आगरा के SNMC में खुला पहला हेपेटाइटिस क्लीनिक: विश्व हेपेटाइटिस सप्ताह पर CME का आयोजन, निःशुल्क जांच-उपचार की सुविधा

आगरा। शहर के एसएन मेडिकल कॉलेज (SNMC) में हेपेटाइटिस के मरीजों के लिए एक बड़ी सौगात मिली है। यहाँ एक समर्पित हेपेटाइटिस क्लिनिक की शुरुआत की गई है, जो आगरा का पहला ऐसा विशिष्ट क्लीनिक है। विश्व हेपेटाइटिस सप्ताह के अंतर्गत एक शैक्षणिक संगोष्ठी (CME) का भी सफल आयोजन किया गया, जिसमें हेपेटाइटिस के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।


हेपेटाइटिस क्लिनिक का उद्घाटन और जन-जागरूकता कार्यक्रम

मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग और मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर (MTC) ने राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के तहत इस शैक्षणिक संगोष्ठी और जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस वर्ष की थीम “Hepatitis: Let’s Break it Down” थी, जिसका उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के बारे में जागरूक करना था।

प्रमुख अतिथि प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता ने मेडिसिन विभाग की दूसरी मंजिल पर स्थित कक्ष संख्या 52 में इस विशेष हेपेटाइटिस क्लिनिक का उद्घाटन किया। इस नए क्लीनिक में हेपेटाइटिस से जुड़ी सभी प्रकार की जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध होंगी, जो मरीजों के लिए एक बड़ी राहत है।


विशेषज्ञों के व्याख्यान और महत्वपूर्ण जानकारियां

सीएमई (CME) में हेपेटाइटिस से संबंधित तीन प्रमुख मुद्दों पर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए:

  • डॉ. आरती अग्रवाल ने “डायग्नोसिस ऑफ वायरल हेपेटाइटिस” पर विस्तार से जानकारी दी, जिसमें हेपेटाइटिस के निदान के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डाला गया।
  • एमटीसी के नोडल अधिकारी डॉ. सूर्यकमल वर्मा ने “मैनेजमेंट ऑफ वायरल हेपेटाइटिस” पर व्याख्यान दिया, जिसमें बीमारी के प्रबंधन और उपचार के प्रोटोकॉल समझाए गए।
  • प्रो. डॉ. प्रभात अग्रवाल ने “वायरल हेपेटाइटिस इन स्पेशल सिचुएशन” विषय पर अपना व्याख्यान दिया, जिसमें विशेष परिस्थितियों (जैसे गर्भावस्था) में हेपेटाइटिस के प्रबंधन पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि वायरल हेपेटाइटिस B और C, लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसे गंभीर रोगों का प्रमुख कारण हैं, जिनका समय पर इलाज संभव है।


गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जोर और चेतावनी लक्षण

विशेष रूप से, कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हेपेटाइटिस B जांच अनिवार्य है। यदि कोई माता संक्रमित पाई जाती है, तो उसके नवजात शिशु को जन्म के 24 घंटे के भीतर HBIG (हेपेटाइटिस बी इम्यूनोग्लोबुलिन) और हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की पहली खुराक (O-dose) देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शिशु को संक्रमण से बचाया जा सके।

साथ ही, लोगों को सचेत किया गया कि अगर उन्हें पीलिया, भूख न लगना, अत्यधिक थकावट, पेट दर्द, या गहरे रंग का मूत्र जैसे लक्षण महसूस हों तो वे तुरंत जांच करवाएं। समय पर पहचान और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. अजीत सिंह चाहर, डॉ. नेहा आज़ाद, डॉ. चेतन शर्मा और अन्य फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। यह पहल आगरा में हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रोगियों को बेहतर उपचार प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी।

admin

Related Posts

Akhilesh Yadav ki giraftari ke virodh mein Agra ke Bijlighar Chauraha par SP ka pradarshan

Purv ghoshit karyakram ke tahat jute karyakarta Samajwadi Party ke rashtriya adhyaksh Akhilesh Yadav ki giraftari ke virodh mein Budhwar ko Agra ke Bijlighar Chauraha par SP ke neta aur…

National Flag Day par Tirange ko di gayi salami

Kheria Mod par hua vishesh karyakram National Flag Day ke avsar par Agra ke Kheria Mod Selfie Point par vishesh karyakram ka ayojan kiya gaya. Is dauran rashtriya dhwaj ko…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights