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Agra News: कचरा कलेक्शन में खेल! निगम ने कंपनी का भुगतान रोका!

Agra News आगरा नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में लापरवाही पर स्वच्छता कॉर्पोरेशन कंपनी का दो महीने का भुगतान रोका। टेंडर निरस्त करने का नोटिस दिया।

Agra News आगरा नगर निगम ने घर-घर कचरा उठाने के महत्वपूर्ण कार्य में घोर लापरवाही और अनियमितता बरतने के आरोप में स्वच्छता कॉर्पोरेशन कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने कूड़ा कलेक्शन का काम संभाल रही कंपनी का दो महीने का भुगतान तुरंत प्रभाव से रोक दिया है और साथ ही टेंडर निरस्त करने की कड़ी चेतावनी दी है। इस संबंध में कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। निगम ने कंपनी से अभी तक हर वार्ड में लगाए गए कर्मचारियों और वाहनों का पूरा ब्यौरा तत्काल तलब किया है।

पार्षदों की शिकायत और लापरवाही का खुलासा

यह कार्रवाई पिछले महीने सदन में हुई बैठक में कई पार्षदों द्वारा की गई गंभीर शिकायतों के आधार पर की गई है। पार्षदों ने लोगों से मिली शिकायतों का हवाला देते हुए दावा किया था कि कई क्षेत्रों में कूड़ा उठाया ही नहीं जा रहा है। कंपनी के कर्मचारी आते भी हैं तो वे घरों से कूड़ा नहीं ले रहे हैं, बल्कि मोहल्लों के प्रमुख चौराहों से होते हुए निकल जाते हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और शहर में गंदगी फैल रही है।

सदन में जिन पार्षदों ने कंपनी के काम की पोल खोली थी, उनमें प्रमुख रूप से अमित दिवाकर, भरत शर्मा, हेमंत प्रजापति, सुनील शर्मा, यशपाल सिंह, प्रवीण राजावत और हेमलता चौहान शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटर और नए क्षेत्रों में कूड़ा कलेक्शन की गाड़ी और कर्मचारी कभी गए ही नहीं हैं

डोर-टू-डोर दस्तक की शर्त का उल्लंघन

टेंडर की शर्तों के अनुसार, कंपनी के कर्मचारियों को हर घर पर दस्तक देकर कचरा उठाना था। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि कर्मचारी सड़क पर धीरे-धीरे आगे बढ़ते जाते हैं, और जो लोग भागकर उन्हें कूड़ा दे पाते हैं, उनका कूड़ा लेकर आगे बढ़ जाते हैं। लोग गाड़ियों के पीछे भागते हुए कूड़ा डालने को मजबूर हैं। जो लोग ऐसा नहीं कर पाते, वे अंततः नाले के किनारे या सड़कों पर कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे शहर की स्वच्छता और सुंदरता पर गंभीर असर पड़ रहा है।

कॉलोनियों में हो रही लापरवाही से लोग खासे नाराज हैं। खासकर अपार्टमेंट और निजी कॉलोनियों में कर्मचारी नियमित रूप से नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में लोगों को अपनी मजबूरी के चलते निजी सफाई कर्मचारियों को ज्यादा पैसे देकर कचरा उठवाना पड़ रहा है, जबकि इस सेवा के लिए वे निगम को टैक्स देते हैं।

निगम की सख्ती और अंतिम चेतावनी

सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने इस संबंध में पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कंपनी से सभी आवश्यक जानकारियां मांगी गई हैं और उन्हें टेंडर की शर्तों के अनुरूप तत्काल काम करने को कहा गया है। निगम इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।

आगरा नगर निगम के 100 वार्डों से हर दिन करीब 1300 टन कूड़ा निकलता है। निगम इस कूड़े को कुबेरपुर में छलेसर स्थित खत्ताघर पर बेचता है, जहाँ गीला और सूखा कूड़ा अलग करने के बाद उसका निस्तारण किया जाता है। कंपनी के अनुसार, वे करीब 3000 कर्मचारी और 277 गाड़ियों से कूड़ा कलेक्शन कर रहे हैं, लेकिन यह संख्या भी जमीन पर दिखाई नहीं देती है।

अशोक प्रिय गौतम ने स्पष्ट किया है कि अगर कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ और कंपनी ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, तो उसका टेंडर निरस्त करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। निगम का उद्देश्य आगरा को स्वच्छ और सुंदर बनाना है, और इसमें कोई भी खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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Abhimanyu Singh

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