतावनी भी दी, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी और कैंटर को पानी से भरे पुल पर चढ़ा दिया। थोड़ी ही देर में तेज बहाव में कैंटर संतुलन खो बैठा और नदी में समा गया। इस दौरान कैंटर में चार लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछे बैठे एक युवक ने किसी तरह नदी से बाहर निकलने की कोशिश की। उसे निकालने के लिए स्थानीय लोग और बचाव दल तुरंत मौके पर जुटे। खबर लिखे जाने तक, एक युवक को रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि दो अन्य लोग अभी भी लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और SDRF तथा पुलिस मौके पर मौजूद है। नदी के तेज बहाव और पानी की गहराई के कारण राहत कार्य में काफी परेशानी हो रही है। ताजगंज के निवासी थे सभी सवार, कबाड़ लेने जा रहे थे मनिया हादसे में शामिल सभी लोग आगरा के ताजगंज क्षेत्र के गोबर चौकी इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। वे कबाड़ का कारोबार करते हैं और मनिया में कबाड़ लेने जा रहे थे। कैंटर का चालक बमरौली कटरा का निवासी है। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप: कोई चेतावनी बोर्ड नहीं, बैरिकेडिंग भी नहीं स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुल पर पानी बहने के बावजूद वहाँ कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई थी। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इस पुल पर कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई स्थायी इंतजाम नहीं किए हैं, जिसकी वजह से आज यह बड़ा हादसा हुआ है।

मेयर-नगरायुक्त के घर ‘वाटरप्रूफ VIP ट्रीटमेंट’: पूरा आगरा डूबा, पर उनके बंगले के बाहर लगी ‘स्पेशल मोटर’!”

आगरा। पूरा आगरा शहर मूसलाधार बारिश से पानी-पानी हो गया है, सड़कें तालाब बन चुकी हैं, लेकिन शहर के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के घर के बाहर का नजारा कुछ और ही बयां करता है। जहाँ आम जनता 15 घंटे से अधिक समय से पानी में फंसी हुई है और ₹4.80 करोड़ की नई बनी सड़क पहली बारिश में ही धंस गई है, वहीं आगरा की मेयर हेमलता दिवाकर और नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के घरों के बाहर जल निकासी की “वीआईपी” व्यवस्था की गई है। नगरायुक्त के बंगले के ठीक सामने तो पानी निकालने के लिए एक खास पंप सेट लगाया गया है, ताकि साहब के घर के बाहर एक बूंद पानी भी न ठहरे! मेयर के पड़ोस में ‘पानी का तांडव’, लोग बोले – “मेयर ने सिर्फ अपना-अपना देखा!” मेयर हेमलता दिवाकर का घर आवासविकास सेक्टर 16 के पॉश इलाके में है। उनके निवास के पास भले ही सब ठीक हो, लेकिन उससे महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित पुष्पांजलि गार्डेनिया अपार्टमेंट और आस-पास की गलियों में लोग नरक जैसी जिंदगी जी रहे हैं। बुधवार शाम की बारिश का पानी गुरुवार को भी सड़कों और गलियों में भरा रहा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे 15 घंटे से नगर निगम के अधिकारियों का इंतजार कर रहे हैं। बंगाली पान-मसाले की दुकान के पास के गड्ढों में भरे पानी से आए दिन हादसे होते हैं। स्थानीय लोगों ने गुस्से में मेयर पर आरोप लगाया, “शहर में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। मेयर का घर पास में होने के बावजूद उन्होंने हमारी समस्या का समाधान नहीं किया। मेयर ने सिर्फ अपना-अपना देखा, जनता की परेशानियों को नजरअंदाज किया।” नगरायुक्त के बंगले पर ‘VIP सेवा’: जनता को जाम और बच्चों को जान का खतरा नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के घर के पास भी स्थिति ऐसी ही है, पर अंतर साफ है। सिकंदरा स्थित गुरु के ताल के सामने हाईवे पर जलभराव है, जिससे मेट्रो का काम भी प्रभावित हो रहा है और लोग जाम में फंस रहे हैं। बच्चों को जान जोखिम में डालकर बीच हाईवे से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। लेकिन, नगरायुक्त के घर के ठीक सामने का नजारा देखिए! नगर निगम ने उनके बंगले के सामने पानी भरने से रोकने के लिए विशेष पंप सेट लगा रखा है। यानी, शहर डूबे तो डूबे, लेकिन “साहब के घर के आगे पानी कैसे भर सकता है!” यह तस्वीर साफ दिखाती है कि जहाँ आम नागरिक बारिश से त्रस्त है, वहीं प्रशासन के प्रमुख लोगों के लिए “अपना काम बनता, भाड़ में जाए जनता” की नीति अपनाई जा रही है।

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ₹1.70 लाख का गांजा जब्त: दो सगे भाई गिरफ्तार, रायपुर से दिल्ली ले जा रहे थे खेप

आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने लगभग 17 किलोग्राम गांजे के साथ दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब ₹1.70 लाख बताई जा रही है। कैसे पकड़े गए आरोपी? पुलिस उपाधीक्षक रेलवे आगरा की देखरेख में थाना जीआरपी आगरा कैंट के नेतृत्व में एक पुलिस टीम लगातार मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिए अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत, आज कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1/6 पर लिफ्ट के पास चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया। पूछताछ करने पर उन्होंने अपनी पहचान सैंकी और विवेक सिंह के रूप में बताई। दोनों दिल्ली के सीलमपुर के रहने वाले सगे भाई हैं और दिल्ली में अलग-अलग किराए के कमरों में रहते हैं। रायपुर से लाए थे गांजा, दिल्ली ले जाने की फिराक में थे गिरफ्तार किए गए भाइयों ने पूछताछ में बताया कि वे यह गांजा रायपुर रेलवे स्टेशन से लाए थे। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद वे इसे दिल्ली ले जाने की फिराक में थे, जहाँ उन्हें इसे बेचना था। उनके कब्जे से कुल 16.270 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ धारा 8/20 NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई से रेलवे मार्ग से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

दलितों को मिला न्याय: आगरा के नगला कारे में मकान टूटने से बचे

धनौली के नगला कारे में 100 से अधिक परिवारों को प्रशासन से मिली राहत, जनप्रतिनिधियों का जताया आभार आगरा, गुरुवार, 31 जुलाई 2025, रात्रि 8:44 बजे आगरा, उत्तर प्रदेश: धनौली के मजरा नगला कारे में निवास कर रहे 100 से अधिक दलित परिवारों को अंततः बड़ी राहत मिल गई है। प्रशासन द्वारा उनके मकान तोड़े जाने के जारी किए गए आदेश को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने निरस्त कर दिया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर के सक्रिय हस्तक्षेप और जनहित में किए गए अथक प्रयासों का सीधा परिणाम माना जा रहा है। सांसद चाहर और भाजपा नेता उपेंद्र सिंह ने इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लिया और इसे अपनी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ उनके अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से पैरवी की। उनके निरंतर प्रयासों और समर्पण का ही फल है कि इन परिवारों पर मंडरा रहा बेघर होने का संकट टल गया है। इस सुखद निर्णय के बाद, भाजपा नेता एवं अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व प्रदेश कोऑर्डिनेटर उपेंद्र सिंह ने प्रधान और ग्रामीणों के साथ दिल्ली स्थित सांसद राजकुमार चाहर के आवास पर उनसे भेंट की। भाजपा नेता उपेंद्र सिंह के नेतृत्व में लोकेश प्रधान, डॉ. ब्रजेश बघेल, तेज कपूर, राकेश सोनी सहित कई प्रमुख लोगों ने सांसद का पट्टिका पहनाकर स्वागत किया और उनके इन प्रयासों के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों और पूरे दलित समाज ने सांसद के इस सराहनीय प्रयास की खुले दिल से सराहना की है। उन्होंने इस फैसले को न केवल प्रभावित परिवारों की जीत बताया, बल्कि इसे जनता की जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग और संवेदनशीलता समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

₹4.80 करोड़ की नई सड़क पहली ही बारिश में धंसी! आगरा में बोदला-लोहामंडी रोड पर हर 30 मीटर पर गड्ढे, डिवाइडर भी धंसा

आगरा। आगरा में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बोदला चौराहे से सेंट जॉन्स तक ₹4 करोड़ 80 लाख की लागत से बन रही सड़क का आधा काम पूरा भी नहीं हुआ कि इसी के बीच पड़ने वाला बोदला-लोहामंडी रोड पहली ही बारिश में बदहाल हो गया। नई बनी सड़क जगह-जगह धंस गई है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। हर 30 मीटर पर गड्ढे, डिवाइडर भी धंसा और कूड़ा भरा ‘भास्कर’ की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो हालात चौंकाने वाले थे। लोहामंडी चौराहे के बाद लगभग हर 30 मीटर पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दिए। किशोरपुरा पेट्रोल पंप के ठीक सामने, सड़क के बीचों-बीच बना डिवाइडर भी धंसा हुआ मिला और उसके दोनों तरफ की सड़क भी बुरी तरह टूट गई है। कई जगहों पर तो डिवाइडर में पौधे की जगह कूड़ा भरा हुआ दिखाई दिया, जो निर्माण और रखरखाव दोनों पर सवाल खड़े करता है। खराब सड़क की कुछ तस्वीरें: स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क कई साल बाद बनी थी, लेकिन पहली ही बारिश ने इसकी पोल खोल दी। इन गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को रोज दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और उखड़ी सड़क व धंसे डिवाइडर से हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। पार्षद बोले- “पाइपलाइन और भारी वाहनों से हुआ नुकसान, बारिश के बाद होगी मरम्मत” इस मामले पर क्षेत्रीय पार्षद संजीव सिकरवार ने सफाई देते हुए कहा कि किशोरपुरा पेट्रोल पंप के सामने सड़क इसलिए धंसी क्योंकि स्थानीय निवासियों ने बिना सूचना के पाइपलाइन डलवा दी थी। उनके अनुसार, भारी वाहनों के निकलने से पाइपलाइन टूट गई, जिससे सड़क धंस गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि बारिश का सीजन खत्म होने के बाद जहाँ-जहाँ सड़क धंसी है या जहाँ भी शिकायतें हैं, उन सभी जगहों पर मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही, बोदला-लोहामंडी रोड से सेंट जॉन्स तक का अधूरा निर्माण कार्य भी बारिश के बाद जल्द शुरू किया जाएगा। करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का पहली ही बारिश में इस तरह धंस जाना प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है।

आगरा में धूमधाम से मना भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस: 23 किलो का निर्वाण लाडू चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने की वंदना

