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Agra News: यमुना में कूदा आकाश, ऑडियो में महिला पर आरोप, पुल पर लगा जाम!

Agra News फ़तेहाबाद में वाजिदपुर पुल से युवक आकाश यमुना में कूद गया। तलाश में देरी पर ग्रामीणों ने पुल जाम किया। ऑडियो में महिला पर उत्पीड़न का आरोप। Agra News आगरा के फतेहाबाद में वाजिदपुर पुल से यमुना नदी में कूदने वाले युवक आकाश की तलाश जारी है। परौली सिकरवार निवासी आकाश (पुत्र देशराज) के नदी में कूदने की घटना के बाद गोताखोरों की टीम के देरी से पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने वाजिदपुर पुल पर कैंटर खड़ा कर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। विलंब पर आक्रोश और जाम घटना मंगलवार शाम करीब 5:00 बजे की है, जब परौली सिकरवार निवासी आकाश ने वाजिदपुर पुल से यमुना नदी में छलांग लगा दी थी। सूचना मिलने पर डॉकी पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश में जुटी, लेकिन मंगलवार को कोई सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार सुबह करीब 9:00 बजे परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुँच गए। आधिकारिक गोताखोरों की टीम के नहीं पहुंचने और तलाश में लापरवाही होने के आरोप लगाते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने वाजिदपुर पुल पर जाम लगा दिया। इससे पुल पर आवागमन ठप हो गया। जाम की जानकारी पर पूर्व विधायक जितेंद्र वर्मा, एसीपी फतेहाबाद अमरदीप, डॉकी पुलिस और नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार मौके पर पहुँचे। पूर्व विधायक और अफसरों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर और जल्द ही तलाश शुरू करने का आश्वासन देकर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुलवाया, जिसके बाद आवागमन सुचारु हुआ। पीटने के आरोप और वायरल ऑडियो जाम खुलने के बाद बुधवार दोपहर पीएसी की गोताखोर टीम मौके पर पहुंची और मोटरबोट की मदद से युवक की तलाश की, लेकिन आकाश का कुछ पता नहीं चल सका। विधायक छोटेलाल वर्मा के पुत्र महेंद्र वर्मा समेत आसपास के लोग भी मौके पर जुटे रहे। यमुना में कूदे आकाश के चाचा राजकुमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि फिरोजाबाद थाना नगला सिंघी क्षेत्र के कुछ लोगों ने सोमवार को आकाश की पिटाई की थी। इसके बाद मंगलवार को उसे बुलाकर बातचीत के लिए पुल पर दोबारा से पीटा गया था, जिसके चलते आकाश ने आत्मघाती कदम उठाया। एसपी फतेहाबाद अमरदीप ने बताया कि यमुना में कूदे युवक की तलाश कराई जा रही है और परिजनों के लगाए गए आरोपों की भी गहन जांच की जाएगी। पुल से कूदने से पहले बनाया ऑडियो वायरल: आकाश ने वाजिदपुर पुल से यमुना नदी में कूदने से पहले एक ऑडियो अपने मोबाइल फ़ोन में रिकॉर्ड किया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में आकाश ने एक महिला का नाम लेते हुए कहा कि वह डेढ़ साल से बात कर रही थी, लेकिन अब वह किसी और व्यक्ति से देर रात तक घंटों तक बात करती है। आकाश ने ऑडियो में आत्महत्या का कारण बताते हुए महिला और उसके पति को नहीं छोड़ने की बात भी कही है। पुलिस अब इस वायरल ऑडियो के आधार पर भी जांच कर रही है। Agra News: 6 दिन बाद उटंगन त्रासदी खत्म, डूबे सभी 12 के शव मिले!

