आगरा पुलिस पर लगा दाग! गर्भवती महिला को छत से फेंका, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड!

आगरा। खाकी पर फिर लगा कलंक! आगरा के कालिंदी विहार में घर खाली कराने गई पुलिस की बेरहमी सामने आई है, जहां उनकी कथित खींचतान में एक गर्भवती महिला छत से गिरकर घायल हो गई। इस सनसनीखेज मामले ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। घटना के तीन दिन बाद, डीसीपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए, दो सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


क्या है पूरा मामला?

यह चौंकाने वाली घटना ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के कालिंदी विहार, आयुष विहार में रहने वाली प्रेमलता के घर पर हुई। प्रेमलता, जो एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करके अपने परिवार का खर्च चलाती हैं, और उनके पति शिशुपाल, जो मजदूरी करते हैं, का 50 वर्गगज का दो मंजिला मकान है।

प्रेमलता का आरोप है कि उन्होंने 29 जून 2024 को अपने मकान का बैनामा बबली देवी के नाम किया था। बैनामा से पहले बबली देवी ने उन्हें 1.11 लाख रुपये दिए थे। बैनामा में 7.70 लाख रुपये का चेक खोला गया था, जिसका भुगतान कराने के लिए बबली देवी उन्हें बैंक ले गईं और दोनों ओर हस्ताक्षर भी करा लिए। लेकिन इसके बाद, बबली देवी धोखे से चेक ले गईं। प्रेमलता का दावा है कि बाद में ट्रांसयमुना थाने के एक दारोगा से मिलकर बबली देवी ने उनके खिलाफ 24 जून 2025 को मारपीट, गाली गलौज, चोरी और अन्य धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।


पुलिस की ‘गुंडागर्दी’ और गर्भवती महिला का दर्द

शुक्रवार को जब प्रेमलता काम पर गई थीं, घर में उनके पति शिशुपाल और बेटे अंकुश की पत्नी नेहा (जो दो माह की गर्भवती थीं) मौजूद थीं। दोपहर दो बजे थाने से दारोगा राजकुमार गोस्वामी अपने साथ पुलिसकर्मियों को लेकर मकान खाली कराने पहुंचे। उनके साथ वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के अलावा दो सादा कपड़ों में भी पुलिसकर्मी थे, जिनके नाम शैलू और मनोज बताए गए हैं।

आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पहुंचते ही गाली-गलौज करते हुए गेट खुलवाने की कोशिश की। डर के कारण नेहा ने गेट खोलने से इनकार कर दिया। इस पर चार पुलिसकर्मी पड़ोसी के घर में घुसकर छत के रास्ते से उनके घर में घुस गए। कुछ पुलिसकर्मियों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, जिनमें रिकॉर्डिंग के लिए चिप लगी थी।

जब नेहा ने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया। पुलिसकर्मियों से बचने के लिए नेहा छत की ओर भागी। छत पर पुलिसकर्मियों ने उससे खींचतान की। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे छत से नीचे फेंक दिया! वहीं, शिशुपाल को पकड़कर गाड़ी में डाल लिया गया और थाने ले जाते समय रास्ते में पीटा भी गया। महिला के गंभीर रूप से चोटिल होने से पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। उसे तत्काल कालिंदी विहार स्थित चौहान हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।


डीसीपी ने की कार्रवाई: चार पुलिसकर्मी निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने जांच के आदेश दिए। जांच के बाद, डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि इस मामले में दोषी पाए गए एसआई राजकुमार गोस्वामी, एसआई निखिल चौधरी, मुख्य आरक्षी मनोज कुमार और आरक्षी शैलेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस की छवि पर लगे धब्बे को साफ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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