Agra News: प्रेम विवाह पर खूनी रंजिश, साले ने जीजा को रेता

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Agra News लोहामंडी थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह से उपजी रंजिश ने उस वक्त खूनी मोड़ ले लिया, जब एक युवती के भाइयों ने अपने ही जीजा को जान से मारने की कोशिश की। यह पूरी घटना गोकुलपुरा इलाके की है, जहाँ पुरानी रंजिश और झूठी शान की खातिर सगे साले अपने ही जीजा के खून के प्यासे बन गए। दो साल पुरानी मोहब्बत और कोर्ट मैरिज: गोकुलपुरा निवासी शिवम का उसी इलाके की एक युवती से लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के परिवारों के बीच जाति या अन्य सामाजिक कारणों से सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद करीब दो साल पहले शिवम और युवती ने दिल्ली जाकर कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद परिवार के गुस्से से बचने के लिए शिवम अपनी पत्नी के साथ राजस्थान के रेवाड़ी में शिफ्ट हो गया था। वहां वह अपना ट्रांसपोर्ट का कारोबार कर रहा था और अपनी शादीशुदा जिंदगी में खुश था। बीमार पिता को देखने आया था शिवम: शिवम के परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उसके पिता की तबीयत काफी खराब चल रही थी। पिता की हालत बिगड़ने की सूचना मिलते ही शिवम अपनी पत्नी के साथ आगरा आया था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि दो साल बाद भी ससुराल पक्ष के दिल में नफरत की आग ठंडी नहीं हुई है। जैसे ही शिवम लोहामंडी क्षेत्र के रास्ते से गुजर रहा था, पहले से घात लगाकर बैठे साले और उसके रिश्तेदारों ने उसे घेर लिया। सिर पर पीछे से वार और फरार हमलावर: आरोप है कि हमलावरों ने पीछे से शिवम के सिर पर चाकू से कई वार किए। हमला इतना अचानक और तेज था कि शिवम को संभलने का मौका तक नहीं मिला। खून से लथपथ होकर वह सड़क पर ही गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के लोग इकट्ठा हुए, हमलावर वहां से फरार हो चुके थे। आनन-फानन में घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिसिया कार्रवाई और पत्नी के आरोप: शिवम की पत्नी ने अपने सगे भाइयों और अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पत्नी का स्पष्ट कहना है कि उसके भाई इस शादी के शुरू से खिलाफ थे और उन्होंने हत्या की साजिश रचकर हमला किया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक रिश्तेदार को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी भाइयों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

Agra के Kagarol थाने में मिशन शक्ति के तहत छात्राओं का भ्रमण

Agra में उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत, शनिवार को Kagarol थाने में स्थानीय छात्राओं को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं ने थाने का भ्रमण कर पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कानून और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना था। थानाध्यक्ष अंकुर मलिक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और निडर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी है। महिला सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मी रानी ने छात्राओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी, जिनमें महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 शामिल हैं। उन्होंने इन सेवाओं के उपयोग और इनके माध्यम से मिलने वाली कानूनी मदद के बारे में भी विस्तार से बताया। इस दौरान छात्राओं ने थाना परिसर का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा शांत की। इस अवसर पर विद्यालय के इंचार्ज पंकज कुमार सिंघल और अध्यापक धर्मेंद्र सिंह भी मौजूद थे। यह कार्यक्रम छात्राओं को सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश देने में महत्वपूर्ण रहा।

Agra में ‘Mission Shakti 5.0’ के तहत महिला सम्मान कार्यक्रम का आयोजन

Agra में उत्तर प्रदेश शासन के ‘Mission Shakti 5.0’ अभियान के अंतर्गत, शनिवार, 27 सितंबर 2025 को Agra Police और वामा सारथी कमिश्नरेट आगरा के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य ‘महिला सम्मान कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में सूरसदन प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बेबी रानी मौर्य (उत्तर प्रदेश बाल विकास, पुष्टाहार एवं महिला कल्याण विभाग मंत्री), बबीता सिंह (उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग अध्यक्ष), जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार, और एडिशनल सीपी आगरा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें सिविल सोसाइटी में समाज कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए विशिष्ट कार्य करने वाली महिलाएं और आगरा पुलिस में सराहनीय योगदान देने वाली महिला पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल थीं। इन सभी को स्मृति चिन्ह देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

Agra के Malpura थाने में 17 वाहनों की नीलामी 30 सितंबर को

Agra के Malpura थाने में जब्त किए गए कुल 17 वाहनों की नीलामी 30 सितंबर 2025 को की जाएगी। इनमें दोपहिया और चारपहिया, दोनों प्रकार के वाहन शामिल हैं। यह नीलामी सहायक पुलिस आयुक्त, सैंया की अध्यक्षता में संपन्न होगी। नीलामी में लावारिस, मोटर वाहन अधिनियम (MVA) के तहत जब्त और विभिन्न मुकदमों से संबंधित वाहन शामिल किए गए हैं। नीलामी में भाग लेने के नियम नीलामी में भाग लेने के इच्छुक बोलीदाताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम निर्धारित किए गए हैं: पुलिस ने बताया कि यह नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और नियमों का पालन न करने वाले किसी भी बोलीदाता को भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

आगरा में ‘I Love Muhammad’ पोस्टर विवाद: पुलिस अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च

आगरा। कानपुर में बारावफात के जुलूस के दौरान ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आगरा तक पहुँच गया है, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। आगामी त्योहारों और जुमे की नमाज़ के मद्देनजर शहर के संवेदनशील और मुस्लिम बहुल इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों ने पर्याप्त बल के साथ कई थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। पुलिस सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रही है ताकि कोई भी भड़काऊ पोस्ट या अफवाह न फैले। ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर को लेकर पुलिस अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में गश्त जारी

आगरा में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर को लेकर पुलिस अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में गश्त जारी

आगरा। कानपुर में बारावफात के जुलूस के दौरान ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आगरा तक पहुँच गया है। शहर के कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों में भी ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जुमे की नमाज के मद्देनजर, जामा मस्जिद समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है। गुरुवार को मंटोला क्षेत्र में पोस्टर लगे होने की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और उन्हें हटवा दिया। हालांकि, वजीरपुरा के पास लगाया गया एक पोस्टर अब भी लगा हुआ है। पुलिस ने इसे गुरुवार को भी हटाने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई थी। पोस्टर किसने और कब लगाए, इस बारे में कोई भी बात करने को तैयार नहीं है। इसे किसी तरह की साजिश मानकर एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस-प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी पोस्टर विवाद और जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है। इस दौरान मुगल रोड पर लगा एक पोस्टर भी पुलिस ने हटवा दिया है। पुलिस का कहना है कि वे शहर में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

आगरा में तीन महीने बाद अपहरण का मुकदमा दर्ज, हैदराबाद जा रहा युवक हुआ था लापता

आगरा। पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद आखिरकार आगरा के थाना सदर में एक युवक के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा युवक के लापता होने के करीब तीन महीने बाद दर्ज हुआ है। पीड़ित परिवार ने युवक की हत्या की आशंका जताई है और उसके दोस्त की गिरफ्तारी की मांग की है। यह मामला 21 जून का है, जब धौलपुर निवासी गौरव अपने दोस्त सुधर सिंह के साथ हैदराबाद में नौकरी के लिए निकला था। गौरव के भाई लवकुश ने उन्हें आगरा के जगनेर तक छोड़ा, जहाँ से वे इको कार में बैठकर शाम करीब 5:30 बजे ईदगाह बस अड्डे पर उतरे। इसके बाद, गौरव ने अपने हैदराबाद में रहने वाले भाई धर्मेंद्र से फोन पर ₹510 मंगवाए। पैसे मिलने के बाद से ही गौरव का कोई पता नहीं चला। दोस्त ने दिया गोलमोल जवाब जब गौरव हैदराबाद नहीं पहुँचा, तो उसके भाई ने उसके दोस्त सुधर सिंह से जानकारी ली। सुधर ने बताया कि गौरव अटल चौक तक उसके साथ था, लेकिन उसके बाद वह कहाँ गया, उसे पता नहीं। सुधर ने यह भी कहा कि वह उसी दिन वापस धौलपुर लौट आया था। इसके बाद, 25 जून को गौरव के परिवार ने थाना सदर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। गौरव के भाई का आरोप है कि वह तब से लगातार सुल्तानपुरा चौकी और थाना सदर के चक्कर काट रहा था, लेकिन पुलिस ने अपहरण की आशंका पर कोई सुनवाई नहीं की। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर हुआ मुकदमा दर्ज पुलिस की अनदेखी के बाद, गौरव के भाई ने सीधे पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। कमिश्नर के आदेश पर ही अब जाकर थाना सदर में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है। गौरव के भाई ने पुलिस से गौरव के साथ गए उसके दोस्त सुधर सिंह की गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। पुलिस ने अब इस मामले में गहनता से जांच शुरू कर दी है।

