पुलिस कमिश्नर के आदेश हवा हुए: आगरा की लाइफलाइन पर बेकाबू ई-रिक्शा, ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही से भारी जाम

आगरा। आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई थी। उनके स्पष्ट निर्देश थे कि शहर की लाइफलाइन पर कोई भी ई-रिक्शा नजर नहीं आना चाहिए और ऐसा करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है। पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते कमिश्नर के ये आदेश हवा हो गए हैं और एमजी रोड पर ई-रिक्शा बेलगाम दौड़ रहे हैं। लगभग सात किलोमीटर लंबे एमजी रोड पर 14 से अधिक चौराहे और तिराहे हैं, जहाँ हर वक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये पुलिसकर्मी अपनी आँखों के सामने ई-रिक्शा चालकों को नियम तोड़ते देख भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। इसी अनदेखी का फायदा उठाकर ई-रिक्शा चालक बेफिक्र हो गए हैं, जिससे रोड पर लगातार जाम की स्थिति बन रही है। मेट्रो के काम और बढ़ती भीड़ के बीच ई-रिक्शा का यह अनियंत्रित संचालन लोगों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गया है। कमिश्नर के आदेशों की अनदेखी के कारण, लोगों को अब घंटों जाम में फँसकर जूझना पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं कि जब शीर्ष स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा है?

आगरा में ट्रैफिक जाम पर कड़ा एक्शन: डीसीपी सिटी ने तीन दरोगा सस्पेंड किए, शहर को मिली राहत

आगरा। आगरा में पिछले कई दिनों से चल रहे भीषण ट्रैफिक जाम पर अब पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में एक ही दिन पहले पुलिस कमिश्नर द्वारा दिए गए निर्देशों की हकीकत देखने निकले डीसीपी सिटी ने ड्यूटी से गायब मिले तीन दारोगाओं को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया। इस कड़े कदम के बाद आज शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिला, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। पिछले तीन दिनों से आगरा की सड़कें जाम से कराह रही थीं। यमुना नदी में आए बाढ़ के पानी से यमुना किनारा मार्ग पर यातायात ठप हो गया था, वहीं शहर में चल रहे मेट्रो निर्माण ने एमजी रोड को लगभग खोद डाला है। इन सब के बीच हाईवे पर हुए एक ट्रॉले की टक्कर को हटाने में 24 घंटे का समय लग गया, जिसने हर तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लगा दी थीं। हालात को काबू करने के लिए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने निर्देश दिए थे कि अब यातायात पुलिस के साथ-साथ सभी थानाध्यक्ष (SHO) और इंस्पेक्टर (SO) भी चौराहों पर ड्यूटी देंगे। मंगलवार को, डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने इन आदेशों का पालन हो रहा है या नहीं, यह जानने के लिए निरीक्षण शुरू किया। भगवान टॉकीज चौराहे पर हालात सबसे खराब थे, जहाँ न्यू आगरा थाने से जिन तीन दारोगाओं विवेक यादव, धर्मेंद्र वर्मा और गौरव तेवतिया की ड्यूटी लगी थी, वे मौके से नदारद मिले। इस बड़ी लापरवाही पर डीसीपी सिटी ने तुरंत तीनों को सस्पेंड कर दिया। पुलिस के एक्शन का असर, एमजी रोड पर सुगम हुआ ट्रैफिक पुलिस के इस कड़े कदम का असर आज शहर के ट्रैफिक पर साफ दिखाई दे रहा है। आज एमजी रोड पर भारी जाम नहीं है और गाड़ियों की आवाजाही पहले की तुलना में बेहतर है। हालांकि कुछ जगहों पर ट्रैफिक धीमा जरूर है, लेकिन गाड़ियां लगातार खिसक रही हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह कदम बहुत अच्छा है, क्योंकि पिछले कई दिनों से उन्हें बहुत परेशानी हो रही थी।