आगरा में हर्षोल्लास से मनाया गया 23वें तीर्थंकर का निर्वाण महोत्सव, आचार्य चैत्य सागर जी का मुनि दीक्षा दिवस भी आयोजित आगरा, गुरुवार, 31 जुलाई 2025, रात्रि 8:15 बजे आगरा, उत्तर प्रदेश: धर्मनगरी आगरा आज एक अनुपम श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंग गई, जब जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर, श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस अत्यंत धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। यह पावन अवसर अतिशय क्षेत्र श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर नसिया जी, मोतीलाल नेहरू पीर कल्याणी रोड पर, आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन का केंद्रीय बिंदु आचार्य श्री 108 चैत्य सागर जी महाराज संसघ का सानिध्य रहा, जिनके 46वें मुनि दीक्षा दिवस का उत्सव भी इसी कड़ी में मनाया गया। कृत्रिम सम्मेद शिखरजी पर विशेष वंदना और 23 किलो का विशाल लड्डू अर्पण सुबह से ही नसिया जी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण महोत्सव के उपलक्ष्य में, यहां स्थापित कृत्रिम सम्मेद शिखरजी पर विशेष वंदना और पूजन का कार्यक्रम रखा गया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पर्वतराज शिखरजी की वंदना की, मानो वे साक्षात उस पवित्र स्थली पर पहुंच गए हों, जहां से 23वें तीर्थंकर ने मोक्ष प्राप्त किया था। इस अवसर पर भगवान पार्श्वनाथ के चरणों में 23 किलो का एक विशाल लड्डू श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया, जो भक्तों की अटूट आस्था और समर्पण का प्रतीक बन गया। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी था और इसने उपस्थित सभी लोगों को भक्तिमय कर दिया। 108 कलशों से अभिषेक और पावन पूजन विधि महोत्सव का एक और प्रमुख आकर्षण श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ का 108 कलशों से भव्य अभिषेक रहा। वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच, विद्वान पंडितों और श्रावकों ने भगवान की प्रतिमा का कलशों से अभिषेक किया। अभिषेक के उपरांत, दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट का कार्यक्रम संपन्न हुआ। समूचा वातावरण “जय पार्श्वनाथ” के जयकारों से गुंजायमान था, जिससे मंदिर परिसर में एक अलौकिक ऊर्जा का संचार हो रहा था। संगीत की धुन पर भजनों से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर पूजन विधि को और भी अधिक मनोहारी बनाने के लिए, विशाल जैन पार्टी ने संगीतमय भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनें और उनके भावपूर्ण बोल सीधे हृदय में उतर रहे थे, जिससे उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्ति के गहरे सागर में डूब गए। भजनों के साथ-साथ पूजन कार्यक्रम चलता रहा, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हुई। पुण्यार्जन का सौभाग्य और विशेष लाडू अर्पण इस पावन अवसर पर अनेक पुण्यार्जक परिवारों को विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शांतिधारा का पुण्यलाभ श्री नेम शरण जैन को प्राप्त हुआ, जिन्होंने जैन धर्म की प्राचीन परंपराओं के अनुसार यह महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न किया। आचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज का पाद प्रक्षालन गुरु भक्त परिवार ने किया, जो गुरु के प्रति अपनी असीम श्रद्धा और सम्मान का प्रदर्शन था। इसके अतिरिक्त, 23 किलो के विशाल लड्डू के बाद, अनेक पुण्यार्जकों ने छोटे-बड़े लड्डू चढ़ाकर अपनी आस्था व्यक्त की: इन सभी पुण्यार्जकों को सकल जैन समाज और आयोजकों द्वारा सम्मानित किया गया, जिन्होंने इस धर्मकार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। आचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज ने बताया भगवान पार्श्वनाथ का गौरवशाली महत्व आचार्य श्री 108 चैत्य सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में भगवान पार्श्वनाथ के ऐतिहासिक और गौरवशाली महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “जैन धर्म में 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। वर्तमान में वे सबसे लोकप्रिय और श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्रबिंदु हैं। उनका जन्म काशी (बनारस) के महाराजा अश्वसेन और महारानी वामादेवी के यहां पौष कृष्ण एकादशी के दिन हुआ था।” आचार्य श्री ने आगे बताया कि भगवान पार्श्वनाथ को जनमानस में ‘चिंतामणि’, ‘विघ्नहर्ता’ और ‘संकटमोचक’ जैसे नामों से भी जाना जाता है, क्योंकि वे भक्तों की चिंताओं को हरते हैं और उनके संकटों को दूर करते हैं। उपसर्ग विजेता पार्श्वनाथ: क्षमा और समता का प्रतीक आचार्य श्री ने भगवान पार्श्वनाथ को ‘उपसर्ग विजेता’ और ‘क्षमा का प्रतीक’ बताते हुए उनके जीवन की गहराइयों को समझाया। उन्होंने कहा, “प्रत्येक व्यक्ति जीवन में उत्कर्ष चाहता है, उन्नति चाहता है, लेकिन वह उपसर्गों, कष्टों और संघर्षों से बचना चाहता है। पर सत्य यह है कि बिना उपसर्गों के, बिना संघर्ष के, बिना चुनौतियों के जीवन में वास्तविक उत्कर्ष संभव नहीं।” उन्होंने जोर देकर कहा, “जो व्यक्ति जीवन में आने वाले उपसर्गों और चुनौतियों को समता भाव से सहन करता है, वह साधारण मानव से भगवान भी बन जाता है।” इस संदर्भ में आचार्य श्री ने मरुभूति के जीव का अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मरुभूति के जीव ने अपने दस भव तक अपने सगे भाई कमठ द्वारा दिए गए अनगिनत उपसर्गों को समतापूर्वक सहन किया। उसी मरुभूति का जीव आगे चलकर तीर्थंकर पार्श्वनाथ बन गया। यह कहानी हमें सिखाती है कि कैसे क्षमा, धैर्य और समता किसी भी जीव को सर्वोच्च अवस्था तक पहुंचा सकती है। भगवान पार्श्वनाथ का जीवन इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि कैसे भीषण से भीषण कष्टों को भी धैर्यपूर्वक सहन करके व्यक्ति स्वयं को परमात्मा के रूप में प्रतिष्ठित कर सकता है। कुशल मंच संचालन और अतिथि सम्मान पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया। उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी और व्यवस्थित प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इस अवसर पर आगरा से बाहर से आए हुए अनेक अतिथियों का आगरा दिगंबर जैन परिषद द्वारा विशेष सम्मान किया गया, जिससे सौहार्द और एकता का संदेश प्रसारित हुआ। आगरा दिगंबर जैन परिषद की सक्रिय भागीदारी इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आगरा दिगंबर जैन परिषद की सक्रिय भूमिका रही। परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीष जैन (ठेकेदार), अर्थ मंत्री राकेश जैन (पर्दे वाले), और उनके साथ विमलेश जैन (मार्सन्स), जितेंद्र जैन, पूर्व मंत्री सुनील जैन (ठेकेदार), पारस बाबू जैन, राजेंद्र जैन, रमेश जैन (राशन वाले), विमल जैन, सुशील जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन (मोनू), सुनील जैन (काका), सुबोध पाटनी, नरेश पंडिया, अनिल जैन, अनुज जैन (क्रांति), कुमार मंगलम जैन, दीपक जैन, मीडिया प्रभारी आशीष जैन (मोनू) और राहुल जैन सहित सकल जैन समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। उनकी … Read more

आगरा में 4 होमगार्डों को बिल्ली की देखभाल में लगाया: “SP ट्रैफिक की पालतू है, कुछ हुआ तो एक्शन होगा!” – बाद में निकला सब ‘अफवाह’

आगरा। आगरा पुलिस लाइन में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। यहाँ एक बिल्ली की ‘सिक्योरिटी’ के लिए 4 होमगार्डों को ड्यूटी पर लगा दिया गया। शिफ्ट इंचार्ज कॉन्स्टेबल ने इन होमगार्डों से कहा कि यह बिल्ली SP ट्रैफिक अभिषेक कुमार की पालतू है और अगर उसे कुछ हुआ तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन, बाद में पता चला कि यह पूरी बात ही ‘अफवाह’ थी और बिल्ली लावारिस थी! होमगार्ड्स ने बताया पूरा मामला: 12 घंटे की ‘बिल्ली ड्यूटी’ होमगार्ड्स (एचजी 1411 पवन पाराशर, एचजी 1335 निजाम खान, एचजी 1185 सत्यपाल और पीआरडी एदल सिंह) की ड्यूटी पुलिस लाइन में ‘बंदशुदा’ (बंद जगह) की निगरानी के लिए लगी थी। 30 जुलाई को जब वे ड्यूटी पर आए, तो कॉन्स्टेबल योगेश कुमार ने उन्हें एक बिल्ली दिखाई। होमगार्ड्स के अनुसार, योगेश कुमार ने उनसे कहा: 12 घंटे तक बिल्ली की ‘देखभाल’ करने के बाद, होमगार्ड्स को पता चला कि यह बिल्ली एसपी ट्रैफिक की है ही नहीं। इसके बाद एक होमगार्ड ने अपने ऑफिशियल ग्रुप पर बिल्ली के बच्चे की फोटो के साथ यह पूरा मैसेज लिखा, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। पुलिस का आया स्पष्टीकरण: “अफवाह है, बिल्ली लावारिस!” मामला गरमाने के बाद दैनिक भास्कर ने जब इसकी तहकीकात की, तो सामने आया कि ट्रैफिक पुलिस लाइन में एक बिल्ली ने बच्चे दिए थे। उसके एक बच्चे पर कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिससे उसे चोट लग गई थी। उसे कुत्तों से बचाने के लिए गाड़ियों की पार्किंग वाले एरिया में रख दिया गया था। माना जा रहा है कि लाइन में रहने वाले एक कॉन्स्टेबल ने होमगार्डों को गुमराह कर दिया था। आगरा ट्रैफिक पुलिस की मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया, लेकिन उनके जवाब भी अलग-अलग थे: होमगार्डों का कहना है कि उनकी भर्ती सुरक्षा ड्यूटी के लिए हुई थी, न कि बिल्ली की देखभाल करने के लिए। यह मामला आगरा पुलिस प्रशासन में चर्चा का विषय बन गया है।

आगरा के गुदड़ी मंसूर खां जैन मंदिर में धूमधाम से मना प्रभु पार्श्वनाथ का निर्वाण कल्याणक, चढ़ाया विशाल निर्वाण लाडू

आगरा। गुदड़ी मंसूर खां स्थित श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर में इन दिनों सोलह दिवसीय शांतिनाथ महामण्डल विधान का भव्य आयोजन चल रहा है, जिसका कुशल निर्देशन पंडित सौरभ जैन शास्त्री और पंडित रविंद्र जैन शास्त्री कर रहे हैं। इसी विधान के अंतर्गत, गुरुवार 31 जुलाई, 2025 को प्रभु पार्श्वनाथ का निर्वाण कल्याणक महोत्सव बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। अभिषेक-शांतिधारा और निर्वाण लाडू का अर्पण महोत्सव की शुरुआत में सबसे पहले भक्तों ने प्रभु पार्श्वनाथ का अभिषेक और शांतिधारा संपन्न की। इसके बाद, उपस्थित सभी भक्तों ने सामूहिक रूप से निर्वाण कांड का वाचन किया। इस दौरान, सवा दो-दो किलो के 5 लाडू और एक विशाल 23 किलो का निर्वाण लाडू प्रभु पार्श्वनाथ के समक्ष श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया। पूरे मंदिर परिसर में प्रभु पार्श्वनाथ के जयकारों से गूंज सुनाई दे रही थी, जिससे भक्तिमय वातावरण बन गया। बड़ी संख्या में उपस्थित रहे श्रद्धालु इस पावन अवसर पर मंदिर व्यवस्थापक सुभाष जैन, नरेश जैन, राकेश जैन पार्षद, वीरेंद्र जैन, अशोक जैन, प्रमोद कुमार जैन, रविंद्र जैन, अभिषेक जैन, राकेश जैन, धर्मेंद्र जैन, सुमन जैन, सुनीता जैन, शशि जैन, अल्पना जैन, पूनम जैन, राजकुमारी जैन, कांता जैन, लक्ष्मी जैन सहित समस्त गुदड़ी मंसूर खां जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी भक्तों ने निर्वाण कल्याणक महोत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाया।

आगरा में 3 घंटे की मूसलाधार बारिश से हाहाकार: शहर डूबा, सड़कें बनीं तालाब, गाड़ियां रेंगती दिखीं!

