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Agra News: कुत्ते ने 8 साल के बच्चे को काटा, मालिक पर मुकदमा दर्ज

Agra News छत्ता क्षेत्र अंतर्गत जीवनी मंडी इलाके में पालतू जानवरों को लेकर बरती जा रही लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक पड़ोसी के पालतू कुत्ते ने ट्यूशन से लौट रहे 8 वर्षीय बालक पर हमला कर उसे काट लिया। इस घटना के बाद बालक के नाना की शिकायत पर पुलिस ने कुत्ते के मालिक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह मामला एक बार फिर पालतू पशुओं के मालिकों के लिए सुरक्षा नियमों और जिम्मेदारी के पालन की आवश्यकता को उजागर करता है। पीड़ित बालक की पहचान यश सोनी के रूप में हुई है, जो जीवनी मंडी की झुलेलाल कॉलोनी का निवासी है। इस संबंध में मुकदमा बालक के नाना, भगवान दास सोनी, ने दर्ज कराया है। लापरवाही और पंजीकरण न कराने के गंभीर आरोप शिकायतकर्ता भगवान दास सोनी ने पुलिस को दिए शिकायत पत्र में अपने पड़ोसी विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, विजय सिंह ने अपने घर में तीन पालतू कुत्ते पाल रखे हैं। आरोप है कि विजय सिंह इन कुत्तों को बांधकर नहीं रखते हैं, जिससे वे खुले में घूमते हैं और लोगों के लिए खतरा पैदा करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण आरोप यह है कि आरोपी ने इन कुत्तों का नगर निगम में पंजीकरण (Registration) नहीं कराया है। इसके अलावा, कुत्तों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने जैसे अनिवार्य स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं किया गया है। नगर निगम के नियमों के अनुसार, हर पालतू कुत्ते का पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है, ताकि उनकी पहचान और स्वास्थ्य रिकॉर्ड रखा जा सके और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में मालिक की जवाबदेही तय हो सके। घटना का विवरण: 18 अक्तूबर की रात 8 बजे भगवान दास सोनी ने अपनी शिकायत में बताया कि यह घटना 18 अक्तूबर की रात लगभग 8:00 बजे हुई। उनका नाती यश सोनी ट्यूशन पढ़कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान, विजय सिंह के खुले घूम रहे कुत्तों में से एक ने यश सोनी पर हमला कर दिया और उसे काट लिया। कुत्ते के हमले से बच्चा बुरी तरह डर गया और घायल हो गया। जब यश सोनी के नाना, भगवान दास सोनी, ने इस घटना की शिकायत कुत्ते के मालिक विजय सिंह से की, तो आरोपी उलझने लगा और झगड़ा करने लगा। मामला बढ़ता देख, भगवान दास सोनी ने तत्काल पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही मामला शांत हो सका और औपचारिक शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई। पुलिस कार्रवाई: लापरवाही की धाराओं में केस दर्ज इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, एत्माद्दौला थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिंह ने इस संबंध में बयान जारी किया है। उन्होंने बताया, “शिकायत के आधार पर कुत्ते के मालिक विजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई पालतू पशु की लापरवाही कर संभाल पाने (negligent handling of a pet animal) और उपद्रव फैलाने (mischief) की धाराओं में की गई है।” इंस्पेक्टर सिंह ने यह भी पुष्टि की कि मामले की विधिक कार्रवाई (legal proceedings) की जा रही है और आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। यह घटना शहर के उन सभी पालतू पशु मालिकों के लिए एक चेतावनी है, जो अपने कुत्तों को बिना वैक्सीनेशन और नगर निगम पंजीकरण के खुला छोड़ देते हैं। कुत्ते के काटने पर मालिक न केवल दीवानी (civil) बल्कि आपराधिक (criminal) जवाबदेही के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है। नगर निगम को भी ऐसे मामलों में अपने पंजीकरण नियमों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है ताकि जीवनी मंडी जैसी घटनाओं को रोका जा सके और 8 वर्षीय बालक यश सोनी को न्याय मिल सके। पुलिस की विधिक कार्रवाई अब यह सुनिश्चित करेगी कि आरोपी को अपने कृत्य की जिम्मेदारी लेनी पड़े। Agra News: ग्रेटर आगरा में गंगा, यमुना समेत 10 नदियों के नाम पर बसेगी नई टाउनशिप

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आगरा की खराब सड़क ने ली एक और जान: गड्ढे में स्कूटर गिरने से युवक कैंटर की चपेट में आया, हुई मौत

आगरा में मंगलवार रात हुए सड़क हादसे में 19 वर्षीय नैतिक की मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जहां पुलिस और प्रत्यक्षदर्शी मौत की वजह सड़क पर हुए गड्ढे को बता रहे हैं, वहीं परिवार का दर्द जुदा है। टीम जब नैतिक के घर बलकेश्वर पहुंची, तो वहां का मंजर दिल दहला देने वाला था। नैतिक की मां बेसुध थीं, बहन के आंसू रुक नहीं रहे थे, और पास में बैठे लकवाग्रस्त पिता बेटे का नाम लेकर विलाप कर रहे थे। “मौत की वजह गड्ढा नहीं, कैंटर था” मृतक के मामा रोहित ने कहा कि नैतिक की मौत गड्ढे की वजह से नहीं, बल्कि तेज रफ्तार कैंटर की टक्कर से हुई है। उन्होंने बताया, “जब हम घटनास्थल पर पहुंचे, तो जहां दुर्घटना हुई थी, वहां से गड्ढा करीब 100 से 200 मीटर दूर था।” उन्होंने आरोप लगाया कि नैतिक की मौत सिर्फ और सिर्फ कैंटर की लापरवाही के कारण हुई है। रोहित ने बताया कि गणेश उत्सव के बाद रात 11 बजे नैतिक घर से निकला था। उसकी मां ने उसे रोकने की कोशिश भी की थी, लेकिन वह रुका नहीं। कुछ देर बाद पुलिस ने हादसे की जानकारी दी। पिता लकवाग्रस्त, नैतिक ही था घर का सहारा स्थानीय लोगों ने बताया कि नैतिक का परिवार 15 दिन पहले ही बलकेश्वर में किराए पर रहने आया था। वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। नैतिक एक ज्वैलर्स की दुकान पर ₹10,000 की मासिक तनख्वाह पर काम करता था। उसके पिता दीपक बंसल लकवाग्रस्त होने के कारण बिस्तर पर हैं। उसकी मां मीनू गृहिणी हैं और बहन अर्पिता 8वीं कक्षा में पढ़ रही है। परिवार का सारा खर्च और छोटी बहन के भविष्य की चिंता नैतिक ही करता था। प्रशासन से मुआवजे की मांग नैतिक की मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। परिवार ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, ताकि बहन अर्पिता की पढ़ाई और शादी का खर्च उठाया जा सके। उनका कहना है कि नैतिक ही घर का एकमात्र सहारा था, और उसके जाने के बाद उनका भविष्य अंधकार में है। इस बीच, स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस वाटर वर्क्स से बेलनगंज के बीच के गड्ढे को हादसे का कारण बताया जा रहा था, उसे सुबह 10 बजे के करीब भर दिया गया। यह कार्रवाई घटना के बाद प्रशासन की तत्परता पर भी सवाल उठाती है।

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