ताजमहल देखने आए पर्यटक की बिगड़ी तबीयत, आगरा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम ने पहुंचाई मदद

आगरा। ताजमहल देखने आए एक पर्यटक की बुधवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद वह बेहोश होकर गिर गए। सूचना मिलते ही ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पर्यटक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। यह घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से अपने परिवार के साथ ताजमहल देखने आए अनिल कुमार मीणा (पुत्र सूरज प्रसाद) ताजमहल देखकर लौटते समय पश्चिम एग्जिट गेट के पास अचानक बेहोश हो गए। पुरातत्व विभाग के कर्मचारी ने फौरन पश्चिमी गेट पर मौजूद थाना ताज सुरक्षा पुलिस की QRT को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक तिलक राम भाटी के निर्देशन में उप निरीक्षक शिवराज सिंह तुरंत हरकत में आए। पुलिसकर्मी पर्यटक को सहारा देकर एग्जिट गेट तक लाए। पश्चिमी पार्किंग स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र से एंबुलेंस चालक भूर सिंह को तुरंत पश्चिमी गेट पर बुलाया गया। पर्यटक को डॉक्टर रिंकू बघेल द्वारा प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। पर्यटक के रिश्तेदार सरदार सिंह मीणा भी उनके साथ थे। उन्होंने आगरा पुलिस की त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस टीम में मुख्य आरक्षी विजय प्रताप यादव, आरक्षी शाहरुख खान और महिला आरक्षी प्रीति शामिल थीं। पर्यटक का इलाज इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है।

आगरा: भाजपा जिलाध्यक्ष के ऑपरेटर के भाई से रिश्वत लेने वाला दारोगा निलंबित

आगरा। आगरा में एक बार फिर पुलिसकर्मी पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप लगा है। इस बार भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया के कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर के भाई से मुकदमा दर्ज करने के एवज में ₹15,000 की घूस वसूलने का मामला सामने आया है। यह रिश्वत ताजगंज क्षेत्र की एकता पुलिस चौकी पर तैनात अंडर ट्रेनिंग दारोगा विवेक चौहान ने ली थी। मामला पुलिस आयुक्त दीपक कुमार तक पहुँचने के बाद हड़कंप मच गया, और दारोगा ने रिश्वत की रकम वापस कर दी। इसके बावजूद, डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दारोगा विवेक चौहान को निलंबित कर दिया है और विभागीय जाँच के आदेश दिए हैं। क्या है पूरा मामला? भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया ने बताया कि उनके कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात उदय सिंह का भाई सत्यपाल जनसेवा केंद्र चलाता है। 2 सितंबर को कुछ लोगों ने, जिनमें बंटी नामक व्यक्ति प्रमुख था, सत्यपाल के जनसेवा केंद्र पर पहुँचकर मारपीट और तोड़फोड़ की थी। पीड़ित ने तत्काल 112 नंबर पर कॉल करके घटना की सूचना दी थी। सत्यपाल ने घटना की तहरीर ताजगंज थाने में दी, जिसे जाँच के लिए एकता पुलिस चौकी भेजा गया। आरोप है कि चौकी पर तैनात अंडर ट्रेनिंग दारोगा विवेक चौहान ने मुकदमा दर्ज करने के लिए सत्यपाल से ₹25,000 की घूस माँगी। अंत में बातचीत के बाद दारोगा ने ₹15,000 ले लिए। झूठे मुकदमे की धमकी देकर वसूली उदय सिंह ने बताया कि उनके भाई सत्यपाल को यह धमकी भी दी गई थी कि अगर घूस नहीं दी गई, तो विपक्षियों की ओर से दी गई दुराचार की झूठी तहरीर के आधार पर सत्यपाल के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा। इस डर से सत्यपाल ने घूस दे दी थी। मामले की जानकारी जब भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया को मिली, तो उन्होंने सीधे पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की। शिकायत के बाद दारोगा विवेक चौहान ने घूस की रकम तो लौटा दी, लेकिन डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने इसे गंभीर मानते हुए दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जाँच बैठा दी है।

आगरा: जातिसूचक शब्द लिखे वाहनों पर पुलिस का शिकंजा, 44 का चालान

आगरा। आगरा में पुलिस ने जातिसूचक शब्द लिखे वाहनों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया है। शासन के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के तहत, पुलिस ने ऐसे 44 वाहनों का चालान किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि जिन भी वाहनों पर जातिसूचक शब्द लिखे पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर जोन पुलिस ने इस अभियान के दौरान सड़कों पर चल रहे ऐसे वाहनों को रोककर उन पर लगे स्टिकर और लिखे गए शब्द हटवाए। पुलिस ने वाहन चालकों को चेतावनी दी है कि वाहनों पर जातिसूचक शब्द लिखना नियमों का उल्लंघन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे खुद ही ऐसे स्टिकर और शब्द हटा लें। पुलिस का कहना है कि यह अभियान अभी कई दिनों तक जारी रहेगा और नियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर लगातार जुर्माना लगाया जाएगा। चालान किए गए 44 वाहनों में ऑटो, कार, स्कूटर और बाइक सभी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नंबर प्लेट या हेडलाइट के ऊपर कुछ भी लिखना नियमों के खिलाफ है। इस तरह के विशेष अभियान समय-समय पर चलाए जाते रहेंगे, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

आगरा में रूसी नागरिक की मौत, पुलिस ने ईसाई रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार

आगरा। आगरा में एक 56 वर्षीय रूसी नागरिक सर्जेल प्लाखोटिया की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिवार द्वारा शव ले जाने में असमर्थता जताने पर, आगरा पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए उनका ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार का पूरा खर्च थाना एमएम गेट पुलिस ने उठाया। सर्जेल प्लाखोटिया जुलाई में टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और उन्होंने मथुरा में इस्कॉन मंदिर सहित कई जगहों पर समय बिताया। बताया जा रहा है कि मथुरा में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें 7 अगस्त को इलाज के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। 15 अगस्त को उनका निधन हो गया। 33 दिन तक किया गया इंतजार पोस्टमॉर्टम के बाद सर्जेल का शव 33 दिनों तक पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर में रखा गया था। इस दौरान, एमएम गेट थाना पुलिस ने दिल्ली स्थित रूसी दूतावास के माध्यम से उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद पुलिस को उनके परिजनों का पता चला, लेकिन उनकी मां ने भारत आकर शव ले जाने में असमर्थता व्यक्त की। माँ ने भारत सरकार और आगरा पुलिस से शव का अंतिम संस्कार करने का अनुरोध किया था। जिसके बाद, पुलिस ने धार्मिक सम्मान के साथ सर्जेल का अंतिम संस्कार किया।

आगरा कमिश्नरेट की SOG और सर्विलांस सेल भंग, इनामी बदमाश के सरेंडर से पुलिस कमिश्नर नाराज?

आगरा। आगरा में पुलिस कमिश्नर ने अपनी एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और सर्विलांस सेल को भंग कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत 14 पुलिसकर्मियों को पूर्वी जोन में भेजा गया है, जबकि 9 को विभिन्न थानों में तैनात किया गया है। चर्चा है कि पुलिस कमिश्नर की इस सख्ती की वजह सिकंदरा के इनामी अपराधी फारुख का गुपचुप तरीके से कोर्ट में सरेंडर करना है। फारुख एक ज्वेलर हत्याकांड में फरार चल रहा था। हालांकि, अधिकारी इस बात से इनकार कर रहे हैं। आगरा कमिश्नरेट में नगर, पूर्वी और पश्चिमी – तीन जोन हैं, जिनकी अपनी-अपनी एसओजी और सर्विलांस सेल मौजूद हैं। इसके अलावा, एक केंद्रीय एसओजी और सेल पुलिस कमिश्नर के अधीन भी काम कर रही थी, जिसके प्रभारी जैकब फर्नांडिस थे। पिछले दिनों थाना सिकंदरा में एक ज्वेलर से लूट और हत्या के मामले में फरार चल रहे इनामी बदमाश फारुख ने पुलिस की तलाश के बीच अचानक कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इस घटना से पहले, पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी अमन को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। तभी से फारुख की तलाश जारी थी। सूत्रों के अनुसार, फारुख के सरेंडर करने के बाद पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार काफी नाराज़ थे। माना जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते ही उन्होंने अपनी एसओजी और सर्विलांस सेल को भंग करने का फैसला लिया है। हालांकि, पुलिस आयुक्त ने इस कारण को खारिज करते हुए कहा है कि हर जोन की अपनी एसओजी और सेल है, जिसकी निगरानी डीसीपी करते हैं। अपराध होने पर थाना पुलिस भी काम करती है, इसलिए जोन के अलावा एक अलग से केंद्रीय एसओजी की आवश्यकता नहीं थी। इस स्थानांतरण का आदेश अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह ने जारी किया है, क्योंकि एक जोन से दूसरे जोन में तबादला करने का अधिकार उन्हीं के पास होता है।