आगरा। गुरुवार दोपहर को हुई महज 3 घंटे की तेज बारिश ने आगरा शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। मूसलाधार बारिश के चलते शहर की सड़कें और कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाले और नालियां उफन पड़े, और सड़कें किसी तालाब से कम नहीं लग रही थीं। घरों-दुकानों में घुसा पानी, यातायात व्यवस्था चरमराई बारिश का पानी तेजी से लोगों की दुकानों और मकानों में घुस गया, जिससे कई लोग अपने घरों में कैद हो गए। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और जगह-जगह लंबा जाम लग गया। सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई और वे रेंगती नजर आईं। शहर के कई इलाकों में गाड़ियां बंद पड़ गईं, जिन्हें राहगीरों की मदद से किनारे लगाना पड़ा। सड़कों पर एक फुट तक पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। इन इलाकों में दिखा सबसे बुरा हाल बारिश का सबसे अधिक असर शहर के व्यस्ततम इलाकों में देखने को मिला। हर बारिश में एक ही कहानी: कब सुधरेगी जल निकासी व्यवस्था? यह पहली बार नहीं है जब आगरा में थोड़ी सी बारिश के बाद शहर जलमग्न हो गया हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी ही स्थिति बनी है, जब लोगों को जलभराव और घंटों लंबे जाम का सामना करना पड़ा है। शहर की बेहद खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण यह समस्या हर साल और गंभीर होती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि बारिश उनके लिए आफत न बने।

S.N. मेडिकल कॉलेज में नर्सों को ‘नीडल स्टिक इंजरी’ से बचाव का दिया गया प्रशिक्षण

शाम 07:00 बजे, 31 जुलाई 2025 | स्थान: आगरा आगरा। स्वास्थ्य सेवा के दौरान नर्सिंग स्टाफ की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए, गुरुवार को एस. एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा में नर्सिंग स्टाफ के लिए “नीडल स्टिक इंजरी एवं बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के कुशल नेतृत्व में किया गया, जिसमें प्रमुख अधीक्षक डॉ. ब्रजेश शर्मा की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग स्टाफ को अस्पतालों में काम करते समय होने वाली ‘नीडल स्टिक इंजरी’ (सुई लगने से होने वाली चोट) के खतरों, उससे बचाव के तरीकों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित वैज्ञानिक निपटान के प्रति जागरूक करना था। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव: डॉ. संतोष कुमार कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए चेस्ट एवं टी.बी. विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, डॉ. संतोष कुमार ने अपने संबोधन में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, “आप सभी स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं, लेकिन आपकी अपनी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। नीडल स्टिक इंजरी केवल एक सामान्य चोट नहीं है, यह एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी जैसे गंभीर संक्रमणों का प्रवेश द्वार हो सकती है। आपकी एक छोटी सी लापरवाही न केवल आपके लिए, बल्कि आपके परिवार और समाज के लिए भी जोखिमपूर्ण हो सकती है। इसलिए, जागरूकता और सतर्कता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।” तकनीकी सत्रों में मिली गहन जानकारी कार्यशाला के तकनीकी सत्र का संचालन सहायक आचार्य, डॉ. पारुल गर्ग ने किया। उन्होंने नर्सों को नीडल स्टिक इंजरी के प्रकार, इसके कारणों और जोखिमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण विषय, पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफाइलेक्सिस (PEP) पर गहन जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि यदि दुर्भाग्यवश चोट लग भी जाती है, तो तत्काल क्या कदम उठाने चाहिए और कैसे PEP ट्रीटमेंट संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। इसके बाद, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. प्रज्ञा शाक्य ने बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अस्पतालों से निकलने वाले कचरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने विभिन्न रंग के कूड़ेदानों (लाल, पीला, नीला, काला) के महत्व को समझाते हुए बताया कि किस प्रकार का कचरा (सुई, सिरिंज, खून से सनी पट्टियां, प्लास्टिक) किस कूड़ेदान में जाना चाहिए ताकि उसका सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान हो सके। सिद्धांत के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण पर जोर इस कार्यशाला की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं दिया गया, बल्कि प्रायोगिक प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया। अस्पताल प्रशासन से जुड़ीं डॉ. स्वाति चौधरी ने नर्सिंग स्टाफ को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी। इस सत्र में उन्होंने सही तरीके से सुई को डिस्पोज करने, बिना हाथ लगाए नीडल कैप को वापस लगाने (scoop method) और आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों का जीवंत प्रदर्शन किया। इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और उसे सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने का श्रेय माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. आरती अग्रवाल अग्रवाल को जाता है। उनके कुशल संयोजन के कारण ही यह कार्यशाला अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल रही। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और एक सुरक्षित अस्पताल वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। Photo Gallery–

“तूने मेरी मीट की दुकान बंद करवाई, अब टॉयलेट भी नहीं करने देगी!” आगरा में ये कहकर आरोपी ने परिवार को पीटा, सड़क पर फेंका सामान

आगरा। आगरा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दुकान के पास ‘टॉयलेट’ करने से रोकना एक दुकानदार को और उसके परिवार को भारी पड़ गया। आरोपी ने गुस्से में कहा, “तूने पहले मेरी मीट की दुकान बंद करवा दी, अब टॉयलेट भी नहीं करने देगी!” इसके बाद उसने दुकानदार और उसके परिवार को बेरहमी से पीटा और दुकान का सारा सामान भी सड़क पर फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। क्या है पूरा मामला? पुराने विवाद की भी बू सदर थाने में दर्ज कराए गए केस के अनुसार, शहीद नगर निवासी सोनू देवी ने बताया कि उनके पति श्याम सिंह परचून की दुकान चलाते हैं। सोमवार रात करीब 10 बजे तौफीक नाम का एक युवक उनकी दुकान और मकान के पास ‘टॉयलेट’ कर रहा था। जब सोनू देवी ने उसे रोका, तो आरोपी भड़क गया। आरोपी तौफीक ने कहा, “तूने पहले तो हमारी मीट की दुकान बंद करा दी। अब टॉयलेट भी नहीं करने देगी!” इसके बाद वह गाली-गलौज करने लगा। जब सोनू देवी के पति श्याम सिंह ने विरोध किया, तो तौफीक अपने भाई मोसिन और मौसी के लड़के मुस्तकीम, मुन्ना व उनके पिता सल्लो खान को बुला लाया। सभी ने मिलकर पूरे परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट की और दुकान का सारा सामान बाहर फेंक दिया। जगदीशपुरा की घटना से बढ़ी चिंता: ‘टोकने’ पर हत्या का मामला यह घटना आगरा में बढ़ रही असहिष्णुता और मामूली बातों पर हिंसक झड़पों को दर्शाती है। कुछ दिन पहले ही जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में एक ऐसी ही घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया था। 23 जुलाई की रात, वंशीधर का बाड़ा निवासी अशोक कुमार को उनकी दुकान के बाहर शराब पी रहे पड़ोसियों को टोकना महंगा पड़ गया था। आरोपियों ने मारपीट के दौरान अशोक कुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और वे प्रशासन से ऐसी हरकतों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि छोटी-मोटी बातों पर होने वाले ये विवाद खूनी संघर्ष में न बदलें। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

आगरा यूनिवर्सिटी में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल का ‘नाइट स्टे’: NAAC सहित कई मुद्दों पर अधिकारियों संग की समीक्षा, आज मिलेंगी प्रिंसिपलों से

आगरा। उत्तर प्रदेश की कुलाधिपति (राज्यपाल) आनंदीबेन पटेल ने बुधवार रात डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के खंदारी स्थित गेस्ट हाउस में ‘नाइट स्टे’ किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई। गेस्ट हाउस में हुई अहम बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा बुधवार को आगरा में दो कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद, कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पहुंचीं, जहाँ उच्च शिक्षा मंत्री भी उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। यहीं पर अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें कई अहम मुद्दों पर कुलाधिपति को विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में मुख्य रूप से इन विषयों पर चर्चा हुई: आज योग वाटिका का उद्घाटन और प्रिंसिपलों से भेंट गुरुवार (आज) सुबह कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल खंदारी परिसर में नव निर्मित योग वाटिका का उद्घाटन करेंगी। इसके बाद वे सरकारी कॉलेज प्रतिनिधियों और AIDED कॉलेजों के प्राचार्यों (प्रिंसिपलों) के साथ एक बैठक करेंगी। इस बैठक के बाद, वे कृषि विज्ञान केंद्र, इटावा के लिए रवाना होंगी। कुलाधिपति का यह दौरा विश्वविद्यालय के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा और सुधार पर केंद्रित रहा है।

रजिस्ट्री महंगी! आगरा में आज ही करा लें काम, कल से 50% तक बढ़ जाएंगे सर्किल रेट, लगेगी मुहर!

आगरा। अगर आप आगरा में कोई जमीन, मकान या दुकान खरीदने का सोच रहे हैं, तो आज ही रजिस्ट्री करा लें! शहर में प्रॉपर्टी खरीदना कल यानी 1 अगस्त से महंगा होने वाला है। निबंधन विभाग द्वारा प्रस्तावित नए सर्किल रेट पर आज (गुरुवार, 31 जुलाई) मुहर लगेगी, जिससे जमीनों के दाम 50% तक बढ़ सकते हैं। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के मुताबिक, प्रस्तावित सूची पर आज हस्ताक्षर हो जाएंगे और इसे 1 अगस्त से लागू कर दिया जाएगा। कहां कितनी बढ़ेगी कीमत? जानें पूरा गणित नए सर्किल रेट लागू होने से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, हर तरह की प्रॉपर्टी महंगी हो जाएगी। संजय प्लेस, सदर बाजार, एमजी रोड और फतेहाबाद रोड जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में तो 40 से 50% तक सर्किल रेट बढ़ेंगे। 6 साल बाद बढ़ रहे हैं दाम, अब नहीं मिलेगी मोहलत! आगरा में आखिरी बार सर्किल रेट में बदलाव अगस्त 2017 में हुआ था, यानी लगभग 6 साल पहले। 2021 में नए निर्धारण की बात थी, लेकिन यह टल गया था। तब से कई बार कवायद हुई, पर दाम नहीं बढ़े। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने साफ कर दिया है कि “1 अगस्त से जिले में नए सर्किल रेट लागू हो जाएंगे। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। 31 जुलाई को इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।” इससे उन लोगों को बड़ा झटका लगेगा, जो रजिस्ट्री कराने में देर कर रहे थे। अब उन्हें अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।

आगरा में भारत विकास परिषद समाज की चुनौतियों पर सक्रिय: युवाओं में तनाव पर मंथन, पर्यावरण संरक्षण को बांटे तुलसी-नीम के पौधे

आगरा। भारत विकास परिषद की विभिन्न शाखाएं सामाजिक सरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। जहाँ एक ओर नवज्योति शाखा ने युवाओं में बढ़ते तनाव और पारिवारिक विघटन पर गहन विचार गोष्ठी का आयोजन किया, वहीं समर्पण शाखा ने पर्यावरण जागरूकता के तहत राहगीरों को तुलसी और नीम के पौधे वितरित किए। युवाओं में बढ़ते अवसाद, तलाक और अकेलेपन पर मंथन भारत विकास परिषद की नवज्योति शाखा ने ‘संस्कृति माह’ के अंतर्गत वाटर वर्क्स स्थित अतिथिवन में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया। इस गोष्ठी में समाज में तेजी से बढ़ रही पारिवारिक एवं मानसिक चुनौतियों पर गंभीर विमर्श हुआ। इस कार्यक्रम में अनिल अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, गौरव बंसल, नितिन अग्रवाल, नीलू जैन, डॉ. कल्पना अग्रवाल सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। समर्पण शाखा ने बांटे 500 तुलसी-नीम के पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश भारत विकास परिषद की समर्पण शाखा ने संजय प्लेस स्थित स्पीड कलर लैब चौराहा पर एक अनूठा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के तहत राहगीरों को लगभग 500 तुलसी और नीम के पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर राजीव अग्रवाल, मनीष गोयल, विशाल मित्तल, रेखा, नमिता, पूजा, साधना सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन दोनों कार्यक्रमों ने भारत विकास परिषद की आगरा शाखाओं की समाज के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया।

आगरा में ‘लेडी सिंघम’ CDO का हंटर: तेज-तर्रार IAS प्रतिभा सिंह ने रोका BSA का वेतन, मीटिंग रद्द कर दिया भ्रष्टाचार का संदेश!

