Agra News: दीपावली पर ट्रैफिक ठप, हाईवे-एक्सप्रेसवे बने जाम पॉइंट

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Agra News दीपावली की खरीदारी और त्योहार की रौनक में आगरा का ट्रैफिक ठप, एक्सप्रेसवे से लेकर बाजार तक जाम, टोल कर्मचारियों की हड़ताल से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं। त्योहार की भीड़ से शहर की सड़कों पर हाहाकार आगरा में दीपावली की रौनक के बीच ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर एक्सप्रेसवे तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस के तमाम इंतजाम नाकाम साबित हुए, जबकि टोल कर्मचारियों की हड़ताल ने हालात और बिगाड़ दिए। त्योहार की शाम आगरा में रोशनी तो खूब रही, लेकिन सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई। हजारों लोग खरीदारी और घर लौटने के लिए निकले, जिससे शहर का हर कोना ठप हो गया। पुलिस के दावे और ट्रैफिक व्यवस्था के सारे इंतजाम धरे रह गए। मुख्य बाजारों में रेंगते वाहन और फंसे लोग शनिवार को संजय प्लेस, बेलनगंज, राजा मंडी, एमजी रोड और सिकंदरा रोड जैसे प्रमुख बाजारों में दीपावली की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ी। कारों, ई-रिक्शों और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने डायवर्जन और बैरिकेडिंग की योजना बनाई थी, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि सारे इंतजाम फेल हो गए। कई जगहों पर लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। दुकानदारों का कहना था कि पिछले सालों की तुलना में इस बार बाजारों में दोगुनी भीड़ रही, जिससे पार्किंग की जगह भी खत्म हो गई। यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की बाढ़ यमुना एक्सप्रेसवे पर इस बार ट्रैफिक का दबाव सामान्य से कई गुना अधिक रहा। सामान्य दिनों में जहां 18 से 20 हजार वाहन गुजरते हैं, वहीं शनिवार को यह संख्या बढ़कर करीब 45 हजार हो गई। टोल प्रशासन ने सभी 24 टोल लेनें खोल दीं, यहां तक कि आपातकालीन लेन भी चालू करनी पड़ी, इसके बावजूद वाहनों की कतारें खत्म नहीं हुईं और जाम कई किलोमीटर लंबा हो गया। टोल प्रभारी तुलसीराम गुर्जर ने बताया कि सामान्य दिनों में 16 लाइनें खोली जाती हैं, लेकिन शनिवार को सभी लेनें भी कम पड़ गईं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो साझा किए और आगरा ट्रैफिक की हालत पर नाराजगी जताई। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टोल कर्मियों की हड़ताल इसी बीच आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने बोनस न मिलने पर अचानक हड़ताल कर दी। रात 12 बजे से टोल फ्री कर दिया गया और वाहन बिना शुल्क दिए गुजरने लगे। श्री साईं और दातार कंपनी के 21 कर्मचारियों ने प्लाजा पर बूम खोल दिए और धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना था कि कंपनी कई दिनों से बोनस का आश्वासन दे रही थी, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, वे ड्यूटी पर नहीं लौटेंगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, पर कर्मचारी नहीं माने। धरने में मिंटू सिंह धाकरे, राजकुमार, केशव सिंह, पूजा, शिव कुमार, सचिन गोस्वामी, दिलीप पांडेय और अतुल शामिल रहे। कंपनी के जीएम संजय सिक्का ने कहा कि हड़ताल समाप्त कराने के प्रयास जारी हैं। रहनकलां और फतेहाबाद टोल पर लंबी कतारें शनिवार को रहनकलां टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। नोएडा और दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों के लिए 16 लेनें खोली गईं। टोल इंचार्ज शिववीर सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में 24 घंटे में करीब 16 हजार वाहन गुजरते हैं, जबकि शनिवार को यह आंकड़ा 25 हजार तक पहुंच गया। वहीं, फतेहाबाद टोल पर वाहनों की एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। पुलिस और टोल कर्मचारियों को ट्रैफिक संभालने में खासी दिक्कत आई। कई यात्रियों ने बताया कि दो घंटे का सफर पांच घंटे में पूरा करना पड़ा। पुलिस की तैयारी धरी रह गई त्योहार से पहले पुलिस प्रशासन ने दावा किया था कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, लेकिन हकीकत इसके उलट रही। भीड़ ने पूरे सिस्टम को ठप कर दिया। शहर के कई हिस्सों में वाहन रेंगते रहे, वहीं कई जगह टकराव और झगड़े की स्थिति बन गई। ट्रैफिक हेल्पलाइन लगातार व्यस्त रही, राहत किसी को नहीं मिली। अधिकारियों ने माना कि वाहनों की अचानक बढ़ती संख्या से नियंत्रण मुश्किल हो गया। विशेषज्ञों ने दिए सुझाव ट्रैफिक विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए त्योहार से पहले ही वैकल्पिक मार्ग तय करने और सोशल मीडिया पर रीयल टाइम ट्रैफिक अपडेट देने की व्यवस्था जरूरी है। टोल प्लाजा पर अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती और मोबाइल ट्रैफिक यूनिट से भी राहत मिल सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ट्रैफिक सिस्टम सुधारने और बाजारों में अलग पार्किंग ज़ोन बनाने की मांग की है। Agra News: हाउस टैक्स विवाद की खौफनाक तस्वीर: फ्रीगंज स्थित बंसल एंटरप्राइजेस के गेट पर फेंका गया कूड़ा, निगम की कार्यशैली पर उठे सवाल

आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा पर प्रतिबंध का असर, यातायात में दिखा सुधार

आगरा। आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के बाद यातायात व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार के आदेश के बाद गुरुवार से ही एमजी रोड पर ई-रिक्शा की संख्या में कमी आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन ई-रिक्शा चालकों को प्रतिबंध की जानकारी नहीं है, उन्हें जागरूक किया जा रहा है और नियमों के बारे में बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ चालक अभी भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिनके खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। यातायात पुलिस ने भगवान टॉकीज चौराहे पर अभियान चलाकर कई ई-रिक्शा जब्त किए। पुलिस का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करके यातायात व्यवस्था को सुधारना है ताकि शहर के लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो की अधिक संख्या के कारण ट्रैफिक धीमा हो जाता था, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, एमजी रोड पर वाहनों की संख्या कम होने से शहर के अंदरूनी चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है, जिससे वहाँ जाम की स्थिति बन रही है। पुलिस इस समस्या पर भी ध्यान दे रही है।

पुलिस कमिश्नर के आदेश हवा हुए: आगरा की लाइफलाइन पर बेकाबू ई-रिक्शा, ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही से भारी जाम

आगरा। आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई थी। उनके स्पष्ट निर्देश थे कि शहर की लाइफलाइन पर कोई भी ई-रिक्शा नजर नहीं आना चाहिए और ऐसा करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है। पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते कमिश्नर के ये आदेश हवा हो गए हैं और एमजी रोड पर ई-रिक्शा बेलगाम दौड़ रहे हैं। लगभग सात किलोमीटर लंबे एमजी रोड पर 14 से अधिक चौराहे और तिराहे हैं, जहाँ हर वक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये पुलिसकर्मी अपनी आँखों के सामने ई-रिक्शा चालकों को नियम तोड़ते देख भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। इसी अनदेखी का फायदा उठाकर ई-रिक्शा चालक बेफिक्र हो गए हैं, जिससे रोड पर लगातार जाम की स्थिति बन रही है। मेट्रो के काम और बढ़ती भीड़ के बीच ई-रिक्शा का यह अनियंत्रित संचालन लोगों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गया है। कमिश्नर के आदेशों की अनदेखी के कारण, लोगों को अब घंटों जाम में फँसकर जूझना पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं कि जब शीर्ष स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा है?

आगरा में ट्रैफिक जाम पर कड़ा एक्शन: डीसीपी सिटी ने तीन दरोगा सस्पेंड किए, शहर को मिली राहत

आगरा। आगरा में पिछले कई दिनों से चल रहे भीषण ट्रैफिक जाम पर अब पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में एक ही दिन पहले पुलिस कमिश्नर द्वारा दिए गए निर्देशों की हकीकत देखने निकले डीसीपी सिटी ने ड्यूटी से गायब मिले तीन दारोगाओं को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया। इस कड़े कदम के बाद आज शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिला, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। पिछले तीन दिनों से आगरा की सड़कें जाम से कराह रही थीं। यमुना नदी में आए बाढ़ के पानी से यमुना किनारा मार्ग पर यातायात ठप हो गया था, वहीं शहर में चल रहे मेट्रो निर्माण ने एमजी रोड को लगभग खोद डाला है। इन सब के बीच हाईवे पर हुए एक ट्रॉले की टक्कर को हटाने में 24 घंटे का समय लग गया, जिसने हर तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लगा दी थीं। हालात को काबू करने के लिए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने निर्देश दिए थे कि अब यातायात पुलिस के साथ-साथ सभी थानाध्यक्ष (SHO) और इंस्पेक्टर (SO) भी चौराहों पर ड्यूटी देंगे। मंगलवार को, डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने इन आदेशों का पालन हो रहा है या नहीं, यह जानने के लिए निरीक्षण शुरू किया। भगवान टॉकीज चौराहे पर हालात सबसे खराब थे, जहाँ न्यू आगरा थाने से जिन तीन दारोगाओं विवेक यादव, धर्मेंद्र वर्मा और गौरव तेवतिया की ड्यूटी लगी थी, वे मौके से नदारद मिले। इस बड़ी लापरवाही पर डीसीपी सिटी ने तुरंत तीनों को सस्पेंड कर दिया। पुलिस के एक्शन का असर, एमजी रोड पर सुगम हुआ ट्रैफिक पुलिस के इस कड़े कदम का असर आज शहर के ट्रैफिक पर साफ दिखाई दे रहा है। आज एमजी रोड पर भारी जाम नहीं है और गाड़ियों की आवाजाही पहले की तुलना में बेहतर है। हालांकि कुछ जगहों पर ट्रैफिक धीमा जरूर है, लेकिन गाड़ियां लगातार खिसक रही हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह कदम बहुत अच्छा है, क्योंकि पिछले कई दिनों से उन्हें बहुत परेशानी हो रही थी।

आगरा में ट्रैफिक: प्रताप पुरा क्रॉसिंग से लेकर रावली मंदिर तक गाड़ियों की लंबी कतारें

आगरा। आगरा में मंगलवार, 9 सितंबर को ट्रैफिक का हाल बेहाल है। शहर को एक साथ दोहरी मार झेलनी पड़ रही है: यमुना नदी में आई बाढ़ और शहर में चल रहा मेट्रो का निर्माण कार्य। इन दोनों वजहों से शहर के कई प्रमुख रास्तों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई है। यमुना में आए उफान के कारण हाथी घाट और यमुना किनारा रोड के आसपास पानी भर गया है, जिससे इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। वहीं, शहर के बीचोबीच बन रहे मेट्रो के कारण एमजी रोड पर भी जगह-जगह जाम की स्थिति बन रही है। दोपहर 2 बजे का ट्रैफिक अपडेट: प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।

आगरा में ट्रैफिक पुलिस के साथ अब थानों का पुलिस बल भी संभालेगा मोर्चा: पुलिस कमिश्नर

