खेरागढ़ में नगर पंचायत चेयरमैन सुधीर गर्ग ‘गुड्डू’ और अधिशासी अधिकारी मोहम्मद रजा के मार्गदर्शन में एक विशेष पहल की गई, जहाँ छात्रों को होम कम्पोस्टिंग की जानकारी दी गई। भूमि फाउंडेशन की IEC (Information, Education and Communication) टीम ने स्थानीय विद्यालय में यह कार्यक्रम आयोजित किया।
टीम ने छात्रों को बताया कि घर पर ही गीले कचरे से खाद कैसे बनाई जा सकती है। उन्होंने समझाया कि इस प्रक्रिया के लिए गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना सबसे महत्वपूर्ण है। गीले कचरे, जैसे कि सब्जियों के छिलके और बचा हुआ खाना, को एक मिट्टी के घड़े या ढक्कन वाले बर्तन में रखा जाता है। लगभग 40 से 50 दिनों में यह कचरा पूरी तरह से सड़कर पौधों के लिए एक पौष्टिक और प्राकृतिक खाद में बदल जाता है।
इस खाद का उपयोग घर में लगे गमलों, किचन गार्डन या खेतों में किया जा सकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के जरिए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश हर घर तक पहुंचाना है। इस तरह के प्रयासों से न केवल कचरे का उचित प्रबंधन होगा, बल्कि प्राकृतिक और जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

































































