आगरा। आगरा में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रतिभा सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) जितेंद्र कुमार गोंड का वेतन रोक दिया है और जिला टास्क फोर्स (DTF) की एक महत्वपूर्ण बैठक भी रद्द कर दी। अपने तेज-तर्रार और ‘लेडी सिंघम’ जैसे अंदाज के लिए जानी जाने वाली IAS प्रतिभा सिंह ने यह एक्शन BSA पर लापरवाही और भ्रष्टाचार की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मीटिंग में ‘गायब’ हुईं महत्वपूर्ण सूचनाएं, CDO का पारा हाई! विकास भवन सभागार में CDO प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की DTF की बैठक होनी थी। पिछली कई बैठकों में CDO ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मृतक आश्रित नियुक्ति और निलंबित शिक्षकों की बहाली से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं बैठक की बुकलेट में शामिल की जाएं। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि BSA जितेंद्र कुमार गोंड द्वारा ये जरूरी जानकारी बुकलेट में शामिल नहीं की गई। इसे देखते ही CDO प्रतिभा सिंह का पारा चढ़ गया। उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए न केवल बैठक को तुरंत स्थगित कर दिया, बल्कि BSA को सभी सूचनाओं के साथ नई रिपोर्ट तैयार करने का सख्त आदेश भी दिया। ‘मोटी वसूली’ के आरोपों पर सीधा वार: वेतन रोकने का फरमान! CDO प्रतिभा सिंह के इस कड़े कदम के पीछे BSA पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप भी हैं। बताया जा रहा है कि अध्यापकों के निलंबन और बहाली में BSA द्वारा ‘मोटी धनराशि वसूलकर अपने चहेते शिक्षकों को मनमानी जगह बहाली देने’ की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जब इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज जांच समिति को उपलब्ध नहीं कराए गए, तो CDO ने बिना किसी देरी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का वेतन रोकने का आदेश दे दिया। आदेश में साफ कहा गया है कि जब तक सभी आवश्यक अभिलेख जमा नहीं किए जाते, वेतन जारी नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है जो अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। कौन हैं IAS प्रतिभा सिंह? ‘जीरो टॉलरेंस’ वाली अधिकारी! प्रतिभा सिंह 2020 UPSC बैच की एक युवा और बेहद प्रभावशाली IAS अधिकारी हैं। आगरा में मुख्य विकास अधिकारी का पदभार संभालने के बाद से ही वह अपने सख्त निर्णयों, त्वरित कार्रवाई और ‘जीरो टॉलरेंस’ रवैये के लिए चर्चा में रही हैं। CDO प्रतिभा सिंह का यह कदम आगरा के प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक बड़ा संदेश है, और यह दिखाता है कि वह किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगी।

ट्रेनों पर ‘मस्ती’ के लिए पत्थर फेंकते थे बच्चे: आगरा कैंट RPF ने 4 नाबालिगों को पकड़ा, 27 जुलाई को तोड़े थे ट्रेन के शीशे

आगरा। आगरा में बिल्लोचपुरा-रुनकता रेलवे स्टेशन के बीच चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की बढ़ती शिकायतों के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) आगरा कैंट ने कार्रवाई करते हुए चार बच्चों को पकड़ा है। इन बच्चों ने खुलासा किया है कि वे केवल ‘मस्ती’ के लिए ट्रेनों पर पत्थर फेंकते थे और आपस में शर्त भी लगाते थे कि किसके पत्थर से शीशा टूटेगा। एसी कोच के शीशे बनते थे निशाना, RPF ने की कड़ी निगरानी पिछले कुछ समय से रुनकता और बिल्लोचपुरा स्टेशन के बीच ट्रेनों पर पत्थर मारकर शीशे तोड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, आगरा कैंट आरपीएफ ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने कई दिनों तक लगातार क्षेत्र की निगरानी की। ट्रेन के गुजरने के समय आरपीएफ की टीम छिपकर स्थिति पर नजर रखती थी। 27 जुलाई को भी एक ट्रेन के एसी कोच के शीशे पत्थर लगने से टूट गए थे। इस घटना के तुरंत बाद, आरपीएफ की टीम ने मौके से चार बच्चों को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि ये सभी बच्चे दहतोरा गांव के रहने वाले हैं। बच्चों ने बताया कि वे सिर्फ मनोरंजन के लिए ट्रेनों पर पत्थर फेंकते थे। वे आपस में यह भी शर्त लगाते थे कि किसका पत्थर शीशे पर लगेगा और कौन शर्त जीतेगा। चौंकाने वाली बात यह है कि वे विशेष रूप से एसी कोच के शीशों को ही निशाना बनाते थे। आरपीएफ ने बच्चों के अभिभावकों को सूचना दे दी है और बताया है कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है, खासकर जब यह ‘मस्ती’ के नाम पर की जा रही हो।

आगरा: मोतीकटरा जैन मंदिर में ‘श्रीजी विराजमान समारोह’ संपन्न, नेमिनाथ भगवान के जन्म-तप कल्याणक पर उमड़ी श्रद्धा

आगरा। मोतीकटरा स्थित जत्ती कटरा के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के जन्म एवं तप कल्याणक के पावन अवसर पर ‘श्रीजी विराजमान समारोह’ अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह समारोह आचार्यश्री चैत्यसागर जी महाराज एवं गुरुमां शाश्वतमति माता जी ससंघ के दिव्य सान्निध्य में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया। अभिषेक, शांतिधारा और विधि-विधान से प्रतिमाएं विराजमान कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को पवित्र कर दिया। इसके बाद, विधानाचार्य पंडित जिनेन्द्र जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में श्रीजी की प्रतिमाओं को वैदिक विधि-विधान के साथ वेदी में स्थापित (विराजमान) कराया गया। इस शुभ अवसर पर, सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभु पार्श्वनाथ के समक्ष सामूहिक रूप से निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस पूरे आयोजन में भक्ति और संयम का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हुई। आचार्यश्री का आशीर्वाद और भक्तिमय संगीत मोती कटरा जैन समाज के श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री चैत्यसागर जी महाराज के चरणों में श्रीफल भेंट कर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में धर्मभाव, श्रद्धा और संगठन की एक अनुपम छवि दिखाई दी। भक्ति संगीत शशि पाटनी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने बेहद प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर निर्मल मौठया, पंकज जैन, संजीव जैन, पन्नालाल गोधा, अशोक सेठी, कमल जैन, आकाश जैन, अमन जैन, दीपक जैन, हुकम जैन, शुभम जैन सहित मोती कटरा जैन समाज के अनेक सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

आगरा जिला अस्पताल की 3 कुक को नोटिस: ’50-50 हजार रुपये न देने पर नौकरी से हटाया’, कैबिनेट मंत्री तक पहुंचा मामला

आगरा। आगरा के जिला अस्पताल में कुक के तौर पर काम करने वाली तीन महिलाओं ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनसे नौकरी पर बने रहने के लिए 50-50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई, और रिश्वत न देने पर उन्हें नोटिस देकर काम से हटा दिया गया है। इन महिलाओं ने अपनी शिकायत कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान तक पहुंचाई है। 15 साल से काम कर रही थीं आउटसोर्सिंग पर पीड़ित महिलाओं, रानी देवी, अमरजीत कौर और ममता पाल का कहना है कि वे पिछले 15 सालों से डाटा पावर कंप्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर जिला अस्पताल में खाना बनाने का काम कर रही थीं। मरीजों के लिए खाना बनाने के साथ ही वे उसे बांटने का काम भी करती थीं। ममता पाल ने बताया कि उनके परिवारों की आजीविका पूरी तरह से इसी नौकरी पर निर्भर है। तीनों महिलाओं का आरोप है कि उनसे 50-50 हजार रुपये मांगे गए, और जब उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो उन्हें एक महीने का नोटिस देकर काम से हटाया जा रहा है। अमरजीत कौर का भी यही आरोप है कि पैसे न देने के कारण ही उन्हें नोटिस मिला है। ‘एक लाख लेकर नए कुक को रखा’ और कैबिनेट मंत्री ने लिखा पत्र महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल के अधिकारियों ने एक लाख रुपये लेकर एक नए कुक को नौकरी पर रख लिया है। उनका कहना है कि यह उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र साधन है और इस कार्रवाई से उनके परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रानी देवी ने बताया कि उन्होंने कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य से मुलाकात कर अपनी पूरी समस्या बताई। इस पर कैबिनेट मंत्री ने जिलाधिकारी (DM) को पत्र लिखकर तीनों महिलाओं को फिर से बहाल करने का अनुरोध किया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इस पर एक महीने का समय मांगा है। महिलाएं अपनी बात पर अड़ी हैं कि उन्हें सिर्फ इसलिए हटाया गया है क्योंकि उन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया। यह मामला जिला अस्पताल में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर रहा है।

आगरा की ‘लाइफलाइन’ MG रोड बदहाल: गड्ढों का राज, घंटों का जाम और बारिश में जलभराव से लोग बेहाल!

आगरा। कभी शहर की शान और लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) अब आगरावासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। जगह-जगह बने गड्ढे, मेट्रो निर्माण के कारण संकरी हो चुकी लेन और बारिश के दिनों में भारी जलभराव ने इस व्यस्ततम सड़क को बदहाल कर दिया है। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर जो स्थिति देखी, वह चिंताजनक है। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक बदहाली का आलम एमजी रोड पर भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक लगभग पूरे मार्ग पर गड्ढों और लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो परियोजना के चलते सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। ऊपर से सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गहरे गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते सफर को बेहद मुश्किल बना देते हैं। हर दिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन विशेष रूप से सुबह ऑफिस और स्कूल-कॉलेज के समय और शाम को घर लौटते समय ट्रैफिक जाम चरम पर होता है। सैंट जॉन्स चौराहे और सूरसदन चौराहे से पहले भी सड़क की स्थिति बेहद खराब है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में और बिगड़ते हालात, सिर्फ खानापूर्ति का पैचवर्क बारिश होने पर एमजी रोड की हालत और भी बदतर हो जाती है। गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को परेशानी होती है। हादसों का डर हमेशा बना रहता है। सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं दिख रहा है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। राजा मंडी चौराहे पर भी ऐसा ही पैचवर्क देखा गया, जो बारिश में फिर से धुल जाता है। मेट्रो परियोजना बेशक शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन जब तक इसके साथ यातायात प्रबंधन और सड़कों की उचित मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक शहरवासियों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि शहर की लाइफलाइन को फिर से सुचारु बनाया जा सके।

आगरा पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल: नेशनल चैंबर में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ दिए, क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी का भी करेंगी उद्घाटन

आगरा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार दोपहर आगरा पहुंचीं। शहर आगमन पर मेयर हेमलता दिवाकर और पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने साफा पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। राज्यपाल ने अपने दौरे की शुरुआत नेशनल चैंबर के स्थापना दिवस कार्यक्रम से की, जहाँ उन्होंने 6 अध्यक्षों को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया। “भारत एक अर्थव्यवस्था नहीं, रोल मॉडल बन गया है”: राज्यपाल नेशनल चैंबर के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आगरा जैसी ऐतिहासिक नगरी व्यापार के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रही है और देश के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने इस गौरवशाली अवसर पर पूर्व अध्यक्षों और व्यापारियों को धन्यवाद दिया, जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। राज्यपाल ने जोर देकर कहा, “भारत एक अर्थव्यवस्था नहीं, एक रोल मॉडल बन गया है। भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व दे रहा है।” उन्होंने बताया कि देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, और आज का युवा नए विचारों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “आई लव यू युवा को रोजगार मिल रहा है, यह किसी क्रांति से कम नहीं है।” राज्यपाल ने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार पूरी नीयत और नीति से इस दिशा में काम कर रही है और उन्हें समाजसेवियों और उद्योगों का सहयोग चाहिए। उन्होंने सभी से भारत सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का आह्वान किया। इन दिग्गजों को मिला ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम में केके पालीवाल, शांति स्वरूप गोयल, अमरनाथ गोयल, राजकुमार अग्रवाल, प्रेम सागर अग्रवाल, प्रदीप कुमार और अतुल कुमार गुप्ता को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए। इस कार्यक्रम के बाद, राज्यपाल ब्रिटिश समय की क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी का उद्घाटन करेंगी, जिसका 3.30 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया गया है। इसमें अब डिजिटल लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्ष 1911 में स्थापित यह लाइब्रेरी अब 19 कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा के साथ पुनः शुरू हो गई है, और 100 से अधिक लोग इसके सदस्य बन चुके हैं। राज्यपाल विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगी। बुधवार रात को वे यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में ही रुकेंगी और 31 जुलाई को सुबह प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विद्यालयों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक करने के बाद इटावा के लिए रवाना होंगी।

आगरा पहुंचते ही राज्यपाल के कुलपति ने छुए पैर: वीडियो वायरल होने से विवाद, कार्यकाल विस्तार की अटकलें तेज!

