Agra News Today औषधि विभाग की जांच में सामने आया है कि नकली दवा माफिया डमी फर्मों का उपयोग कर करोड़ों का काला कारोबार चला रहे थे। पांच जिलों में चल रही जांच में अब तक कई फर्जी फर्मों का नेटवर्क उजागर हुआ है।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि 22 अगस्त को नकली दवाओं का अंतरराज्यीय सिंडिकेट पकड़ा गया था। जांच में एक ही बिल से 10 फर्मों को दवाएं बेचने और डमी फर्मों से कारोबार का खुलासा हुआ।
आगरा की 5 संदिग्ध फर्में
आगरा की 5 प्रमुख फर्में—
- हे मां मेडिको
- बंसल मेडिकल एजेंसी
- एमएसवी मेडि प्वाइंट
- ताज मेडिको
- राधे मेडिकल एजेंसी
इन फर्मों से बीते तीन साल में करोड़ों की खरीद-बिक्री का ब्योरा एसजीएसटी विभाग से जुटाया जा रहा है। इनसे 71 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की गईं। हे मां मेडिको का संचालक हिमांशु अग्रवाल रिश्वतखोरी मामले में जेल भेजा गया है।
किन जिलों में कार्रवाई हुई?
- आगरा: 71 करोड़ की दवाएं जब्त।
- मुजफ्फरनगर: आयुष मेडिको और आशुतोष फार्मा के नाम से 3.5 करोड़ की बिक्री पकड़ी गई।
- लखनऊ: न्यू बाबा फार्मा और पार्वती ट्रेडर्स ने आगरा से नकली दवाएं खरीदीं।
- बरेली: हैप्पी मेडिकोज से 5.50 लाख की दवाएं जब्त।
- पुडुचेरी: मीनाक्षी फार्मा के नाम पर फर्जी कारोबार, पता पर कंपनी नहीं मिली।
- अलीगढ़: 20 मेडिकल स्टोर और एजेंसियों की जांच जारी।
औषधि विभाग की रणनीति
फर्मों के गोदाम, बिल और दवा भंडारण का मिलान कर यह पता लगाया जा रहा है कि कितने करोड़ रुपये का काला कारोबार हुआ। अब तक लखनऊ, मुजफ्फरनगर, बरेली और अलीगढ़ में आगरा से खरीदी गई नकली दवाएं पकड़ी जा चुकी हैं।
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