स्वच्छ आगरा की नई पहल: बल्क में कचरा फैलाने वाले होटल, अस्पताल और उद्योग अब नगर निगम के निशाने पर! जल्द जारी होंगे नोटिस, नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी

आगरा। आगरा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में आगरा नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब बल्क वेस्ट (अधिक मात्रा में कचरा) उत्पन्न करने वाले होटल, उद्योग, अस्पताल और मैरिज होम नगर निगम की सीधी निगरानी में होंगे। इन सभी प्रतिष्ठानों को अब कचरे का पृथक्करण (गीला-सूखा अलग करना) करके ही देना होगा, और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जल्द ही नोटिस भी जारी किए जाएंगे। जो भी नियम तोड़ेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


NWMS कंपनी से अनुबंध: आधुनिक प्लांट से होगा कचरे का निस्तारण

इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए आगरा नगर निगम ने NWMS नामक एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध किया है। यह कंपनी कचरा निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को संचालित कर रही है। शहर में कचरे के आधुनिक निस्तारण के लिए दो प्रमुख प्लांट स्थापित किए गए हैं:

  • टेढ़ी बगिया में 210 टन क्षमता का MRF (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) प्लांट: यहां कचरे को अलग-अलग करके उपयोगी सामग्री को रिकवर किया जाता है।
  • धांधूपुरा में 4 टन क्षमता का वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट: यहां जैविक कचरे से खाद बनाई जाती है।

सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में नगर निगम द्वारा कंपनी को कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। कंपनी इन प्लांट्स का संचालन थोक कचरा उत्पादकों से लिए जाने वाले शुल्क से ही कर रही है।


75 ने किया अनुबंध, 100 को अभी करना है पालन

अशोक प्रिय गौतम ने जानकारी दी कि अब तक 75 थोक कचरा उत्पादकों ने NWMS कंपनी के साथ अनुबंध कर लिया है, जो नियमों का पालन कर रहे हैं। हालांकि, लगभग 100 अन्य संस्थाएं अभी भी शेष हैं, जिन्हें जल्द से जल्द नगर निगम द्वारा अधिकृत कंपनी के साथ अनुबंध सुनिश्चित करना होगा।


उल्लंघन पर होगी सख्त दंडात्मक कार्रवाई: ट्रेड लाइसेंस निरस्त और FIR तक का प्रावधान

नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।

  • जुर्माना: खुले में या सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने वालों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 और उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एवं सत्ता) नियमावली 2021 के तहत 1000 रुपए प्रति सप्ताह का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • ट्रेड लाइसेंस रद्द: नियमों का पालन न करने वाले होटल्स और रेस्टोरेंट्स की ट्रेड लाइसेंस और स्टार रेटिंग निरस्त कराने के लिए भी कार्रवाई की जाएगी।
  • FIR दर्ज: जुर्माना न देने या नियमों का लगातार उल्लंघन करने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
  • निजी वेंडर पर प्रतिबंध: सहायक नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि थोक कचरा उत्पादक केवल नगर निगम या उसके द्वारा अधिकृत कंपनी के प्रतिनिधियों को ही कचरा निस्तारण के लिए देंगे। यदि कोई भी निजी वेंडर को कचरा निस्तारण के लिए देता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ये हैं ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ की श्रेणी में शामिल

नियमावली के अनुसार, निम्नलिखित प्रतिष्ठानों को ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ की श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  • प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले 3 और उससे उच्च स्टार श्रेणी वाले होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय।
  • समारोह के दौरान प्रतिदिन 100 किलो तक कचरा उत्पन्न करने वाले मैरिज होम, व्यापार मेले, प्रीति भोज स्थल, सामुदायिक हॉल और क्लब।
  • प्रतिदिन 50 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाली वध शालाएं (कसाईखाने), चिकन, मछली और मटन की दुकानें।
  • 20 बेड से अधिक वाले चिकित्सालय और प्रतिदिन 100 किलो तक कचरा उत्सर्जन करने वाली स्वास्थ्य देखभाल संस्थाएं।
  • प्रतिदिन 50 किलोग्राम तक कचरा उत्सर्जन करने वाले औद्योगिक क्षेत्र, निजी उद्यान, सार्वजनिक पार्क।
  • 5000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के समस्त बंद समूह संस्थाएं (गेटेड कम्युनिटी), दुग्ध शालाएं और पशुशालाएं।
admin

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