आगरा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आज आगरा में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के तत्वावधान में आयोजित इस अदालत में बड़ी संख्या में वादकारी पहुँचे।

लोक अदालत में जहाँ एक ओर प्री-लिटिगेशन और लंबित वादों का निपटारा किया जा रहा है, वहीं कुछ वादकारियों को व्यवस्थाओं की कमी के कारण परेशानी भी उठानी पड़ी। टोरेंट पावर और चालान संबंधी मामलों के लिए निर्धारित स्टॉल नहीं मिलने से लोगों को भटकना पड़ा, जबकि चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण भी वे परेशान दिखे। हालाँकि वहाँ पीने के पानी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन पंखे और कूलर की कमी साफ नजर आई।
लोक अदालत के तहत फैमिली कोर्ट में भी सुनवाई हुई। यहाँ जज त्रिप्ता चौधरी के प्रयासों से 8 ऐसे जोड़ों का आपसी सहमति से समझौता कराया गया, जिनके रिश्ते टूटने की कगार पर थे। सभी जोड़े खुशी-खुशी वापस लौटे।

इस मौके पर जिला न्यायालय के सचिव ने बताया कि जनपद में इस बार करीब 5 लाख मुकदमों को सूचीबद्ध किया गया है, जो कि प्री-लिटिगेशन और विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पिछली लोक अदालतों की तरह यह भी सफल साबित होगी।


































































































