आगरा। आगरा में यमुना नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया है, जिससे शहर की 25 से ज्यादा कॉलोनियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। इसी बीच, बाढ़ का असर शहर के सबसे बड़े श्मशान घाट ताजगंज मोक्षधाम पर भी पड़ा है।
विद्युत शवदाह गृह बंद, रास्ता जलमग्न
यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण ताजगंज मोक्षधाम तक पहुँचने वाले मुख्य रास्ते पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। इससे शवों को मोक्षधाम तक लाने में भारी परेशानी हो रही है। हालात इतने खराब हैं कि मोक्षधाम का विद्युत शवदाह गृह पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बिजली विभाग ने पानी भरने के कारण बिजली की आपूर्ति काट दी है।
मोक्षधाम का संचालन करने वाली श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी ने बताया कि जहाँ आम दिनों में 40 से अधिक अंतिम संस्कार होते थे, वहीं सोमवार को मोक्षधाम में केवल 9 और विद्युत शवदाह गृह में 3 ही अंतिम संस्कार हो सके। लोग शवों को मेटाडोर से पानी के बीच से होकर ले जाने को मजबूर हैं। हालांकि, लकड़ी से अंतिम संस्कार करने वाले 9 प्लेटफॉर्म्स पर अभी भी काम जारी है, क्योंकि यहाँ पानी नहीं पहुंचा है।
5000 लोग पलायन को मजबूर
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यमुना किनारा क्षेत्रों से करीब 5000 लोग पलायन कर चुके हैं। यमुना का जलस्तर अभी भी हर घंटे 10 सेंटीमीटर बढ़ रहा है। प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया है और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
हालात को देखते हुए, लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और अपने जरूरी सामानों को सुरक्षित रखें।



































































