आगरा। आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी द्वारा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के पैर छूने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने शहर में एक नई बहस छेड़ दी है और कुलपति के इस कृत्य पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। राज्यपाल दो दिवसीय दौरे पर आगरा में हैं, जहां वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। गेस्ट हाउस पहुंचते ही कुलपति ने छुए पैर, फिर पुलिस कमिश्नर ने किया सैल्यूट राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार दोपहर को यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस पहुंचीं। वह शहर में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगी, जिनमें ब्रिटिश समय की क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी का उद्घाटन और नेशनल चैंबर का कार्यक्रम शामिल है। यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में राज्यपाल के स्वागत के लिए अधिकारियों के साथ कुलपति प्रो. आशु रानी भी मौजूद थीं। जैसे ही राज्यपाल अपनी गाड़ी से उतरीं, कुलपति ने उन्हें बुके भेंट किया और फिर उनके पैर छुए। इस दृश्य के तुरंत बाद, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने उन्हें सैल्यूट किया, और कुलसचिव अजय मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने भी उन्हें बुके दिए। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी वहां उपस्थित थे। कार्यकाल विस्तार की अटकलें और जांच का सामना कुलपति प्रो. आशु रानी के पैर छूने का वीडियो सामने आते ही यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। सूत्रों का कहना है कि कुलपति का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है और वह अपना कार्यकाल विस्तार करवाना चाहती हैं। इस पृष्ठभूमि में उनके इस कृत्य को कार्यकाल विस्तार के प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, कुलपति प्रो. आशु रानी के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमे दर्ज हुए हैं, लोकपाल में शिकायतें पहुंची हैं और जांच भी शुरू हो गई है। यही नहीं, उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी चल रही है। ऐसे में, इस वायरल वीडियो ने उनकी स्थिति को और भी पेचीदा बना दिया है। राज्यपाल 31 जुलाई को यूनिवर्सिटी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी, जिससे इस मामले को लेकर आगे क्या रुख रहता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

आगरा-कानपुर हाईवे पर चलती कार बनी आग का गोला: कुबेरपुर के पास दो दोस्त समय रहते कूदे, बाल-बाल बचे!

आगरा। आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एत्मादपुर थाना क्षेत्र के कुबेरपुर के पास एक चलती कार अचानक आग की लपटों में घिर गई। गनीमत रही कि कार में सवार दो दोस्तों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई। जलने की बदबू आते ही कूदे, कुछ ही मिनटों में पूरी कार खाक एटा निवासी अमन अपने एक दोस्त के साथ किसी निजी काम से आगरा जा रहा था। जब उनकी कार कुबेरपुर हाईवे के निकट पहुंची, तो कार से अचानक जलने की तेज बदबू आने लगी। अमन को कुछ गड़बड़ होने का एहसास हुआ और उसने तुरंत कार को साइड में रोक दिया। दोनों युवक बिना देर किए कार से बाहर कूद गए। उनके बाहर निकलते ही कार में भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की चपेट में आ गई और कुछ ही मिनटों में धू-धू कर जलकर खाक हो गई। हाईवे पर अचानक मची अफरा-तफरी को देखकर राहगीरों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि युवक कुछ देर और कार में रहते, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

आगरा: नलकूप की चाबी मांगने पर भाभी की बेरहमी से पिटाई, जेठ-जेठानी और बेटों ने पटक-पटककर मारा; CCTV में कैद हुई वारदात

आगरा। खंदौली क्षेत्र के नगला धमाली गांव में पारिवारिक भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यहां एक महिला को अपने जेठ और उनके परिवार द्वारा बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पीड़िता आरती का आरोप है कि उसके जेठ और उनका परिवार न तो उन्हें पुश्तैनी खेत में खेती करने देते हैं और न ही सिंचाई के लिए नलकूप की चाबी देते हैं। चाबी मांगने गई तो परिवार ने मिलकर पीटा आरती ने पुलिस को बताया कि जब वह अपने जेठ विजय सिंह से नलकूप की चाबी मांगने गई, तो विवाद बढ़ गया। आरती का आरोप है कि विजय सिंह ने गाली-गलौज करते हुए चाबी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद, विजय सिंह, उनकी पत्नी सोनम और दोनों बेटे अंकुश व आदित्य ने मिलकर आरती को जमीन पर पटक-पटककर बेरहमी से पीटा। इस मारपीट में आरती को अंदरूनी चोटें आई हैं। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखकर क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है। पुलिस जांच में जुटी, ग्रामीणों ने बताई लंबी विवाद की कहानी आरती ने इस मामले में खंदौली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर खंगाल रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस परिवार में लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के अभाव में यह मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना परिवारिक संपत्ति विवादों के गंभीर परिणामों को उजागर करती है, जहां बात मारपीट तक पहुंच गई।

आगरा में मेयर पर विकास न करने का आरोप: गंदे पानी में बैठकर लोगों ने किया प्रदर्शन, सड़कों पर गड्ढे और जलभराव से हाहाकार!

आगरा। आगरा में सड़कों की बदहाली और जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों ने बुधवार को नगर निगम और मेयर के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। शंकरगढ़ पुलिया से आजम पाड़ा की ओर जाने वाली सड़क पर गहरे गड्ढों और नालियों के गंदे पानी के बीच बैठकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि मेयर शहर के विकास पर ध्यान नहीं दे रही हैं, जिससे मुख्यमंत्री के “गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश” के सपने पर पानी फिर रहा है। सड़क पर जलभराव से हादसे, बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल भारतीय किसान यूनियन (भानू) के नेतृत्व में यह धरना प्रदर्शन किया गया। किसान नेता अभिषेक चौहान ने बताया कि शंकरगढ़ से आजम पाड़ा तक की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पास में तीन स्कूल हैं, और आए दिन स्कूली बच्चे इन गड्ढों में गिरकर चोटिल होते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम को 10 से अधिक बार शिकायत पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन, आज स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर भरे गंदे पानी में बैठकर धरना देना पड़ा है। अभिषेक चौहान ने चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, उनका धरना जारी रहेगा, और जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल भी की जाएगी। पार्षद पर भी अनदेखी का आरोप, वार्ड 40 की बदहाली प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र वार्ड 40 के अंतर्गत आता है, जिसके पार्षद रवि दिवाकर हैं। उन्हें भी इस समस्या की जानकारी दी गई थी और उन्होंने निरीक्षण भी किया, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत नहीं सुधरी। नालियों का गंदा पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है और दोपहिया वाहन चालकों के साथ आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों ने कहा कि जहां एक ओर मुख्यमंत्री का सपना उत्तर प्रदेश को गड्ढा मुक्त बनाना है, वहीं आगरा की मेयर उनके सपनों पर पानी फेर रही हैं। उनका आरोप है कि मेयर का शहर के विकास पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है, जिससे जनता परेशान है। इस प्रदर्शन ने शहर की मूलभूत समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अकोला के गौरव पहलवान का हैरतअंगेज कारनामा: कमर में रस्सी बांधकर 50 मीटर तक खींची चार गाड़ियां, कंधों पर बिठाया एक शख्स भी!

आगरा। अकोला क्षेत्र के 26 वर्षीय पहलवान गौरव चाहर ने एक बार फिर अपनी अद्भुत शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन कर सबको हैरान कर दिया है। उन्होंने गहर्रा की प्याऊ चौराहे पर अपनी कमर में रस्सी बांधकर एक साथ चार भारी गाड़ियों – एक फॉर्च्यूनर, एक थार और दो स्कॉर्पियो – को खींचा। इस हैरतअंगेज कारनामे के दौरान गौरव ने अपने कंधों पर विजयपाल चाहर को भी बिठाया हुआ था। गौरव इन सभी गाड़ियों को लगभग 50 मीटर तक खींचने में सफल रहे। दर्शन करने उमड़ी भीड़, कई जगह दोहराया प्रदर्शन गौरव के इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग गहर्रा की प्याऊ चौराहे पर जमा हो गए। लोगों ने तालियां बजाकर और हूटिंग कर गौरव का उत्साह बढ़ाया। प्रदर्शन के बाद, विजयपाल चाहर, लाल सिंह, राजकुमार, अंकित और किशन चाहर ने गौरव को साफा पहनाकर सम्मानित किया। गौरव ने अपने इस अद्भुत करतब को राशि होटल, केडीएस कॉलेज मलपुरा में भी दोहराया, जहाँ रोहित भगौर, राकेश बघेल, राजेंद्र दिवाकर, तेजू ठाकुर, गोविंदा यादव, उपेंद्र और दीपू मद्रासी ने उनका जोरदार स्वागत किया। एक साल से कर रहे थे अभ्यास, स्वतंत्रता सेनानी के पोते हैं गौरव गौरव के पिता हरवीर सिंह ने बताया कि गौरव पिछले एक साल से रोजाना बड़ी-बड़ी गाड़ियां खींचने का अभ्यास कर रहे हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है जब गौरव ने अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया हो; इससे पहले भी उन्होंने कई स्थानों पर बस, ट्रक और ट्रैक्टर जैसे भारी वाहनों को खींचने का प्रदर्शन किया है। गौरव स्वतंत्रता सेनानी सरवन नेता के पोते हैं और अपने अनोखे कारनामों से पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गए हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय बन गई है।

आगरा में हाउस टैक्स पर छूट का आज आखिरी दिन: नगर निगम की 10% छूट सिर्फ गुरुवार रात 12 बजे तक, इसके बाद लगेगी पेनल्टी!

आगरा। अगर आपने अभी तक अपना हाउस टैक्स जमा नहीं किया है, तो यह आपके लिए आखिरी मौका है। आगरा नगर निगम द्वारा गृहकर बकायेदारों को दी जा रही 10% की विशेष छूट का लाभ उठाने की आज (गुरुवार, 31 जुलाई, 2025) अंतिम तिथि है। गुरुवार रात 12 बजे के बाद यह छूट समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद आपको पूरे बकाया पर पेनल्टी चुकानी पड़ेगी। 50 हजार से अधिक बकाएदारों को भेजे जा रहे नोटिस, होगी सख्ती नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने हाउस टैक्स वसूली को लेकर सभी जोनल कार्यालयों को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जोन के कर निर्धारण अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में 50 हजार रुपये या उससे अधिक का बकाया रखने वाले संपत्ति मालिकों को प्राथमिकता पर नोटिस/बिल भेजें और वसूली की कार्रवाई तेज करें। शहर में हजारों ऐसे संपत्ति स्वामी हैं जिन पर भारी मात्रा में हाउस टैक्स बकाया है। इन सभी को निगम द्वारा व्यक्तिगत बिल भेजे जा रहे हैं। नगर निगम 1 अप्रैल से 31 मार्च 2026 तक के हाउस टैक्स पर 31 जुलाई तक 10% की छूट दे रहा है। अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया है कि 31 जुलाई के बाद न सिर्फ छूट समाप्त हो जाएगी, बल्कि वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिसमें संपत्ति कुर्की और सील करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध, नगर आयुक्त की अपील बकायेदारों की सुविधा के लिए नगर निगम ने nagarnigam.in पोर्टल पर ऑनलाइन गृह कर भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। नागरिक घर बैठे आसानी से अपना टैक्स जमा कर इस छूट का लाभ उठा सकते हैं। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 31 जुलाई की समय सीमा समाप्त होने से पहले इस छूट का लाभ उठाएं और समय से हाउस टैक्स अदा कर नगर निगम की आय को सुदृढ़ बनाएं, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति दी जा सके।

आगरा यूनिवर्सिटी के 3 लॉ कॉलेजों में प्रवेश पर रोक: बार काउंसिल ऑफ इंडिया का बड़ा फैसला, 2025-26 सत्र में नहीं होंगे दाखिले

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से संबद्ध तीन लॉ कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने रोक लगा दी है। BCI ने देश भर के कुल 11 लॉ कॉलेजों में दाखिले रोकने का आदेश जारी किया है, जिनमें आगरा के ये तीन कॉलेज प्रमुखता से शामिल हैं। अलीगढ़ का एक कॉलेज भी इस सूची में है। औचक निरीक्षण में मिली खामियां, BCI ने जारी किया पत्र BCI की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि उच्च स्तरीय औचक निरीक्षण निगरानी समिति ने देश के लॉ कॉलेजों का निरीक्षण किया था। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही यह बड़ा फैसला लिया गया है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि इन संस्थानों को सत्र 2025-26 के लिए भारतीय विधि शिक्षा परिषद से अनुमोदन पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। जिन आगरा यूनिवर्सिटी से संबद्ध तीन कॉलेजों में प्रवेश पर रोक लगाई गई है, उनके नाम हैं: इसके अलावा, अलीगढ़ के राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध आरजे लॉ कॉलेज खैर पर भी रोक लगाई गई है। पहले भी 67 बीएड कॉलेजों पर लग चुकी है रोक यह पहली बार नहीं है जब आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों पर प्रवेश को लेकर इस तरह की रोक लगी हो। इससे पहले नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने भी देश में 2200 बीएड, एमएड और बीपीएड कॉलेजों पर प्रवेश पर रोक लगाई थी। इनमें आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध 67 बीएड, तीन एमएड और बीपीएड कॉलेज शामिल थे। उन कॉलेजों ने सत्र 2021-22 और 2022-23 की परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट जमा नहीं कराई थी। BCI का यह कदम लॉ शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जो उन संस्थानों पर कार्रवाई कर रहा है जो निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं।

आगरा में पति के उत्पीड़न से परेशान महिला चिकित्सक पहुंची थाने: पुलिस भी हैरान, बोलीं- ‘मारपीट करता है, तलाक का मुकदमा चलने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ रहा’

आगरा। आगरा में एक महिला चिकित्सक अपने पति के लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर थाना ताजगंज पहुंच गईं। उन्होंने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। चिकित्सक ने पुलिस को बताया कि उनका पति उनके साथ मारपीट और शारीरिक उत्पीड़न करता है, और हैरानी की बात यह है कि अदालत में तलाक का मुकदमा चलने के बावजूद वह उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। महिला चिकित्सक की आपबीती सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। तलाक का मुकदमा जारी, फिर भी घर आकर मारपीट और गालीगलौज शमसाबाद रोड निवासी पीड़ित महिला चिकित्सक ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि पारिवारिक कलह के चलते वह अपने पति से अलग रह रही हैं। जिला परिवार न्यायालय में उनके विवाह विच्छेद (तलाक) का मुकदमा चल रहा है। इसके बावजूद उनका पति आए दिन उनके आवास पर आ जाता है, गालीगलौज करता है और विरोध करने पर मारपीट भी करता है। चिकित्सक ने अपनी शिकायत में कहा कि वह पति के इस उत्पीड़न से बुरी तरह तंग आ चुकी हैं और अब उन्हें पुलिस की मदद की सख्त जरूरत है। पुलिस जुटी जांच में: ‘साक्ष्य जुटाकर होगी कार्रवाई’ मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना ताजगंज पुलिस ने महिला चिकित्सक की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पुलिस साक्ष्य संकलन (सबूत जुटाने) कर रही है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना रिश्तों में बढ़ते तनाव और घरेलू हिंसा के गंभीर पहलुओं को उजागर करती है, जहाँ एक शिक्षित महिला को भी मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है। पुलिस की कार्रवाई से ही पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद है।

आगरा: इंडोनेशिया में मर्चेंट नेवी अधिकारी मनीष की मौत, जन्मदिन पर बेटी करती रही पिता का इंतजार, आज आ सकता है पार्थिव शरीर

आगरा। इंडोनेशिया में एक जहाज की मरम्मत करते समय आगरा के मर्चेंट नेवी अधिकारी मनीष यादव (34) की दुखद मौत हो गई है। यह खबर बुधवार सुबह परिवार तक पहुंची, जिसके बाद से पूरे घर में मातम पसरा हुआ है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, पत्नी सदमे में है, और मासूम बच्चे अपने पिता के घर आने का इंतजार कर रहे हैं। मनीष का पार्थिव शरीर बुधवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद उनके पैतृक आवास, आवास विकास कॉलोनी सेक्टर आठ, आगरा में अंतिम संस्कार किया जाएगा। समुद्र में फिसले पैर, पल भर में जिंदगी खत्म आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर आठ निवासी मनीष ने 2013 में नॉटिकल साइंस से स्नातक किया था और मर्चेंट नेवी में शामिल हो गए थे। दो साल बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी, लेकिन दो साल पहले ही चेन्नई की एक शिप कंपनी में दोबारा काम शुरू किया था। वह इंडोनेशिया के बाटम द्वीप पर एक शिप की मरम्मत का काम देख रहे थे। 25 जुलाई को मनीष को शिप के साथ दुबई के लिए निकलना था। लेकिन, इससे ठीक एक दिन पहले, 24 जुलाई की रात को शिप पर चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया और वह समुद्र में गिर गए। अन्य साथी उन्हें तुरंत बाहर निकालकर डॉक्टरों के पास ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता और भाई का अथक प्रयास, सरकार से लगाई गुहार मनीष की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। मथुरा में दारोगा के पद पर तैनात उनके पिता रमेश चंद्र और भाई अवनीश यादव ने तुरंत विदेश मंत्रालय और शिप कंपनी के अधिकारियों से संपर्क साधा। वे मनीष के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। भाई अवनीश ने बताया कि सभी दस्तावेजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और बुधवार को भाई का शरीर दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को आगरा लाया जाएगा। आखिरी वीडियो कॉल और बच्चों की मासूमियत अवनीश ने बताया कि 24 जुलाई को ही मनीष ने अपने परिवार के साथ एक वीडियो कॉल की थी। उसी दिन उनके दो वर्षीय बेटे गर्व के पैर में चोट लगने पर पिता और मां उससे मिलने उसके घर गए थे। मनीष ने वीडियो कॉल पर सभी से एक साथ बात की थी और बताया था कि वह सुबह दुबई निकलेंगे और एक महीने तक नेटवर्क ऊपर-नीचे रहेगा। परिवार को क्या पता था कि यह उनकी आखिरी बात होगी। मनीष के पिता को सबसे पहले इस हादसे की जानकारी मिली थी। उन्होंने कई जगहों पर संपर्क कर अपने बेटे की मृत्यु की पुष्टि की। पिता ने छुट्टी लेकर घर आकर बड़ी मुश्किल से मां और पत्नी को यह दुखद खबर दी। इस खबर के बाद से मां ने कुछ नहीं खाया है और रो-रोकर उनकी हालत बिगड़ रही है। भाभी भी कई बार रोते-रोते बेहोश हो चुकी हैं। जन्मदिन पर बेटी का इंतजार और भविष्य की चिंता मनीष की चार वर्षीय बेटी का दो दिन पहले जन्मदिन था। उसे और उसके दो वर्षीय भाई को बताया गया है कि पापा के पैर में चोट लगी है। मासूम बेटी पार्टी करने की जिद करती रही, जिसे इस गमगीन माहौल में परिवार के सदस्यों ने बाहर ले जाकर पेस्ट्री खिलाकर शांत कराया। परिवार के लिए यह दुख और भी गहरा है क्योंकि सितंबर माह में मनीष की पत्नी की डिलीवरी होनी है। मनीष का शिप कंपनी के साथ अनुबंध भी खत्म हो रहा था, और उन्होंने सितंबर में घर आकर परिवार के साथ समय बिताने और डिलीवरी का जश्न मनाने की पूरी तैयारी कर रखी थी। यह त्रासदी परिवार के लिए एक ऐसा गहरा घाव है, जिसे भरना मुश्किल होगा।

आगरा के ‘अटलपुरम’ में प्लॉटों के दाम तय: ₹29,500/वर्ग मीटर का रेट तय, 100 वर्ग मीटर तक प्लॉट पर बिना नक्शे बनेगा घर!

आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की मंगलवार को हुई 149वीं बोर्ड बैठक में कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। ग्वालियर हाईवे पर प्रस्तावित ‘अटलपुरम’ टाउनशिप में प्लॉटों के रेट पर मुहर लगा दी गई है, जहाँ आवासीय प्लॉटों के लिए ₹29,500 प्रति वर्ग मीटर का रेट तय किया गया है। इसके साथ ही, एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि अटलपुरम टाउनशिप में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। ‘अटलपुरम’: जमीन अधिग्रहण और भविष्य की उम्मीदें अटलपुरम के लिए ग्वालियर रोड स्थित ककुआ-भांडई में लगभग 130 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। शेष 8 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। यह टाउनशिप दशकों बाद ADA द्वारा लाई गई एक बड़ी आवासीय योजना है, जिसे निवेशकों और आम लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछली बड़ी योजना, शास्त्रीपुरम, ने इस दशक में भारी आबादी और निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है, ऐसे में निवेशक अब अटलपुरम को लेकर काफी उत्सुक हैं, बशर्ते जरूरतमंद इस योजना का लाभ उठा सकें। मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मेहताब बाग स्थित ग्यारह सीढ़ी पर अक्टूबर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन शुरू कराए जाने के निर्देश भी दिए गए। बड़ा फैसला: 100 वर्ग मीटर तक प्लॉट पर ‘नो परमिशन, नो नक्शा’ बैठक में उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 को लागू करने का क्रांतिकारी निर्णय लिया गया। इसके तहत, अब 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट में निर्माण के लिए न तो कोई अनुमति लेनी होगी और न ही नक्शा पास कराने की जरूरत पड़ेगी। केवल पंजीकरण कराना ही पर्याप्त होगा। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया है। इसका मतलब है कि पुराने आबादी क्षेत्र या अप्रूव्ड लेआउट वाली जगह पर 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों के लिए अब मानचित्र या किसी अन्य प्रकार की अनुज्ञा की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे छोटे भूखंड मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, 101 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय भवन और 31 से 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भवन के लिए लाइसेंस प्राप्त तकनीकी व्यक्ति द्वारा स्वतः तैयार किए गए मानचित्रों पर तत्काल ऑनलाइन अनुमोदन प्राप्त हो सकेगा। पेशेवरों के लिए भी रियायतें: घर में 25% तक एफएआर का उपयोग बैठक में यह भी तय किया गया कि आर्किटेक्ट, चार्टर्ड अकाउंटेंट, चिकित्सा, अधिवक्ता जैसे सेवा प्रोफेशनल्स द्वारा अपने कार्यालय के उपयोग के लिए, तथा नर्सरी, क्रैच, होम स्टे संचालन हेतु अपने घर का 25% तक एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए अलग से मानचित्र अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी, बशर्ते पर्याप्त पार्किंग आवश्यकताओं का प्रावधान किया गया हो। बिजलीघर बस स्टैंड पीपीपी मॉडल पर होगा विकसित बिजलीघर स्थित बस स्टेशन को पीपीपी (सार्वजनिक निजी सहभागिता) मॉडल पर विकसित कराए जाने हेतु भू-उपयोग परिवर्तन के संबंध में रखे गए प्रस्ताव को भी बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया। यह शहर के सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। अटलपुरम के लिए दरें और वित्तीय लाभ अटलपुरम टाउनशिप के लिए दर निर्धारण पर भी चर्चा हुई। प्राधिकरण द्वारा आवासीय दर ₹29,500 प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। ग्रुप हाउसिंग भूखंडों हेतु आवासीय दर का डेढ़ गुना, व्यावसायिक भूखंडों हेतु आवासीय दर का दोगुना और सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक सुविधा वाले भूखंडों का आवासीय दर के अनुसार ही निर्धारित किया गया है। कुल व्यय और वित्तीय लाभ की समीक्षा के बाद, इस प्रस्ताव को मंडलायुक्त द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

आगरा के लोहामंडी में ‘डिवाइडर पॉलिटिक्स’: नए RCC डिवाइडर से बढ़ी व्यापारियों की ‘टेंशन’, मेयर ने दिया ‘जाम’ न लगने का आश्वासन!