आगरा में शटर तोड़कर चोरी करने वाले गैंग का खुलासा, मुठभेड़ में एक बदमाश को गोली लगी

आगरा। आगरा में बंद दुकानों के शटर तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गैंग का शनिवार को पर्दाफाश हुआ है। थाना रकाबगंज पुलिस ने मुठभेड़ के बाद इस गैंग के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उनके पास से चोरी की गई लगभग 2 लाख रुपये की नकदी, एक ई-रिक्शा और अवैध हथियार बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने कुछ दिन पहले शिवाजी मार्केट के काजीपाड़ा में लवीना गारमेंट्स का शटर तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें वे कैश काउंटर से पैसे चुराकर ले गए थे। इस घटना के बाद से पुलिस उनकी तलाश में थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने पीडब्ल्यूडी चौराहे के पास एक खंडहर में बदमाशों की घेराबंदी की। इस दौरान एक बदमाश ने अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली बदमाश के पैर में लगी, जिसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए चोरों के पास से पुलिस ने 1,71,710 रुपये की नगदी, एक ई-रिक्शा और एक अवैध तमंचा बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि इस गैंग के पकड़े जाने से क्षेत्र में हुई कई चोरियों का खुलासा हुआ है।

आगरा में कई थाना प्रभारियों का तबादला, हरीपर्वत, सिकंदरा, नाई की मंडी, लोहामंडी और जगदीशपुरा के प्रभारी बदले गए

आगरा। आगरा में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इसमें सबसे अहम तबादले हरीपर्वत और सिकंदरा थाना प्रभारियों के हुए हैं। इन थाना प्रभारियों का हुआ तबादला: यह बदलाव पुलिस कमिश्नर द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और शहर में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

आगरा में ATM पर ठगी का नया तरीका, ‘क्लोरोफॉर्म गैंग’ के 5 सदस्य गिरफ्तार

आगरा। ठगों ने अब एटीएम से धोखाधड़ी का एक नया और खतरनाक तरीका निकाला है। वे एटीएम में रुपए निकालने वाले लोगों को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते हैं और उनके एटीएम कार्ड बदलकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं। आगरा पुलिस ने ऐसे ही एक गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 52 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। ऐसे करते थे वारदात एसीपी हरीपर्वत अक्षय ने बताया कि बीते 5 अगस्त को रुनकता क्षेत्र में एटीएम से पैसे निकालने आए एक व्यक्ति को इस गैंग ने क्लोरोफॉर्म सुंघाकर बेहोश कर दिया था और उसका एटीएम कार्ड बदल दिया। अगले ही दिन पीड़ित के खाते से 20 हजार रुपए निकाल लिए गए, जिसके बाद उसने सिकंदरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद इस ‘क्लोरोफॉर्म गैंग’ के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान सोहिल (सरगना), अमन, खालिद, हारून और फराज के रूप में हुई है, ये सभी गाजियाबाद के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपनी कार में क्लोरोफॉर्म लेकर एटीएम के बाहर इंतजार करते थे। जब कोई व्यक्ति एटीएम में आता, तो वे उसे बातों में उलझाकर उसका पासवर्ड पता कर लेते थे और कार्ड बदल देते थे। जो व्यक्ति उनकी बातों में नहीं आता था, उसे वे क्लोरोफॉर्म सुंघाकर बेहोश कर देते थे और कार्ड बदलकर पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने बताया कि इस गैंग से पूछताछ कर अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

आगरा: 12 साल की मासूम से रेप का किरायेदार आरोपी पुलिस एनकाउंटर में गिरफ्तार, बाएं पैर में लगी गोली

आगरा। आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में एक बेहद जघन्य अपराध सामने आया है। यहां एक किरायेदार ने शुक्रवार-शनिवार की रात एक 12 साल की नाबालिग से बेहोश कर रेप किया। घटना के बाद पीड़िता के परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शनिवार रात पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। परिवार पानी भर रहा था और वारदात को दिया अंजाम पीड़िता के पिता ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं और एक महीने पहले ही यहां किराए पर रहने आए थे। शुक्रवार की रात पानी की किल्लत की वजह से परिवार सुबह 3 बजे नल से पानी भरने के लिए उठा। इस दौरान परिवार के लोग दरवाजा खुला छोड़कर पानी भरने चले गए। इसी बीच दूसरे किराएदार छोटू ने उनकी 12 साल की बेटी के मुंह पर रुमाल डालकर उसे बेहोश कर दिया। बेहोशी की हालत में वह उसे दूसरी मंजिल पर ले गया, जहां उसने अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गया। दोपहर 3 बजे लड़खड़ाती हुई नीचे उतरी मासूम शनिवार दोपहर तक परिजनों ने बेटी की तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। दोपहर करीब 3 बजे पीड़िता छत से लड़खड़ाती हुई नीचे उतरी और परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजनों ने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। एनकाउंटर में पकड़ा गया आरोपी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। इसी बीच, पुलिस को ईंट की मंडी क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली। पुलिस ने उसे घेर लिया, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में आरोपी राजू (छोटू) के बाएं पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और इलाज के लिए अस्पताल भेजा है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल कराया गया है और फील्ड यूनिट ने सबूत जुटाए हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगरा में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: मुठभेड़ में ऑटो लुटेरे और ज्वैलरी चोर गिरफ्तार, दोनों के पैर में लगी गोली

आगरा। आगरा पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ लगातार दो सफल मुठभेड़ों को अंजाम दिया है। मंगलवार को थाना सदर और थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए लूट और चोरी के मामलों में वांछित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। दोनों मुठभेड़ों में एक-एक अपराधी घायल हुआ है, जिनके पैर में गोली लगी है। ऑटो में मारपीट और लूट करने वाले 3 गिरफ्तार थाना सदर पुलिस टीम ने 48 घंटे के भीतर ऑटो में बैठाकर एक व्यक्ति के साथ मारपीट और लूट करने वाले तीन अभियुक्तों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान एक अपराधी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस ने इन लुटेरों के कब्जे से एक तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस, वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो और लूटा हुआ मोबाइल फोन व ₹730/- नकद बरामद किए हैं। शटर काटकर चोरी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार वहीं, दूसरी ओर थाना ट्रांस यमुना पुलिस टीम ने भी मुठभेड़ के बाद एक अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो 23 अगस्त 2025 को एक ज्वैलर्स की दुकान का शटर काटकर चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया था। मुठभेड़ में यह चोर भी घायल हो गया और उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा, एक जिंदा और दो खोखा कारतूस, चोरी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और चोरी किए गए आभूषण बरामद किए हैं।

आगरा में ‘फेसबुक दोस्ती’ पड़ी महंगी: चांदी कारोबारी से 1.12 करोड़ की ठगी, राधिका राय ने क्रिप्टो करेंसी के नाम पर फंसाया