आगरा में बाढ़ का विकराल रूप: श्मशान घाट डूबे, लोग सड़क किनारे अंतिम संस्कार करने को मजबूर

आगरा। आगरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति बेकाबू होती जा रही है। यमुना खतरे के निशान (499 फीट) से 2.3 फीट ऊपर बह रही है, और बुधवार सुबह इसका जलस्तर 501.3 फीट पर पहुँच गया है। इस भयावह स्थिति के कारण शहर के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र और श्मशान घाट डूब गए हैं। सड़क किनारे अंतिम संस्कार, डूबे श्मशान घाट ताजगंज और पोइया घाट स्थित प्रमुख श्मशान घाट पानी में डूब चुके हैं। मंगलवार को पोइया घाट पर जब लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुँचे, तो उन्हें श्मशान के साथ-साथ वहाँ तक पहुँचने वाले रास्ते पर भी 2-3 फीट तक पानी मिला। मजबूरन, लोगों को शव का अंतिम संस्कार सड़क किनारे ही करना पड़ा। यह स्थिति दिखाती है कि बाढ़ ने न केवल जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि मृत्यु के बाद की क्रियाओं को भी बाधित कर दिया है। कई गाँव और कॉलोनियाँ जलमग्न मनोहरपुर से पोइया जाने वाली सड़क पर 2 किलोमीटर तक 4-5 फीट पानी भर गया है, जिससे 10 गाँवों और कॉलोनियों के लोग फंस गए हैं। मां गौरी टाउन सहित 25 कॉलोनियाँ पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं, और करीब 4000 लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कैलाश मंदिर बंद और सड़कें जलमग्न एहतियात के तौर पर कैलाश महादेव मंदिर के पट भक्तों के लिए बंद कर दिए गए हैं। प्रधान महंत भरत गिरी ने श्रद्धालुओं से मंदिर की ओर न आने की अपील की है। यमुना किनारा रोड पर स्थित आरती स्थल पर भी बैरिकेडिंग लगा दी गई है। हाथी घाट रोड पर 5-6 फीट तक पानी भरा हुआ है, जहाँ वाहन और यहां तक कि घोड़ागाड़ी भी फंस रही है। लोग अपने घरों को बाढ़ से बचाने के लिए ऊँची-ऊँची बाउंड्री बना रहे हैं, लेकिन बढ़ते जलस्तर के सामने उनकी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं।

आगरा के महालक्ष्मी मंदिर में हादसा, मंदिर के पट बंद, लोगों ने खुद संभाला मोर्चा

आगरा। आगरा के बल्केश्वर स्थित महालक्ष्मी मंदिर में सोमवार को हुए हादसे के बाद मंगलवार को भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मंदिर की रेलिंग और छत का हिस्सा यमुना में गिरने के बाद, मंगलवार को दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, सभी लोगों को समय रहते बचा लिया गया था, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर में भक्तों की एंट्री बंद कर दी है और गेट पर ताला लगा दिया है। मंदिर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो किसी को भी अंदर नहीं जाने दे रहे। एक पुजारी ने बताया कि जब तक बाढ़ का खतरा टल नहीं जाता और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक मंदिर के पट भक्तों के लिए बंद रहेंगे। बाढ़ का पानी, लोगों को मदद का इंतजार इस बीच, बल्केश्वर मंदिर के आसपास की कॉलोनियों में यमुना का पानी घुसना जारी है। नाले चोक होने के कारण पानी कॉलोनियों में बैक मार रहा है। हालात से निपटने के लिए स्थानीय लोगों ने बोरों में मिट्टी भरकर दीवारें खड़ी कर दी हैं। जल निकासी के लिए लोग निजी पंपों का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्हें नगर निगम या प्रशासन से कोई खास मदद नहीं मिल रही है। लोग खुद ही अपनी सुरक्षा और जल निकासी की व्यवस्था कर रहे हैं। यमुना का जलस्तर अभी भी बढ़ रहा है, जिससे इलाके में मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं।

