आगरा नगर निगम का ‘विज्ञापन’ एक्शन! 24 शोरूम संचालकों को नोटिस, नहीं जमा किया लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट; ‘दोगुना’ जुर्माना लगेगा!
आगरा। आगरा में अपने शोरूम पर बड़े-बड़े विज्ञापन लगाकर प्रचार करना अब कई संचालकों को भारी पड़ने वाला है! नगर निगम ने शहरभर में सर्वे कर ऐसे कारोबारियों की एक सूची तैयार की है, जिन्होंने विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं किया है। फिलहाल, 24 ऐसे शोरूम संचालकों को पैनल्टी के साथ लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
इस नियम के तहत दिए नोटिस, 60 कारोबारियों को अब तक मिला ‘झटका’
नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर नगर निगम ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 3×2 फुट तक के विज्ञापन पट लगाने पर निगम कोई प्रीमियम/साइड रेंट नहीं लेता है। लेकिन, इससे बड़े साइनबोर्ड लगाने या अन्य किसी प्रकार से प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन करना विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में आता है।
देखने में आ रहा है कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं जो बिना अनुमति होर्डिंग आदि लगाकर अपना विज्ञापन कर रहे हैं। ऐसे सभी कारोबारियों को अब प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में लाया जा रहा है। नगर निगम उपविधि 2017 के तहत, अब तक पहली बार 60 कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अगर नोटिस की अवधि में रेंट जमा नहीं किया गया, तो शोरूम संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नहीं जमा किया तो देना होगा ‘दोगुना किराया’, रजिस्ट्रेशन भी होगा रद्द!
सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि यदि नोटिस जारी होने के बाद भी कोई शोरूम संचालक निर्धारित समय में प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं कराता है, तो उसे निर्धारित रेंट से दोगुना रेंट अदा करना होगा।
इन प्रमुख नामों पर लाखों का बकाया है:
- आरके मार्केटिंग: ₹6 लाख
- ड्यूराफ्लेक्स: ₹1.25 लाख
- चंद्र कोचिंग इंस्टिट्यूट: ₹6 लाख
- रेडटेप: ₹2 लाख
- टाइटन वर्ल्ड: ₹62 हजार
- आकृति मॉडल शॉप: ₹3.75 लाख
- नील कमल (कंपनी): ₹2 लाख
फिलहाल, साल 2023-24 और 2024-25 के किराये की गणना की जा रही है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने साफ चेतावनी दी है, “जो भी कारोबारी नगर निगम सीमा में विज्ञापन कर रहे हैं, वे समय से प्रीमीयम/साइड रेंट को जमा कराएं। अन्यथा उनके खिलाफ खाता सीज और कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।“
नगर निगम शहर में अवैध रूप से विज्ञापन करने वाली कंपनियों का पता लगाने के लिए लगातार सर्वे करा रहा है। नोटिस के बाद भी जो लोग प्रीमियम साइड रेंट विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करेंगे, उनके रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।