Headlines

उप मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आगरा जिला अस्पताल में ‘दिखावे’ की तैयारी, गंदगी पर जताई नाराजगी, पर क्या छिपाई गई असलियत?

आगरा। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने आज आगरा के जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उनका यह दौरा निर्धारित समय से देरी से शुरू हुआ, लेकिन उनके पहुँचने से पहले ही अस्पताल में समस्याओं को छिपाने की ‘दिखावे वाली’ तैयारी शुरू हो चुकी थी। सुबह से ही अस्पताल परिसर में जोर-शोर से साफ-सफाई चल रही थी, दरवाजों और दीवारों से पोस्टर हटाए गए और कुछ कमरों में तो ताजी पुताई भी कराई गई। निरीक्षण के दौरान, स्वास्थ्य मंत्री ने वार्डों का जायजा लिया और मरीजों से बात की। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें इलाज, दवाएं और खाना समय पर मिल रहा है या नहीं। मरीजों ने सभी सवालों का जवाब ‘ठीक’ दिया, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या उन्हें पहले से ही यह सब बताने के लिए कहा गया था। हालांकि, वॉर्डों की तरफ जाते समय डिप्टी सीएम ने गंदगी देखकर नाराजगी भी जताई। उन्होंने स्ट्रेचर रखने वाली जगह और पूछताछ केंद्र को खुलवाकर देखा, और पार्क में फैली गंदगी पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बाद में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि कोई भी डॉक्टर बाहर से दवा न लिखे और किसी भी मरीज को इलाज के बिना वापस न लौटाया जाए। अखिलेश पर साधा निशाना, पर सवाल अब भी बरकरार अपने दौरे के दौरान, डिप्टी सीएम ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश सरकार के दौरान गुंडा-माफिया और अराजकता आम बात थी, जबकि भाजपा सरकार में अपराधी या तो जेल में हैं या प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं। डिप्टी सीएम की इस कार्रवाई को लेकर जहाँ कुछ लोग इसे गंभीरता से लिया गया कदम मान रहे हैं, वहीं आम जनता में यह सवाल बरकरार है कि क्या सिर्फ चंद घंटों के दिखावे से स्वास्थ्य व्यवस्था सुधर जाएगी? क्या मंत्री जी ने उन समस्याओं को भी देखा जिन्हें दौरे से पहले आनन-फानन में छिपाने की कोशिश की गई थी?

Read More

उप मुख्यमंत्री के दौरे से पहले आगरा जिला अस्पताल में ‘दिखावे’ की तैयारी, समस्याओं को छिपाने की कोशिश

आगरा। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक आज आगरा के जिला अस्पताल का निरीक्षण करने आ रहे हैं। उनके आने से पहले अस्पताल में आनन-फानन में चल रही ‘तैयारियों’ पर सवाल उठ रहे हैं। जनता का कहना है कि यह केवल समस्याओं को छिपाने की कोशिश है, न कि उन्हें दूर करने की। उप मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे जिला अस्पताल पहुँचेंगे, जहाँ वे स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण और प्रगति की समीक्षा करेंगे। लेकिन उनके दौरे से पहले ही अस्पताल का असली हाल छिपाने की कवायद शुरू हो गई है। सुबह से ही पूरे परिसर में जोर-शोर से साफ-सफाई चल रही है। दरवाजों और दीवारों से पोस्टर हटाए जा रहे हैं, और कुछ कमरों में तो ताजी पुताई भी कराई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब अस्पताल के अंदर की बदहाली को छिपाने के लिए ताले जड़ दिए गए। दिव्यांगों और पुरुषों के लिए बने शौचालय बंद कर दिए गए हैं, और उन पर ‘अंडर रिपेयर’ के नए पोस्टर चिपका दिए गए हैं। यह सीधे तौर पर दिखा रहा है कि व्यवस्था को सुधारने के बजाय उसे छिपाने की कोशिश की जा रही है। अपने संक्षिप्त दौरे में, उप मुख्यमंत्री जिला अस्पताल के बाद दो अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे और शाम 4:30 बजे वापस लखनऊ लौट जाएँगे। इस कम समय के दौरे से लोगों में निराशा है, क्योंकि जनता को उम्मीद थी कि वे शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था का सच जानने की कोशिश करेंगे, लेकिन यहाँ तो उन्हें केवल ‘सजाया हुआ’ अस्पताल दिखाया जा रहा है।

Read More

उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक आज आगरा दौरे पर, ढाई घंटे में सिर्फ औपचारिकताएं निपटाकर लौटेंगे

आगरा। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक आज ढाई घंटे के ‘अति-व्यस्त’ दौरे पर आगरा आएंगे। सरकारी कार्यक्रमों के मुताबिक, उन्हें यहां स्वास्थ्य व्यवस्था का निरीक्षण करना है, लेकिन इस कम समय के दौरे से लोगों में उम्मीद कम और सवाल ज़्यादा हैं। लोगों का कहना है कि सिर्फ ढाई घंटे में स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी हाल जानना संभव नहीं होगा, और यह दौरा केवल एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा। जानकारी के अनुसार, उप मुख्यमंत्री दोपहर 1:00 बजे लखनऊ से राजकीय हेलीकॉप्टर द्वारा आगरा के लिए रवाना होंगे और 1:45 बजे खेरिया सिविल एयरपोर्ट, आगरा पहुँचेंगे। इसके बाद वे सीधे जिला अस्पताल जाएँगे। सवाल उठ रहा है कि क्या इतने बड़े अधिकारी के दौरे से पहले ही अस्पताल की व्यवस्थाओं को चमकाया नहीं गया होगा? ऐसे में एक संक्षिप्त निरीक्षण से क्या सच में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर सामने आ पाएगी? उनके दौरे का कार्यक्रम कुछ इस तरह रहेगा: आगरा के लोगों का मानना है कि इस तरह के ‘औपचारिक’ दौरे से शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार नहीं होने वाला। जनता को उम्मीद है कि उप मुख्यमंत्री उनके बीच आकर उनकी समस्याएं सुनेंगे, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उनका ध्यान केवल तयशुदा कार्यक्रमों को पूरा करने पर रहेगा। जनता को लगता है कि अगर वाकई स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाना है, तो ऐसे प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि लंबे और गहन निरीक्षण की आवश्यकता है।

Read More
Verified by MonsterInsights