ग्रेटर नोएडा में हॉस्टल में हुई फायरिंग, आगरा के छात्र की मौत
आगरा। ग्रेटर नोएडा के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी कॉलेज के हॉस्टल में गोली लगने से दो छात्रों की मौत हो गई। मृतकों में एक छात्र देवांश चौहान आगरा का रहने वाला था। देवांश तीन दिन पहले ही अपने पिता की रिवॉल्वर चुपके से लेकर हॉस्टल गया था। मंगलवार देर शाम देवांश का शव आगरा स्थित उसके आवास पर पहुँचा, जहाँ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
आगरा के भगवान टॉकीज क्षेत्र में रहने वाले देवांश के पिता सुरेंद्र सिंह लखनऊ में डिप्टी एसपी के पद से हाल ही में रिटायर हुए थे। उनकी पत्नी का 2020 में निधन हो गया था। उनके तीन बच्चों में से देवांश सबसे छोटा था और आगरा में अकेला रहता था। उसने जीएलए से बीटेक की पढ़ाई की थी और एसएससी की तैयारी कर रहा था।

करियर में कुछ अच्छा करने का सपना था
देवांश के दोस्त मानवेंद्र ने बताया कि देवांश हमेशा कुछ बेहतर करना चाहता था। एसएससी की परीक्षा में वह सब-इंस्पेक्टर बनने से बहुत कम मार्जिन से रह गया था। हाल ही में बिरला इंस्टीट्यूट में एमबीए में एडमिशन होने के बाद वह बहुत खुश था। वह कहता था कि अब उसे अच्छी नौकरी मिल जाएगी।
मानवेंद्र ने बताया कि देवांश का एडमिशन 20 जुलाई को हुआ था। वह 5 सितंबर को आगरा आया था, लेकिन इस बार उसने किसी दोस्त को मिलने के लिए नहीं बुलाया। परिजन उसकी शादी की बात भी कर रहे थे, लेकिन वह करियर में सेट होने के बाद ही शादी करने की बात कहता था।

पिता की रिवॉल्वर लेकर गया था
देवांश के पिता सुरेंद्र सिंह 31 अगस्त को ही रिटायर हुए थे और 5 सितंबर को पहली बार आगरा आए थे। देवांश भी उसी दिन आया था। 8 सितंबर को जब वह ग्रेटर नोएडा के लिए निकला, तो चुपके से अपने पिता की रिवॉल्वर भी साथ ले गया। पिता को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
मंगलवार दोपहर को उनके पास कॉलेज से फोन आया कि देवांश को गोली लगी है। इसके बाद वे तुरंत ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दोस्त को गोली मारकर आत्महत्या की आशंका
ग्रेटर नोएडा पुलिस के अनुसार, आरसीआई विद्या विहार हॉस्टल में देवांश और आंध्र प्रदेश का छात्र दीपक एक ही फ्लोर पर रहते थे। मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे दीपक के कमरे से गोली चलने की आवाज आई। गार्ड ने जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर दोनों खून से लथपथ मिले। दीपक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि देवांश की साँसें चल रही थीं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
ग्रेटर नोएडा पुलिस को आशंका है कि देवांश ने पहले दीपक को गोली मारी और उसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। दोनों के कनपटी पर गोली लगी थी।