आगरा। आगरा के मदिया कटरा से लोहामंडी जाने वाली सड़क पर लगाए जा रहे नए आरसीसी डिवाइडर ने व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दुकानदारों का कहना है कि इन डिवाइडरों से सड़क इतनी संकरी हो गई है कि ग्राहकों को वाहन खड़े करने में दिक्कत होगी और भयंकर जाम लगने की आशंका है। हालांकि, मेयर हेमलता दिवाकर ने मौके का निरीक्षण कर आश्वासन दिया है कि डिवाइडर बनने के बाद कोई परेशानी नहीं आएगी। मेट्रो के काम से पहले ही संकरी सड़कें, अब डिवाइडर का ‘वार’ लोहामंडी से मदिया कटरा मार्ग पर आरसीसी के डिवाइडर लगाए जा रहे हैं, जिसका व्यापारी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। व्यापारी राकेश बंसल का कहना है कि मेट्रो के काम की वजह से एमजी रोड के वाहनों को पहले से ही इस मार्ग से निकाला जा रहा है, जिससे यहाँ की सड़कें और भी संकरी हो गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब यहाँ से बड़े वाहन गुजरेंगे, तो जाम लगना तय है, जिससे सभी व्यापारी भाइयों का व्यापार प्रभावित होगा। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि कुछ महीने पहले नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर लोहे के डिवाइडर लगाए थे। अब उन्हें तोड़कर आरसीसी के डिवाइडर लगाए जा रहे हैं, जिससे निगम पर राजस्व के धन को बर्बाद करने का आरोप लग रहा है। लोगों का कहना है कि लोहे की रेलिंग सड़क की जगह भी कम घेर रही थी और लोगों को कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अब आरसीसी के डिवाइडर जाम का कारण बनेंगे। पार्षद विक्रांत ने बताया कि मदिया कटरा की सड़क पर कुछ हिस्से में डिवाइडर लग गए हैं। पुलिस चौकी के पास की सड़क पहले से ही संकरी है और लोग अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा कर देते हैं, जिससे जाम लग जाता है। डिवाइडर लगने से सड़क और संकरी हो गई है, जिसकी वजह से व्यापारी नाराजगी जता रहे हैं। मेट्रो कार्य की वजह से लोग वैकल्पिक मार्ग चुनते हैं, जिससे दिल्ली गेट से हलवाई की बगीची की ओर जाने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस को दिल्ली गेट से आने वाले वाहनों को मटिया कटरा मार्ग से घुमा कर हलवाई की बगीची की ओर भेजना पड़ता है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। दशकों से अतिक्रमण का दंश झेल रहा है मार्ग, अब डिवाइडर पर विवाद आपको बता दें कि दशकों से लोहामंडी के इस मार्ग पर सरकार द्वारा निशान लगाकर स्थानीय निवासियों को अतिक्रमण की जानकारी दी गई थी, लेकिन इतने सालों बाद भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह स्थिति दर्शाती है कि शहर की नियोजित विकास में कहाँ कमी रह गई है। अब पुराने अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई किए बिना, नए डिवाइडर लगाकर समस्या को और बढ़ाने का आरोप लग रहा है। मेयर ने दिया ‘जाम’ न लगने का आश्वासन पार्षद विक्रांत ने बताया कि मेयर हेमलता दिवाकर ने आज मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि डिवाइडर तो बनाए जाएंगे, जिससे एमजी रोड पर जाम न लगे। मेयर ने आश्वासन दिया कि डिवाइडर का काम मदिया कटरा से लोहामंडी थाने तक किया जाना है और इससे यहाँ के व्यापारियों और लोगों को कोई परेशानी नहीं आएगी। अब देखना यह होगा कि मेयर का यह आश्वासन जमीन पर कितना खरा उतरता है और क्या ये नए डिवाइडर जाम की नई वजह बनेंगे या यातायात को सुगम करेंगे।

आगरा के KMI में गूंजी ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ की धुन: अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में पं. बनारसी दास चतुर्वेदी को नमन, मॉरीशस से भी जुड़े वक्ता

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषा विज्ञान विद्यापीठ (KMI) में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा: कल, आज और कल’ विषय पर आधारित एक द्विसाप्ताहिक अंतरविषयी अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार का सत्र विशेष रूप से महान साहित्यकार और स्वतंत्रता सेनानी पं. बनारसी दास चतुर्वेदी को समर्पित रहा, जहाँ उनके साहित्यिक और सामाजिक योगदान को याद किया गया। प्रवासी साहित्य के पुरोधा पं. बनारसी दास चतुर्वेदी को किया याद कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए आगरा कॉलेज की हिंदी विभाग की आचार्य प्रो. शेफाली चतुर्वेदी ने पं. बनारसी दास चतुर्वेदी के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रवासी साहित्य की बात करते समय पं. बनारसी दास चतुर्वेदी को छोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने गिरमिटिया मजदूरों की दासता से मुक्ति के लिए लगातार प्रयत्न किए, और उनके जीवन पर्यंत संघर्ष ने भारतीय ज्ञान परंपरा और प्रवासी भारतीयों के बीच सेतु का काम किया। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने अपने नाना पं. बनारसी दास चतुर्वेदी को याद करते हुए बताया कि राज्यसभा के सदस्य रहते हुए उन्होंने केवल एक ही बात की चिंता की थी – वह किस तरह शहीदों को सम्मान दिला सकें और उनके परिवार के सदस्यों के पालन-पोषण की व्यवस्था कर सकें। विदेशों से भी जुड़े विद्वान, सनातन धर्म के प्रसार पर हुई चर्चा कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मॉरीशस के महात्मा गांधी संस्थान, मोका से वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. तनुजा पदारथ ने ऑनलाइन जुड़कर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि फिजी, दक्षिण अफ्रीका, गयाना, सूरीनाम जैसे देशों में जहाँ भारतीय मूल के लोग पहुँचे, वे अपने साथ भारत से श्री रामचरितमानस, हनुमान चालीसा, गंगाजल आदि वस्तुएं लेकर गए। उनके आगमन से ही इन देशों में सनातन धर्म और काली माई की परंपरा देखी जाती है। यह भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के वैश्विक प्रसार को दर्शाता है। विद्वानों ने सराहा चतुर्वेदी का योगदान, भारतीय ज्ञान पर हुई गहन चर्चा बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय के हिंदी विभाग से प्रो. गुंजन ने कहा कि एक व्यक्ति जब महापुरुष हो जाता है, तो वह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज का हो जाता है। यह बात पं. बनारसी दास चतुर्वेदी के योगदान पर भी लागू होती है। दयालबाग विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग से डॉ. निशीथ गौड़ ने कहा कि पंडित बनारसी दास चतुर्वेदी का योगदान भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भ में पुनः परिभाषित करने जा रहा है। साहित्यकार देवेश बाजपेई ने भी पंडित बनारसी दास चतुर्वेदी और गिरमिटिया प्रवासी भारतीयों पर अपने विचार रखे। सांध्यकालीन सत्र का अध्यक्षीय उद्बोधन प्रो. सुगम आनंद ने दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में आरबीएस कॉलेज के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. युवराज सिंह उपस्थित थे। आकाशवाणी से अनेन्द्र सिंह और केंद्रीय हिंदी संस्थान से डॉ. राजश्री ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। केएमआई के संस्कृत विभाग की व्याख्याता डॉ. वर्षा रानी ने भी अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यशाला का संचालन डॉ. रमा और डॉ. शीरीन ज़ैदी ने कुशलतापूर्वक किया। यह कार्यशाला भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं को उजागर करने और उसे आधुनिक संदर्भ में समझने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है।

आगरा को मिल रहा ‘शाही’ तोहफा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कल करेंगी ब्रिटिशकालीन ‘क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी’ का उद्घाटन!

आगरा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कल, 30 जुलाई को आगरा के दौरे पर रहेंगी, जहाँ वह लगभग 4 घंटे बिताएंगी। इस दौरान उनका मुख्य कार्यक्रम ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक ‘क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी’ का उद्घाटन करना होगा, जिसका ₹3.30 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार किया गया है। इसके अलावा, राज्यपाल नेशनल चैंबर के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। प्रशासन की ओर से उनका विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। राज्यपाल का व्यस्त कार्यक्रम: नेशनल चैंबर से लाइब्रेरी तक राज्यपाल बुधवार को दोपहर 3:30 बजे फतेहाबाद रोड स्थित डी ग्राउंड मार्क्विस पहुँचेंगी। यहाँ वे नेशनल चैंबर के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शिरकत करेंगी और लगभग डेढ़ घंटे तक वहाँ रुकेंगी। इसके बाद शाम 5 से 5:15 बजे का समय उनके लिए आरक्षित रखा गया है। शाम 5:25 बजे, राज्यपाल सदर स्थित ‘क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी’ पहुँचेंगी। वे यहाँ शाम 7 बजे तक रहेंगी। लाइब्रेरी के उद्घाटन और निरीक्षण के बाद, शाम 7:15 बजे वे खेरिया हवाई अड्डे से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगी। ‘क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी’: इतिहास और आधुनिकता का संगम आगरा की यह प्रतिष्ठित लाइब्रेरी, जिसे ₹3.30 करोड़ की लागत से पुनर्जीवित किया गया है, अब आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें डिजिटल लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष पुस्तकें और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह लाइब्रेरी ब्रिटिश काल में स्थापित हुई थी और इसका उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करना रहा है। अब इसमें 19 कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा भी है। लाइब्रेरी में पहले इतिहास, बायोग्राफी, डिक्शनरी सहित दूसरी पुस्तकें थीं। अब ₹16 लाख की लागत से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सिविल, मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए भी पुस्तकें जोड़ी गई हैं। लाइब्रेरी को पूरी तरह से डिजिटल भी बनाया गया है। पिछले दिनों मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने लाइब्रेरी का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया था। लाइब्रेरी की खूबियाँ और इतिहास यह सार्वजनिक पुस्तकालय ब्रिटिश काल में बना था और उत्तर भारत की प्राचीनतम लाइब्रेरियों में से एक है। बताया जाता है कि क्वीन मैरी एलिजाबेथ जब पहली बार आगरा आई थीं, तब मैसर्स ए. जॉन एंड कंपनी द्वारा उनकी पहली यात्रा को यादगार बनाने के लिए वर्ष 1961 में इसका नाम क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी रखा गया था।

आगरा में शिक्षकों का ‘भुखमरी आंदोलन’: 1700 गुरुजी बिना वेतन के, बोले- ‘आज नहीं मिला तो कल करेंगे धरना!’

आगरा। आगरा में बेसिक शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है, जहाँ 1700 शिक्षकों को जून महीने का वेतन अब तक नहीं मिला है। इससे नाराज राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि आज शाम तक शिक्षकों के खातों में वेतन नहीं आया, तो वे बुधवार, 30 जुलाई को लेखाधिकारी कार्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन करेंगे। “सिर्फ आश्वासन मिल रहा, समस्याओं पर ध्यान नहीं” राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष तिलकपाल सिंह ने बताया कि जिले के लगभग 1700 शिक्षकों का जून महीने का वेतन अटका हुआ है, जिससे उनका गुजारा मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि वेतन की मांग लगातार की जा रही है, और कई बार अधिकारियों से इस संबंध में बात भी हुई है, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। तिलकपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। आज शाम तक बिल ट्रेजरी भेजने का मिला ‘नया’ आश्वासन शिक्षकों को एक बार फिर नया आश्वासन मिला है। उन्हें बताया गया है कि बरौली अहीर के एक शिक्षक को छोड़कर, आज शाम तक सभी बिल ट्रेजरी में भेज दिए जाएंगे। इसके बाद ट्रेजरी से आधे घंटे के अंदर सैलरी खातों में पहुँच जाएगी। साथ ही, यह भी आश्वासन दिया गया है कि चाहे कोई जीपीएफ (GPF) वाला हो या कोई अन्य, यदि बिल में नाम है तो वेतन निश्चित रूप से आएगा। “आज नहीं मिला वेतन तो कल 10 बजे से धरना” हालांकि, शिक्षक अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने साफ कर दिया है कि अगर आज भी वेतन नहीं आता है तो कल, 30 जुलाई को सुबह 10 बजे से लेखा अधिकारी कार्यालय पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ आगरा धरना देगा। महासंघ ने सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे कल सुबह 10 बजे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ लेखा कार्यालय पहुँचें। यह स्थिति शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा ले रही है और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्या आज शाम तक शिक्षकों के खातों में वेतन पहुँच पाएगा, या कल आगरा में शिक्षा विभाग के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन देखने को मिलेगा?

आगरा का कैलाश मेला बना ‘जामला’: 5 मिनट का सफर 3 घंटे में, एम्बुलेंस भी फंसी, प्रशासन की व्यवस्था हुई ‘फेल’!

