AGRA के अकोला में वादे पूरे न होने पर भड़के किसान, तालाब में उतरकर जल समाधि का प्रयास
AGRA के अकोला क्षेत्र के करहरा में पशुपालन, यूपीसीएलडीएफ और स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही से आक्रोशित किसानों ने शुक्रवार को जल समाधि लेने का प्रयास किया। यह घटना किसानों के 25वें दिन के धरने के दौरान हुई, जब भारतीय किसान मजदूर यूनियन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पुष्पेंद्र सिंह सहित कई ग्रामीण तालाब में उतर गए।
क्या है पूरा मामला?
किसानों का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं किए गए हैं। इससे पहले, किसानों ने खून से पत्र लिखकर और भूख हड़ताल करके भी विरोध जताया था। तब अधिकारियों ने आठ दिन में कार्रवाई पूरी करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया था। हालांकि, विभागीय वादे पूरे न होने और स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी से किसान फिर से नाराज हो गए।
AGRA के प्रशासन ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
लगभग छह घंटे तक प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। बाद में नायब तहसीलदार चर्चित गौतम, थाना अध्यक्ष नीरज कुमार और स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सा अधीक्षक कृष्ण कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
चौधरी पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि पशुपालन विभाग और यूपीसीएलडीएफ के अधिकारी झूठे साबित हुए हैं, और स्वास्थ्य विभाग गहरी नींद में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर मौजूद प्रमुख किसानों में रामबहोरी सिकरवार, महीपाल चौधरी, प्रिंस जैसवाल, तहसील अध्यक्ष राकेश चौधरी, हरिशरण सिंह, दामोदर हवलदार, भोला चौधरी, केशव सिंह, दाऊजी, महेश और हरिओम शामिल थे।