
आगरा। आगरा में एक हैरान कर देने वाली और संवेदनशील योजना की शुरुआत हुई है। रामलाल वृद्धाश्रम एवं गोशाला समिति ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जिसके तहत लोग अपने बच्चों को दादा-दादी या नाना-नानी का प्यार देने के लिए आश्रम से बुजुर्गों को किराया देकर अपने घर ले जा सकेंगे। यह योजना उन परिवारों के लिए है, जिनके घरों में बुजुर्ग नहीं हैं।
कुछ बुजुर्ग खुश, कुछ की आंखें हुईं नम
जब इस योजना के बारे में आश्रम के 380 से अधिक बुजुर्गों से बात की गई तो मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। ओपी शर्मा और ठाकुर दास जैसे बुजुर्गों ने इस योजना को बहुत अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि “हमें तो बस प्यार चाहिए, अगर कोई अपनाकर ले जाएगा तो हम खुशी-खुशी चले जाएंगे।”
वहीं, कुछ बुजुर्गों की आंखों में आंसू आ गए। विद्या देवी रोते हुए बोलीं कि उन्हें उनके बेटों ने छोड़ दिया है और वह नहीं जानतीं कि उन्हें कौन ले जाएगा। हालांकि, उन्होंने भी कहा कि अगर कोई उन्हें अपनाएगा तो वह उसके साथ चली जाएंगी। दूसरी तरफ, राधा रानी गोयल ने साफ इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें आश्रम में जो स्नेह और सम्मान मिलता है, वह बाहर शायद न मिले।
योजना की पूरी जानकारी
आश्रम के ट्रस्टी और मीडिया प्रभारी धीरज चौधरी ने बताया कि कई परिवारों ने उनसे संपर्क करके अपने बच्चों के लिए बुजुर्गों के प्यार की इच्छा जताई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए, यह योजना शुरू की गई है।
योजना के तहत, कोई भी परिवार कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक महीने के लिए बुजुर्ग को अपने घर ले जा सकता है। इसके लिए उन्हें प्रति माह ₹11,000 का किराया देना होगा, जिसमें से ₹5,000 सीधे बुजुर्ग को दिए जाएंगे और बाकी ₹6,000 आश्रम की व्यवस्था पर खर्च होंगे। आश्रम के वॉलंटियर्स हर हफ्ते दो बार जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि बुजुर्गों को कोई परेशानी न हो। अगर बुजुर्गों को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाया जाता है तो संबंधित परिवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।