Agra News गृहकर बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। डिमांड नोटिस के बावजूद बकाया जमा न करने पर 48 नामी होटल व मैरिज होम को कुर्की वारंट जारी किया गया है। नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि 50 हजार से अधिक बकाया पर कुर्की होगी। होटल शाही कॉन्टिनेंटल पर ₹22 लाख बकाया है।
आगरा नगर निगम ने गृहकर (House Tax) बकायेदारों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। डिमांड नोटिस जारी किए जाने के बावजूद बकाया गृहकर जमा न करने पर नगर निगम ने शहर के 48 नामी होटल और मैरिज लॉन को कुर्की वारंट जारी कर दिया है। इन सभी प्रतिष्ठानों को निगम ने पाँच दिन के भीतर बकाया राशि जमा कराने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। राशि जमा न होने पर सभी संपत्तियों को कुर्क करने की चेतावनी दी गई है।
कुर्की वारंट जारी करने का आधार
नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि निगम बार-बार नोटिस भेजकर बकाया गृहकर जमा कराने का मौका दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई संपत्ति स्वामी भुगतान नहीं कर रहे हैं।
- सख्त कार्रवाई: उन्होंने कहा कि भुगतान न करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई अनिवार्य हो गई है।
- नियम: पचास हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले सभी संपत्ति स्वामियों पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
- पहला चरण: पहले चरण में होटल-मैरिज लॉन जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अन्य श्रेणी के भवनों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
इन होटलों और मैरिज लॉनों पर वारंट जारी
जोनल अधिकारी ताजगंज गजेन्द्र सिंह ने उन प्रतिष्ठानों की जानकारी दी जिन पर कुर्की वारंट जारी किए गए हैं। कुल 43 होटलों, 8 मैरिज लॉन और 28 अन्य भवनों को वारंट जारी किए गए हैं, जिन पर लाखों रुपये का गृहकर बकाया है।
| प्रतिष्ठान का नाम | बकाया राशि (लगभग) |
| होटल शाही कॉन्टिनेंटल | ₹22 लाख |
| पन्ना पैराडाइज | ₹9 लाख |
| होटल गॉडफादर | ₹7.38 लाख |
| होटल ताज प्रिंस | ₹6.21 लाख |
इसके अलावा, होटल ताज वेंचर, होटल आर एस ग्रैंड, होटल डीलक्स समेत कुल 43 होटलों पर भी कार्रवाई की गई है।
चिह्नित मैरिज लॉन और फार्म हाउस
कुर्की वारंट जारी किए गए मैरिज लॉन और फार्म हाउस में ये नाम शामिल हैं:
- ज़ोया पैलेस (कलाल खेरिया)
- उपाध्याय फार्म हाउस (चमरौली)
- एसबी फार्म हाउस (चमरौली)
- सैनिक गार्डन (चमरौली)
- बोहरे फार्म हाउस
- पीसी फार्म हाउस
- बृजधाम फार्म हाउस
नगर निगम के इस कदम से बकाया गृहकर जमा न करने वाले संपत्ति स्वामियों में हड़कंप मच गया है।
































































