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आगरा: पितृ विसर्जन अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन, यमुना तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

आगरा। आगरा में 16 दिवसीय पितृ पक्ष का समापन रविवार को पितृ विसर्जन अमावस्या के साथ हुआ। फतेहाबाद के जोनेश्वर घाट स्थित यमुना नदी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। यमुना तट पर लोगों ने अपने पितरों का तर्पण करने के लिए जमावड़ा लगाया। ब्राह्मणों ने श्रद्धालुओं को विधि-विधान से तर्पण करवाया और बताया कि पितरों को जल अर्पित करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। यमुना नदी में आई बाढ़ के बावजूद, सैकड़ों की संख्या में लोग घाट पर पहुंचे और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विधिवत तर्पण किया। इस दौरान लोगों ने दान-दक्षिणा भी की, जिससे धार्मिक माहौल और भी श्रद्धापूर्ण बन गया। पितृ पक्ष के इस अंतिम दिन, सभी ने अपने पितरों को जल अर्पित कर अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया।

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आगरा: बटेश्वर में बाढ़ ने छीनी मजदूर की आजीविका, परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट

आगरा। बटेश्वर तीर्थ धाम में आई यमुना नदी की बाढ़ ने जहां एक तरफ घाटों और मंदिरों को नुकसान पहुँचाया है, वहीं एक गरीब मजदूर परिवार की आजीविका भी छीन ली है। बाढ़ की चपेट में आने से सुखदेव उर्फ बिहारी का लकड़ी का छोटा खोखा बह गया, जिससे उनकी छोटी सी दुकान और सारा सामान पूरी तरह से खराब हो गया। सुखदेव ने बताया कि उनका यह खोखा ही परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया था। अब उनके सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उनकी आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी और उनकी पत्नी भी अक्सर बीमार रहती हैं। अब एक तरफ पत्नी के इलाज का खर्च है और दूसरी तरफ बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी। बाढ़ पीड़ित सुखदेव का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि यमुना की बाढ़ एक ही झटके में उनसे सबकुछ छीन लेगी। अब उन्हें परिवार के भविष्य की चिंता सता रही है और वे मदद की आस लगाए बैठे हैं।

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आगरा: बटेश्वर में यमुना नदी में डूबा युवक, तलाश जारी

आगरा। बटेश्वर में यमुना नदी में डूबने से लापता हुए एक युवक की तलाश जारी है। यह युवक अपने दोस्त के साथ बटेश्वर आया था और नदी में पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। जानकारी के अनुसार, शमसाबाद के करौधन गाँव के रहने वाले मानवेंद्र सिंह (पुत्र अशोक सिंह) अपने दोस्त के साथ बटेश्वर हाल्ट पर ट्रेन से उतरे थे। वे बटेश्वर स्थित यमुना नदी के घाट पर गए, जहाँ अचानक उनका पैर फिसल गया और वे नदी में गिर गए। यमुना में तेज बहाव होने के कारण उनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश अभियान शुरू कर दिया है। लापता युवक मानवेंद्र सिंह शादीशुदा हैं और उनके तीन बच्चे हैं। इस घटना से उनके परिवार में मातम छा गया है।

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आगरा में 8 किलोमीटर तक यमुना में बहता रहा युवक, ताज सुरक्षा पुलिस ने बचाया

आगरा। आगरा में बुधवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ मानसिक रूप से बीमार एक युवक यमुना के तेज बहाव में 8 किलोमीटर तक बहता रहा। ताज सुरक्षा पुलिस की जल चौकी ने उसे ताजमहल के पास से सुरक्षित बाहर निकाला। दरअसल, थाना ताजगंज के बरौली गाँव का रहने वाला डब्बू बघेल कैलाश मंदिर दर्शन के लिए गया था। घाट पर उसका पैर फिसल गया और वह यमुना में गिर गया। तेज बहाव के कारण किसी की हिम्मत उसे बचाने की नहीं हुई, लेकिन एक व्यक्ति ने डब्बू की तरफ एक 5 लीटर वाली पानी की खाली कैन फेंक दी। उसी कैन के सहारे डब्बू ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाता हुआ यमुना में बहता रहा और 8 किलोमीटर का सफर तय करके ताजमहल के पास तक पहुँच गया। उसी दौरान, ताज सुरक्षा पुलिस की जल चौकी के जवानों ने उसकी आवाज सुनी। मुख्य आरक्षी संजय सिंह ने तुरंत मोटरबोट से यमुना में एक ट्यूब फेंकी और डब्बू को मोटरबोट में खींचकर बाहर निकाला। डब्बू को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उसके भाई ने बताया कि डब्बू का इलाज मुंबई में चल रहा है और वह मानसिक रूप से बीमार है।

