आगरा। ताजनगरी में इस वर्ष भगवान परशुराम जन्मोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। महर्षि परशुराम जन्मोत्सव समिति के तत्वाधान में आयोजित होने वाले इस विराट उत्सव में आगरा के कोने-कोने से श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव के कार्यक्रमों की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि इस बार का आयोजन भक्ति और भव्यता का अनूठा संगम होगा।
भगवान परशुराम जन्मोत्सव: पांच कुण्डीय हवन से होगा मंगल शुभारंभ
समिति के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में कार्यक्रमों की विधिवत शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को जमुना किनारा स्थित महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज के प्रांगण में होगी। यहां प्रातः 8 बजे से प्रकांड विद्वान आचार्यों के सानिध्य में एक विशाल पांच कुण्डीय हवन यज्ञ आयोजित किया जाएगा। इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करना और विश्व कल्याण के लिए आहुतियां देना है।
अध्यक्ष ने आगरा की धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे इस हवन में सपरिवार शामिल हों। भगवान परशुराम जन्मोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले इस हवन के उपरांत विशाल भंडारे की व्यवस्था भी की गई है। आगरा के विभिन्न सामाजिक और ब्राह्मण संगठनों ने भी इस भव्य आयोजन में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की है, जिससे उत्सव का स्वरूप और भी व्यापक होने जा रहा है।
भव्य शोभायात्रा और भगवान परशुराम जन्मोत्सव का रूट चार्ट
युवा वर्ग के अध्यक्ष शशांक तिवारी ने बताया कि मुख्य शोभायात्रा से पूर्व शहर के प्रत्येक घर तक जन्मोत्सव का संदेश पहुंचाने के लिए 22 अप्रैल 2026 को एक भव्य आमंत्रण यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा सायं 4 बजे जीवनी मंडी स्थित मातंगी टावर से प्रारंभ होगी। भगवान परशुराम जन्मोत्सव की मुख्य शोभायात्रा 23 अप्रैल को सायं 4 बजे महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज से प्रस्थान करेगी।
शोभायात्रा प्रभारी कमल शर्मा ने विस्तार से बताया कि नगर भ्रमण के दौरान मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा और आरती के साथ भगवान परशुराम जी का स्वागत किया जाएगा। इस बार भगवान परशुराम जन्मोत्सव को लेकर स्थानीय निवासियों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है, जिसके लिए मार्ग को विशेष ध्वजाओं और तोरण द्वारों से सजाया जा रहा है।
शोभायात्रा के मुख्य आकर्षण:
- एटा का सुप्रसिद्ध काली का अखाड़ा और बाहुबली हनुमान झांकी।
- अघोरी नृत्य टोली और राधा-कृष्ण के मनमोहक स्वरूप।
- भगवान परशुराम जन्मोत्सव का विशेष अलौकिक डोला।
- दो दर्जन से अधिक विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां।
भगवान परशुराम जन्मोत्सव की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था
मीडिया प्रभारी मुकुल जमदग्नि ने स्पष्ट किया कि भगवान परशुराम जन्मोत्सव की संवेदनशीलता और विशाल भीड़ को देखते हुए प्रशासन के साथ पहले ही बैठक की जा चुकी है। ट्रैफिक रूट डायवर्जन, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा बल की तैनाती को लेकर पुलिस प्रशासन ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। आयोजन समिति के सैकड़ों स्वयंसेवक भी शोभायात्रा के दौरान व्यवस्था संभालने में तैनात रहेंगे।
संयोजक जुगल किशोर शर्मा ने सभी पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि भगवान परशुराम जन्मोत्सव के माध्यम से समाज में एकता और वीरता का संदेश प्रसारित किया जाएगा। प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से राहुल चतुर्वेदी, योगेश भारद्वाज, आचार्य राहुल रावत, अमित शर्मा, संजय शर्मा, रानू रावत, शिवम शर्मा, नितेश भारद्वाज और अमोल दीक्षित सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।































































































