आगरा। आगरा में ताजमहल देखने आए एक पर्यटक को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा जब ‘श्रीराम’ लिखा बैग होने के कारण सीआईएसएफ (CISF) जवानों ने उसे स्मारक में प्रवेश करने से रोक दिया। कानपुर के कथावाचक आशीष कुमार ने इस घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक वीडियो जारी किया है, जिससे यह मामला सुर्खियों में आ गया है। इस घटना ने एक बार फिर ताजमहल में धार्मिक प्रतीकों के प्रवेश को लेकर बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
कानपुर निवासी आशीष कुमार 18 अगस्त की दोपहर अपने 8 मित्रों और परिवार के साथ ताजमहल देखने आगरा पहुंचे थे। टिकट लेकर वे जैसे ही स्मारक के गेट पर पहुंचे और अपने बैग को स्कैनिंग मशीन में रखा, सीआईएसएफ जवान ने उन्हें रोक दिया। आशीष का दावा है कि जवान ने उनसे कहा कि वे यह बैग लेकर अंदर नहीं जा सकते क्योंकि उनके बैग पर ‘श्रीराम’ लिखा हुआ है।
आशीष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई, लेकिन जवानों ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। इसके बाद उनके साथ आए 8 अन्य लोगों ने भी अंदर जाने से इनकार कर दिया और अपने टिकट के पैसे वापस मांगे।

पुलिस से शिकायत और ‘ताजमहल बहिष्कार’ की अपील
आशीष ने बाहर आकर पुलिस से भी शिकायत की। उन्हें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार धार्मिक प्रचार करने वाली चीजें ताजमहल के अंदर नहीं ले जाई जा सकतीं। पर्यटक आशीष ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अगर देश में अपने आराध्य का नाम लिखा बैग भी नहीं ले जा सकते, तो ऐसे स्थान का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने इसे सनातन को नीचा दिखाने वाला काम बताया और वीडियो देखने वालों से ताजमहल न देखने की अपील की। आशीष ने यह भी दावा किया कि ताजमहल ‘तेजोमहालय’ है और यहाँ प्राचीन शिव मंदिर है, इसलिए इसे धार्मिक स्थान बनाया जाना चाहिए। आशीष अब खाटू श्याम चले गए हैं और गुरुवार को आगरा लौटेंगे।
वहीं, सीआईएसएफ अधिकारियों का कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे थे, जिसके तहत किसी भी तरह का धार्मिक प्रचार करने वाली चीजें या धार्मिक चिन्ह ताजमहल के अंदर ले जाना सख्त मना है।
योगी यूथ ब्रिगेड की चेतावनी: ‘सीआईएसएफ माफी मांगे नहीं तो 51 साधु-संत करेंगे प्रवेश’
इस घटना पर योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण के देश में सीताराम नहीं चलेगा तो क्या पाकिस्तान में चलेगा।” तोमर ने ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ और भगवान शिव का मंदिर बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सीआईएसएफ पर्यटक से माफी मांगकर उसे प्रवेश नहीं देता है, तो 51 साधु-संत ‘राम नाम’ के दुपट्टे ओढ़कर ताजमहल में प्रवेश करेंगे।
कुछ महीने पहले ताजमहल के अंदर चुपके से नमाज पढ़ने का एक वीडियो भी सामने आया था। ताजमहल में आम तौर पर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सिर्फ ईद और शुक्रवार को ही मस्जिद में नमाज पढ़ी जा सकती है। इसके बावजूद, पिछले साल अक्टूबर में पश्चिमी दिशा में मस्जिद के पास उत्तरी पश्चिमी मेहराब में महिला और पुरुष द्वारा नमाज पढ़े जाने का वीडियो सामने आया था, जिसकी भनक एएसआई को भी नहीं लगी थी। यह मामला ताजमहल परिसर में धार्मिक गतिविधियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर चल रहे विवाद को और गहराता दिख रहा है।


































































