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आगरा के जवाहर पुल से युवक ने यमुना में लगाई छलांग, गोताखोर तलाश में जुटे

आगरा। आगरा के जवाहर पुल पर गुरुवार को एक युवक ने अपनी बाइक खड़ी कर यमुना नदी में छलांग लगा दी। पानी के तेज बहाव में बहता हुआ वह कुछ ही देर में आंखों से ओझल हो गया। पुलिस और गोताखोर उसकी तलाश में जुटे हैं। यह घटना सुबह करीब 11 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक अपनी टीवीएस स्पोर्ट बाइक से पुल पर आया। उसने हेलमेट और बैग बाइक पर रखे और अचानक यमुना में छलांग लगा दी। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वह पानी में छटपटाता हुआ तेज बहाव में बह गया और कुछ ही देर में डूब गया। लोगों ने बताया कि छलांग लगाने से पहले वह अपने मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। कूदने से पहले उसने अपना मोबाइल बाइक पर रख दिया। बाद में जब मोबाइल लगातार बज रहा था, तो मौके पर मौजूद लोगों ने फोन पर बात करके उसके परिजनों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। युवक की पहचान पुरा गोवर्धन गाँव के रहने वाले जय के रूप में हुई है। वह अपने घर से ऑफिस के लिए निकला था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने यह कदम क्यों उठाया। युवक की तलाश में गोताखोरों को लगाया गया है। View this post on Instagram A post shared by shyam rawat (@shyam_rawat_8810)

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आगरा में यमुना ने तोड़ा खतरे का निशान, पानी शहर में घुसा; कैलाश गांव खाली

आगरा। आगरा में यमुना नदी का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे शहर और आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। रविवार शाम होते-होते यमुना का पानी अब शहर के मुख्य मार्ग यमुना किनारा रोड (हाथी घाट रोड) तक पहुँच गया, जिससे यहाँ के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में खलबली मच गई है। ताजनगरी में 1978 के बाद पहली बार यमुना का पानी इस स्तर तक पहुंचा है। प्रशासन ने यमुना किनारे बसे कैलाश और अन्य गांवों के लगभग 500 लोगों को राहत शिविरों में भेजना शुरू कर दिया है। कैलाश गांव में पानी घुसने के बाद बिजली काट दी गई है और कई लोग अपने घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। शहर पर बाढ़ का खतरा गांवों में भयावह स्थिति यमुना से सटे मनोहरपुर, कैलाश और दयालबाग के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है। कैलाश गांव में अधिकांश लोग अपना सामान लेकर ऊँचे स्थानों पर पलायन कर चुके हैं। जो लोग रुके हैं, वे छतों पर डेरा डाले हुए हैं, और घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कुछ स्वयंसेवक इन लोगों तक भोजन पहुंचा रहे हैं। बटेश्वर के ऐतिहासिक मंदिर श्रृंखला तक भी बाढ़ का पानी पहुँच चुका है। प्रशासन की अपील और बचाव कार्य प्रशासन ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे से दूर रखें। साथ ही, जरूरी कागजात जैसे राशन कार्ड और आधार कार्ड को वाटरप्रूफ बैग में सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सूखे अनाज और मवेशियों के चारे को भी ऊँचे स्थानों पर रखने के लिए कहा है। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को तुरंत बाढ़ शरणालयों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

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आगरा में यमुना खतरे के निशान से 3 फीट ऊपर, 40 गांवों में बाढ़ का खतरा; हाई अलर्ट

आगरा। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण आगरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार शाम को नदी का जलस्तर खतरे के निशान (495 फीट) से लगभग 3 फीट ऊपर यानी 497 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद पूरे जिले में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। यमुना का पानी अब किनारे तोड़कर शहर के निचले इलाकों में घुसने लगा है। पोइया और मनोहरपुर में पानी सड़क तक आ गया है। दयालबाग और बल्केश्वर के डूब क्षेत्र में भी पानी भरने लगा है। शहरी और ग्रामीण इलाकों के करीब 500 परिवारों पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है और अब तक 50 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। ताजमहल की बाउंड्री तक पहुंचा पानी, घाट डूबे यमुना के रौद्र रूप के कारण शहर के कई प्रमुख घाट और ऐतिहासिक स्थल जलमग्न हो गए हैं: प्रशासन की अपील और तैयारी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी में जाने और नाव चलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सभी घाटों पर लोगों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने जरूरी सामान और दस्तावेजों को सुरक्षित रखें और बाढ़ शरणालयों में शरण लें। किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम के नंबर 0562-2260550 और 09458095419 जारी किए गए हैं।

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आगरा में यमुना के उफान से मोक्षधाम जलमग्न: दाह संस्कार में परेशानी, शवों के अंतिम संस्कार में बाधा

आगरा। पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश के कारण आगरा में यमुना नदी उफान पर है, जिसका सीधा असर मोक्षधाम पर पड़ा है। मंगलवार रात आठ बजे यमुना का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर निकलने के बाद मोक्षधाम पानी में डूब गया है, जिससे शवों के दाह संस्कार में भारी परेशानी हो रही है। लोगों को अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चेतावनी स्तर पार, मोक्षधाम में भरा पानी यमुना का चेतावनी स्तर 495 फीट है, और मंगलवार रात 8 बजे वॉटर वर्क्स पर इसका जलस्तर 495.3 फीट तक पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर के कारण मोक्षधाम पूरी तरह से पानी से घिर गया है, जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को वैकल्पिक व्यवस्थाएँ करनी पड़ रही हैं या ऊँचे स्थानों पर अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। शुक्रवार तक और बढ़ेगा जलस्तर, प्रशासन अलर्ट अधिकारियों ने आशंका जताई है कि शुक्रवार तक यमुना का जलस्तर पांच फीट और बढ़ सकता है, जिससे यह 500 फीट के बाढ़ स्तर तक पहुंच सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में मुनादी कराकर अलर्ट जारी कर दिया है और अस्थायी राहत केंद्र बनाए गए हैं। जलस्तर बढ़ने से न केवल मोक्षधाम प्रभावित हुआ है, बल्कि यमुना किनारे के कई अन्य इलाके और 15 गाँव भी बाढ़ के खतरे में हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। और खबरें भी हैं…

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आगरा में यमुना उफान पर: खतरे के निशान के करीब पहुंचा जलस्तर, बल्केश्वर और फाउंड्री नगर के निचले इलाकों में घुसा पानी

आगरा। आगरा में यमुना नदी खतरे का निशान छूने के लिए आतुर है। सोमवार को नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से महज आठ इंच यानी 0.66 फुट ही नीचे था। रात में जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है। यमुना का पानी बल्केश्वर और फाउंड्री नगर के निचले इलाकों में घुसना शुरू हो गया है, जबकि पोइया घाट पर खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। जलस्तर पर लगातार निगरानी, प्रशासन अलर्ट वाटर वर्क्स पर सोमवार शाम 7 बजे यमुना का जलस्तर 494.4 फीट दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों से जलस्तर में कोई कमी नहीं आई है। खतरे का निशान 495 से 499 फीट तक है। बाढ़ की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। सबसे पहले बाढ़ की जद में आने वाले 40 गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से हर घंटे नदी के जलस्तर और विभिन्न बैराजों से छोड़े जा रहे पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है। सोमवार को गोकुल बैराज से आगरा की तरफ यमुना में 73,832 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रभारी का बयान और वर्तमान स्थिति बाढ़ नियंत्रण प्रभारी एवं एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला का कहना है कि फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है। आकस्मिक स्थिति में बचाव और राहत कार्यों के लिए टीमें पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बताया कि यमुना के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है, खासकर यदि पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो यमुना पर बने बैराजों से पानी का डिस्चार्ज बढ़ सकता है। अब तक की स्थिति: वर्तमान जलस्तर: घाटों पर निगम कर्मचारी तैनात, बटेश्वर में महिला स्नान घाट डूबा यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण नगर निगम प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। यमुना किनारे स्थित हाथी घाट, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर कर्मचारियों की तैनाती कर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि घाटों पर दो-दो कर्मचारी शिफ्ट के हिसाब से तैनात हैं। निर्माण विभाग के अभियंताओं को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ने पर नालों के बैक होने की समस्या से बचने के लिए सैंड बैग भी तैयार किए गए हैं। विभिन्न बांधों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण सोमवार को भी यमुना नदी में उफान जारी रहा। बटेश्वर में महिला स्नान घाट पूरी तरह डूब गया है। दूसरे घाटों पर भी पानी बढ़ने के साथ बहाव तेज हो गया है। बटेश्वर, कल्यानपुर, भरतार, भौंर, स्याइच के कछार के खेत डूब गए हैं। तटीय गांवों के रास्तों में भी पानी भरने लगा है। बाह तहसील के 35 गांवों के कछार के खेतों में यमुना के उफान का पानी भर गया है। तराई के गांव विक्रमपुर घाट, चरीथा, बड़ापुरा, कोट का पुरा, गगनकी, पुरा चतुर्भुज में बाढ़ की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। इन गांवों के बीहड़ से जुड़ने वाले रास्तों पर नदी के उफान का पानी भरने लगा है। लोग लगातार नदी के जलस्तर पर नजर गढ़ाए बैठे हैं। प्रशासन ने बचाव और राहत के लिए बटेश्वर, विक्रमपुर, पारना, कचौराघाट, रामपुर चंद्रसेनी में 5 बाढ़ चौकियां बनाई हैं। एसडीएम बाह हेमंत कुमार ने बताया कि यमुना नदी का जलस्तर धीमी गति से बढ़ रहा है। आबादी क्षेत्र अभी प्रभावित नहीं हुआ है। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को नदी क्षेत्र में न जाने के लिए सतर्क किया गया है। वहीं, बरौली अहीर के नगला तलफी, करभना, बुढ़ाना के गांवों के खेतों में फसलें डूब गई हैं। किसान राजाराम, सत्यप्रकाश, रामदीन, लाखन सिंह, हरी सिंह, गिर्राज सिंह आदि ने बताया कि कछार की सारी फसल पानी में तबाह हो गई है। तहसीलदार फतेहाबाद बबलेश कुमार ने भी यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर सोमवार को शंकरपुर घाट और जोनेश्वर का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में न जाने के लिए सतर्क किया और बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक गांव में लेखपालों की टीम भेजकर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। और खबरें भी हैं…

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आगरा में यमुना खतरे के निशान के करीब, निचले इलाकों में घुसा पानी; 35 गांवों पर मंडराया संकट

आगरा। आगरा में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और अब यह खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है। मथुरा के गोकुल बैराज से दो दिनों में 39600 लाख लीटर पानी छोड़े जाने के बाद आगरा में यमुना का जलस्तर 493.5 फीट तक पहुँच गया है, जो कि खतरे के निशान (495 फीट) से सिर्फ 1.5 फीट नीचे है। यमुना के उफान पर होने से प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है, और नदी के निचले इलाकों में पानी घुसना शुरू हो गया है। फतेहाबाद और बाह क्षेत्र के खेतों तक पहुंचा पानी यमुना नदी में लगातार पानी छोड़े जाने के कारण वह अपने पूरे उफान पर है। शनिवार और रविवार को गोकुल बैराज से लगभग 1.5 लाख क्यूसेक (लगभग 424.75 करोड़ लीटर) पानी छोड़ा गया है। इसके चलते आगरा के फतेहाबाद और बाह क्षेत्र में नदी किनारे के खेतों तक पानी पहुँचने लगा है, जिससे बाजरे और तिल की फसलों पर संकट मंडरा रहा है। बटेश्वर के घाट पर स्थित महिला स्नानागार पूरी तरह डूब गया है। घाट पर बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए तीर्थ स्थल ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि लोग सीढ़ियों से उतरकर यमुना स्नान न करें। तराई के 35 गांवों में बढ़ी धड़कनें यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बाह क्षेत्र के लगभग 35 गांवों के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। तराई के गाँव जैसे रामपुर चंद्रसेनी, बलाई, सुंसार, बिठौली, विक्रमपुर घाट, चरीथा, गढ़ी बरौली, और बाग गुड़ियाना में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इन्हीं गांवों के नदी से जुड़ने वाले रास्तों पर सबसे पहले पानी भरता है। ग्रामीणों की निगाहें लगातार नदी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। पहले चंबल ने दिखाया था रौद्र रूप यमुना से पहले, चंबल नदी भी अपना रौद्र रूप दिखा चुकी थी। चंबल नदी में आई बाढ़ की वजह से आगरा के बाह और पिनाहट के कई गांवों में पानी घुस गया था, जिससे लगभग 6-7 दिनों तक लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कई लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। हालांकि, अब चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा ने बताया कि यमुना के जलस्तर पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां पूरी हैं और किसी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

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आगरा : नदी में डूबने से 2 छात्रों की मौत, बाह पर भी यमुना ने ली जान; 24 घंटे में तीन डूबने की घटनाएं

आगरा। आगरा में सोमवार को दो अलग-अलग घटनाओं में नदी में डूबने से दो छात्रों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पहला हादसा जगनेर क्षेत्र में हुआ, जहाँ साइकिल फिसलने से दो छात्र नदी के तेज बहाव में बह गए और उनकी जान चली गई। वहीं, दूसरा हादसा बाह में हुआ, जहाँ यमुना में नहाते समय एक युवक डूब गया। आपको बता दें कि बीते कल (रविवार) भी आगरा के वाटरवर्क्स के पास यमुना नदी में नहाने गए दो युवकों में से एक की डूबने से मौत हो गई थी, जबकि दूसरा बच गया था। इस प्रकार 24 घंटे के भीतर आगरा में डूबने से चार लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें तीन यमुना नदी में डूबे हैं। जगनेर में साइकिल फिसलने से 2 छात्रों की मौत, 3 घंटे बाद मिले शव पहला दर्दनाक हादसा जगनेर-वरिगवां बुजुर्ग मार्ग पर किबाड़ नदी को पार करने वाली रपट पर हुआ। सोमवार सुबह करीब नौ बजे गोविंदा (15 वर्ष) पुत्र राजू और जितिन पुत्र तारा साइकिल से जगनेर के लिए निकले थे। दोनों छात्र जगनेर कस्बे के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे। किबाड़ नदी को पार करते समय रपट पर उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लगभग तीन घंटे के अथक प्रयासों के बाद, गोताखोरों की मदद से दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत बच्चों को सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसीपी इमरान अहमद ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बाह और वाटरवर्क्स पर भी यमुना में डूबे युवक दूसरा हादसा बाह के बटेश्वर में हुआ। रविवार रात दुष्यंत कुमार नामक युवक यमुना नदी में नहा रहा था। नहाते समय दुष्यंत का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। परिजनों ने युवक की तलाश के लिए काफी कोशिश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। स्थानीय प्रशासन द्वारा युवक की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बीते कल (रविवार) को आगरा के वाटरवर्क्स के पास भी यमुना नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई थी। वह अपने एक साथी के साथ नहाने गया था, जिसमें से एक बच निकला था। लगातार हो रही ये घटनाएं नदियों में सावधानी बरतने और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देती हैं।

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आगरा में यमुना ने ली जान: नहाते समय दो दोस्त डूबे, एक की मौत; दूसरा मुश्किल से बचा

