आगरा। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक आज आगरा के जिला अस्पताल का निरीक्षण करने आ रहे हैं। उनके आने से पहले अस्पताल में आनन-फानन में चल रही ‘तैयारियों’ पर सवाल उठ रहे हैं। जनता का कहना है कि यह केवल समस्याओं को छिपाने की कोशिश है, न कि उन्हें दूर करने की।
उप मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे जिला अस्पताल पहुँचेंगे, जहाँ वे स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण और प्रगति की समीक्षा करेंगे। लेकिन उनके दौरे से पहले ही अस्पताल का असली हाल छिपाने की कवायद शुरू हो गई है। सुबह से ही पूरे परिसर में जोर-शोर से साफ-सफाई चल रही है। दरवाजों और दीवारों से पोस्टर हटाए जा रहे हैं, और कुछ कमरों में तो ताजी पुताई भी कराई जा रही है।

सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब अस्पताल के अंदर की बदहाली को छिपाने के लिए ताले जड़ दिए गए। दिव्यांगों और पुरुषों के लिए बने शौचालय बंद कर दिए गए हैं, और उन पर ‘अंडर रिपेयर’ के नए पोस्टर चिपका दिए गए हैं। यह सीधे तौर पर दिखा रहा है कि व्यवस्था को सुधारने के बजाय उसे छिपाने की कोशिश की जा रही है।
अपने संक्षिप्त दौरे में, उप मुख्यमंत्री जिला अस्पताल के बाद दो अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे और शाम 4:30 बजे वापस लखनऊ लौट जाएँगे। इस कम समय के दौरे से लोगों में निराशा है, क्योंकि जनता को उम्मीद थी कि वे शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था का सच जानने की कोशिश करेंगे, लेकिन यहाँ तो उन्हें केवल ‘सजाया हुआ’ अस्पताल दिखाया जा रहा है।




































































