आगरा। आगरा के कमला नगर निवासी एक चांदी कारोबारी को फेसबुक पर बनी दोस्ती इतनी महंगी पड़ी कि महज 18 दिनों में उनसे 1.12 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। राधिका राय नामक एक महिला साइबर अपराधी ने पहले सोशल मीडिया पर कारोबारी से दोस्ती की, फिर कॉल और मैसेज के जरिए उन्हें बातों में फंसाया। विश्वास जीतने के बाद युवती ने क्रिप्टो करेंसी में मोटे मुनाफे का लालच देकर इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है, और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फेसबुक से वॉट्सएप तक, जालसाज ने ऐसे किया संपर्क कमला नगर के रश्मि नगर निवासी पीड़ित मनीष गुप्ता ने पुलिस को बताया कि अप्रैल महीने में उन्हें ‘राधिका राय’ नामक महिला की फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई, और कुछ ही दिनों में उन्होंने एक-दूसरे के साथ वॉट्सएप नंबर भी साझा कर लिए। मनीष गुप्ता ने महिला को अपने चांदी कारोबारी होने की जानकारी भी दी। क्रिप्टो करेंसी का लालच और ऐप डाउनलोड का झांसा कुछ दिनों बाद, राधिका राय ने मनीष गुप्ता के वॉट्सएप नंबर पर ‘एमेक्सयूएस.सीसी’ (AmexUS.cc) नाम से एक लिंक भेजा। उसने कारोबारी को बताया कि उसने हाल ही में क्रिप्टो करेंसी में निवेश किया था और उसे इसमें काफी अच्छा मुनाफ़ा हुआ है, और उन्हें भी निवेश करने की सलाह दी। राधिका राय ने अपनी मीठी-मीठी बातों से कारोबारी को पूरी तरह फंसा लिया। मनीष गुप्ता ने उसके भेजे गए लिंक के माध्यम से ऐप डाउनलोड कर लिया और उस पर अपना खाता भी खोल लिया। शुरुआती तौर पर, 26 अप्रैल को उन्होंने बताए गए खाते में 50 हजार रुपये स्थानांतरित किए। 18 दिन में 1.12 करोड़ साफ, फिर गायब हुई जालसाज शुरुआती निवेश के बाद भी राधिका राय लगातार मनीष गुप्ता के संपर्क में रही और उन्हें निवेश के लिए उकसाती रही। इस तरह उसने कई बार में अलग-अलग खातों में कुल 1.12 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब मनीष गुप्ता ने और निवेश करने से मना किया और अपने पैसे वापस मांगे, तो युवती उन्हें टहलाने लगी और लगातार और निवेश का दबाव बनाने लगी। जब मनीष गुप्ता को अपनी ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तत्काल साइबर थाना पुलिस से शिकायत की। साइबर थाना प्रभारी रीता सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और ठगी की गई रकम जिन खातों में स्थानांतरित की गई है, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। धोखाधड़ी से बचने के लिए तुरंत करें शिकायत पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर वे किसी भी तरह की धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी के शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। यह घटना साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों और सोशल मीडिया पर बढ़ती धोखाधड़ी के प्रति लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देती है।

आगरा: जुआरी पकड़े, ‘माननीय’ का आया फोन – ‘छोड़ दो गांव के बच्चे हैं इतना बड़ा कोई अपराध नहीं किया’, पर थाना प्रभारी ने नहीं सुनी, भेजे जेल

आगरा। आगरा में एक बार फिर पुलिस की ईमानदारी और राजनीतिक प्रभाव के बीच का टकराव सामने आया है। थाना डौकी पुलिस ने जुए की सूचना पर छापा मारकर चार जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा और थाने ले आई। लेकिन, तभी सिफारिश के लिए एक ‘माननीय’ (कथित माननीय नेता) का फोन थाने पहुंचा। ‘माननीय’ ने पुलिस पर जुआरियों को छोड़ने का दबाव बनाते हुए कहा, “गांव के बच्चे हैं, जुआ कोई बड़ा अपराध नहीं किया है, ताश ही तो खेल रहे थे।” हालांकि, थाना प्रभारी ने ‘माननीय’ के दबाव में न आकर उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ा दिया और नियमों के तहत कार्रवाई की। यह ‘माननीय’ पहले भी ऐसी सिफारिशों को लेकर चर्चा में रहे हैं। डौकी पुलिस का छापा: 9400 रुपए बरामद, स्कार्पियो भी जब्त डौकी पुलिस को सूचना मिली थी कि मलखानपुर के पास एक खेत में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर थाना प्रभारी योगेश नागर ने अपनी टीम के साथ मौके पर छापा मारा। पुलिस को देखते ही जुआ खेल रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से चार जुआरियों को पकड़ा, जिनमें डोमर सिंह (ग्राम कोटरा फतेहाबाद), रवीश, यशपाल (नगला देवहंस डौकी) और कमल कटारा (ताजगंज) शामिल हैं। जुए की फड़ से पुलिस ने 9400 रुपए नकद बरामद किए और एक स्कार्पियो कार भी जब्त की। इस दौरान तीन अन्य आरोपी – हरिओम, करुआ और मलिंगा – भागने में सफल रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। ‘माननीय’ का सिफारिशी फोन: ‘बड़ा अपराध नहीं किया, गांव के बच्चे हैं’ सूत्रों के अनुसार, पुलिस जैसे ही आरोपियों को थाने लेकर आई, एक ‘माननीय’ का सीधा फोन थाना प्रभारी को पहुंचा। उन्होंने थाना प्रभारी से जुए में पकड़े गए आरोपियों पर कार्रवाई न करने का अनुरोध किया। जब थाना प्रभारी ने अपनी असमर्थता जताई, तो ‘माननीय’ नाराज हो गए। उन्होंने तर्क दिया कि जुआरियों ने “कोई बड़ा अपराध नहीं किया है”, और “गांव के बच्चे ताश ही तो खेल रहे थे।” इस पर थाना प्रभारी योगेश नागर ने उन्हें स्पष्ट किया कि यह केवल “ताश खेलना” नहीं था, बल्कि “नाल पर जुआ हो रहा था और इसमें बाहर के लोग भी शामिल थे।” थाना प्रभारी की दृढ़ता के बाद ‘माननीय’ ने फोन काट दिया। पुलिस की कार्रवाई और अखंडता पर सवाल यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि समाज में कुछ प्रभावशाली लोग किस तरह कानून को अपने इशारों पर नचाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, थाना प्रभारी योगेश नागर की कार्रवाई और उनकी नैतिकता ने पुलिस बल की अखंडता का एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है। ऐसे समय में जब पुलिस पर अक्सर राजनीतिक दबाव का आरोप लगता है, डौकी पुलिस का यह कदम सराहनीय है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

आगरा में खूनी रात! MG रोड के शाह मार्केट में अंडे खाते भाजपा नेता को पीछे से मारी गोली, कान छूकर निकली; सोहेल पर शक, शहर में दहशत

आगरा। आगरा के सबसे व्यस्त और हाई-सिक्योरिटी वाले इलाके एमजी रोड पर बुधवार देर रात बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। शाह मार्केट के बाहर एक ठेले पर अंडे खा रहे डेयरी व्यवसायी और भाजपा नेता सुमित दिवाकर को एक हमलावर ने पीछे से गोली मार दी। गनीमत रही कि गोली उनके कान को छूकर निकल गई, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लहूलुहान हालत में भाजपा नेता को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस हमलावर की तलाश में जुटी है। रात 11:30 बजे की वारदात: हाई-सिक्योरिटी जोन में बदमाशों के हौसले बुलंद घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे की है। न्यू आगरा के नगला पदी निवासी सुमित दिवाकर डेयरी संचालक होने के साथ-साथ भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक भी हैं। वह शाह मार्केट के बाहर एमजी रोड किनारे एक अंडे के ठेले पर खड़े थे। तभी अचानक एक युवक पीछे से आया और इससे पहले कि सुमित कुछ समझ पाते, उसने गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर आसपास खड़े लोगों में भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावर बाइक से मौके से फरार हो गया। भगदड़ के बाद मदद: लहूलुहान नेता को थाने ले गए दोस्त गोली लगने के बाद सुमित दिवाकर जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। हमलावर के भाग जाने के बाद कुछ लोग ठेले के पास लौटे। उन्होंने सुमित के चेहरे पर पानी डालकर उन्हें होश में लाने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें तुरंत थाना हरीपर्वत ले जाया गया, जहां से पुलिस ने घायल भाजपा नेता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हमले के पीछे पुरानी रंजिश का शक: दोस्त ने सोहेल पर लगाया आरोप, पहले भी दी थी धमकी सुमित दिवाकर के दोस्त दीप विनायक ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें शक है कि यह हमला शाह मार्केट क्षेत्र के रहने वाले सोहेल नामक युवक ने किया है। दीप के अनुसार, सोहेल से सुमित का पहले भी विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत थाना हरीपर्वत में दर्ज कराई गई थी। उस समय सोहेल ने सुमित को जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने शांतिभंग में कार्रवाई की थी। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावर की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बढ़ती वारदातें और एमजी रोड पर भी दहशत: क्या पुलिस का डर खत्म? बीते कुछ महीनों में आगरा में गोलीबारी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। शास्त्रीपुरम, आवास विकास, ट्रांसयमुना जैसे बाहरी इलाकों में लूटपाट या पुरानी रंजिश के चलते ऐसी वारदातें हो रही थीं। लेकिन अब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे एमजी रोड जैसे अति-सुरक्षित इलाके, जहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वहां भी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इस घटना से शहर में लोगों के बीच भय का माहौल पैदा हो गया है और कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यह देखना होगा कि पुलिस इस घटना के बाद अपराधियों पर कैसे नकेल कसती है और शहरवासियों में सुरक्षा का भाव कैसे बहाल करती है।

फतेहपुर सीकरी में शातिर चोर गिरफ्तार, सोने-चांदी के आभूषण बरामद: हरियाणा से आकर देता था वारदात को अंजाम, बेटे फरार

आगरा। फतेहपुर सीकरी पुलिस ने नेशनल हाईवे आगरा-जयपुर मार्ग पर तेरह मोरी बांध के समीप चेकिंग के दौरान हरियाणा के एक शातिर चोर को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। चोरी के अनोखे तरीके का खुलासा, बेटों संग देता था वारदात को अंजाम पकड़े गए अभियुक्त ने पूछताछ में अपना नाम रमेश पुत्र गिरधारी, निवासी अमरू थाना सदर, पलवल, हरियाणा बताया है। रमेश ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह अपने बेटों सतवीर और मनोज के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। उसके दोनों बेटे फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। रमेश ने बताया कि उनके चोरी करने का तरीका बेहद शातिराना था। वे दिन के समय अलग-अलग गांवों में घूमकर ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जहां चोरी की जा सके। रात के समय वे ऐसी ट्रेन में सफर करते थे जो सिर्फ दो स्टेशनों पर रुकती थी। इसके बाद, वे दिन में चिन्हित किए गए मकानों के पास वाले स्टेशन पर उतरकर पैदल ही चोरी करने के लिए जाते थे। वारदात के दौरान उसके बेटे रखवाली करते थे। बरामद हुए लाखों के आभूषण, पुलिस टीम को मिली सराहना पुलिस द्वारा बरामद किए गए आभूषणों में आठ अंगूठी, एक चैन, लॉकेट, दो चूड़ी, माथे का टीका, मंगलसूत्र, गले का हार, नथ, सुई धागा, टॉप्स, नाक की वाली, बिछिया, खडुआ और पायजेब शामिल हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इस शातिर चोर को पकड़ने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह, अपराध निरीक्षक अरविंद कुमार तोमर, उप निरीक्षक सचिन कुमार (प्रभारी एसओजी), उप निरीक्षक अनुज कुमार (प्रभारी सर्विलांस), उप निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, सुधांशु बाजपेई, शुभम सिंह, मनोज नगर, उप निरीक्षक रजनीश, सोनू कुमार, आदित्य उमराव और कांस्टेबल गौरव राणा शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

सस्पेंशन खत्म होने का इंतजार कर रहा था, खेलने लगा जुआ… आगरा पुलिस ने जुए के फड़ पर मारा छापा, निलंबित सिपाही समेत 6 गिरफ्तार!

आगरा। आगरा में जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। थाना सिकंदरा पुलिस ने जुए के एक अड्डे पर छापा मारकर निलंबित सिपाही समेत 6 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। जुआरियों के पास से 2 लाख 13 हजार रुपये नकद और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस को देखकर जुआरी भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घेरकर धर दबोचा। जगदीशपुरा पुलिस ने दबोचे जुआरी, अलीगढ़ का निलंबित सिपाही भी शामिल एसीपी हरि पर्वत हेमंत कुमार ने बताया कि सिकंदरा स्थित कक्रेथा में जुआ चलने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर सिकंदरा पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए जुए के अड्डे पर छापा मारा। मौके पर जुआ चल रहा था, जहाँ से 6 जुआरियों को रंगेहाथों पकड़ा गया। एसीपी ने जानकारी दी कि पकड़े गए जुआरियों में एक अलीगढ़ पुलिस का सिपाही भी शामिल है, जो मूल रूप से आगरा का ही रहने वाला है। यह सिपाही पिछले 3 महीने से अलीगढ़ में निलंबित चल रहा था। पुलिस ने जुआरियों के पास से नगदी (2 लाख 13 हजार रुपये), 6 मोबाइल फोन और ताश की गड्डियां बरामद की हैं। पकड़े गए सभी अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

आगरा में अजब नजारा: विदेशी महिला पर्यटक की ताजमहल देखते-देखते खुल गई साड़ी, महिला सिपाही ने झट से की मदद

आगरा। ताजमहल घूमने आईं इटली की विदेशी महिला पर्यटकों को उस वक्त थोड़ी परेशानी हुई, जब उनकी भारतीय साड़ियां खुल गईं। लेकिन ताजमहल की सुरक्षा में तैनात एक महिला सिपाही लक्ष्मी देवी ने तुरंत उनकी मदद की और उन्हें साड़ी पहनना भी सिखाया। इस मानवीय gesture के लिए विदेशी पर्यटकों ने महिला सिपाही और टूरिस्ट पुलिस का दिल से धन्यवाद किया। जब ताजमहल के पश्चिमी गेट पर साड़ी बनी परेशानी इटली से ताजमहल देखने आए पर्यटकों के एक समूह में कई महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने भारतीय संस्कृति से प्रभावित होकर साड़ी पहन रखी थी। जब वे पश्चिमी एंट्री गेट पर पहुंचे, तो कुछ महिलाओं की साड़ियां ठीक से बंधी न होने के कारण खुल गईं, जिससे उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत होने लगी। एक महिला पर्यटक ने नीली और एक ने गुलाबी प्रिंटेड साड़ी पहनी हुई थी। उन्हें परेशान देखकर, पश्चिमी गेट पर क्विक रिस्पांस टीम में तैनात थाना ताज सुरक्षा पुलिस की महिला आरक्षी लक्ष्मी देवी तुरंत उनकी मदद के लिए आगे आईं। लक्ष्मी ने बिना देर किए विदेशी पर्यटकों के पास पहुंचकर उनकी साड़ी को दोबारा बांधा, प्लेट्स बनाईं और उन्हें साड़ी पहनने का सही तरीका भी सिखाया, ताकि चलते वक्त साड़ी पैरों में न फंसे। साड़ी पहनने के टिप्स मांगे, टूरिस्ट पुलिस को कहा धन्यवाद विदेशी पर्यटकों ने महिला सिपाही लक्ष्मी से साड़ी पहनने के बारे में कई सवाल पूछे, जैसे कि वह कब साड़ी पहनती हैं, कैसे संभालती हैं, पल्लू कितना बड़ा हो और प्लेट्स कैसे बनाई जाती हैं। महिला सिपाही लक्ष्मी ने मुस्कुराते हुए उन्हें सभी टिप्स दिए। साड़ी पहनने के बाद, विदेशी पर्यटकों और उनके समूह की अन्य महिलाओं ने टूरिस्ट पुलिस और विशेष रूप से महिला सिपाही लक्ष्मी का धन्यवाद किया। टूरिस्ट पुलिस द्वारा ताजमहल के आसपास ‘टूरिस्ट डिलाइट’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पर्यटकों को सुविधा प्रदान करना और उन्हें सुरक्षित महसूस कराना है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यह घटना इस अभियान की सफलता और आगरा पुलिस के मित्रवत व्यवहार का एक बेहतरीन उदाहरण है।

आगरा में ACP देवेश सिंह की टीम ने बदमाश को दबोचा: बरहन में मुठभेड़ के बाद पैर में लगी गोली, नकबजनी का खुलासा

आगरा। आगरा में अपराधियों पर नकेल कसने के अभियान के तहत, सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) एत्मादपुर देवेश सिंह की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 3 और 4 अगस्त 2025 की दरमियानी रात को, थाना बरहन के अंतर्गत चौकी आहरन क्षेत्र स्थित कटका पुल के पास पुलिस बल संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहा था। इसी दौरान, एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही बाइक सवारों ने भागने का प्रयास किया, जिससे उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई। इसके बाद, एक अभियुक्त ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश घायल, चोरी का सामान बरामद पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्यवाही में एक अभियुक्त के पैर में गोली लगी, जिसे तत्काल आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। मौके से अभियुक्त के कब्जे से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की गईं: यह सफल मुठभेड़ ACP देवेश सिंह और उनकी टीम की सक्रियता और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। फरार दूसरे बदमाश की तलाश जारी है।

जनसेवा केंद्र या ‘धोखाधड़ी का अड्डा’! आगरा के बोदला सेक्टर-4 में संचालक करता था साइबर ठगों की मदद, खातों और QR कोड से मंगाता था पैसा; 3 गिरफ्तार

