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आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास का कांग्रेसियों ने किया घेराव: ‘वोट चोर’ बताकर मांगा इस्तीफा, पुलिस से हुई झड़प

आगरा। आगरा में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। विजय नगर स्थित उनके घर के बाहर पहुंचे कांग्रेसियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को ‘वोट चोर’ बताते हुए तत्काल इस्तीफे और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। पुलिस से झड़प, आवास के पास पहुँचकर नारेबाजी दोपहर करीब 3:30 बजे, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह के नेतृत्व में दर्जनों कांग्रेसी विजय नगर स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास की ओर बढ़े। उनके हाथों में “ज्ञानेश कुमार, वोट चोर” लिखी तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारियों में महिला कार्यकर्ता भी शामिल थीं। पुलिस को प्रदर्शन की सूचना पहले ही मिल चुकी थी, जिसके चलते उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास को घेर लिया था। जैसे ही कांग्रेसी जुलूस निकालते हुए 50 मीटर पहले पहुँचे, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और लाठी-डंडे लगाकर रास्ता रोका। मगर कांग्रेसी नहीं माने और पुलिसकर्मियों को किनारे करते हुए तेजी से आगे बढ़ गए। वे मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के पास पहुँचकर करीब एक घंटे तक जमकर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कुछ महिला कांग्रेस कार्यकर्ता गिरते-गिरते बचीं। ‘लोकतंत्र की हत्या, संविधान के दुश्मन’: कांग्रेस का आरोप कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश के लोकतंत्र की हत्या की है और वे संविधान के दुश्मन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिंदा लोगों के वोट काटे गए हैं। अमित सिंह ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो कांग्रेस उनके आगरा आने पर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को देश और राहुल गांधी, दोनों से माफी मांगनी चाहिए। अमित सिंह ने इस प्रदर्शन को ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ बताते हुए कहा कि यदि इसका विरोध नहीं हुआ तो देश दूसरी बार गुलामी की ओर बढ़ेगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करने का भी गंभीर आरोप लगाया। आवास पर नहीं थे मुख्य चुनाव आयुक्त के माता-पिता जिस समय कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे थे, उस वक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के माता-पिता, डॉ. सुबोध कुमार (सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी) और सत्यवती गुप्ता (योग सिखाती हैं), आवास पर मौजूद नहीं थे। वे नोएडा गए हुए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की बड़ी बेटी मेधा रूपम वर्तमान में नोएडा की डीएम हैं। एसीपी अक्षय महाडिक ने बताया कि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह कुछ लोगों के साथ आए थे। पहले से ही पुलिस की टीमें तैनात थीं और प्रदर्शनकारियों को मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास पर पहुँचने से रोका गया। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए। और खबरें भी हैं…

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आगरा में कांग्रेस का नगर निगम पर धरना: ‘स्मार्ट सिटी के नाम पर बंदरबांट, सड़कें-सीवर बदहाल’, उग्र आंदोलन की चेतावनी

आगरा। आगरा की फतेहाबाद रोड पर सोमवार को कांग्रेस ने नगर निगम ताजगंज जोन पर धरना देकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शहर की विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए प्रदेश नगर विकास मंत्री के नाम एक ज्ञापन जोनल अधिकारी गजेंद्र कुमार को सौंपा। सीवर-पानी की समस्या और बदहाल सड़कों पर भड़के कांग्रेसी धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अनिल शर्मा ने किया। उन्होंने आगरा की मूलभूत समस्याओं को उठाते हुए कहा कि शहर में जगह-जगह सीवर लाइनें बह रही हैं और मैनहोल खुले पड़े हैं। उन्होंने पानी की किल्लत पर भी चिंता जताते हुए कहा कि लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में तो सीवर और पानी मिक्स होकर आ रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। शर्मा ने बारिश से खराब हुई सड़कों और बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, और इनकी जल्द मरम्मत की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार धरना दिया गया है, लेकिन “निगम की सोई हुई सरकार और इन अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है।” ‘स्मार्ट सिटी के नाम पर धोखा’: उग्र आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि “स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और अधिकारी मौज मार रहे हैं।” उनका कहना था कि निगम के पैसे का “बंदरबांट किया जा रहा है” और आगरा के विकास के नाम पर जनता के साथ धोखा हो रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो यह अभी केवल एक सांकेतिक धरना है, और इसके बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा। यह प्रदर्शन शहर की बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं की बदहाली पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कथित उदासीनता को उजागर करता है। और खबरें भी हैं…

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राहुल गांधी का ‘मोदी’ पर तीखा वार: “सिर्फ शो-बाजी, उनमें दम नहीं! लोगों ने सिर पर चढ़ा रखा है” – OBC सम्मेलन में गरजे कांग्रेस नेता

नई दिल्ली। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस की OBC सेल द्वारा आयोजित ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने PM मोदी की ‘शो-बाजी’ पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनमें ‘दम नहीं’ है और उन्हें लोगों ने बेवजह ‘सिर पर चढ़ा रखा है’। राहुल बोले – “मेरी गलती, अब OBC जनगणना करवाकर रहूंगा” राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूछा, ‘आपको पता है, राजनीति में सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है?’ जब कार्यकर्ताओं ने ‘PM मोदी’ जवाब दिया, तो राहुल ने कहा, “नरेंद्र मोदी कोई बड़ी प्रॉब्लम नहीं हैं। मैं उनसे दो-तीन बार मिल चुका हूं। उनकी सिर्फ शो-बाजी है। उनमें दम नहीं है। उन्हें लोगों ने सिर पर चढ़ा रखा है।“ राहुल ने इस मौके पर कांग्रेस शासित राज्यों में जातिगत जनगणना कराने की भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने स्वीकार किया, “मेरे काम में एक कमी रह गई। मुझे OBC वर्ग की जिस तरह से रक्षा करनी थी, मैंने नहीं की। 10-15 साल पहले मुझे OBC के मुद्दे गहराई से नहीं समझ आए थे। अगर मुझे पता होता तो मैं उसी वक्त जातिगत जनगणना करवा देता।” उन्होंने इसे अपनी गलती मानते हुए सुधारने का संकल्प लिया और कहा, “आप मेरी बहन प्रियंका से पूछिएगा कि अगर राहुल ने किसी काम के लिए मन बना लिया तो उस बात को वो छोड़ेगा या नहीं? मैं नहीं छोड़ने वाला।” राहुल के भाषण की 3 बड़ी बातें: खड़गे का PM मोदी पर पलटवार: “झूठों के सरदार हैं, खुद को OBC बोलकर सता रहे हैं!” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सम्मेलन में PM नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठों के सरदार हैं। झूठ बोलना उनका काम है। वे संसद में भी झूठ बोलते हैं। PM मोदी सिर्फ तकरीर (भाषण) करते रहते हैं। खुद कहते हैं कि मैं नॉन-बायोलॉजिकल हूं, मुझे भगवान ने भेजा है।“ खड़गे ने PM मोदी पर 2 करोड़ नौकरी, कालाधन वापस लाने, 15-15 लाख रुपये देने, किसानों को MSP और पिछड़े समुदायों की आमदनी बढ़ाने जैसे वादों पर ‘झूठ’ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा, “मोदी खुद को OBC बोलते हैं, जबकि वो पहले अपर कास्ट में थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपनी कम्युनिटी को OBC लिस्ट में डाल दिया। OBC के लोगों के बीच कहते हैं कि मैं पिछड़ा वर्ग का हूं, मुझे सताया जाता है। लेकिन अब वो सबको सता रहे हैं।” केंद्र की जातीय जनगणना की तैयारी: अगले साल अक्टूबर से होगी शुरुआत कांग्रेस के ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, राजस्थान के पूर्व CM अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता सचिन पायलट सहित कई बड़े नेता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस के OBC डिपार्टमेंट का नया लोगो भी लॉन्च किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य मकसद देश के सभी OBC नेताओं को एक साथ लाना और OBC मुद्दों पर नियमित वर्कशॉप आयोजित करना है, जिसमें हर राज्य की राजधानी में जाति सर्वेक्षण भी शामिल है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल 2025 को देश में जातीय जनगणना कराने का ऐलान किया था। आजादी के बाद यह पहली जातीय जनगणना होगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि जातीय जनगणना को मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, जनगणना दो फेज में होगी। पहला फेज 1 अक्टूबर 2026 से चार पहाड़ी राज्यों में और दूसरा फेज 1 मार्च 2027 से बाकी राज्यों में शुरू होगा। देश में अब तक कुल 8 बार जातीय जनगणना हुई है (7 बार ब्रिटिश काल में और एक बार 2011 में, जिसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं हुए)।

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आगरा में कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन: ‘किसानों को महंगी खाद, बिजली नहीं!’ जिला मुख्यालय पर जोरदार हंगामा

आगरा। आगरा में किसानों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष अमित सिंह के नेतृत्व में जुटे कांग्रेसियों ने बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों को 24 घंटे बिजली और यूरिया खाद जल्द उपलब्ध कराने की मांग की। कांग्रेस का आरोप: ‘भाजपा के वादे झूठे, किसान परेशान!’ महानगर अध्यक्ष अमित सिंह ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “पूरे उत्तर प्रदेश में खरीफ की फसल की बुआई चल रही है। किसानों को इस समय धान की फसल के लिए यूरिया खाद और सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है।” सिंह ने याद दिलाया कि बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में किसानों की आय दोगुनी करने और मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन आज हकीकत कुछ और है। अमित सिंह ने आरोप लगाया, “आज उत्तर प्रदेश का किसान परेशान है। खाद लेने के लिए किसान लाइनों में लगा हुआ है। आय दोगुनी की बात तो दूर है। किसानों को जरूरत के हिसाब से उन्हें पर्याप्त बिजली भी नहीं मिल रही है।” उन्होंने कहा कि बीजेपी के ये वादे झूठे साबित हुए हैं, और प्रदेश की डबल इंजन सरकार मुफ्त बिजली देना तो दूर, बिजली आपूर्ति की कमी के चलते किसानों को सिंचाई के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा है। ‘कालाबाजारी से महंगी खाद, दर-दर भटक रहे किसान!’ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि किसानों को यूरिया खाद के लिए सहकारी समितियों और निजी दुकानों पर कालाबाजारी के चलते अधिक दामों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अमित सिंह ने कहा, “प्रदेश का किसान सरकार की दोहरी नीति से परेशान है।” उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस ने हमेशा से किसानों के हित की लड़ाई लड़ी है और आगे भी किसानों के लिए संघर्ष करती रहेगी। कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों को धान की फसल के लिए यूरिया खाद और सिंचाई के लिए पानी की तुरंत व्यवस्था की जाए, और भाजपा अपने संकल्प पत्र के वादे के अनुसार 24 घंटे मुफ्त में बिजली की व्यवस्था कराए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर किसानों की समस्या का समाधान जल्द से जल्द नहीं किया गया, तो उन्हें बड़े आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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