
आगरा। शास्त्रीपुरम स्थित गायत्री पब्लिक स्कूल में 5 अगस्त, 2025 को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्र परिषद शपथ समारोह (Investiture Ceremony) का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस खास अवसर पर कुल 44 छात्रों को स्टूडेंट काउंसिल में चुना गया और उन्हें स्कूल के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह समारोह छात्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दीप प्रज्ज्वलन और गायत्री मंत्र से हुई समारोह की शुरुआत
शपथ समारोह की शुरुआत स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रद्युम्न चतुर्वेदी, प्रिंसिपल मोनिका सिंह, वाइस प्रिंसिपल रिकूं जैन, मनीषा श्रीवास्तव और गुंजन शर्मा द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और पवित्र गायत्री मंत्र के साथ हुई। वाइस प्रिंसिपल ने सभी उपस्थित अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और छात्र परिषद के लिए अपनाई गई निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सक्षम राणा और यश्वी उपाध्याय बने हेड बॉय-हेड गर्ल, अन्य पदों पर भी नियुक्तियां
समारोह में नेतृत्व की बागडोर सक्षम हाथों में सौंपते हुए सक्षम राणा को हेड बॉय और यश्वी उपाध्याय को हेड गर्ल चुना गया। वहीं, यश गौतम और इशिका गर्ग ने क्रमशः वाइस हेड बॉय और वाइस हेड गर्ल की जिम्मेदारी संभाली। सभी नव-नियुक्त छात्रों को बैज और सैश पहनाकर पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने की शपथ दिलाई गई।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की गईं:
- डिसिप्लिन कैप्टन: उज्ज्वल जैन और महक भोजवानी
- स्पोर्ट्स कैप्टन: सचिन चाहर और नम्रता सिंह
- कल्चरल कैप्टन: सक्षम द्विवेदी और जानवी गोलानी
इनके अलावा, इको क्लब, साइबर क्लब, हेल्थ एंड वेलनेस क्लब और म्यूजिक क्लब के पदाधिकारी भी चुने गए। स्कूल के चारों हाउसेज (वॉटर, फायर, अर्थ, एयर) के कैप्टन और वाइस कैप्टन की भी नियुक्ति की गई।
कार्यक्रम का संचालन शमा वर्मा, दिव्या आर्या, अक्षत कुमार और शुभम सिंह ने मिलकर किया। स्कूल क्वायर द्वारा “एक जिंदगी, ठान लिया” गीत की प्रेरणादायक प्रस्तुति दी गई, जिसने सभी में जोश भर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भी भाग लिया और अपने बच्चों को नई जिम्मेदारी मिलते देख खुशी और गर्व महसूस किया। यह आयोजन छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने और उनमें सहयोग व नेतृत्व की भावना विकसित करने की दिशा में स्कूल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।