आगरा। आगरा नगर निगम की सदन बैठक नौ महीने के लंबे अंतराल के बाद हुई, जिसमें शहर के विकास और समस्याओं से जुड़े कुल 119 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव स्पीड कलर लैब तिराहे का नाम बदलकर राणा सांगा तिराहे करने का था, जिसे भाजपा पार्षद दल ने रखा। इस प्रस्ताव को फिलहाल कमेटी के सामने रखने का निर्णय लिया गया है।
बैठक की मुख्य बातें
- सफाई और कूड़ा प्रबंधन: सफाई कर्मचारियों की भर्ती, घरों से कूड़ा उठाने और कचरा उठाने पर लगने वाले यूजर चार्ज को कम करने जैसे मुद्दों पर भी विचार हुआ।
- टेलीकॉम और विज्ञापन: पार्षद रवि बिहारी माथुर ने टेलीकॉम कंपनियों के खंभों पर लटकते तारों का मुद्दा उठाया और प्रस्ताव रखा कि नगर निगम केबल कंपनियों से प्रति खंभा ₹5000 का शुल्क ले। इस पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई। साथ ही यह भी तय हुआ कि दुकानों पर लगे विज्ञापनों का टैक्स अब संबंधित कंपनी से वसूला जाएगा।
- राजस्व और टैक्स: पार्षद हेमलता चौहान ने नगर निगम को हो रहे राजस्व नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि नगर निगम के रिकॉर्ड में पंजीकृत भवनों की संख्या टोरेंट पावर के बिजली कनेक्शनों की संख्या से काफी कम है। इस पर दोबारा असेसमेंट (मूल्यांकन) करने की मांग की गई।
- विभागों में सुधार: मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने सफाई, टैक्स और संपत्ति विभागों में मिल रही अनियमितताओं को देखते हुए आरआई (RI) के पटलों को बदलने और एक हफ्ते में इसकी रिपोर्ट देने का आदेश दिया।
बैठक में 21 सवालों पर भी चर्चा हुई, जिनमें से अधिकांश के जवाब मिलने पर पार्षदों ने संतुष्टि जताई। यह बैठक शहर की बुनियादी सुविधाओं और राजस्व सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


































































