आगरा। आगरा में मेट्रो निर्माण, लगातार बारिश और यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। नेशनल हाईवे और एमजी रोड पर गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जबकि यमुना किनारा रोड पर जलभराव के कारण भी लोगों को परेशानी हो रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तत्काल प्रभाव से सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI), सब-इंस्पेक्टर (TSI) और थाना अध्यक्षों (SHO/SO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करें। उन्होंने कहा कि यह एक आपातकालीन स्थिति है, इसलिए अब ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ थानों का पुलिस बल भी यातायात ड्यूटी में सहयोग करेगा। नागरिकों से सहयोग की अपील पुलिस कमिश्नर ने आगरा के नागरिकों से भी इस स्थिति में सहयोग करने की विनम्र अपील की है। उन्होंने कहा: उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आगरा पुलिस इस मुश्किल समय में नागरिकों के साथ है और सभी की असुविधा को कम करने का प्रयास कर रही है।

आगरा में ट्रैफिक जाम से बुरा हाल, कई आयोजनों से चरमराई व्यवस्था

आगरा। आज आगरा शहर की सड़कों पर दिन भर यातायात व्यवस्था चरमराई रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के प्रमुख मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, जिसकी मुख्य वजह एक साथ कई बड़े आयोजन थे। एमजी रोड, शाहगंज चौराहा, लोहमंडी चौराहा और भगवान टॉकीज जैसे व्यस्ततम इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लगभग 7 किलोमीटर लंबा एमजी रोड पूरी तरह से जाम हो गया, जहाँ वाहन रेंगते नजर आए। रावली चौराहे पर तो एक किलोमीटर से भी लंबा जाम लगा रहा, जिससे लोगों को घंटों तक फंसे रहना पड़ा। जाम के प्रमुख कारण ट्रैफिक जाम की इस स्थिति के तीन मुख्य कारण थे: इन आयोजनों के अलावा, मेट्रो निर्माण के कारण पहले से ही संकरी हो चुकी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ गया था। इस जाम से एम्बुलेंस और सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुए, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ट्रैफिक पुलिस ने कुछ जगहों पर रूट डायवर्जन लागू किए, लेकिन भारी भीड़ के कारण यह नाकाफी साबित हुआ।

आगरा में शनिवार को दो बड़े आयोजन: ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा सकती है

आगरा। आगरा में शनिवार, 6 सितंबर को दो बड़े आयोजन होने जा रहे हैं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा सकती है। एक तरफ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) आयोजित होगी, जिसमें हजारों अभ्यर्थी शामिल होंगे, वहीं दूसरी तरफ बाबा बागेश्वर धाम (पंडित धीरेंद्र शास्त्री) का आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटने वाले हैं। 96 हज़ार अभ्यर्थी देंगे PET परीक्षा आगरा में PET परीक्षा दो दिन – 6 और 7 सितंबर को – होगी, जिसमें करीब 95,906 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए शहर में 51 केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ बायोमेट्रिक अटेंडेंस, सीसीटीवी और AI-आधारित निगरानी की व्यवस्था की गई है। बाबा बागेश्वर के लिए जुटने वाला है जनसैलाब वहीं दूसरी ओर, 6 सितंबर को ही फतेहाबाद रोड स्थित राज देवम गार्डन में बाबा बागेश्वर धाम के कार्यक्रम में भक्तों का जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है। आयोजकों का अनुमान है कि आगरा और आस-पास के जिलों के अलावा, अन्य राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु आएंगे। बारिश और मेट्रो निर्माण से बढ़ी चुनौती इन आयोजनों के साथ-साथ शहर में हो रही बारिश, मेट्रो निर्माण की वजह से लगी बैरिकेडिंग और सड़कों की संकरी स्थिति पहले से ही ट्रैफिक को मुश्किल बना रही है। ऐसे में फतेहाबाद रोड, एमजी रोड, यमुना किनारा रोड और परीक्षा केंद्रों तक जाने वाली सड़कों पर भारी जाम लगने की संभावना है। ट्रैफिक की स्थिति को संभालने के लिए, डीसीपी ट्रैफिक अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि 150 से अधिक पुलिसकर्मी प्रमुख चौराहों पर तैनात रहेंगे और जरूरत पड़ने पर रूट डायवर्जन भी किया जाएगा।

आगरा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर होगी सख्त कार्रवाई

आगरा। आगरा में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उन्हें लंबे समय से ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा नियमों की मनमानी की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने खुद भी सड़कों पर यह अनुभव किया है कि ये चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं, गलत दिशा में चलते हैं और ट्रैफिक रुकते ही अपनी लाइन छोड़कर दूसरों के लिए दिक्कत पैदा करते हैं। इससे न केवल जाम लगता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों और बच्चों को होती है परेशानी दीपक कुमार ने कहा कि इन चालकों की मनमानी का खामियाजा सामान्य नागरिकों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि ई-रिक्शा और सीएनजी ऑटो उनकी आजीविका का साधन हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे यातायात नियमों की अनदेखी करें और दूसरों को प्रभावित करें। टीमें गठित करने के निर्देश, होगा भारी जुर्माना पुलिस आयुक्त ने डीसीपी ट्रैफिक को विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नजर रखेंगी। उन्होंने सभी ऑटो चालकों से अपील की है कि वे अपनी लेन में चलें, ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करें और क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो गठित टीमें नियमानुसार भारी जुर्माना लगाएंगी और ई-रिक्शा/सीएनजी ऑटो को सीज करने पर मजबूर होंगी। यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

आगरा में ट्रैफिक नियम तोड़ना हुआ महंगा, हाई-टेक कैमरों ने 2 साल में काटे 11 लाख से ज्यादा चालान

आगरा। आगरा की सड़कों पर अब ट्रैफिक नियमों को तोड़ना महंगा पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए हाई-टेक कैमरों की मदद से यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। इन कैमरों के जरिए बिना हेलमेट बाइक चलाने, तीन सवारी बैठाने और बिना सीटबेल्ट कार चलाने जैसी हर गलती का ऑनलाइन चालान बन रहा है। कैमरे बने पुलिस की ‘तीसरी आंख’ यातायात पुलिस उपायुक्त अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षित यातायात की आदत डालने के लिए चलाया जा रहा है। उनकी टीम ट्रैफिक कंट्रोल रूम से हरिपर्वत, सूरसदन, सेंट जॉन्स और कलेक्ट्रेट जैसे व्यस्त चौराहों पर 24 घंटे निगरानी कर रही है। कैमरे हर वाहन की गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और नियम तोड़ने पर तुरंत चालान जारी हो रहा है। आंकड़े बता रहे सख्ती पिछले दो साल में चालानों की संख्या में चौंका देने वाली बढ़ोतरी हुई है। ‘नियमों का पालन स्वयं की सुरक्षा के लिए है’ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नियमों का पालन सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए करें। डीसीपी ने अपनी टीम को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन चालान की कार्रवाई को और बढ़ाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों।

आगरा में सोमवार को भीषण जाम: मेट्रो निर्माण और संकरी सड़कों ने बढ़ाई परेशानी, एंबुलेंस भी फंसी

