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Agra News: दिवाली की रात ट्रांस यमुना में चोरों का तांडव, लाखों का माल साफ

Agra News दिवाली की जगमगाती रात में जहां पूरा शहर रोशनी में डूबा था, वहीं आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में अंधेरे का फायदा उठाकर चोरों ने तांडव मचा दिया। तीन घरों में सेंध लगाकर चोर करीब ₹44 लाख के जेवर और नगदी लेकर फरार हो गए। इतना ही नहीं, तीन दुकानों में भी चोरी की कोशिश की गई। वारदातों की यह श्रृंखला पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रीन सिंह के घर में लाखों की चोरीटेढ़ी बगिया स्थित प्रकाशपुरम कॉलोनी निवासी ग्रीन सिंह आरओ पानी की सप्लाई का कारोबार करते हैं। उनके बेटे अमित कुमार ने बताया कि दिवाली मनाने के बाद परिवार रात करीब 11 बजे सो गया था। देर रात लगभग 2 बजे नकाबपोश चोर घर में घुस आया। परिवार के सभी छह सदस्यों को किसी नशीले पदार्थ की गंध सुंघाकर बेहोश कर दिया गया। इसके बाद चोर ने अलमारी का ताला तोड़ा और लगभग ₹18 लाख के सोने-चांदी के जेवरात व ₹2 लाख नकद लेकर फरार हो गया। वारदात का पता तब चला जब पड़ोसी सुभाष बघेल के घर से शोर मचा। चोर छत से कूदकर भाग गया, जबकि एक सीसीटीवी कैमरे में उसकी झलक कैद हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। रिटायर्ड कर्मचारी के घर भी चोरीदूसरी वारदात विकास नगर कॉलोनी की है, जहां सेवानिवृत्त निगम कर्मचारी उमेश चंद्र गौतम के घर चोरों ने धावा बोला। उमेश चंद्र हाल ही में 30 मार्च को निगम से रिटायर हुए थे। परिवार में पत्नी, दो बेटियां और दो बेटे हैं। छोटा बेटा सुधीर जल्द ही शादी करने वाला था, जिसके लिए घर में भारी मात्रा में जेवर रखे थे। सोमवार सुबह जब परिवार के लोग उठे तो देखा कि कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी और अलमारी टूटी हुई थी। मास्टर चाबी ताले में फंसी थी, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोरों ने प्रोफेशनल तरीके से वारदात को अंजाम दिया। अलमारी से ₹24 लाख के सोने-चांदी के आभूषण और ₹40 हजार नगद चोरी हुए। सीसीटीवी फुटेज में चोर रात 2 बजे आता और 4:17 बजे तक घर के अंदर दिखा। वह पड़ोसी की छत से होते हुए अंदर घुसा और उसी रास्ते फरार हो गया। वारदात के बाद उमेश गौतम और उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर फुटेज की मदद से आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। एसपी छत्ता पीयूषकांत राय ने बताया कि चोर की पहचान के लिए तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है। तीन दुकानों में चोरी की कोशिशें नाकामइसी रात टेढ़ी बगिया चौकी से महज 250 मीटर की दूरी पर चोरों ने दुकानों को भी निशाना बनाया। 100 फीट रोड स्थित नवीन गारमेंट्स, बाबा मोबाइल और कोमल हलवाई की दुकानों की छत तोड़ने की कोशिश की गई। लेकिन व्यापारी परिवार ऊपर की मंजिल पर ही सो रहे थे। रात करीब 1:20 बजे जब खटपट की आवाज सुनाई दी तो वे जाग गए। विनोद कुमार ने बताया कि उन्होंने एक चोर को लोहे की सब्बल से छत तोड़ते हुए देखा। शोर मचाने पर चोर छत से कूदकर भाग गया और अपने औजार वहीं छोड़ गया। पास की मिठाई की दुकान में भी घुसने की कोशिश की गई, मगर नाकाम रहे। लोगों में दहशत, पुलिस पर सवालइन वारदातों के बाद पूरे इलाके में दहशत है। दिवाली जैसी बड़ी रात में लगातार चोरी की घटनाएं होना पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टेढ़ी बगिया चौकी के पास ही चोरी की वारदातें होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। पुलिस का कहना है कि फुटेज में दिखे आरोपी की पहचान जल्द की जाएगी और उसे गिरफ्तार किया जाएगा। आगरा में चोरों ने खाली घर में लगाई सेंध, पड़ोसियों के शोर मचाने पर बाइक छोड़ भागे; 50 हजार नगद ले गए

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फतेहपुर सीकरी में शातिर चोर गिरफ्तार, सोने-चांदी के आभूषण बरामद: हरियाणा से आकर देता था वारदात को अंजाम, बेटे फरार

