
आगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र के गांवों में महाराणा प्रताप के 4 बोर्ड उखाड़ने को लेकर क्षत्रिय समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए, उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। बढ़ते बवाल को देखते हुए पुलिस ने ग्रामीणों को सड़क से हटाया और मौके पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन पहले रुनकता क्षेत्र के चार गांवों में क्षत्रिय समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के सम्मान में बोर्ड लगाए थे। सोमवार सुबह जब ग्रामीण उठे तो अकबरा गांव के बाहर लगा बोर्ड गायब था। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई। थोड़ी देर बाद पता चला कि बाकी के तीन और बोर्ड भी उखाड़ दिए गए हैं।
इस घटना से क्षत्रिय समाज के लोग आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर सड़क पर आ गए।

पुलिस प्रशासन पर लगाए आरोप, थाना प्रभारी के निलंबन की मांग
ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि पुलिस ने ही ये बोर्ड उखाड़े हैं। इस बात को लेकर उनमें गहरी नाराजगी थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए ग्रामीण पुलिस के सामने ही नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि सिकंदरा थाना प्रभारी ने ही बोर्ड उखड़वाए हैं और उन्हें तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने लोगों को शांत कराया और सड़क से हटाया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए इलाके में फिलहाल अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
और खबरें भी हैं…
- आगरा के होटल डीसी विलास में नहीं, बल्कि ‘सिद्धार्थ इलेक्ट्रिकल्स’ के गोदाम में लगी आग: मालिक ने बताया 30 लाख का नुकसान
- आगरा के सराफा कारोबारी दंपति से 71 लाख की धोखाधड़ी: अहमदाबाद के व्यापारियों ने फर्जी चेक देकर ठगा, मुकदमा दर्ज
- आगरा के होटल डीसी विलास में भीषण आग: AC कंप्रेसर फटने से लगी आग, देर रात मची अफरा-तफरी, कोई हताहत नहीं