आगरा की ‘लाइफ-लाइन’ अब ‘गड्ढा-लाइन’: मेट्रो निर्माण ने MG रोड को बनाया नरक, DM आवास के बाहर ही दिखी चकाचक सड़क!

आगरा। आगरा की जिस एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ कहा जाता था, वह अब ‘गड्ढा-लाइन’ में तब्दील हो गई है! बारिश और मेट्रो के निर्माण कार्य ने इस मुख्य सड़क की ऐसी दुर्दशा कर दी है कि हर 10 मीटर पर गहरे गड्‌ढे, बेहिसाब धूल के गुबार और हर मोड़ पर जलभराव लोगों के लिए बड़ी आफत बन गया है। आलम यह है कि शहर के केंद्र से गुजरने वाली इस सड़क पर डीएम आवास के ठीक बाहर का छोटा-सा हिस्सा ही चकाचक है, जबकि बाकी जगहों पर सफर करना किसी जोखिम भरे अभियान से कम नहीं।


7 KM का सफर बना ‘परीक्षा’, 50 मीटर भी बिना गड्ढे नहीं

दैनिक भास्कर टीम ने भगवान टॉकीज से अवंतीबाई चौराहे तक करीब 7 किलोमीटर के एमजी रोड का जायजा लिया, और चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे रास्ते में 50 मीटर सड़क भी ऐसी नहीं मिली जिस पर कोई गड्ढा न हो। वाहनों की रफ्तार थम सी गई है, और यात्री हिचकोले खाते हुए निकल रहे हैं।

  • पुजारी की गुहार: ढाकरान चौराहे पर स्थित प्राचीन पथवारी देवी मंदिर के पुजारी ने बताया कि जलभराव की समस्या इतनी विकट है कि जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ।
  • दुकानदारों का दर्द: एक दुकानदार ने नालियों की बदहाली को जलभराव का मुख्य कारण बताया, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
  • बच्चों की परेशानी: स्कूल जाने वाले बच्चों ने बताया कि बारिश में उनकी ड्रेस और जूते खराब हो जाते हैं, जिससे उन्हें भारी मुश्किल होती है।

अधिकारियों के घर के आगे चमकती सड़क, बाकियों को धूल और जाम की मार

एमजी रोड की यह बदहाली तब और अखरती है जब पता चलता है कि जिलाधिकारी, सीएमओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के घरों के ठीक सामने वाला सड़क का हिस्सा बिल्कुल दुरुस्त है। यह स्थिति आम जनता के लिए दोहरी मार है।

  • धूल के गुबार: मेट्रो निर्माण के कारण सड़क पर मिट्टी के ढेर और उड़ते धूल के गुबार लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रहे हैं।
  • जाम से बेहाल नागरिक: जिला न्यायालय आए एक बुजुर्ग ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि शाहगंज से दीवानी तक का 10 मिनट का सफर अब 1 घंटे में तय हो रहा है, जिससे उन्हें घंटों जाम में फंसा रहना पड़ रहा है।
  • काम पर असर: पानी के टैंकर चालक ने बताया कि गड्ढे और जाम उनके दैनिक काम को भी प्रभावित कर रहा है, जिससे उनका जो काम पहले 4-5 घंटे में खत्म हो जाता था, अब पूरा दिन लग रहा है।

एमजी रोड पर जगह-जगह बिखरी गिट्टी और गड्ढे, साथ ही नालियों के अभाव में जलभराव, ने इस सड़क को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ से हटाकर ‘परेशानी की लाइन’ बना दिया है। सवाल यह है कि आगरा की इस सबसे महत्वपूर्ण सड़क की दुर्दशा पर कब तक आंखें मूंदी जाएंगी और नागरिकों को इस जोखिम भरे सफर से कब मुक्ति मिलेगी।

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