आगरा। सोमवार को आगरा शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मेट्रो निर्माण कार्य और संकरी सड़कों के कारण शहरभर में भीषण जाम के हालात देखने को मिले। एमजी रोड, मदिया कटरा चौराहा और बोदला चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। देहली गेट से मदिया कटरा तक रेंगते रहे वाहन शहर के मुख्य मार्गों पर जाम का ऐसा आलम था कि देहली गेट से मदिया कटरा तक महज 500 मीटर की दूरी तय करने में 15 से 20 मिनट से ज्यादा का समय लग रहा था। यह जानकारी एक राहगीर महेश ने दी, जो इस जाम में फंसे हुए थे। सोमवार दोपहर एक बजे आवास विकास की ओर आने वाली सड़क पर भी वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। लोहमंडी से मदिया कटरा की ओर आने वाले वाहन भी जाम में बुरी तरह फंसे रहे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोपहर में स्कूलों की छुट्टी हुई। दिल्ली गेट से मदिया कटरा तक वाहन रेंग-रेंग कर चले। इस भीषण जाम में लगभग 15 मिनट तक एक एंबुलेंस भी फंसी रही, जो चिंता का विषय है। यात्री परेशान, पैदल चलने को मजबूर मदिया कटरा चौराहे पर जाम में फंसी एक महिला गौरा ने बताया कि वह ऑटो में बैठी थीं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद उन्हें ऑटो से उतरकर पैदल ही आगे जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह समस्या अब रोज की बात हो गई है, जिससे लोगों का समय और धैर्य दोनों खत्म हो रहे हैं। एमजी रोड पर भी जाम, ट्रैफिक पुलिसकर्मी बेबस बोदला चौराहे पर भी हमेशा की तरह भारी जाम लगा रहा। एमजी रोड पर चल रहे मेट्रो के काम और स्कूल की छुट्टी के समय दोपहर बाद से ही यहाँ वाहन रेंगते हुए नजर आए। नाई की मंडी से लगभग हरिपर्वत चौराहे तक जाम जैसे हालात बने रहे। संकरी सड़कों, गड्ढों और यातायात के अत्यधिक दबाव से लोग बेहाल दिखे। ट्रैफिक पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात होकर जाम खुलवाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने और वैकल्पिक मार्ग खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर मेट्रो कार्य के साथ-साथ ट्रैफिक प्लानिंग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। यह घटना शहरी विकास परियोजनाओं के साथ-साथ यातायात प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर करती है।

‘तिर्री और टेम्पू’ के लिए अब नए जोन, QR कोड से होगी पहचान: यातायात पुलिस का मास्टर प्लान, जल्द लागू होगा नया नियम

आगरा। आगरा की सड़कें पिछले काफी समय से जाम की समस्या से कराह रही हैं। इस विकट स्थिति से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने एक नया और महत्वपूर्ण प्लान तैयार किया है। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अब ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन चार जोन में बांटकर किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब चालक अपने निर्धारित जोन में ही तिर्री और टेम्पू चला सकेंगे, और ज़ोन से बाहर जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस नई व्यवस्था को जल्द ही आगरा में लागू किया जाएगा। क्या है यातायात पुलिस का नया प्लान? यातायात पुलिस द्वारा तैयार किए गए इस प्लान के तहत: क्यों पड़ी इस नए प्लान की जरूरत? एमजी रोड पर मेट्रो कार्य और वाहनों का दबाव एमजी रोड और हाईवे पर चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के कारण डिवाइडर पर बैरिकेडिंग की गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। पीक आवर्स (सुबह-शाम के व्यस्त समय) में वाहनों की संख्या बढ़ने पर लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। एमजी रोड पर महानगर बसों के साथ-साथ ऑटो और ई-रिक्शा की बड़ी संख्या, और स्कूल बसों व निजी कारों की बढ़ती तादाद, जाम की प्रमुख वजह बन रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए ही बुधवार को डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। डीसीपी अग्रवाल ने बताया कि जिले में लगभग 35 हजार ऑटो और ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें से आधे से ज़्यादा शहरी सीमा में चलते हैं। इनमें से भी बड़ी संख्या भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा के बीच संचालित होती है। उन्होंने यह भी बताया कि कई ऑटो की फिटनेस नहीं है और देहात (ग्रामीण) क्षेत्र के ऑटो भी शहर में चल रहे हैं, जिससे यातायात का दबाव और बढ़ रहा है। मेट्रो के कार्य को देखते हुए शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए यह नई व्यवस्था लाई जा रही है। क्यूआर कोड और फिटनेस चेकिंग से होगी सख्ती यातायात पुलिस की नई व्यवस्था में क्यूआर कोड अहम भूमिका निभाएगा। आरटीओ के माध्यम से ऑटो के मालिक और चालक के निवास स्थान का पता लगाकर उन्हें क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे। जोन निर्धारित होने के बाद चालक को उसी में ऑटो का संचालन करना होगा। इसके अलावा, जिन वाहनों की फिटनेस नहीं होगी, उन्हें बिल्कुल भी संचालित नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए अलग से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। देहात क्षेत्र के ऑटो को देहात में ही चलाने की अनुमति होगी, और आगरा से बाहर के ऑटो के शहर में प्रवेश करने पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह नया प्लान आगरा को जाम से मुक्ति दिलाने में कितना सफल होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन यातायात पुलिस का यह कदम निश्चित रूप से एक उम्मीद की किरण है।

