आगरा: जामा मस्जिद कमेटी में ₹50 लाख के गबन का आरोप, अध्यक्ष और भाई पर FIR
आगरा। ताजनगरी की जामा मस्जिद कमेटी एक बड़े विवाद में उलझ गई है। कमेटी के सचिव आज़म खां मलिक ने अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद कुरैशी और उनके भाई फैजल कुरैशी पर ₹50 लाख के गबन, वक्फ संपत्तियों के अवैध हस्तांतरण और फर्जी दस्तावेज़ बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस शिकायत के बाद दोनों के खिलाफ थाना मंटोला में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोप क्या हैं?
सचिव आज़म खां मलिक ने बताया कि उन्हें नवंबर 2021 में वक्फ बोर्ड द्वारा सचिव नियुक्त किया गया था। वक्फ बोर्ड के नियमों के अनुसार, किराया वसूलने और संपत्तियों के प्रबंधन का अधिकार सचिव के पास होता है, लेकिन अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद कुरैशी और उनके भाई फैजल ने नियमों का उल्लंघन किया।
- ₹50 लाख का गबन: आरोप है कि दोनों ने किरायेदारों से लगभग ₹50 लाख का किराया वसूला, लेकिन इस राशि को वक्फ के आधिकारिक खातों में जमा नहीं कराया।
- अवैध संपत्ति हस्तांतरण: जाहिद और फैजल पर कुछ वक्फ संपत्तियों का अवैध रूप से हस्तांतरण करने का भी आरोप है।
- फर्जी दस्तावेज़: फैजल पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी के जाली हस्ताक्षर कर एक फर्जी पत्र तैयार करने का आरोप भी लगा है, जिसमें सचिव के अधिकार समाप्त करने की बात लिखी गई थी।
पद से हटाने की कोशिशें
सचिव ने बताया कि अक्टूबर 2022 और सितंबर 2024 में दो बार जाहिद को अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया था और वक्फ बोर्ड को भेजा गया था। लेकिन आरोप है कि जाहिद ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इन प्रस्तावों को अमान्य करवा दिया।
पुलिस में शिकायत और जान को खतरा
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव आज़म खां ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी, जिसके बाद मंटोला थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सचिव ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कुछ भी होता है, तो इसके लिए मोहम्मद जाहिद और फैजल कुरैशी जिम्मेदार होंगे। इस घटना ने जामा मस्जिद कमेटी की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