आगरा। आगरा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों और क्यूआर कोड का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए करता था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बोदला सेक्टर-4 में एक जनसेवा केंद्र चलाने वाला मुख्य आरोपी भी शामिल है। कैसे फंसाता था जनसेवा केंद्र संचालक? डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब जगदीशपुरा के रामनगर निवासी साहिल निगम ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। साहिल के फोन पर लगातार संदिग्ध कॉल और मैसेज आ रहे थे। साहिल ने बताया कि बोदला सेक्टर-4 में “अपना कम्युनिकेशन साइबर कैफे” नाम से जनसेवा केंद्र चलाने वाले अभय वर्मा ने उससे कहा कि उसके (अभय के) खाते की लिमिट पूरी हो गई है, इसलिए उसने साहिल का बैंक खाता और एटीएम कार्ड ले लिया। इसके बाद अभय ने साहिल का एटीएम कार्ड अपने साथियों कार्तिक (उर्फ कुंदन) और प्रियांशु को दे दिया। साहिल के खाते में 3-4 बार पैसे आए, और ये तीनों साहिल का एटीएम कार्ड का उपयोग करके पैसे निकालते रहे। शनिवार को पुलिस ने आरोपी अभय वर्मा, कुंदन उर्फ कार्तिक (लोहामंडी) और प्रियांशु (लोहामंडी) को गिरफ्तार कर लिया। कमीशन के लालच में बना ठगों का जरिया गिरफ्तार आरोपी अभय वर्मा ने पूछताछ में बताया कि उसके जनसेवा केंद्र पर उसकी मुलाकात आयुष नामक एक व्यक्ति से हुई थी। आयुष ने कथित तौर पर गेमिंग के नाम पर अभय से उसके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और क्यूआर कोड की जानकारी मांगी और बदले में कमीशन देने का लालच दिया। कमीशन के लालच में आकर अभय वर्मा ने आयुष और उसके साथी मुकेश को अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड और क्यूआर कोड उपलब्ध कराना शुरू कर दिया। इन खातों में समय-समय पर साइबर ठगी के पैसे आते थे, जिन्हें अभय वर्मा सीडीएम मशीन के माध्यम से अन्य खातों में ट्रांसफर कर देता था और अपना कमीशन रख लेता था। अभय के साथ उसके जनसेवा केंद्र में काम करने वाले कुंदन उर्फ कार्तिक और प्रियांशु भी इस अपराध में शामिल हो गए। उन्होंने भी अन्य लोगों से खाते, क्यूआर कोड और एटीएम कार्ड जुटाकर साइबर ठगों को मुहैया कराए। तीनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे षड्यंत्रपूर्वक लोगों को बहला-फुसलाकर बैंकिंग विवरण प्राप्त कर साइबर ठगी के लेन-देन में शामिल थे। यह घटना दर्शाती है कि कैसे कुछ जनसेवा केंद्र, जो लोगों की मदद के लिए बनाए गए हैं, साइबर अपराधियों के लिए ‘स्वयं सेवा केंद्र’ बन गए हैं।

चांदी की चोरी कर छिप रहे थे चोर, फिर पड़ी पुलिस की ‘पीतल की गोली’! आगरा में बदमाशों से मुठभेड़, 1 घायल; 4 गिरफ्तार

आगरा। आगरा में चांदी और पेठा कारोबारी के यहां दो दिन पहले हुई चोरी का पुलिस ने 48 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। थाना मदनमोहन गेट इलाके में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई, जिसमें चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी शरद उर्फ लल्लू के पैर में गोली लगी है, जिसे घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। नूरी गेट से चोरी हुई थी चार किलो चांदी और नगदी नूरी गेट स्थित चांदी और पेठा कारोबारी के कारखाने में दो दिन पहले नकबजनी और चोरी की बड़ी वारदात हुई थी। चोर यहां से करीब चार किलो चांदी और नगदी लेकर फरार हो गए थे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था। शनिवार रात को पुलिस ने चेकिंग के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों को रोका। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश शरद उर्फ लल्लू के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। चार गिरफ्तार, फरार एक साथी की तलाश जारी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों के नाम सौरव, पंकज, हिमांशु और शरद उर्फ लल्लू हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई चांदी और एक तमंचा भी बरामद किया है। एसीपी कोतवाली शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस टीम पर अवैध असलहा से फायर किया था, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपितों का एक साथी अमित मौके से फरार हो गया है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से चोरी की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।

आगरा पुलिस की ‘थर्ड डिग्री’ का लाइव सबूत: थाने में युवक को ‘पटे’ से पीट रहा कांस्टेबल, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप!

आगरा। हाईटेक पुलिसिंग का दम भरने वाली आगरा कमिश्नरेट पुलिस इन दिनों एक शर्मनाक वीडियो को लेकर कठघरे में आ गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में एक कांस्टेबल थाना इंचार्ज के कार्यालय में ही एक युवक को पटे से बेरहमी से पीटते हुए साफ-साफ दिखाई दे रहा है। दर्द से कराहता रहा युवक, सिपाही ने नहीं सुनी एक भी मिन्नत वायरल वीडियो में पुलिसिया क्रूरता का वीभत्स नमूना देखा जा सकता है। कांस्टेबल युवक को एक के बाद एक पटे से लगातार मारता जा रहा है। युवक दर्द से कराहता है, हाथ जोड़कर छोड़ देने की मिन्नतें करता है, लेकिन सिपाही पर इसका कोई असर नहीं होता। यह दृश्य किसी सामान्य सजा का हिस्सा नहीं, बल्कि थर्ड डिग्री का एक भयावह उदाहरण है। सिपाही की पहचान हुई, थाना प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल वायरल वीडियो की शुरुआती जांच में कांस्टेबल की पहचान एत्माउद्दौला थाने में तैनात उपेंद्र यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो तब का है जब उपेंद्र ट्रांस यमुना थाने में तैनात थे। घटना थाना प्रभारी के दफ्तर की बताई जा रही है, जिससे सीधे तौर पर पुलिस महकमे की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसी चर्चाएं हैं कि युवक को किसी वसूली के उद्देश्य से हिरासत में लिया गया और बाद में उसे छोड़ भी दिया गया। मानवाधिकार उल्लंघन और लीपापोती की आशंका इस पूरे घटनाक्रम में यह स्पष्ट नहीं है कि युवक को किस आधार पर पकड़ा गया था। यदि वह अपराधी था, तो उसे जेल क्यों नहीं भेजा गया? और अगर वह निर्दोष था, तो उसे थर्ड डिग्री क्यों दी गई? सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या थाना प्रभारी इस अमानवीय कृत्य से अनभिज्ञ थे? ये सवाल सिर्फ थाने या जिले तक सीमित नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गहरे प्रश्नचिन्ह लगाते हैं।

आगरा में जुए के अड्डे पर छापा: जगदीशपुरा पुलिस ने मकान से 9 जुआरियों को दबोचा, हजारों की नगदी और वाहन बरामद

आगरा। शहर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में, थाना जगदीशपुरा पुलिस ने आवास विकास कॉलोनी स्थित एक मकान में चल रहे जुए के अड्डे पर छापा मारकर 9 जुआरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 24 हजार रुपये नगद, 10 मोबाइल फोन, 2 ताश की गड्डियां और 5 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा पुलिस को गश्त के दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि आवास विकास कॉलोनी के एक मकान के अंदर बड़े पैमाने पर जुआ खेला जा रहा है। सूचना मिलते ही, पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मकान पर छापा मारा। पुलिस को देखकर जुआ खेल रहे लोग सकते में आ गए और इधर-उधर भागने की कोशिश करने लगे। लेकिन, पुलिस ने चारों तरफ से मकान को घेर रखा था और फुर्ती दिखाते हुए सभी 9 जुआरियों को पकड़ लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जुआरियों के पास से बरामद नगदी और सामान को जब्त कर लिया गया है। पकड़े गए जुआरियों की पहचान जगदीशपुरा पुलिस द्वारा पकड़े गए जुआरियों में निम्नलिखित व्यक्ति शामिल हैं: पुलिस टीम में शामिल अधिकारी प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस टीम गश्त पर थी और सूचना पर त्वरित कार्रवाई की गई। जुआरियों को पकड़ने वाली टीम में धीरज कुमार, योगेश कुमार, प्रशांत पाल, अमित कुमार, सिद्धार्थ गौतम, अंकित पिलानिया, सौरभ सोलंकी, सतीश कुमार और अर्पित तोमर जैसे पुलिसकर्मी शामिल रहे। यह कार्रवाई शहर में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के पुलिस के प्रयासों को दर्शाती है।

धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश: देहरादून की युवती रेस्क्यू, व्हाट्सएप पर पढ़वाया कलमा; निकाह के बाद ‘सेफ हाउस’ भेजने की थी साजिश!

