आगरा: जुआरी पकड़े, ‘माननीय’ का आया फोन – ‘छोड़ दो गांव के बच्चे हैं इतना बड़ा कोई अपराध नहीं किया’, पर थाना प्रभारी ने नहीं सुनी, भेजे जेल

आगरा। आगरा में एक बार फिर पुलिस की ईमानदारी और राजनीतिक प्रभाव के बीच का टकराव सामने आया है। थाना डौकी पुलिस ने जुए की सूचना पर छापा मारकर चार जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा और थाने ले आई। लेकिन, तभी सिफारिश के लिए एक ‘माननीय’ (कथित माननीय नेता) का फोन थाने पहुंचा। ‘माननीय’ ने पुलिस पर जुआरियों को छोड़ने का दबाव बनाते हुए कहा, “गांव के बच्चे हैं, जुआ कोई बड़ा अपराध नहीं किया है, ताश ही तो खेल रहे थे।” हालांकि, थाना प्रभारी ने ‘माननीय’ के दबाव में न आकर उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ा दिया और नियमों के तहत कार्रवाई की। यह ‘माननीय’ पहले भी ऐसी सिफारिशों को लेकर चर्चा में रहे हैं।


डौकी पुलिस का छापा: 9400 रुपए बरामद, स्कार्पियो भी जब्त

डौकी पुलिस को सूचना मिली थी कि मलखानपुर के पास एक खेत में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर थाना प्रभारी योगेश नागर ने अपनी टीम के साथ मौके पर छापा मारा। पुलिस को देखते ही जुआ खेल रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से चार जुआरियों को पकड़ा, जिनमें डोमर सिंह (ग्राम कोटरा फतेहाबाद), रवीश, यशपाल (नगला देवहंस डौकी) और कमल कटारा (ताजगंज) शामिल हैं। जुए की फड़ से पुलिस ने 9400 रुपए नकद बरामद किए और एक स्कार्पियो कार भी जब्त की। इस दौरान तीन अन्य आरोपी – हरिओम, करुआ और मलिंगा – भागने में सफल रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।


‘माननीय’ का सिफारिशी फोन: ‘बड़ा अपराध नहीं किया, गांव के बच्चे हैं’

सूत्रों के अनुसार, पुलिस जैसे ही आरोपियों को थाने लेकर आई, एक ‘माननीय’ का सीधा फोन थाना प्रभारी को पहुंचा। उन्होंने थाना प्रभारी से जुए में पकड़े गए आरोपियों पर कार्रवाई न करने का अनुरोध किया। जब थाना प्रभारी ने अपनी असमर्थता जताई, तो ‘माननीय’ नाराज हो गए। उन्होंने तर्क दिया कि जुआरियों ने “कोई बड़ा अपराध नहीं किया है”, और “गांव के बच्चे ताश ही तो खेल रहे थे।” इस पर थाना प्रभारी योगेश नागर ने उन्हें स्पष्ट किया कि यह केवल “ताश खेलना” नहीं था, बल्कि “नाल पर जुआ हो रहा था और इसमें बाहर के लोग भी शामिल थे।” थाना प्रभारी की दृढ़ता के बाद ‘माननीय’ ने फोन काट दिया।


पुलिस की कार्रवाई और अखंडता पर सवाल

यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि समाज में कुछ प्रभावशाली लोग किस तरह कानून को अपने इशारों पर नचाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, थाना प्रभारी योगेश नागर की कार्रवाई और उनकी नैतिकता ने पुलिस बल की अखंडता का एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है। ऐसे समय में जब पुलिस पर अक्सर राजनीतिक दबाव का आरोप लगता है, डौकी पुलिस का यह कदम सराहनीय है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

admin

Related Posts

Akhilesh Yadav ki giraftari ke virodh mein Agra ke Bijlighar Chauraha par SP ka pradarshan

Purv ghoshit karyakram ke tahat jute karyakarta Samajwadi Party ke rashtriya adhyaksh Akhilesh Yadav ki giraftari ke virodh mein Budhwar ko Agra ke Bijlighar Chauraha par SP ke neta aur…

National Flag Day par Tirange ko di gayi salami

Kheria Mod par hua vishesh karyakram National Flag Day ke avsar par Agra ke Kheria Mod Selfie Point par vishesh karyakram ka ayojan kiya gaya. Is dauran rashtriya dhwaj ko…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights