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Agra News Today: फतेहपुर सीकरी में Tourist घायल, Safety पर उठे सवाल

Agra News Today विश्व धरोहर स्थल Fatehpur Sikri में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। दरगाह परिसर में फिसलकर एक Tourist गंभीर रूप से घायल हो गया। यह पिछले चार दिनों में Tourists के साथ हुई तीसरी घटना है। Bhopal निवासी Shakeel Ahmad जनाजा रोज के पास फिसल गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए Fatehpur Sikri Health Center ले जाया गया। हालांकि, हालत गंभीर होने के कारण उन्हें Agra रेफर कर दिया गया। यह पहला मौका नहीं है जब Fatehpur Sikri में कोई Tourist घायल हुआ हो। पिछले चार दिनों में दो महिला Tourists भी गिरकर चोटिल हो चुकी हैं। इससे भी बढ़कर, पिछले साल एक विदेशी महिला की गिरने से मौत हो गई थी, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया था। स्थानीय लोगों और Tourist Guides का कहना है कि लगातार हो रहे हादसों की मुख्य वजह ऐतिहासिक इमारतों में खुले नाली चैंबर, खराब और घिसी हुई सीढ़ियां हैं। इन दुर्घटनाओं के बावजूद, संबंधित विभागों द्वारा सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे Tourists की जान जोखिम में बनी हुई है।

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ताजमहल देखने आए पर्यटक की बिगड़ी तबीयत, आगरा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम ने पहुंचाई मदद

आगरा। ताजमहल देखने आए एक पर्यटक की बुधवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद वह बेहोश होकर गिर गए। सूचना मिलते ही ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पर्यटक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। यह घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से अपने परिवार के साथ ताजमहल देखने आए अनिल कुमार मीणा (पुत्र सूरज प्रसाद) ताजमहल देखकर लौटते समय पश्चिम एग्जिट गेट के पास अचानक बेहोश हो गए। पुरातत्व विभाग के कर्मचारी ने फौरन पश्चिमी गेट पर मौजूद थाना ताज सुरक्षा पुलिस की QRT को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक तिलक राम भाटी के निर्देशन में उप निरीक्षक शिवराज सिंह तुरंत हरकत में आए। पुलिसकर्मी पर्यटक को सहारा देकर एग्जिट गेट तक लाए। पश्चिमी पार्किंग स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र से एंबुलेंस चालक भूर सिंह को तुरंत पश्चिमी गेट पर बुलाया गया। पर्यटक को डॉक्टर रिंकू बघेल द्वारा प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। पर्यटक के रिश्तेदार सरदार सिंह मीणा भी उनके साथ थे। उन्होंने आगरा पुलिस की त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस टीम में मुख्य आरक्षी विजय प्रताप यादव, आरक्षी शाहरुख खान और महिला आरक्षी प्रीति शामिल थीं। पर्यटक का इलाज इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है।

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आगरा में ‘श्रीराम’ लिखे बैग को लेकर ताजमहल में एंट्री नहीं: पर्यटक को रोका, CISF पर उठे सवाल, योगी यूथ ब्रिगेड ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

आगरा। आगरा में ताजमहल देखने आए एक पर्यटक को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा जब ‘श्रीराम’ लिखा बैग होने के कारण सीआईएसएफ (CISF) जवानों ने उसे स्मारक में प्रवेश करने से रोक दिया। कानपुर के कथावाचक आशीष कुमार ने इस घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक वीडियो जारी किया है, जिससे यह मामला सुर्खियों में आ गया है। इस घटना ने एक बार फिर ताजमहल में धार्मिक प्रतीकों के प्रवेश को लेकर बहस छेड़ दी है। क्या है पूरा मामला? कानपुर निवासी आशीष कुमार 18 अगस्त की दोपहर अपने 8 मित्रों और परिवार के साथ ताजमहल देखने आगरा पहुंचे थे। टिकट लेकर वे जैसे ही स्मारक के गेट पर पहुंचे और अपने बैग को स्कैनिंग मशीन में रखा, सीआईएसएफ जवान ने उन्हें रोक दिया। आशीष का दावा है कि जवान ने उनसे कहा कि वे यह बैग लेकर अंदर नहीं जा सकते क्योंकि उनके बैग पर ‘श्रीराम’ लिखा हुआ है। आशीष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई, लेकिन जवानों ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। इसके बाद उनके साथ आए 8 अन्य लोगों ने भी अंदर जाने से इनकार कर दिया और अपने टिकट के पैसे वापस मांगे। पुलिस से शिकायत और ‘ताजमहल बहिष्कार’ की अपील आशीष ने बाहर आकर पुलिस से भी शिकायत की। उन्हें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार धार्मिक प्रचार करने वाली चीजें ताजमहल के अंदर नहीं ले जाई जा सकतीं। पर्यटक आशीष ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अगर देश में अपने आराध्य का नाम लिखा बैग भी नहीं ले जा सकते, तो ऐसे स्थान का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने इसे सनातन को नीचा दिखाने वाला काम बताया और वीडियो देखने वालों से ताजमहल न देखने की अपील की। आशीष ने यह भी दावा किया कि ताजमहल ‘तेजोमहालय’ है और यहाँ प्राचीन शिव मंदिर है, इसलिए इसे धार्मिक स्थान बनाया जाना चाहिए। आशीष अब खाटू श्याम चले गए हैं और गुरुवार को आगरा लौटेंगे। वहीं, सीआईएसएफ अधिकारियों का कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे थे, जिसके तहत किसी भी तरह का धार्मिक प्रचार करने वाली चीजें या धार्मिक चिन्ह ताजमहल के अंदर ले जाना सख्त मना है। योगी यूथ ब्रिगेड की चेतावनी: ‘सीआईएसएफ माफी मांगे नहीं तो 51 साधु-संत करेंगे प्रवेश’ इस घटना पर योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण के देश में सीताराम नहीं चलेगा तो क्या पाकिस्तान में चलेगा।” तोमर ने ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ और भगवान शिव का मंदिर बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सीआईएसएफ पर्यटक से माफी मांगकर उसे प्रवेश नहीं देता है, तो 51 साधु-संत ‘राम नाम’ के दुपट्टे ओढ़कर ताजमहल में प्रवेश करेंगे। कुछ महीने पहले ताजमहल के अंदर चुपके से नमाज पढ़ने का एक वीडियो भी सामने आया था। ताजमहल में आम तौर पर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सिर्फ ईद और शुक्रवार को ही मस्जिद में नमाज पढ़ी जा सकती है। इसके बावजूद, पिछले साल अक्टूबर में पश्चिमी दिशा में मस्जिद के पास उत्तरी पश्चिमी मेहराब में महिला और पुरुष द्वारा नमाज पढ़े जाने का वीडियो सामने आया था, जिसकी भनक एएसआई को भी नहीं लगी थी। यह मामला ताजमहल परिसर में धार्मिक गतिविधियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर चल रहे विवाद को और गहराता दिख रहा है। और खबरें भी हैं…

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ताजमहल के पास ‘लपका’ आतंक: विदेशी पर्यटक को परेशान कर रहे तीन पकड़े गए, मुकदमा दर्ज!!!

आगरा। आगरा में ताजमहल के पास पर्यटकों को जबरदस्ती घुमाने का दबाव डालने वाले तीन युवकों को पर्यटन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों पर्यटकों पर लगातार दबाव बना रहे थे, जिसके बाद पर्यटन पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की। क्या हुआ था? गुरुवार को ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट के पास इन तीन युवकों ने कुछ पर्यटकों को घेर लिया। वे पर्यटकों पर इस बात का दबाव बना रहे थे कि वे उन्हें कम पैसों में ताजमहल घुमा देंगे और शॉपिंग भी करा देंगे। पर्यटक बार-बार मना कर रहे थे, लेकिन तीनों युवक पर्यटकों के साथ जबरदस्ती करते रहे। इसकी शिकायत तुरंत पर्यटन पुलिस तक पहुँची। पुलिस ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर सलमान, राहुल सिंह और विकास नाम के तीनों युवकों को धर दबोचा। ये तीनों ही बिना आईडी कार्ड के पर्यटकों पर दबाव बना रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 170, 126 और 135 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। ‘लपकों का आतंक’ खत्म क्यों नहीं हो रहा? यह कोई नई बात नहीं है कि ताजमहल के आसपास ‘लपकों’ (पर्यटकों को परेशान करने वाले गाइड/दलाल) का आतंक है। कुछ साल पहले आगरा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजमहल को ‘लपका मुक्त’ करने की बात कही थी। पुलिस ने तब सख्ती भी बरती थी और कुछ दिनों तक हालात सुधरे भी थे, लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई। योगी सरकार 2.0 में भी, सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने लपकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद आगरा प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ताजमहल शिल्पग्राम रोड पर एक एसडीएम की तैनाती करने की बात कही थी, ताकि वे ताजमहल और उसके आसपास लपकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। हालांकि, दुखद बात यह है कि ये एसडीएम अब तक तैनात नहीं हो पाए हैं। तत्कालीन डीएम प्रभु एन. सिंह के कार्यकाल में ताजमहल के आसपास सख्ती का असर दिखाई दिया था। वर्तमान में भी पर्यटन पुलिस लपकों को पकड़ने का अभियान चला रही है और लगभग 500 लपकों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, अब भी 1500 से ज़्यादा लपके ताजमहल के आसपास सक्रिय हैं, जो पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। और खबरें भी हैं…

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इस रोड पर दिनभर जाम जैसे हालात रहते हैं।

आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के बाहर महाजाम: ऑटो-ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से पर्यटक भी हलकान, 2 मिनट का सफर 15 मिनट में!

आगरा। आगरा के ऐतिहासिक आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के बाहर ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। रोजाना बिजलीघर चौराहे से लेकर स्टेशन से करीब 200 मीटर आगे तक भयंकर जाम लगा रहता है। इस जाम का मुख्य कारण ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पार्किंग है। ये चालक निर्धारित स्टैंड पर अपने वाहन खड़े न करके सीधे सड़क किनारे सवारियां बैठाने लगते हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो जाती है। पर्यटक भी परेशान, स्थानीय लोगों का समय बर्बाद स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजलीघर चौराहे से शुरू होकर यह जाम दिनभर रहता है। आलम यह है कि महज 2 मिनट की दूरी तय करने में यात्रियों और राहगीरों को 10 से 15 मिनट तक लग जाते हैं। आगरा फोर्ट देखने आने वाले विदेशी पर्यटकों को भी अक्सर इसी जाम से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती है। गलत पार्किंग से बढ़ी परेशानी, कोई निर्धारित स्टैंड नहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्टेशन से निकलने वाले यात्रियों को अपनी ओर खींचने के चक्कर में ऑटो और ई-रिक्शा चालक सड़क के बीच में ही वाहन रोककर सवारियां बैठाने लगते हैं। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और जाम लग जाता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि उन्होंने कई बार इन चालकों को हटने को कहा, लेकिन वे मानते नहीं हैं। स्थानीय निवासी शाहीरान ने बताया कि यहाँ कोई निर्धारित ऑटो स्टैंड नहीं है, जिसकी वजह से चालक सीधे स्टेशन के बाहर ही सवारियां बिठा लेते हैं। लोगों की मांग है कि यहाँ एक स्थायी ऑटो स्टैंड बनाया जाए और गलत पार्किंग करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए। इससे ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सकेगा और यात्रियों को भी असुविधा से मुक्ति मिलेगी। और खबरें भी हैं…

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