आगरा। फतेहपुर सीकरी पुलिस ने नेशनल हाईवे आगरा-जयपुर मार्ग पर तेरह मोरी बांध के समीप चेकिंग के दौरान हरियाणा के एक शातिर चोर को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। चोरी के अनोखे तरीके का खुलासा, बेटों संग देता था वारदात को अंजाम पकड़े गए अभियुक्त ने पूछताछ में अपना नाम रमेश पुत्र गिरधारी, निवासी अमरू थाना सदर, पलवल, हरियाणा बताया है। रमेश ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह अपने बेटों सतवीर और मनोज के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। उसके दोनों बेटे फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। रमेश ने बताया कि उनके चोरी करने का तरीका बेहद शातिराना था। वे दिन के समय अलग-अलग गांवों में घूमकर ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जहां चोरी की जा सके। रात के समय वे ऐसी ट्रेन में सफर करते थे जो सिर्फ दो स्टेशनों पर रुकती थी। इसके बाद, वे दिन में चिन्हित किए गए मकानों के पास वाले स्टेशन पर उतरकर पैदल ही चोरी करने के लिए जाते थे। वारदात के दौरान उसके बेटे रखवाली करते थे। बरामद हुए लाखों के आभूषण, पुलिस टीम को मिली सराहना पुलिस द्वारा बरामद किए गए आभूषणों में आठ अंगूठी, एक चैन, लॉकेट, दो चूड़ी, माथे का टीका, मंगलसूत्र, गले का हार, नथ, सुई धागा, टॉप्स, नाक की वाली, बिछिया, खडुआ और पायजेब शामिल हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इस शातिर चोर को पकड़ने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह, अपराध निरीक्षक अरविंद कुमार तोमर, उप निरीक्षक सचिन कुमार (प्रभारी एसओजी), उप निरीक्षक अनुज कुमार (प्रभारी सर्विलांस), उप निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, सुधांशु बाजपेई, शुभम सिंह, मनोज नगर, उप निरीक्षक रजनीश, सोनू कुमार, आदित्य उमराव और कांस्टेबल गौरव राणा शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

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आगरा पुलिस पर लगा दाग! गर्भवती महिला को छत से फेंका, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड!

आगरा। खाकी पर फिर लगा कलंक! आगरा के कालिंदी विहार में घर खाली कराने गई पुलिस की बेरहमी सामने आई है, जहां उनकी कथित खींचतान में एक गर्भवती महिला छत से गिरकर घायल हो गई। इस सनसनीखेज मामले ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। घटना के तीन दिन बाद, डीसीपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए, दो सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। क्या है पूरा मामला? यह चौंकाने वाली घटना ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के कालिंदी विहार, आयुष विहार में रहने वाली प्रेमलता के घर पर हुई। प्रेमलता, जो एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करके अपने परिवार का खर्च चलाती हैं, और उनके पति शिशुपाल, जो मजदूरी करते हैं, का 50 वर्गगज का दो मंजिला मकान है। प्रेमलता का आरोप है कि उन्होंने 29 जून 2024 को अपने मकान का बैनामा बबली देवी के नाम किया था। बैनामा से पहले बबली देवी ने उन्हें 1.11 लाख रुपये दिए थे। बैनामा में 7.70 लाख रुपये का चेक खोला गया था, जिसका भुगतान कराने के लिए बबली देवी उन्हें बैंक ले गईं और दोनों ओर हस्ताक्षर भी करा लिए। लेकिन इसके बाद, बबली देवी धोखे से चेक ले गईं। प्रेमलता का दावा है कि बाद में ट्रांसयमुना थाने के एक दारोगा से मिलकर बबली देवी ने उनके खिलाफ 24 जून 2025 को मारपीट, गाली गलौज, चोरी और अन्य धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस की ‘गुंडागर्दी’ और गर्भवती महिला का दर्द शुक्रवार को जब प्रेमलता काम पर गई थीं, घर में उनके पति शिशुपाल और बेटे अंकुश की पत्नी नेहा (जो दो माह की गर्भवती थीं) मौजूद थीं। दोपहर दो बजे थाने से दारोगा राजकुमार गोस्वामी अपने साथ पुलिसकर्मियों को लेकर मकान खाली कराने पहुंचे। उनके साथ वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के अलावा दो सादा कपड़ों में भी पुलिसकर्मी थे, जिनके नाम शैलू और मनोज बताए गए हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पहुंचते ही गाली-गलौज करते हुए गेट खुलवाने की कोशिश की। डर के कारण नेहा ने गेट खोलने से इनकार कर दिया। इस पर चार पुलिसकर्मी पड़ोसी के घर में घुसकर छत के रास्ते से उनके घर में घुस गए। कुछ पुलिसकर्मियों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, जिनमें रिकॉर्डिंग के लिए चिप लगी थी। जब नेहा ने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया। पुलिसकर्मियों से बचने के लिए नेहा छत की ओर भागी। छत पर पुलिसकर्मियों ने उससे खींचतान की। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे छत से नीचे फेंक दिया! वहीं, शिशुपाल को पकड़कर गाड़ी में डाल लिया गया और थाने ले जाते समय रास्ते में पीटा भी गया। महिला के गंभीर रूप से चोटिल होने से पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। उसे तत्काल कालिंदी विहार स्थित चौहान हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डीसीपी ने की कार्रवाई: चार पुलिसकर्मी निलंबित मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने जांच के आदेश दिए। जांच के बाद, डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि इस मामले में दोषी पाए गए एसआई राजकुमार गोस्वामी, एसआई निखिल चौधरी, मुख्य आरक्षी मनोज कुमार और आरक्षी शैलेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस की छवि पर लगे धब्बे को साफ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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