आगरा में ट्रैफिक: प्रताप पुरा क्रॉसिंग से लेकर रावली मंदिर तक गाड़ियों की लंबी कतारें

आगरा। आगरा में मंगलवार, 9 सितंबर को ट्रैफिक का हाल बेहाल है। शहर को एक साथ दोहरी मार झेलनी पड़ रही है: यमुना नदी में आई बाढ़ और शहर में चल रहा मेट्रो का निर्माण कार्य। इन दोनों वजहों से शहर के कई प्रमुख रास्तों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई है। यमुना में आए उफान के कारण हाथी घाट और यमुना किनारा रोड के आसपास पानी भर गया है, जिससे इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। वहीं, शहर के बीचोबीच बन रहे मेट्रो के कारण एमजी रोड पर भी जगह-जगह जाम की स्थिति बन रही है। दोपहर 2 बजे का ट्रैफिक अपडेट: प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।

श्राद्ध श्रद्धा का विषय है, दिखावे का नहीं: आचार्य राहुल रावत

हरिद्वार। पितृ पक्ष के दौरान अपने और अपने प्रियजनों के लिए पितरों की पूजा-अर्चना करने हरिद्वार पहुंचे आचार्य राहुल रावत ने श्राद्ध कर्म के वास्तविक अर्थ को समझाया है। उन्होंने शास्त्रों के उद्धरण देते हुए कहा कि श्राद्ध एक पवित्र कर्म है जो श्रद्धा का विषय है, न कि दिखावे या आडंबर का। यह हमें अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, जिससे पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है। आचार्य रावत ने कहा कि मृत्यु के बाद 10 दिनों तक होने वाले दैनिक श्राद्ध को “नव श्राद्ध” कहते हैं, जबकि 11वें और 12वें दिन के श्राद्ध क्रमशः “नव मिश्र श्राद्ध” और “सपिंडी श्राद्ध” कहलाते हैं। इन कर्मों के बाद ही आत्मा प्रेत योनि से मुक्त होकर देव योनि में जाती है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के एक साल बाद उसी तिथि को पार्वण श्राद्ध और हर साल पितृ पक्ष में किया जाने वाला कर्म कनागत कहलाता है। शास्त्रों में मृत्युभोज का उल्लेख नहीं आचार्य राहुल रावत ने शास्त्रों के अनुसार एक महत्वपूर्ण तथ्य को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि श्रुति और स्मृति जैसे किसी भी शास्त्र में मृत्युभोज जैसे शब्द का उल्लेख नहीं है। बल्कि, शास्त्रों में विषम संख्या में योग्य ब्राह्मणों को भोजन कराने का संकेत मिलता है, वह भी श्रद्धा और अभिरुचि के अनुसार। उन्होंने मनुस्मृति के वचन का हवाला देते हुए कहा कि एक भी योग्य, वेदज्ञ ब्राह्मण को भोजन कराने से विशेष फल प्राप्त होता है, जो हजारों अयोग्य ब्राह्मणों को खिलाने से भी नहीं मिलता। महाभारत में भीष्म पितामह ने भी इसी बात पर जोर दिया था कि लाखों अपात्रों को भोजन कराने से बेहतर है कि एक ही सत्पात्र को भोजन कराया जाए। श्रद्धा का महत्व और आर्थिक बोझ नहीं आचार्य रावत ने भगवद्गीता के श्लोक का जिक्र करते हुए कहा कि बिना श्रद्धा के किया गया कोई भी कर्म निष्फल होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि श्राद्ध एक आर्थिक बोझ नहीं है। कूर्मपुराण के अनुसार, जो व्यक्ति धन से समर्थ नहीं है, वह फल, मूल या शाक से भी श्राद्ध कर सकता है। अगर वह भी संभव न हो, तो विष्णुपुराण के श्लोक के अनुसार व्यक्ति खुले में जाकर दोनों हाथ ऊपर करके पितरों से कह सकता है कि “हे पितृगण! मेरे पास आपके लिए न तो धन है, न धान्य। मेरे पास केवल आपके लिए श्रद्धा और भक्ति है।” ऐसा करने मात्र से भी पितर तृप्त हो जाते हैं। आचार्य रावत ने कहा कि रामायण और महाभारत में भी श्राद्ध कर्म का वर्णन है। वनवास के दौरान भगवान राम ने अपने पिता दशरथ के लिए उपलब्ध सामग्री से ही पिंडदान किया था। यह बताता है कि श्राद्ध प्रदर्शन का नहीं, बल्कि श्रद्धा का विषय है।

