
आगरा। आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के एक बाबू को करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। बाबू ने सातवें वेतन आयोग का बकाया बताकर लगभग दो करोड़ रुपये अपने और अपने दो अन्य साथियों के बैंक खातों में जमा करवा लिए थे। यह मामला विभाग के आंतरिक ऑडिट में सामने आया।
ऑडिट में हुआ खुलासा, तीन कर्मचारियों को मिला सामान्य से अधिक एरियर
पिछले कुछ दिनों से डीवीवीएनएल में आय-व्यय का ऑडिट चल रहा था। इसी दौरान एक लेखाकार ने अधिकारियों को बताया कि तीन कर्मचारियों के अकाउंट में सामान्य से कहीं ज्यादा एरियर की राशि भेजी गई है। इसके बाद अधिकारियों ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए।
जांच में पता चला कि कमला नगर स्थित टेस्ट डिवीजन में वेतन बनाने का काम करने वाले टीजी-2 पवन कुमार ने मार्च 2024 से मई 2025 के बीच सातवें वेतन आयोग के एरियर के बहाने अपने खाते में 1.18 करोड़ रुपये जमा करा लिए। इसके अलावा, उन्होंने एक अन्य कर्मचारी पिंकी देवी के खाते में 63 लाख रुपये और सफाई कर्मचारी चिंगी राम के खाते में 17 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी करवा दिया।
पिंकी और चिंगी ने पैसे लौटाने की कही बात, पवन कुमार ने नहीं मानी गलती
जांच के दौरान पिंकी और चिंगी ने अपने खातों में आए अतिरिक्त भुगतान को वापस करने की बात कही और पोस्ट डेटेड चेक भी दिए। लेकिन पवन कुमार ने अपनी गलती मानने से इनकार कर दिया। वह अधिकारियों के सवालों के जवाब देने की बजाय आनाकानी करते रहे और सवालों को घुमाते रहे।
इसके बाद, विभाग ने पवन कुमार को तत्काल निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, उनके खिलाफ स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। विभाग ने कहा है कि पवन कुमार के वेतन और फंड से इस राशि की वसूली की जाएगी। यह घटना सरकारी विभागों में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठाती है।