ताजनगरी आगरा का करबला परिसर सूफ़ियाना अक़ीदत, रूहानी माहौल और गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रमुख केंद्र बना रहा। हज़रत सैयदना शाह अमीर अबुल उला की मक़बूल दरगाह के समीप करबला मैदान में स्थित हज़रत सैय्यद अबरार शाह मक्की मदनी रहमतुल्ला अलेह का 95वाँ सालाना उर्स मुबारक बड़े ही अक़ीदत, एहतराम और शफ़क़त के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर ताजनगरी सहित आसपास के इलाकों से भारी संख्या में पहुंचे ज़ायरीनों ने मज़ार-ए-अक़दस पर चादरपोशी की और मुल्क में खुशहाली की दुआएं मांगीं।
सर्वधर्म सम्भाव और भाईचारे की मिसाल बना उर्स हज़रत सैय्यद अबरार शाह मक्की मदनी (र०अ०) के इस 95वें उर्स मुबारक का मुख्य आकर्षण यहाँ दिखने वाला सर्वधर्म सम्भाव रहा। उर्स के तमाम धार्मिक व आध्यात्मिक अरकानों में सभी धर्मों और समुदायों के अक़ीदतमंदों ने एक साथ मिलकर शिरकत की। सभी धर्मों के लोगों ने एक मंच पर आकर समाज में शांति, सौहार्द, एकता और आपसी मोहब्बत का पैग़ाम दिया।
व्यापक स्तर पर हुआ लंगर का एहतमाम आयोजित उर्स मुबारक के पावन मौके पर आयोजकों की ओर से आम व ख़ास सभी ज़ायरीनों के लिए विशाल लंगर का भव्य एहतमाम किया गया। बाबा के दरबार में हाज़िरी देने पहुंचे हज़ारों अक़ीदतमंदों में तबर्रुक के तौर पर लंगर तक्सीम किया गया। दिन भर कव्वालियों और सूफ़ियाना कलामों की गूंज से पूरा करबला परिसर रूहानी तासीर से सराबोर रहा। उर्स के समापन पर देश में अमन-चैन और तरक़्क़ी के लिए सामूहिक दुआ की गई।






























































































