आगरा में ‘शराबबंदी’ का रण: स्कूल के सामने ठेका खुलने पर AAP का हल्ला-बोल, छात्र बोले- ‘शराबी छेड़ते हैं, बंद करो ये दुकानें!’
आगरा। आगरा के तोता का ताल क्षेत्र में फतेहचंद इंटर कॉलेज के ठीक सामने शराब की दुकान खुलने पर बवाल मच गया है। शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) महानगर इकाई ने स्कूली छात्रों के साथ मिलकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि शराब पीकर लोग स्कूल के सामने खड़े रहते हैं और उन पर कमेंट भी करते हैं, जिससे उन्हें डर लगता है। AAP ने मांग की है कि स्कूल के सामने खुली इस शराब की दुकान को तुरंत बंद किया जाए।
“बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, 30 मीटर से भी कम दूरी”
आम आदमी पार्टी के कपिल बाजपेई ने इसे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि बच्चियां डरी हुई निकलती हैं और शराबी रोड पर छेड़छाड़ करते हैं।
AAP कार्यकर्ताओं ने दुकान से स्कूल की दूरी नापी, जो चौंकाने वाली रूप से 30 मीटर से भी कम निकली। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह आबकारी विभाग के नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिसके अनुसार स्कूल से शराब की दुकान की दूरी कम से कम 100 मीटर होनी चाहिए। इतना ही नहीं, बगल में मंदिर भी है, जहाँ से 50 मीटर की दूरी का नियम है, लेकिन इन नियमों को ताक पर रखकर यहाँ तीन शराब की दुकानें और एक भांग का ठेका खोल दिया गया है।
AAP के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट अश्वनी शर्मा ने इन दुकानों को नियम विरुद्ध बताया और कहा कि यदि इन्हें तत्काल बंद नहीं किया गया, तो कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। प्रदेश सचिव कृष्ण गोपाल उपाध्याय ने भी कहा कि ये दुकानें बच्चों और स्कूल के लिए खतरा हैं।
छात्रों का दर्द: “शराबी रोड पर पड़े रहते हैं, कमेंट करते हैं”
स्कूल में पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं दोनों ने अपनी समस्या बताई। उनका कहना था कि शराब पीकर लोग स्कूल के सामने ही खड़े रहते हैं और कई बार उन पर कमेंट भी करते हैं। छात्रों ने कहा कि वे इसकी शिकायत अपने घरों में भी कर चुके हैं। छात्रों ने एक स्वर में मांग की कि ये दुकानें बंद होनी चाहिए, क्योंकि शराबी रोड पर पड़े रहते हैं, जिससे उन्हें आने-जाने में परेशानी होती है।
सरकार पर AAP का हमला: “स्कूल बंद कर ठेके बढ़ा रहे!”
आपको बता दें कि इस साल से विभाग ने शराब और बीयर की दुकानों के अलग-अलग ठेकों की जगह लगभग पूरे आगरा में ‘कंपोजिट’ (यानी बीयर और शराब दोनों एक ही दुकान पर) के ठेके निकाले हैं। कई राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर इसका विरोध कर रहे हैं। उनका मुख्य आरोप यह है कि सरकार एक तरफ तो सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है और दूसरी तरफ ठेकों की दुकानें बढ़ाती जा रही है।
भारत में हर साल शराब से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी चिंताजनक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 2018 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रति वर्ष शराब के सेवन से संबंधित कारणों से करीब 3 लाख से अधिक मौतें होती हैं, जिसमें लिवर की बीमारियां, कैंसर और दुर्घटनाएं शामिल हैं। ऐसे में स्कूल के पास शराब की दुकानों का खुलना और भी गंभीर मुद्दा बन जाता है।
इस प्रदर्शन में कपिल बाजपेई, दिलीप बंसल, मुरली बाबा, कृष्ण गोपाल उपाध्याय, अश्वनी शर्मा एडवोकेट, बिट्टू पंडित, आसिफ नवाब, इरफान सैफी, आशीष गौतम, मनोज, रामसेवक धाकरे, गोपाल भाई आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।