आगरा। सावन के तीसरे सोमवार को आगरा में आयोजित कैलाश मेला इस बार भक्तों के लिए नहीं, बल्कि भयंकर जाम के लिए चर्चा में रहा। शहर की सड़कों पर ऐसा यातायात प्रभावित हुआ कि आमतौर पर 5 मिनट का सफर तय करने में लोगों को पूरे 3 घंटे लग गए। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कई एम्बुलेंस भी घंटों तक जाम में फंसी रहीं, जिससे प्रशासन की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई। रूट डायवर्जन के बावजूद सड़कों पर ‘वाहनों का रेला’ शाम 6 बजे से भगवान शिव के भक्तों का मेला देखने के लिए निकलना शुरू हुआ और हजारों की संख्या में लोग कैलाश मेले में पहुँचे। जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन प्लान जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों पर तीन से चार घंटे तक भारी जाम लगा रहा। भगवान टॉकीज से मथुरा की ओर जाने वाले वाहन सिकंदरा पर बुरी तरह फंस गए, क्योंकि प्रशासन के प्लान के बावजूद कई बड़े वाहन मेले की ओर चले गए। गुरु के ताल वाला मार्ग भी जाम से अछूता नहीं रहा, वहाँ भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने सिकंदरा की ओर जाने वाले वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग वैकल्पिक रास्तों से वहाँ तक पहुँच गए, जिससे और अधिक जाम लग गया। शहर के कई इलाकों में लगा जाम का ‘झाम’ कैलाश मेले की वजह से शहर की अन्य छोटी-बड़ी सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया, और कई जगह जाम लग गया। मदिया कटरा, लोहा मंडी, हरी पर्वत, भगवान टॉकीज, सिकंदरा, बोदला, और मेले के आसपास के कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बार के कैलाश मेले में यातायात प्रबंधन की यह विफलता प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई, जिससे भक्तों को असुविधा और आपातकालीन सेवाओं में बाधा का सामना करना पड़ा।

आगरा के ताजमहल में ‘बंदरों का खौफ’: महिला पर्यटक पर हमला, मॉर्निंग वॉकर्स भी रहें सावधान!

आगरा। आगरा में दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल परिसर में अब बंदरों का आतंक बढ़ने लगा है। मंगलवार दोपहर ताजमहल देखने आईं 60 वर्षीय एक महिला पर्यटक पर बंदरों ने हमला कर दिया, जब वे पानी की बोतल के साथ अकेली बैठी थीं। बोतल छीनने की कोशिश में महिला के हाथ में चोट आ गई। ताज सुरक्षा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर महिला को बचाया और उन्हें अस्पताल पहुँचाया। अब इस घटना के बाद मॉर्निंग वॉक पर जाने वालों को भी सावधान रहने की चेतावनी दी गई है। अकेला देखकर हमला, बेटा-बहू गए थे अंदर यह घटना दोपहर करीब 3 बजे की है। बनारस निवासी कमलेश भट्ट (60 वर्ष) अपने बेटे शैलेंद्र भट्ट और बहू अनुराधा शर्मा के साथ ताजमहल देखने आई थीं। जब बेटा और बहू ताजमहल के अंदर गए, तो कमलेश भट्ट पश्चिमी गेट के सामने एक पत्थर की बेंच पर अकेली बैठी थीं। उनके पास एक पानी की बोतल थी। इसी दौरान, कुछ बंदरों ने उनसे पानी की बोतल छीनने के लिए अचानक हमला कर दिया। बंदरों की इस हरकत से महिला डर गईं और चिल्लाने लगीं। इस छीना-झपटी में उनके दाहिने हाथ में चोट भी लग गई। पुलिस ने तत्परता से बचाया और अस्पताल भेजा ताज सुरक्षा बल को जैसे ही इसकी सूचना मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बंदरों को महिला के पास से भगाया और उन्हें सुरक्षित किया। पुलिस टीम ने तुरंत महिला के बेटे को फोन कर ताजमहल से बाहर बुलाया। पश्चिमी पार्किंग स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र से एंबुलेंस बुलाई गई और कमलेश भट्ट को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस दौरान उनकी बहू अनुराधा काफी घबरा गईं और रोने लगीं। ताज सुरक्षा पुलिस के सहयोग से महिला पर्यटक को समय पर उपचार मिल जाने पर उनके पुत्र शैलेंद्र भट्ट ने आगरा पुलिस की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस टीम में उप निरीक्षक शिवराज सिंह, मुख्य आरक्षी महेश चंद्र, मुख्य आरक्षी दिलीप कुमार, आरक्षी पीएसी विजय सिंह, और आरक्षी पीएसी यतेंद्र कुमार शामिल थे। ‘ताज खेमा से एंट्री तक है बंदरों का उत्पात’, वॉकर्स को चेतावनी ताजमहल के आसपास के निवासी और मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोग भी बंदरों के बढ़ते उत्पात को लेकर चिंतित हैं। वॉकिंग क्लब ताजमहल-ताज रॉयल अपार्टमेंट निवासी सरदार हरदीप सिंह का कहना है, “सुबह जो वॉक करने जाते हैं ताजमहल, वह भी सतर्क रहें। बंदरों का उत्पात ज्यादातर ताज खेमा से एंट्री तक का है।” उन्होंने आगे बताया कि रोजाना सुबह 5 से 9 बजे के बीच आसपास से सैकड़ों लोग वॉक करने आते हैं, जिन्हें भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्या इस बढ़ती समस्या पर प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा?

झूले, मलहार और मुस्कान… जब तीज के रंगों में सराबोर हुआ आगरा!

प्रकाशित: रात 9:30 बजे, 27 जुलाई 2025 | स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश मुख्य बिंदु आगरा। जब आकाश में सावन की काली घटाएं घिरती हैं, जब बारिश की बूंदें सूखी धरती की प्यास बुझाती हैं, और जब प्रकृति अपने अनुपम सौंदर्य के साथ सोलह श्रृंगार करती है, तब आता है भारतीय संस्कृति का सबसे जीवंत और उल्लासपूर्ण पर्व- हरियाली तीज। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, प्रेम, और परंपरा का एक ऐसा संगम है जो हर किसी के मन को भिगो देता है। इसी संगम को साकार करते हुए रविवार को आगरा के प्रतिष्ठित अतिथि वन कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘आप और हम समिति’ के तत्वावधान में एक अविस्मरणीय ‘हरियाली तीज महोत्सव’ का आयोजन किया गया। यह एक ऐसा आयोजन था जहाँ परंपरा आधुनिकता से मिली, जहाँ लोकगीतों की मिठास ने डीजे के शोर को पीछे छोड़ दिया, और जहाँ हर चेहरा सावन की खुशी में खिला हुआ नजर आया। संस्कृति का अभूतपूर्व उत्सव: तीज का महत्व और परंपरा यह त्योहार प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी पर्व है। चारों ओर की हरियाली मन में नई आशा और ऊर्जा का संचार करती है। सावन के झूले, हाथों में रची मेहंदी, और पारंपरिक ‘मलहार’ गीत इस उत्सव के अभिन्न अंग हैं। ‘मलहार’ वर्षा ऋतु का राग है, जिसके सुरों में विरह की पीड़ा भी है और मिलन की आतुरता भी। यह वही राग है जिसे गाकर पुराने समय में बारिश को आमंत्रित किया जाता था। ‘आप और हम समिति’ ने इन्हीं गहन सांस्कृतिक जड़ों को समझते हुए एक ऐसे कार्यक्रम की रचना की, जो केवल एक जश्न नहीं, बल्कि अपनी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास था। अतिथि वन में उतरा सावन: माहौल और प्रस्तुतियां कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत मंगल गीतों से हुई, जिसमें महिलाओं ने सामूहिक रूप से देवी पार्वती की स्तुति की। इसके बाद शुरू हुआ ‘मलहार’ गायन का दौर। ढोलक और मंजीरे की थाप पर जब महिलाओं ने अपनी खनकती आवाजों में “अम्मा मेरी, बाग में झूले पड़े…” और “सावन आयो रे…” जैसे पारंपरिक गीत गाने शुरू किए, तो पूरा माहौल भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया। यह कोई पेशेवर गायन नहीं था, बल्कि यह हृदय से निकले हुए वे सुर थे जो पीढ़ियों से माताओं ने अपनी बेटियों को सौंपे हैं। हर गीत के साथ तालियों की गड़गड़ाहट और “वाह! वाह!” की ध्वनि गूंज उठती, जो कलाकारों का उत्साह बढ़ा रही थी। दमदार संचालन और ‘ताज क्वीन’ का रोमांच कार्यक्रम का सबसे रोमांचक क्षण ‘ताज क्वीन’ प्रतियोगिता का आयोजन था। यह केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि इसमें महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा, उनकी समझ और आत्मविश्वास का भी परीक्षण था। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने जब रैंप पर वॉक किया, तो ऐसा लगा मानो राजस्थान और ब्रज की पूरी संस्कृति मंच पर उतर आई हो। कई रोचक सवालों और सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श के बाद, निर्णायकों ने श्रीमती कीर्ति गोयल को इस वर्ष की ‘ताज क्वीन’ घोषित किया। ताज पहनते समय कीर्ति के चेहरे पर छाई खुशी और आत्मविश्वास ने पूरे कार्यक्रम का मान बढ़ा दिया। एकजुटता की मिसाल: ‘आप और हम’ की भावना विनिता जैन, मंजू गोयल, कीर्ति बंसल, रानी गोयल, रितु गर्ग, रिचा अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, शालिनी अग्रवाल, और अंकिता अग्रवाल इस आयोजन की सबसे खूबसूरत बात यह थी कि इसमें श्री अमित अग्रवाल और श्री मनोज अग्रवाल जैसे पुरुष सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और व्यवस्था में सहयोग किया। यह इस बात का प्रतीक है कि परंपराओं का संरक्षण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। अंत में, सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं। यह शाम सिर्फ नाच-गाने और खाने-पीने की शाम नहीं थी; यह अपनी संस्कृति पर गर्व करने, अपनी जड़ों को सींचने और सामुदायिक सौहार्द्र के धागों को और मजबूत करने की एक शाम थी। ‘आप और हम समिति’ ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच भी परंपराओं का उल्लास पूरी शिद्दत से मनाया जा सकता है।

IIFT में बिखरे तीज के रंग, मेहंदी और संगीत के साथ छात्राओं ने मनाया उत्सव

प्रकाशित: रात 08:30 बजे, 26 जुलाई 2025 | स्थान: आगरा आगरा। सावन के महीने में प्रकृति जब हरियाली की चादर ओढ़ लेती है, तब भारतीय संस्कृति के सबसे जीवंत पर्वों में से एक, हरियाली तीज का आगमन होता है। इसी परंपरा को पूरे उल्लास और उत्साह के साथ शनिवार को इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (IIFT), आगरा के कैंपस में मनाया गया। इस अवसर पर फैशन और इंटीरियर डिजाइनिंग की छात्राएं पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर उत्सव के रंगों में सराबोर नजर आईं। संस्थान का परिसर लोक संगीत की धुनों, मेहंदी की मनमोहक सुगंध और छात्राओं की हंसी-ठिठोली से गूंज रहा था। यह उत्सव केवल मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह छात्राओं के लिए अपनी संस्कृति को गहराई से जानने का एक अवसर भी बना। परंपरा और आधुनिकता का संगम प्रतियोगिताओं ने बांधा समां तीज मेंहदी प्रतियोगिता की विजेता शिखा रहीं। इसके अतिरिक्त, लोकप्रिय खेल ‘तंबोला’ और कई अन्य प्रतियोगिताओं ने भी छात्राओं में भारी उत्साह भरा। इन प्रतियोगिताओं में स्नेहा, कल्पना, और सौम्या विजेता रहीं। सम्मान और सहयोग उत्सव के अंत में एक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। सभी विजेता छात्राओं को निदेशक श्री विनीत बवानिया, श्रीमती सोनालिका बवानिया और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. महेश धाकड़ द्वारा पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर फिल्म निर्देशक अविनाश वर्मा और सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित आनंद भी अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए अकादमिक तनाव से एक सुखद विराम और अपनी संस्कृति से जुड़ने का एक यादगार अवसर साबित हुआ।

Verified by MonsterInsights