बारिश बनी ‘मुर्दों’ के लिए भी आफत! आगरा में श्मशान घाट पर नहीं छत, तिरपाल के नीचे हो रहे अंतिम संस्कार; ‘उत्तम प्रदेश’ के दावों की खुली पोल

किरावली, आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में विकासखंड अछनेरा का छहपोखर गांव इस समय एक हृदयविदारक समस्या से जूझ रहा है। यहाँ के श्मशान घाट पर न तो कोई टीनशेड है और न ही कोई अन्य बुनियादी व्यवस्था, जिसके चलते बारिश के मौसम में लोगों को अपने प्रियजनों का दाह संस्कार करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। खुले आसमान के नीचे तिरपाल से ढकी चिता: प्रशासन की लापरवाही उजागर एक वायरल हो रहे वीडियो में श्मशान घाट की दर्दनाक हकीकत सामने आई है। इसमें साफ दिख रहा है कि ग्रामीण भारी बारिश के बीच, खुले आसमान के नीचे, तिरपाल की मदद से चिता को बारिश से बचाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। बारिश की बूंदों के बीच अंतिम संस्कार करने की यह दुर्दशा स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ ज़िंदों के साथ-साथ अब मृतकों को भी बारिश की आफत झेलनी पड़ रही है। ‘उत्तम प्रदेश’ के दावों पर सवाल एक तरफ राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का यह अभाव साफ दिखाई दे रहा है। श्मशान घाट जैसी आवश्यक सुविधाओं का विकास न होना स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर समस्या बन गया है, जो उन्हें सम्मानजनक तरीके से अपने अंतिम संस्कार करने से भी वंचित कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को अधिकारियों के सामने उठाया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस मामले में फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ओवरकॉन्फिडेंस ले डूबा कैंटर ड्राइवर को! लोगों ने रोका, पर नहीं माना… आगरा-राजस्थान बॉर्डर पर पार्वती नदी में बहे 4 लोग, रेस्क्यू जारी

आगरा। कभी-कभी आत्मविश्वास भी अति हो जाता है, और यही अति आत्मविश्वास आगरा-राजस्थान बॉर्डर पर एक कैंटर चालक की जान पर भारी पड़ गया। लोगों ने उसे पार्वती नदी के उफनते बहाव में कैंटर ले जाने से रोका, लेकिन वह नहीं माना और आखिरकार कैंटर सहित 4 लोग नदी में बह गए। यह दिल दहला देने वाली घटना आज लादूखेड़ा से रनौली रपट गांव लिंकरोड पर स्थित पार्वती नदी के पुल पर हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आंखों के सामने समाया कैंटर, 4 लोग डूबे मानसून के कारण पार्वती नदी इस समय उफान पर है और पुल के ऊपर से पानी तेजी से बह रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय लोगों ने कैंटर चालक को कई बार रोकने की कोशिश की, उसे चेतावनी भी दी, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी और कैंटर को पानी से भरे पुल पर चढ़ा दिया। थोड़ी ही देर में तेज बहाव में कैंटर संतुलन खो बैठा और नदी में समा गया। इस दौरान कैंटर में चार लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछे बैठे एक युवक ने किसी तरह नदी से बाहर निकलने की कोशिश की। उसे निकालने के लिए स्थानीय लोग और बचाव दल तुरंत मौके पर जुटे। खबर लिखे जाने तक, एक युवक को रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि दो अन्य लोग अभी भी लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और SDRF तथा पुलिस मौके पर मौजूद है। नदी के तेज बहाव और पानी की गहराई के कारण राहत कार्य में काफी परेशानी हो रही है। ताजगंज के निवासी थे सभी सवार, कबाड़ लेने जा रहे थे मनिया हादसे में शामिल सभी लोग आगरा के ताजगंज क्षेत्र के गोबर चौकी इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। वे कबाड़ का कारोबार करते हैं और मनिया में कबाड़ लेने जा रहे थे। कैंटर का चालक बमरौली कटरा का निवासी है। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप: कोई चेतावनी बोर्ड नहीं, बैरिकेडिंग भी नहीं स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुल पर पानी बहने के बावजूद वहाँ कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई थी। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इस पुल पर कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई स्थायी इंतजाम नहीं किए हैं, जिसकी वजह से आज यह बड़ा हादसा हुआ है।

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