Agra News Today:Agra Mayor vs Commissioner Controversy
Agra News Today: महापौर-नगर आयुक्त विवाद गहराया, सफाई मित्रों की नियुक्ति पर संकट और गड्ढा मुक्त सड़कों के प्रस्ताव पर टकराव तेज।
महापौर और नगर आयुक्त में बढ़ती खींचतान
आगरा नगर निगम में इन दिनों महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा और नगर आयुक्त के बीच तनातनी का माहौल है। दोनों के बीच चल रहे शीत युद्ध का असर अब सीधे शहर की विकास योजनाओं और सफाई व्यवस्था पर पड़ता दिख रहा है। शुक्रवार को दो दिन बाद दफ्तर खुलने पर इस विवाद के और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
वायरल हुए पत्र से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, तीन दिन पहले महापौर का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पत्र में महापौर ने नगर आयुक्त से पूछा कि आखिर अग्रवाल एंड कंपनी को सेवा विस्तार क्यों दिया गया। यह वही कंपनी है जिसे संविदा कर्मचारियों की सेवाएं प्रदान करने का जिम्मा दिया गया था।
इस पत्र के सामने आने के बाद से ही कंपनी की भर्तियों और कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि हर वार्ड में होने वाले 1010 सफाई मित्रों की नियुक्ति का जिम्मा भी इसी कंपनी को दिया गया था। अब इस नियुक्ति पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
सफाई व्यवस्था पर मंडरा रहा संकट
आगरा शहर की सफाई व्यवस्था लंबे समय से सवालों के घेरे में है। महापौर और नगर आयुक्त के बीच जारी खींचतान ने इस संकट को और गहरा दिया है। महापौर ने आरोप लगाया है कि फर्म के जरिए हुई नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं है। वहीं नगर निगम प्रशासन का दावा है कि यह नियुक्तियां पूरी तरह नियमानुसार हुई हैं।
यदि कंपनी का सेवा विस्तार रोका जाता है, तो सीधे तौर पर शहर के हजारों सफाई कर्मियों पर असर पड़ सकता है। इससे न केवल सफाई व्यवस्था चरमराएगी बल्कि वार्ड स्तर पर काम प्रभावित होगा।
गड्ढा मुक्त सड़कों के प्रस्ताव पर भी टकराव
इतना ही नहीं, महापौर और नगर आयुक्त के बीच टकराव का एक और कारण है—शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने का प्रस्ताव। महापौर का कहना है कि इस प्रस्ताव को मंजूरी देने में अनावश्यक देरी की जा रही है। टेंडर प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं की गई, जबकि बारिश के बाद शहर की सड़कें गड्ढों से भरी पड़ी हैं।
महापौर ने नगर आयुक्त से सवाल किया कि आखिर जनता की सुविधा के लिए जरूरी कामों में यह देरी क्यों की जा रही है। वहीं नगर आयुक्त का पक्ष है कि टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी कारणों से समय लग रहा है।
शुक्रवार को हो सकता है बड़ा फैसला
अब नजरें शुक्रवार पर टिकी हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि शुक्रवार को सफाई मित्रों की नियुक्ति और गड्ढा मुक्त सड़कों के टेंडर पर बड़ा फैसला हो सकता है। यदि महापौर और नगर आयुक्त के बीच समझौता नहीं हुआ तो यह विवाद और गहराने की संभावना है।
शहर की जनता पर असर
यह पूरा विवाद सीधे-सीधे शहर की जनता पर असर डाल रहा है। एक तरफ सफाई व्यवस्था पर संकट है तो दूसरी ओर टूटी-फूटी सड़कों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो आगामी नगर निगम की योजनाएं ठप हो सकती हैं।
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