आगरा। ताजनगरी के थाना ताजगंज क्षेत्र में तीन साल पहले हुए सनसनीखेज नरेश कुमार हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार ने मृतक नरेश की पत्नी प्रेमिता, उसके प्रेमी रविकांत राजपूत और प्रेमी के भाई शशिकांत राजपूत को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर 1.10-1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने और अपनी ही मां को सजा दिलाने में मृतक की मासूम पुत्री लवली की गवाही सबसे अहम साबित हुई।
घर के पीछे खाली प्लॉट में बोरे में बंद मिला था नरेश का शव
प्राथमिकी के अनुसार, 8 जून 2021 को थाना ताजगंज में सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी निवासी सुरेश चंद ने तहरीर देकर अपने बेटे नरेश कुमार की हत्या का आरोप लगाया था। सुरेश चंद ने बताया कि सुबह उन्हें फोन पर सूचना मिली कि नगला कली पुष्पांजलि होम्स स्थित नरेश के घर के पीछे खाली प्लॉट में एक बोरे में बंद शव पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर शव की शिनाख्त नरेश के रूप में हुई। पिता ने अपनी बहू प्रेमिता उर्फ प्रमिता पर शक जताया था। पुलिस विवेचना में शिकोहाबाद निवासी रविकांत राजपूत (प्रेमिता का प्रेमी) और उसके भाई शशिकांत राजपूत के नाम सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने हत्या, साक्ष्य छिपाने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की।
मासूम बेटी ने अदालत को सुनाई कत्ल की खौफनाक दास्तान
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश 10 गवाहों में मृतक की पुत्री लवली की गवाही सबसे महत्वपूर्ण रही। लवली ने अदालत को बताया कि घटना वाले दिन उसके मम्मी-पापा में झगड़ा हो रहा था। मम्मी ने लवली और उसके दो भाई-बहनों को कोल्डड्रिंक और मोबाइल देकर कमरे में बंद कर दिया और बाहर से कुंदी लगा दी। रात में लवली को पापा की चीख-पुकार और मारपीट की आवाजें सुनाई दीं, लेकिन डर के मारे वे कमरे में ही दुबके रहे।
लवली ने गवाही में आगे बताया कि रात लगभग 3 बजे जब उसकी नींद खुली, तो उसने कुंडी खुलवाने की कोशिश की, लेकिन मां ने डांटकर चुप करा दिया। कुछ देर बाद जब दरवाजा खुला, तोLovely ने बेड और दीवार पर खून के धब्बे देखे। मां रात को नहा रही थी और दीवार पर नाखून व खून के निशान थे। पापा घर में कहीं नहीं दिखे। मां ने बहाना बनाया कि वे छत पर सो रहे होंगे, लेकिन वे वहां भी नहीं थे। सुबह घर के पीछे पापा का शव मिला। लवली ने अदालत में दृढ़ता से कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी मम्मी ने रविकांत और शशिकांत अंकल के साथ मिलकर पापा की हत्या कर दी।” लवली ने यह भी पुष्टि की कि कमरे में बंद होने के बाद उसने दोनों अंकल की आवाजें सुनी थीं, जो पहले भी घर आते-जाते रहते थे। इसी मासूम की बहादुरी और सच्चाई ने उसकी बेवफा मां और उसके साथियों को सजा दिलाई।






























































