आगरा में यमुना का कहर: बाढ़ में ढहा मकान, कार बही; लाइव वीडियो सामने आया

आगरा। आगरा में यमुना नदी का कहर जारी है। बीती रात, बाढ़ के पानी से कमजोर हुआ एक मकान भरभराकर ढह गया, जिसका लाइव वीडियो सामने आया है। यह घटना फाउंड्री नगर के गोकुल नगर में हुई, जहाँ बाढ़ का पानी 4-5 फीट तक भर गया है। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। मकान ढहने से कुछ देर पहले, घर के सदस्य छत में आई दरार का वीडियो बना रहे थे, तभी पीछे की तरफ की दीवार ढह गई। इस इलाके में कई मकान जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों ने अपनी छतों पर शरण ली हुई है। प्रशासन ने इन सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया है। तेज बहाव में बही कार एक अन्य घटना में, सोमवार रात कैलाश घाट की तरफ गए एक दंपत्ति की कार भी बाढ़ के पानी में बह गई। उनकी कार जलभराव में फंस गई थी, जिसके बाद यमुना के तेज बहाव ने उसे बहा लिया। हालांकि, समय रहते रेस्क्यू टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ये घटनाएँ दिखाती हैं कि यमुना का जलस्तर कितना खतरनाक हो चुका है और लोगों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है।

आगरा में मजदूरी के पैसे मांगने पर मजदूर को बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल

आगरा। आगरा के रकाबगंज थाना क्षेत्र में एक मजदूर को अपनी मजदूरी के पैसे मांगना इतना महंगा पड़ा कि उसे बेरहमी से पीटा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें एक ढाबा मालिक और उसका बेटा मिलकर मजदूर को दौड़ा-दौड़ा कर पीटते दिख रहे हैं। यह घटना ईदगाह कटघर क्षेत्र की है, जहाँ एक ढाबे पर काम करने वाला मजदूर कई दिनों से छुट्टी लेकर घर जाना चाहता था और अपने बकाया पैसे मांग रहा था। सोमवार रात जब उसने एक बार फिर अपनी मजदूरी के पैसे मांगे, तो आरोप है कि ढाबा मालिक ने उसे पैसे देने से इनकार कर दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ढाबा मालिक और उसका बेटा कड़छी जैसे बर्तनों से मजदूर को पीट रहे हैं और उसे गालियां दे रहे हैं। इसी दौरान एक राहगीर ने यह पूरी घटना अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और ढाबा मालिक की तलाश कर रही है। हालांकि, पुलिस को अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आगरा में जनकपुरी महोत्सव के लिए इंद्रदेव को मनाने यज्ञ, आयोजकों को बारिश की चिंता

आगरा। आगरा में श्री जनकपुरी महोत्सव के आयोजकों ने समारोह के दौरान बारिश से बचने के लिए इंद्रदेव को मनाने के लिए हवन और पूजन किया। शहर में लगातार हो रही बरसात और यमुना के बढ़ते जलस्तर से आयोजकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें डर है कि माता सीता और भगवान राम के विवाह के आयोजन में भारी बारिश से भक्तों को दिक्कत हो सकती है। यह कार्यक्रम 148 साल पुरानी रामलीला और 66 साल पुरानी जनकपुरी का हिस्सा है, जिसे इस साल कमला नगर में पाँचवीं बार सजाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जब भी जनकपुरी कमला नगर में सजी है, तब-तब रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। इस साल भी बारिश और यमुना का उफान देखते हुए, आयोजकों ने सोमवार को शिवम पार्क में बन रहे मिथिला महल के सामने वैदिक मंत्रों के साथ विशेष हवन-पूजन किया। श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के सदस्यों ने इंद्रदेव से प्रार्थना की कि वे इस बार इतना न बरसें कि लाखों भक्तों को किसी तरह की परेशानी हो। आयोजन में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति इस कार्यक्रम में श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिनके नाम इस प्रकार हैं: जनकपुरी महिला समिति की सदस्य:

आगरा में कूड़ा कलेक्शन का यूजर चार्ज तय, नगर निगम सदन में प्रस्ताव पास

आगरा। आगरा नगर निगम की सदन बैठक में कूड़ा कलेक्शन के लिए वसूले जाने वाले यूजर चार्ज की संशोधित दरों को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। सोमवार को चली लंबी बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर पार्षदों के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई, लेकिन बाद में सहमति बनने पर इसे स्वीकृति दे दी गई। इस नई व्यवस्था के तहत, कई श्रेणियों को रजिस्ट्रेशन और टैगिंग शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है, लेकिन उनसे यूजर चार्ज जरूर वसूला जाएगा। किससे कितना वसूला जाएगा यूजर चार्ज आवास: शिक्षण संस्थान (स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल): दुकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान: रेस्टोरेंट, होटल और क्लीनिक: मांस-मछली विक्रेता: यह नया यूजर चार्ज शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

आगरा नगर निगम सदन की बैठक: 9 महीने बाद हुई 119 प्रस्तावों पर चर्चा

आगरा। आगरा नगर निगम की सदन बैठक नौ महीने के लंबे अंतराल के बाद हुई, जिसमें शहर के विकास और समस्याओं से जुड़े कुल 119 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव स्पीड कलर लैब तिराहे का नाम बदलकर राणा सांगा तिराहे करने का था, जिसे भाजपा पार्षद दल ने रखा। इस प्रस्ताव को फिलहाल कमेटी के सामने रखने का निर्णय लिया गया है। बैठक की मुख्य बातें बैठक में 21 सवालों पर भी चर्चा हुई, जिनमें से अधिकांश के जवाब मिलने पर पार्षदों ने संतुष्टि जताई। यह बैठक शहर की बुनियादी सुविधाओं और राजस्व सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आगरा: पेट्रोल पंप पर सो रहे कर्मचारी को सांप ने डसा, CCTV में कैद हुई घटना

आगरा। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पथौली स्थित एक पेट्रोल पंप पर रात में सो रहे कर्मचारी को एक सांप ने डस लिया। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। कर्मचारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। गहरी नींद में था कर्मचारी, CCTV में कैद हुई वारदात यह घटना रविवार देर रात करीब 2 बजे की है। पेट्रोल पंप पर काम करने वाला कर्मचारी कमरे में फर्श पर सो रहा था। तभी एक काले रंग का सांप कमरे में रेंगता हुआ आया और सीधे कर्मचारी के सिर के पास पहुंच गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि सांप कर्मचारी के चेहरे के पास से गुजरता है और अचानक उसके हाथ पर काट लेता है। सांप के डसते ही कर्मचारी हड़बड़ाकर उठ जाता है और दर्द से कराहने लगता है। पहले वह अपने हाथ को देखता है, फिर आसपास नजर दौड़ाता है। तभी उसे सांप तेजी से रेंगते हुए जाता दिखाई देता है। इसके बाद कर्मचारी ने शोर मचाया, जिसके बाद अन्य कर्मचारी उसकी मदद के लिए पहुंचे और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग रात में बाहर निकलने से डर रहे हैं। इस घटना ने रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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