आगरा में ‘ट्रैफिक रेंगता है’ का हाल! हरीपर्वत से आवास विकास तक ‘गड्ढे-अतिक्रमण का सफर’: 4 KM की दूरी 30 मिनट में, ‘मांएं स्कूल से लौटते बच्चों का करती हैं इंतजार’

आगरा। आगरा शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक, हरीपर्वत से आवास विकास तक का मार्ग, इन दिनों शहरवासियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं। महज 4 किलोमीटर की यह दूरी, जिसे सामान्यतः 10 मिनट में तय किया जा सकता है, अब 25 से 30 मिनट का समय ले रही है। सबसे ज़्यादा पीड़ा उन माताओं को उठानी पड़ रही है, जो स्कूल से अपने बच्चों के लौटने का बेसब्री से इंतजार करती हैं, क्योंकि बच्चों को थोड़ी सी दूरी तय करने में भी घंटों लग रहे हैं। इस रूट पर ट्रैफिक चलता नहीं, बल्कि रेंगता है, जिसका मुख्य कारण जगह-जगह मौजूद गड्ढे और बेतहाशा अतिक्रमण है, जिसने पूरे रास्ते को एक बड़े जाम में तब्दील कर दिया है। हरीपर्वत से ही शुरू हो जाती है मुसीबत: स्कूल टाइम और शाम को ‘हाल बेहाल’ स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस परेशानी की शुरुआत हरीपर्वत चौराहे से ही हो जाती है, जहां से सड़क पर गड्ढे मिलने लगते हैं। दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय और शाम 6 से 8 बजे के बीच इस रूट पर सबसे भीषण जाम लगता है। खासकर दिल्ली गेट से लेकर मदिया कटरा पुल और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान तक वाहन मुश्किल से आगे बढ़ पाते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिल्ली गेट पर स्थित अस्पतालों की पार्किंग में खड़े वाहन भी अक्सर सड़क पर ट्रैफिक को रोक देते हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। मदिया कटरा पर केवल एक लेन होने के कारण टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, और गाड़ियां बस रेंगती रहती हैं। जाम के कारण स्कूल से लौटते बच्चों को गर्मी और उमस में भारी परेशानी होती है, जिससे मांओं की चिंता बढ़ती है कि उनका बच्चा कब घर आएगा, कब खाएगा और कब सो पाएगा। बारिश में हालात और बदतर: नालियां ओवरफ्लो, सड़कें बन जाती हैं तालाब मदिया कटरा चौराहे पर दुकानदारों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दोपहर और शाम को रोज आवास विकास से आने वाले वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। वहीं एक रेहड़ी लगाने वाले ने बताया कि चौराहे से लेकर मानसिक चिकित्सालय तक हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। सड़कें तालाब जैसी बन जाती हैं, जिससे गाड़ियां फंस जाती हैं। नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं, और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे यह 4 किलोमीटर का सफर बारिश के दिनों में 45 मिनट तक का समय ले सकता है। 16 सेक्टरों को जोड़ता है यह अहम मार्ग, हजारों वाहन रोज गुजरते हैं यह मार्ग आवास विकास कॉलोनी के 16 सेक्टरों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। मदिया कटरा से होकर लोहामंडी, न्यू राजामंडी और सिकंदरा पुल जाने वाले हजारों लोग रोजाना इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, यह मार्ग मथुरा और दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए भी एक अहम कड़ी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली से हजारों लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि शहरवासियों को इस रोजमर्रा के ‘जाम और गड्ढों के सफर’ से मुक्ति मिल सके।

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