नकली दवा रैकेट: FSDA ने पूरे यूपी से मंगवाए संदिग्ध बैच
आगरा। आगरा में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद, अब फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) भी हरकत में आ गया है। FSDA ने पूरे उत्तर प्रदेश से उन सभी दवाओं के बैच वापस मँगवाए हैं, जिनके बैच नंबर आगरा में जब्त की गई नकली दवाओं पर मिले थे। इन सभी दवाओं को अब गहन जाँच के लिए भेजा जाएगा।
यह कार्रवाई ड्रग विभाग और एसटीएफ की आगरा में हुई छापेमारी के बाद की जा रही है, जहाँ एलर्जी और ब्लड प्रेशर की नकली दवाएं बरामद की गई थीं। जाँच में सामने आया कि नकली दवाओं पर मिले बैच नंबर और क्यूआर कोड पूरी तरह से असली दवाओं से मिलते-जुलते थे, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके तैयार किया गया था।
कैसे काम करता था नकली दवा का रैकेट?
इस रैकेट में शामिल दवा एजेंसियों ने पहले कंपनियों से असली दवाओं का एक बैच खरीदा। फिर, उसी बैच नंबर और क्यूआर कोड की नकल पुडुचेरी में तैयार करवाई गई, जिसे नकली दवाओं पर छाप दिया गया। इस तरह, असली और नकली दवाओं में फर्क करना लगभग नामुमकिन हो गया था।
FSDA के अधिकारी अब दवा कंपनी और एजेंसियों से जारी हुए इलेक्ट्रिक वे बिल, जीएसटी बिल और स्टॉक के रिकॉर्ड भी खंगाल रहे हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। आगरा से बरामद नकली दवाओं के 30 सैंपल पहले ही लखनऊ की लैब में भेजे जा चुके हैं, जिनकी रिपोर्ट एक हफ्ते में आने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई होगी।