आगरा। आगरा में दो सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान के बेटों और जुनैद से पूछताछ में हर दिन नए, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने इस गिरोह द्वारा जबरन धर्मांतरण कराई गईं कई युवतियों की जानकारी मिलने के बाद अब देहरादून निवासी एक युवती को रेस्क्यू किया है। पीड़िता ने शुक्रवार को कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए और बताया कि उस पर दबाव डालकर व्हाट्सएप के जरिए कलमा पढ़वाया गया था। फेसबुक से फंसाया, ‘रिवर्ट टू इस्लाम’ ग्रुप से जोड़ा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान के बेटे और जुनैद से पूछताछ में देहरादून की युवती रीना (काल्पनिक नाम) का नाम सामने आया था। आगरा पुलिस ने उसे मुक्त कराया। पीड़िता रीना ने बताया कि करीब 6 साल पहले वह फेसबुक के माध्यम से मुजफ्फरनगर निवासी अबू तालिब के संपर्क में आई और उनसे दोस्ती हो गई। इसके बाद अबू तालिब ने रीना को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस्लामिक ग्रुप ‘रिवर्ट टू इस्लाम’ से जोड़ दिया। इस ग्रुप के जरिए रीना का संपर्क सीधे अब्दुल रहमान, उनके दोनों बेटों, आयशा और रीत बनिक जैसे गिरोह के सदस्यों से हो गया। अबू तालिब ही रीना का मोबाइल रिचार्ज करवाता था और उसे कपड़े व रुपए भी भेजता था। एक बार जब रीना का मोबाइल खराब हो गया था, तब अबू तालिब ने आयशा से रुपए लेकर उसे नया मोबाइल दिलवाया था। ‘निकाह करोगी तभी मदद करेंगे’, नाम बदलकर मरियम रखा रीना ने बताया कि कुछ समय पहले अब्दुल रहमान ने उसके सामने एक शर्त रखी कि वे उसकी मदद तभी करेंगे, जब वह इस्लाम धर्म अपनाकर निकाह करेगी। वे उसका निकाह अब्दुल रहमान से कराना चाहते थे। इसके लिए रीना पर जबरदस्त दबाव बनाया गया। उसे व्हाट्सएप के माध्यम से कलमा पढ़वाया गया, जिसके बाद उसका नाम बदलकर मरियम रख दिया गया। इसके बाद रीना उर्फ मरियम को देहरादून से निकालकर किसी ‘सेफ हाउस’ ले जाने की तैयारी थी। इसके लिए एक मुस्लिम युवक को गाड़ी लेकर भेजा गया था और उसे निर्देश दिए गए थे कि जैसे ही रीना गाड़ी में बैठे, वह अपना मोबाइल और सिम तोड़ दे। हालांकि, इससे पहले ही आगरा पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए युवती को रेस्क्यू कर लिया। इस मामले में अवैध धर्मांतरण के हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, और पुलिस अन्य पीड़ितों का पता लगाने में जुटी हुई है।

आगरा DM के नाम से WhatsApp DP लगाकर ठगी की कोशिश, मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी

आगरा। साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे अब सरकारी अधिकारियों के नाम का भी दुरुपयोग करने से नहीं हिचकते। शातिरों ने आगरा के जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी के नाम से एक मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप शुरू कर दिया। उनकी डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) और स्टेटस में जिलाधिकारी का नाम और फोटो इस्तेमाल कर, उनके परिचितों व शहर के संभ्रांत लोगों को संदेश भेजना शुरू कर दिया। इन संदेशों में रुपयों की मांग भी की गई। खुद को DM बताकर की ठगी की कोशिश जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी को जब इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई, तो उन्होंने तुरंत साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने 19 जुलाई को दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर यह फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट बनाया है। फर्जी अकाउंट चलाने वाला व्यक्ति खुद को जिलाधिकारी बताकर उनके परिचितों और अन्य लोगों से अनाप-शनाप मांग कर रहा था। पुलिस ने शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए उक्त नंबर के व्हाट्सऐप को बंद करा दिया है। पुलिस अब आरोपी की जानकारी जुटाने में लगी हुई है ताकि इस साइबर अपराधी को पकड़ा जा सके। यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब कितने शातिर हो गए हैं और आम जनता के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

आगरा में दिल दहला देने वाली घटना: शीशा कारीगर ने पहले काटी नस, फिर फंदे पर झूले! आर्थिक तंगी और घरेलू विवाद बनी वजह

आगरा। आगरा के थाना ट्रांस यमुना अंतर्गत राहुल नगर में एक शीशा कारीगर ने आर्थिक तंगी और घरेलू विवाद से तंग आकर अपनी जान दे दी। उसका शव फैक्ट्री के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके से मृतक के खून से सने कपड़े और एक ब्लेड बरामद किया है, जिससे प्रतीत होता है कि उसने पहले नस काटी और फिर खुद को फांसी लगा ली। नशे में घर पहुंचा, परिवार से विवाद के बाद उठाया खौफनाक कदम जानकारी के अनुसार, हाथरस रोड पर राहुल नगर, टेडी बगिया स्थित इकबाल की शीशा कटिंग फैक्ट्री में शौकत पुत्र मुनव्वर अली (निवासी शाह नगर बंबा) पहले काम करता था। वर्तमान में वह कमला नगर क्षेत्र में काम कर रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि बुधवार रात करीब 11:30 बजे शौकत नशे की हालत में फैक्ट्री पहुंचा। उसका पैंट खून से सना हुआ था और पैरों से खून बह रहा था। उसने बताया कि घरवालों से उसका झगड़ा हो गया है और उसका फोन भी ले लिया गया है। फैक्ट्री मालिक ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना तो उसे सोने के लिए फैक्ट्री की छत पर भेज दिया गया। सुबह बाथरूम में मिला शव, खून से सने कपड़े बरामद गुरुवार सुबह जब फैक्ट्री का एक अन्य कारीगर छत पर बने बाथरूम में शौच करने गया, तो उसने शौकत का शव रस्सी के फंदे से लटका देखा। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। छत की सीढ़ी पर उसके खून से लथपथ कपड़े टंगे हुए थे। सूचना मिलते ही ट्रांस यमुना थाना पुलिस और टेडी बगिया चौकी इंचार्ज ऋषि कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। आर्थिक तंगी और नशे की लत से जूझ रहा था परिवार परिजनों ने बताया कि शौकत मूल रूप से गंजडुंडवारा, जिला एटा के निवासी थे और पिछले 30 वर्षों से आगरा में किराए के मकान में रहकर गुजारा कर रहे थे। मृतक शौकत के तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं, जिनमें से पांच बच्चों की शादी हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक, शौकत नशे का आदी था, जिसके चलते आए दिन घर में क्लेश हुआ करता था। आर्थिक तंगी और नशे की लत के कारण हुए पारिवारिक विवाद ही इस दर्दनाक कदम की वजह माने जा रहे हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

आगरा में फिल्मी ‘फरार’ दुल्हन: शादी के 15 दिन बाद प्रेमी संग जेवरात-नकदी लेकर भागी, पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा!

आगरा। आगरा के शमशाबाद थाना क्षेत्र के चितौरा गांव में एक नवविवाहिता ने अपनी शादी के महज 15 दिन बाद ही फिल्मी अंदाज में घर से जेवरात और नकदी लेकर प्रेमी संग फरार होने की वारदात को अंजाम दे दिया। लेकिन, आगरा पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही फरार दुल्हन को उसके प्रेमी और दो अन्य साथियों के साथ दबोच लिया। व्हाट्सएप चैट और वायरल फोटो से खुला राज़ यह घटना 4 जुलाई को हुई शादी के सिर्फ 15 दिन बाद रविवार-सोमवार की दरमियानी रात की है। जब परिवार को दुल्हन के घर में न होने का पता चला तो उन्होंने तलाश शुरू की। जल्द ही, मामले में सामने आए वायरल फोटो और व्हाट्सएप चैट से खुलासा हुआ कि दुल्हन पहले से ही किसी अन्य युवक के संपर्क में थी। वायरल चैट में दुल्हन ने रात में घर से निकलने की पूरी योजना बनाई थी। एक चौंकाने वाली फोटो में वह युवक दुल्हन की मांग में सिंदूर भरता भी दिखाई दे रहा है, जिससे उसके पहले से प्रेम-संबंधों में होने की पुष्टि होती है। पति ने दर्ज कराई शिकायत, चार आरोपी गिरफ्तार पीड़ित पति सचिन ने थाना शमशाबाद में शिकायत दर्ज कराई। सचिन ने अपने ही एक रिश्तेदार (जिसने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी) सहित चार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। सचिन ने बताया कि बिहार की रहने वाली कविता से उसकी शादी 15 दिन पहले ही हुई थी और सब कुछ ठीक-ठाक संपन्न हुआ था, लेकिन अचानक 15 दिन बाद उसकी पत्नी गायब हो गई। इंस्पेक्टर शमशाबाद देवी प्रसाद तिवारी ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दुल्हन, उसके प्रेमी और एक बिचौलिए की पत्नी समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने चोरी की गई नकदी और जेवरात भी बरामद कर लिए हैं। हालांकि, इस मामले में अभी भी दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

आगरा GRP के हाथ लगी बड़ी कामयाबी: 25 हजार का इनामी गैंगस्टर ‘कालिया’ दबोचा, 5 थानों में दर्ज हैं 12 संगीन मुकदमे!

आगरा। आगरा राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। GRP आगरा कैंट ने बुधवार को ₹25,000 के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे गैंगस्टर सादिक हुसैन उर्फ कालिया को गिरफ्तार कर लिया है। यह बदमाश लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित कई संगीन आरोपों में वांछित था। मुखबिर की सूचना पर खेरिया पुल से हुई गिरफ्तारी फिरोजाबाद के थाना रामगढ़ स्थित अजमेरी गेट का निवासी सादिक हुसैन उर्फ कालिया इसी साल 5 मई से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और GRP लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह लगातार चकमा दे रहा था। मुखबिर की सटीक सूचना पर GRP आगरा कैंट ने उसे खेरिया पुल के नीचे आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से धर दबोचा। ‘ट्रेनों में चोरी और बाहर भी संगीन क्राइम’ GRP CO नजमुल हुसैन नकवी ने बताया कि सादिक हुसैन मुख्य रूप से ट्रेनों में चोरी और लूट की वारदातें करता था। इसके अलावा, उसने बाहर भी कई संगीन अपराधों को अंजाम दिया है। GRP ने इसे मई में गैंगस्टर घोषित किया था, और तभी से इसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। इस पर ₹25,000 का इनाम घोषित था। 5 थानों में 12 संगीन मुकदमे दर्ज सादिक हुसैन उर्फ कालिया पर GRP आगरा कैंट सहित कुल 5 थानों में संगीन धाराओं के तहत 12 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें प्रमुख मुकदमे इस प्रकार हैं: इस गिरफ्तारी को GRP आगरा कैंट के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली टीम में GRP आगरा कैंट थाना के प्रभारी निरीक्षक विकास सक्सेना, थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक सूरजमल सिंह, अनिल कुमार सहित तीन कांस्टेबल शामिल थे।

आगरा में शातिर ठग का नया ‘खेल’: ATM में डाला फेवीक्विक, चिपके कार्ड! CCTV में कैद हुआ आरोपी, पुलिस कर रही तलाश

आगरा। आगरा में शातिर ठगों ने एटीएम से ठगी का एक नया तरीका ईजाद किया है। यहां एटीएम मशीन में कार्ड डालने वाली जगह पर फेवीक्विक डालकर छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। एक युवक ने अलग-अलग स्थानों पर दो एटीएम मशीनों को निशाना बनाया, जिससे रुपये निकालने आए लोगों के कार्ड चिपक गए। आरोपी दोनों ही एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। एटीएम संचालक की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत दे दी गई है। काली टोपी वाले युवक ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम यह घटना एत्माद्दौला क्षेत्र के नुनिहाई पर दाऊजी मिष्ठान भंडार के पास स्थित हिताची कंपनी के एटीएम पर हुई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि काली टोपी और काले कपड़े पहने एक युवक एटीएम में आता है। वह पहले अपनी पैंट की जेब से एटीएम कार्ड निकालकर मशीन में लगाता है और उसे अंदर-बाहर करता है। कुछ सेकंड बाद उसके दाएं हाथ में फेवीक्विक की बोतल नजर आती है, जिसे वह कार्ड डालने वाली जगह पर डाल देता है। फेवीक्विक डालने के बाद वह अपने एटीएम कार्ड से कुछ चेक करता है और फिर वहां से चला जाता है। कुछ देर बाद, एक अन्य व्यक्ति रुपये निकालने के लिए मशीन पर आता है। जैसे ही वह अपना कार्ड डालता है, उसका एटीएम कार्ड मशीन में चिपक जाता है। किसी तरह अपना एटीएम कार्ड निकालने के बाद पीड़ित ने मशीन संचालक प्रशांत कुमार को पूरी घटना के बारे में बताया। दूसरे ATM को भी बनाया निशाना, पुलिस जांच में जुटी इस घटना के दो दिन बाद, वही युवक ट्रांसयमुना थाना क्षेत्र के टेडी बगिया पर स्थित एक अन्य एटीएम पर पहुंचता है और बिल्कुल उसी तरह से कार्ड डालने की जगह पर फेवीक्विक डाल देता है। एटीएम कंपनी की ओर से दोनों ही मामलों में थाने में तहरीर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही है और इस नई तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए सतर्क हो गई है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे एटीएम का इस्तेमाल करते समय मशीन को ध्यान से देखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।

UP में ‘पति की घिनौनी साजिश’: दोस्त के हवाले की पत्नी, आगरा लाकर बंधक बनाया और लूटता रहा ‘आबरू’! सात के खिलाफ FIR दर्ज

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली में हलवाई का काम करने वाले एक पति ने अपनी ही पत्नी को अपने दोस्त के हवाले कर दिया। महिला दोस्त के साथ आगरा आई, जहां आरोपी ने उसे बंधक बनाकर रखा और लगातार दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता की शिकायत के बाद अदालत के आदेश पर पति सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। दिल्ली से साजिश, आगरा में बंधक बनाकर दुष्कर्म पीड़िता महिला ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि उसकी शादी 2011 में पिड़ोरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से हुई थी। उनके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता का पति दिल्ली में हलवाई का काम करता है, और उसके साथ खेड़ा राठौर थाना क्षेत्र के गांव खोहरी निवासी उमेश भी काम करता था। महिला का आरोप है कि 23 अगस्त 2024 को उसके पति ने एक षड्यंत्र के तहत उसे अपने दोस्त उमेश के साथ दिल्ली से गांव भेजा। लेकिन, उमेश महिला को गांव न ले जाकर बोदला स्थित एक मकान में ले गया। वहां उसने महिला को जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया। जेवर छीने, गर्भवती हुई पीड़िता आरोप है कि बोदला के बाद उमेश महिला को अपने गांव खोहरी ले गया। वहां उसने महिला के जेवर छीन लिए और उसे बंधक बनाकर लगातार दुष्कर्म करता रहा, जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसीजेएम-6 (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-6) ने पीड़िता के पति, उसके दोस्त उमेश और परिजन सहित कुल सात लोगों के खिलाफ थाना खेड़ा राठौर को केस दर्ज कर विवेचना (जांच) करने के आदेश दिए हैं। यह घटना रिश्तों पर सवाल खड़े करती है और पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।

आगरा में ‘मुठभेड़’! पुलिस ने कॉपर चोरों को दौड़ाया, गोली लगी तो 2 घायल, 5 गिरफ्तार! लाखों का तांबा बरामद

आगरा, खेरागढ़। आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में बीती देर रात पुलिस और कॉपर चोरों के बीच ‘फिल्मी’ मुठभेड़ हो गई! इस गोलीबारी में दो बदमाश घायल हो गए और कुल पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इन चोरों के कब्जे से भारी मात्रा में 132 किलो कॉपर वायर, अवैध तमंचे और एक बोलेरो पिकअप वाहन बरामद किया है। बोलेरो पिकअप रोकने की कोशिश, बदमाशों ने की फायरिंग एसीपी खेरागढ़ इमरान अहमद ने बताया कि पुलिस चेकिंग कर रही थी, तभी उन्होंने एक संदिग्ध बोलेरो पिकअप को रोकने की कोशिश की। पुलिस को देखते ही पिकअप में सवार बदमाश तेजी से भागने लगे। जब पुलिस टीम ने पीछा किया, तो बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी! गनीमत रही कि गोलीबारी में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। जवाबी फायरिंग में 2 घायल, बड़ा गिरोह हत्थे चढ़ा पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो बदमाशों – सैयां के दीवान और साहूकार के पैर में गोली लगी है। इन दोनों घायल बदमाशों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। इनके तीन साथियों, मुकेश, अजीत और शिशुपाल को भी पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह पहले भी ट्रांसफॉर्मर से तेल और तार चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है। यह एक संगठित कॉपर चोर गिरोह है, जिसका पर्दाफाश आगरा पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है। फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत, सख्त कार्रवाई की तैयारी घटना की सूचना मिलते ही फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पकड़े गए सभी आरोपियों पर अब गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मुठभेड़ से आगरा पुलिस ने अपराधियों को यह कड़ा संदेश दिया है कि जिले में उनकी मनमानी नहीं चलेगी।

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