आगरा। बारिश के मौसम के बाद आगरा में कान के फंगल इन्फेक्शन (ओटोमायकोसिस) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से करीब 40% मरीज अब कान की समस्याओं से पीड़ित हैं, जिनमें अधिकतर लोग ओटोमायकोसिस (कान में फंगस) से ग्रस्त हैं।
ईएनटी विभाग के प्रोफेसर और हेड के अनुसार, इन दिनों हर 100 में से लगभग 40 मरीज कान के संक्रमण के आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह फंगल इन्फेक्शन है, जो नमी वाले मौसम में पनपता है। इसके लक्षणों में कान में संक्रमण, खुजली, दर्द और बदबूदार रिसाव शामिल हैं। समय पर इलाज न होने पर यह संक्रमण गंभीर हो सकता है और सुनने की शक्ति पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
शोर प्रदूषण कर रहा बहरा
नमी से होने वाले इन्फेक्शन के साथ ही, ध्वनि प्रदूषण (नॉइस पॉल्यूशन) भी लोगों की सुनने की क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।
- लाउडस्पीकर का खतरा: ईएनटी विशेषज्ञ के अनुसार, कान की सुनने की सामान्य सीमा 80 से 85 डेसिबल होती है। लेकिन धार्मिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों में बजने वाले लाउडस्पीकर अक्सर 89 डेसिबल से भी ज्यादा ध्वनि पैदा करते हैं।
- स्थायी नुकसान: तेज ध्वनि का लंबे समय तक संपर्क कान की नसों पर सीधा असर डालता है, जिससे सुनने की शक्ति धीरे-धीरे कम हो जाती है, और स्थायी बहरापन भी हो सकता है।
- फैक्ट्री और ट्रैफिक: सिर्फ धार्मिक आयोजन ही नहीं, लगातार तेज आवाज वाली फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों और ट्रैफिक में लंबे समय तक रहने वाले लोगों में भी सुनने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषकर बुजुर्गों को इससे ज्यादा खतरा है, क्योंकि उनकी सुनने की क्षमता पहले से ही कमजोर होती है।
डॉक्टरों का कहना है कि जिन जगहों पर लगातार तेज शोर होता है, वहां काम करने वालों के वर्किंग आवर्स घटाने की जरूरत है।
बचाव के लिए उपाय
ईएनटी विशेषज्ञ ने लोगों को सलाह दी है कि तेज आवाज वाले इलाकों में जाते समय कानों को सुरक्षित रखें।
- सुरक्षा के उपाय: जब भी तेज आवाज वाले क्षेत्रों में जाना हो, तो कानों को रुमाल, कॉटन या ईयर प्लग से ढक लें।
- तुरंत इलाज: यदि कान में कोई तकलीफ हो, जैसे कि खुजली, दर्द या फंगल जैसी समस्या, तो बिना देर किए ईएनटी विशेषज्ञ से जाँच कराना और इलाज शुरू करवाना जरूरी है।


































































