आगरा। आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र अंतर्गत वाटरवर्क्स के पास यमुना नदी में नहाने गए दो दोस्त डूब गए। इस हादसे में एक युवक तो जैसे-तैसे बचकर बाहर आ गया, लेकिन उसका दूसरा दोस्त यमुना के तेज बहाव में बह गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से डूबे हुए युवक का शव नदी से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तेज जलस्तर बना काल, दोस्त ने मचाया शोर यह घटना रविवार शाम को हुई। नगला पदी के रहने वाले दो युवक वाटरवर्क्स के पीछे यमुना नदी में नहाने गए थे। इन दिनों यमुना का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, और यही उनके लिए घातक साबित हुआ। नहाते समय अचानक दोनों युवक डूबने लगे। उनमें से एक युवक तो किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब रहा और बाहर आ गया, लेकिन उसका दोस्त अनिकेत नदी के तेज बहाव में फंसकर बह गया। अपने दोस्त को डूबता देख बाहर निकले युवक ने जोर-जोर से शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से अनिकेत की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा काफी तलाश के बाद अनिकेत का शव यमुना नदी में मिल गया। एसीपी छत्ता पीयूष कांत ने बताया कि दोनों दोस्त दोपहर में यमुना में नहाने आए थे, और एक के डूबने से उसकी मौत हो गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। यह घटना एक बार फिर यमुना में बढ़े हुए जलस्तर के दौरान नहाने से होने वाले खतरों को उजागर करती है।

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आगरा मेट्रो लाएगी ‘जाम’ से राहत! गुरु का ताल पर पिलर, तो कामायनी कट खुलने से हजारों को फायदा

आगरा। आगरा मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन ‘गुरु का ताल कट’ पर पिलर निर्माण से वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी समस्या से निपटने के लिए यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन (UPMRC) ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से कामायनी कट को फिर से खोलने की मांग की है। अगर यह कट खुल जाता है, तो सिकंदरा तिराहा पर लगने वाले जाम से हजारों स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है! हालांकि, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोकना पड़ा है। गुरु का ताल पर ‘बदलाव’, अब कामायनी कट पर नज़र नेशनल हाईवे-19 स्थित गुरु का ताल कट के आधे हिस्से में मेट्रो पिलर बनने जा रहा है। इसे देखते हुए इस कट को पूरी तरह बंद करने की तैयारी है, जो इसी सप्ताह शुरू होगा। वाहनों का दबाव कम करने के लिए UPMRC ने NHAI मथुरा खंड से कामायनी कट को खोलने की अनुमति मांगी है। यह कट खुलने से भावना एस्टेट सहित आसपास के हजारों लोगों को फायदा होगा। अभी ये लोग सिकंदरा तिराहा या फिर गुरु का ताल कट से गलत साइड से गुजरते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बता दें कि कामायनी कट अक्टूबर 2020 में बंद किया गया था, जिसके बाद से गुरु का ताल तिराहा पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो का काम जारी: रात में ट्रैफिक डायवर्ट खंदारी चौराहा से सिकंदरा तिराहा तक तीन किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बन रहा है। ISBT तक ट्रैक बन चुका है। अब ISBT से गुरु का ताल कट होते हुए सिकंदरा तिराहा तक काम चल रहा है। गुरु का ताल कट के आधे हिस्से पर स्टेशन का पिलर बनेगा। UPMRC ने पुराने कट से 80 मीटर की दूरी पर एक नया कट बनाया है, जो डीवीवीएनएल कार्यालय की तरफ है। यह नया कट इसी सप्ताह चालू हो जाएगा और पुराना कट एक साल के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। UPMRC के अधिकारियों ने बताया कि कामायनी कट पर तीन महीने में काम पूरा हो जाएगा। NHAI से इसे खोलने की अनुमति मांगी गई है। यदि अनुमति मिलती है, तो एक पिलर से दूसरे पिलर के बीच डिवाइडर नहीं बनेगा, जिससे यातायात सुगम रहेगा। मेट्रो पिलर बनाने का काम तेजी से चल रहा है, जिसके लिए रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट या बंद करने की अनुमति ली गई है। इस दौरान 16 रिग मशीनों से खुदाई और पिलर पर स्पान व गर्डर चढ़ाने का काम होगा। यमुना का जलस्तर बढ़ा, पिलर का काम रुका यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण UPMRC ने नदी पर पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोक दिया है। जलस्तर सामान्य होने के बाद ही यह कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।

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