डीएम ने बुलाई बैठक, नगर आयुक्त के ना आने पर नाराज; बेनतीजा रही जनकपुरी के विकास कार्यों पर चर्चा
आगरा। आगरा में रामलीला महोत्सव और जनकपुरी के विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने नाराजगी जताई है। सोमवार को उन्होंने एक समीक्षा बैठक बुलाई थी, लेकिन इस बैठक में नगर आयुक्त के न पहुंचने से डीएम भड़क गए और बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। डीएम ने अब बुधवार शाम 5 बजे दोबारा बैठक बुलाई है।
रामलीला की तैयारियों की भी समीक्षा
जिलाधिकारी ने रामलीला महोत्सव की तैयारियों पर भी चर्चा की। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्राउंड में नाले की सफाई, रैंप और सीढ़ियों का निर्माण, दीवारों की मरम्मत, शोभायात्रा के रास्ते में पेड़ों की छंटाई और क्षतिग्रस्त दर्शकदीर्घा की मरम्मत जैसे कई जरूरी काम होने बाकी हैं।
डीएम ने सभी संबंधित विभागों को ये काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दमकल, सचल शौचालय, बिजली लाइन की मरम्मत और प्रतिदिन एंटी-लार्वा का छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए हैं।
विकास कार्यों पर पार्षद ने उठाए सवाल
बैठक में पार्षद पंकज और प्रदीप ने जनकपुरी के विकास कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 करोड़ रुपए के काम दिए गए हैं, लेकिन अभी तक उनके टेंडर नहीं उठे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जहां से राम बरात निकलेगी, उन सड़कों पर अभी भी गड्ढे हैं। पार्षदों का आरोप है कि टेंडर अपनी मर्जी से पास किए गए हैं और जहां काम की असली जरूरत है, वहां कोई काम नहीं हुआ है।
बैठक में विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष और महामंत्री सहित कई अधिकारी मौजूद थे।