आगरा। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश की राजनीति में अपनी पकड़ खो चुकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक बार फिर से अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है। पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि (9 अक्टूबर) पर लखनऊ में एक विशाल महारैली का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें आगरा से 90 हजार से अधिक समर्थकों को ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
बसपा ने आगरा की 9 विधानसभा सीटों में से प्रत्येक से 10-10 हजार समर्थकों को लखनऊ ले जाने की योजना बनाई है। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बसपा जिलाध्यक्ष विमल वर्मा ने बताया कि यह अब तक की सबसे बड़ी रैली होगी, जिसमें आगरा का पूरा दमखम दिखाई देगा।
बसपा की सक्रियता का संकेत
2017 के विधानसभा चुनावों के बाद से आगरा में बसपा हाशिए पर है और पिछले दो विधानसभा चुनावों में पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाई। जबकि इससे पहले, बसपा का वोट बैंक जिले की लगभग हर सीट पर चुनाव का रुख बदलने की ताकत रखता था। पार्टी अब इसी वोट बैंक को फिर से मजबूत करने में जुट गई है।
माना जा रहा है कि 9 अक्टूबर को बसपा सुप्रीमो मायावती इस सार्वजनिक मंच से अपनी सक्रिय वापसी का संदेश देंगी। इसके साथ ही, युवा चेहरे आकाश आनंद की री-लॉन्चिंग और प्रदेश भर से समर्थकों की बड़ी भीड़ जुटाकर मिशन-2027 का बिगुल बजाने की तैयारी है।
रैली के लिए ऐसी है तैयारी:
- आगरा से 90 हजार समर्थक ले जाने का लक्ष्य है।
- प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 10-10 हजार समर्थक जाएंगे।
- प्रत्येक सेक्टर पर एक बस और 10 छोटे वाहनों की व्यवस्था रहेगी।
- ट्रेन की बोगी भी बुक करने की तैयारी है।

बसपा जिलाध्यक्ष विमल वर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ले जाने के लिए बस-कार के साथ-साथ ट्रेन की भी व्यवस्था की जा रही है।

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