आगरा। आगरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पुलिस सिपाही ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक युवक का अपहरण किया और उसके परिवार से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी। थाना न्यू आगरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिपाही सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
बाह निवासी कुशल सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका भाई हर्षवर्धन सिंह 22 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे सामान लेने बाजार गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। पूरी रात तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। देर रात लगभग 2:30 बजे, कुशल के फोन पर हर्षवर्धन के नंबर से एक कॉल आया। फोन करने वाले ने 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो हर्षवर्धन को जेल भेज दिया जाएगा।
कुशल ने तुरंत इस मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने जाँच शुरू की तो पता चला कि यह पूरी साजिश एक सिपाही ने रची थी। आरोपी सिपाही सोनू अलीगढ़ का रहने वाला है और उसे पाँच दिन पहले ही सैंया थाने में तैनात किया गया था। इससे पहले वह निलंबित चल रहा था और पुलिस लाइन से अटैच था।
सिपाही ने रची साजिश
सिपाही सोनू को जानकारी मिली थी कि हर्षवर्धन के पास अच्छी-खासी रकम है। उसने अपने अलीगढ़ के साथियों राहुल और राजकुमार के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई। उन्होंने हर्षवर्धन को सिकंदरा-बोदला रोड स्थित कारगिल तिराहे पर बुलाया और उसे अगवा कर लिया। जब उन्हें पता चला कि हर्षवर्धन के पास पैसे नहीं हैं, तो उन्होंने उसके भाई से फिरौती मांगने का फैसला किया।
24 घंटे तक घुमाते रहे शहर में
22 सितंबर की रात से 23 सितंबर की शाम तक, आरोपी हर्षवर्धन को अपनी गाड़ी में पूरे शहर में घुमाते रहे और लगातार उसके परिवार से फिरौती की मांग करते रहे। शिकायत दर्ज होने के बाद, न्यू आगरा पुलिस ने मोबाइल लोकेशन को ट्रैक किया और पोइया घाट के पास से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने हर्षवर्धन को सुरक्षित रूप से उसके परिवार को सौंप दिया है।
यह घटना पुलिस विभाग की छवि पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करके लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास किया है।



































































































