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Agra News: बर्ड फ्लू की दस्तक का डर! कीठम, चंबल में प्रवासी पक्षियों के साथ बढ़ा खतरा

Agra News रामपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद आगरा अलर्ट पर है। कीठम झील, चंबल में प्रवासी पक्षियों के साथ खतरा बढ़ा। प्रशासन ने 50 से अधिक पोल्ट्री फार्म पर निगरानी शुरू कर दी है।

आगरा जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अगस्त 2025 में रामपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद, अब उन क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी गई है जहाँ प्रवासी पक्षियों का डेरा जम चुका है।

सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही, आगरा के विभिन्न वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) में प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। इन पक्षियों के साथ एवियन इन्फ्लुएंजा का खतरा बढ़ जाता है।

निगरानी के प्रमुख क्षेत्र:

  1. सुर सरोवर पक्षी विहार (कीठम झील)
  2. चंबल क्षेत्र के भैया (Bhiya) और यमुना नदी के किनारे
  3. सेवला वेटलैंड

प्रशासन ने इन वेटलैंड्स के साथ-साथ जिले में मौजूद 50 से अधिक पोल्ट्री फार्म पर भी गहन निगरानी शुरू कर दी है, ताकि किसी भी संभावित प्रकोप को समय रहते रोका जा सके।

क्या है बर्ड फ्लू और खतरा?

डीसीएफ (DCF) चंबल चांदनी सिंह ने एवियन इन्फ्लूएंजा के खतरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:

  • बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) एक वायरल संक्रमण है।
  • यह मुख्य रूप से जलीय पक्षियों, मुर्गियों और कुछ अन्य जानवरों में फैलता है।
  • मनुष्यों में संक्रमण का खतरा: यह संक्रमित पक्षियों या जानवरों के थूक, लार, दूध, जलीय स्राव (जशवंत बूँदें) या मल के संपर्क में आने से मनुष्य में भी फैल सकता है।

चांदनी सिंह ने बताया कि चूंकि सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षियों के आगमन के साथ यह खतरा बढ़ जाता है, इसलिए जलीय प्रवासी पक्षियों की लगातार निगरानी की जाती है।

संयुक्त टीम कर रही मॉनीटरिंग, सैंपल भेजे गए

प्रशासन के निर्देश पर, वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीमें अब संयुक्त रूप से मॉनीटरिंग कर रही हैं।

पक्षी विशेषज्ञ डॉक्टर केपी सिंह ने बताया कि संयुक्त टीमें वेटलैंड्स से पक्षियों के मल और पानी के सैंपल ले रही हैं। इन सैंपलों को आवश्यक जाँच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है।

जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रवासी पक्षी समूह में कहीं कोई संक्रमित पक्षी तो नहीं है। किसी भी संभावित खतरे की पुष्टि होने पर, त्वरित कार्रवाई करते हुए बीमारी के प्रसार को रोकने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने सभी पोल्ट्री फार्म मालिकों को भी साफ-सफाई और बायो-सिक्योरिटी के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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