आगरा में जमीन से सोना निकालने के नाम पर 16 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

आगरा। आगरा में पुलिस ने जमीन से सोना निकालने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। यह ठग काले जादू का दावा करता था और लोगों को नकली सोने की माला देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेता था। आरोपी ने एक युवती से इसी तरह 16 लाख रुपये की ठगी की थी। ऐसे करता था ठगी पूर्वी क्षेत्र के डीसीपी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस को डौकी क्षेत्र से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एक व्यक्ति खुद को जमीन से सोना निकालने वाला बताता था और लोगों को नकली सोने की माला देता था। जब लोग सुनार के पास जांच कराने जाते, तो पता चलता था कि माला नकली है। इसी तरह एक युवती ने पुलिस को शिकायत दी कि वह दो साल पहले इस ठग से मिली थी। ठग ने खुद को तांत्रिक बताते हुए दावा किया था कि वह काले जादू से जमीन से सोना निकाल सकता है। युवती ने उसे 16 लाख रुपये दिए थे। ठग ने युवती के घर पर एक पूजा रखवाई और जमीन से पीले रंग की धातु का एक कलश निकाला, जिसमें मोतियों की माला थी। जब युवती ने इन मोतियों की जांच कराई तो वे नकली निकले। युवती ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो ठग ने 8 लाख रुपये तो लौटा दिए, लेकिन बाकी के 8 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। उड़ीसा का रहने वाला है आरोपी गिरफ्तार किए गए ठग की पहचान उड़ीसा के रहने वाले रितेश के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से ₹2.90 लाख नकद, 5 मोबाइल फोन, नकली सोने की लड़ियां और काले जादू की एक किताब बरामद की है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह उन लोगों को अपना शिकार बनाता था जो अंधविश्वासी होते थे और जो जल्द से जल्द अपना पैसा दोगुना करना चाहते थे। पुलिस उड़ीसा से भी उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जैसे-जैसे अन्य शिकायतें मिलेंगी, उसी के अनुसार मामले में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।

आगरा: 510 करोड़ दान का वादा करने वाला ‘करोड़पति’ कारोबारी प्रखर गर्ग धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार, 22 से अधिक मुकदमे दर्ज

आगरा। बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ रुपये दान देने का प्रस्ताव देकर पूरे देश में चर्चा में आए आगरा के चर्चित बिल्डर और कारोबारी प्रखर गर्ग को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे उसकी पत्नी राखी गर्ग के साथ राजस्थान के जयपुर से पकड़ा है। प्रखर गर्ग पर धोखाधड़ी और जालसाजी के 22 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था। ₹2 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला, NBW हुआ था जारी प्रखर गर्ग की गिरफ्तारी मुख्य रूप से ट्रांसपोर्ट नगर निवासी बैटरी व्यापारी अरुण सोंधी द्वारा दर्ज कराए गए ₹2 करोड़ की धोखाधड़ी के मुकदमे में हुई है। अरुण सोंधी को भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गए थे। इस मामले में कई बार तारीखों पर हाजिर न होने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया था। पुलिस की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जयपुर में दबिश दी और प्रखर को उसकी पत्नी राखी के साथ हिरासत में ले लिया। दोनों को पूछताछ के लिए आगरा लाया गया है, जहां हरीपर्वत थाने में आगे की कार्रवाई की जा रही है। धोखाधड़ी का लंबा इतिहास और ईडी का छापा प्रखर गर्ग का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और लंबा है। पिछले साल नवंबर में भी उसे अधिवक्ता दम्पति अनुराग गुप्ता से ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अनुराग गुप्ता ने आरोप लगाया था कि व्यापार के लिए दी गई रकम को प्रखर ने मुनाफे सहित वापस नहीं किया और जो चेक दिए, वे बाउंस हो गए। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने भी प्रखर गर्ग के ठिकानों पर छापा मारा था। वह एक होटल व्यवसायी सुभाष शर्मा से ₹80 लाख की धोखाधड़ी के मामले में भी आरोपी है, जहां उसने मैरिज होम बेचने का सौदा करने के बाद उस पर शोरूम बना दिया था। प्रखर के खिलाफ चेक बाउंस (एनआई एक्ट) के भी कई मामले दर्ज हैं, जो उसके वित्तीय लेनदेन की अनियमितताओं को दर्शाते हैं। बांके बिहारी कॉरिडोर का वादा बना था सुर्खियों की वजह प्रखर गर्ग उस समय सुर्खियों में आया था जब उसने इलाहाबाद हाई कोर्ट में वृंदावन के बांके बिहारी कॉरिडोर को बनाने के लिए 510 करोड़ रुपये दान करने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव ने उसे एक बड़े दानदाता के रूप में पहचान दिलाई थी, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ 22 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जो उसकी सार्वजनिक छवि और आपराधिक इतिहास के बीच के विरोधाभास को उजागर करते हैं। पुलिस की कार्रवाई: ढोल बजाकर किया था मुनादी इससे पहले, पुलिस ने जनवरी 2025 में कोर्ट के आदेश पर प्रखर गर्ग के लंगड़े की चौकी, द्वारिकापुरम स्थित घर पर कुर्की पूर्व कार्रवाई का नोटिस चस्पा किया था। पुलिस ने ढोल बजाकर मुनादी भी कराई थी, जिसमें कहा गया था कि अभियुक्त कोर्ट की कार्यवाही को जानबूझकर लंबित रखने के उद्देश्य से उपस्थित नहीं हो रहा है।

आगरा में वैश्य समाज एकजुट: बबली गर्ग को न्याय दिलाने के लिए लामबंद, पुलिस कमिश्नर से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

आगरा। आगरा में वैश्य समाज ने कालिंदी विहार निवासी बबली गर्ग को न्याय दिलाने के लिए कमर कस ली है। सोमवार, 11 अगस्त 2025 को लोहा मंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में अग्रवाल युवा संगठन रजि. आगरा के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल के नेतृत्व में सर्व वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बबली गर्ग को यह आश्वासन देना था कि समाज तन, मन, धन से उनके साथ खड़ा है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वैश्य समाज चुप नहीं बैठेगा। क्या है बबली गर्ग का मामला? बबली गर्ग पत्नी देवीचरण, कालिंदी विहार में मकान नंबर 41, कान्हा कृष्ण रेजिडेंसी, आर बी डिग्री कॉलेज के पीछे किराए पर रहती हैं। वह पहले चौका-बर्तन का काम करती थीं और अब खाने के टिफिन बनाकर सप्लाई करती हैं। उनके पति ड्राइवर हैं, जिन्हें दो बार हार्ट अटैक आ चुका है। उनके चार बच्चे भी हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति नाजुक है। बबली गर्ग ने कालिंदी विहार में 50 गज का एक मकान विक्रेता प्रेमलता पत्नी शिशुपाल सिंह से खरीदा था। रजिस्ट्री के समय ₹7,70,000 का चेक बबली गर्ग ने प्रेमलता को दिया था। रजिस्ट्री होने के बाद, प्रेमलता ने कहा कि पैसे तुरंत बैंक में जमा करने होंगे, नहीं तो बैंक मकान को नीलाम कर देगा। उसने बबली गर्ग से ₹7,70,000 नकद देने और चेक वापस लेने को कहा। बबली गर्ग ने चेक वापस ले लिया और ₹7,70,000 नकद प्रेमलता को दे दिए, जो बैंक में जमा भी हो गए। इसकी लिखा-पढ़ी ₹10 के नोटरी के स्टांप पर की गई थी। अब बबली गर्ग के पास सभी ओरिजिनल रजिस्ट्री की कॉपियां और ₹7,70,000 का वापसी का चेक भी है। बबली गर्ग के पास मकान का कब्जा भी था, जिसमें उन्होंने अपना सामान रखा हुआ था। लेकिन, 16 मार्च 2025 को जब बबली गर्ग अपनी रिश्तेदारी से लौटीं, तो देखा कि प्रेमलता और उसके कुछ लोगों ने ताला तोड़कर मकान पर कब्जा कर लिया है और उनके सारे सामान की चोरी भी कर ली है। बबली गर्ग का कहना है कि यह सीधा-सीधा कब्जा और डकैती का मामला है। पुलिस और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप बबली गर्ग ने बताया कि महीनों चक्कर लगाने के बाद पुलिस ने दो महीने की जांच के बाद कहीं जाकर एफआईआर दर्ज की। जब पुलिस मकान पर पहुंची, तो प्रेमलता के परिवार के लोगों ने जमकर नौटंकी की और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक को बीच में लाकर थाने पर भारी लाव-लश्कर के साथ हंगामा किया, जिसके परिणामस्वरूप चार-पांच पुलिस वालों को निलंबित करवा दिया गया। बबली गर्ग विधायक के घर भी गईं, लेकिन विधायक ने उनकी बात नहीं सुनी, बल्कि उन्हें “फ्रॉड” तक कह दिया। आरोप है कि विधायक की शह पर प्रेमलता ने पुलिस और बबली गर्ग के खिलाफ मुकदमा दायर करने के लिए एक आवेदन भी दिया हुआ है। वैश्य समाज की चेतावनी: उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो चुनाव में दिखेगी ताकत अग्रवाल युवा संगठन के संस्थापक विनोद अग्रवाल ने कहा कि लगातार हो रहे उत्पीड़न से वैश्य समाज बहुत दुखी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाज पर उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो आने वाले चुनाव में समाज अपनी ताकत दिखाएगा। उन्होंने विशेष रूप से एत्मादपुर विधानसभा का जिक्र किया, जहाँ वैश्य समाज के 50,000 वोट हैं। विनोद अग्रवाल ने कहा कि अब यह वोट ‘फ्लोटिंग’ बनेगा और विधायक को हरवाएगा। मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज का उत्पीड़न और शोषण लगातार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया अग्रवाल वैश्य समाज की जमीनों पर कब्जा करने में लगे हैं। उन्होंने सेवला, सैंया रोड, सेव का बाजार, बोदला, फतेहपुर सिकरी और अब कालिंदी विहार के मामलों का उल्लेख किया। विनय अग्रवाल ने कहा कि जब तक समाज सड़कों पर उतरकर इनका विरोध नहीं करेगा, तब तक जमीनों पर कब्जे होते रहेंगे। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है। समाज को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी और अपने ऊपर उत्पीड़न के खिलाफ समाज सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा। आंदोलन हिंसात्मक होगा, क्योंकि हम गांधी के वंशज हैं जिन्होंने देश को आजाद कराया था।” अग्रवाल युवा संगठन के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने दृढ़ता से कहा कि जब तक बबली गर्ग को न्याय नहीं मिल जाता, वह इस न्याय की लड़ाई में तन, मन, धन से उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ बबली गर्ग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की हो गई है, और समाज तब तक चैन की नींद नहीं सोएगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता। पुलिस कमिश्नर से मुलाकात और आगे की रणनीति समस्त वैश्य समाज 13 अगस्त 2025, दिन बुधवार को सुबह 10:30 बजे अग्रसेन भवन लोहा मंडी, कोठी मीना बाजार के सामने आगरा पर एकत्रित होकर पुलिस कमिश्नर से मिलने जाएगा। इस दौरान वे बबली गर्ग को न्याय दिलाने, उनके मकान को कब्जा मुक्त कराने, निलंबित निर्दोष पुलिसकर्मियों का निलंबन वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। मीडिया प्रभारी सोनू अग्रवाल ने जोर दिया कि मकान पर कब्जा करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह नैतिक रूप से भी गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती है, और “यदि आज हम चुप बैठे तो कल किसी और के साथ भी यह हो सकता है।” बैठक में पीड़ित बबली गर्ग, संस्थापक विनोद अग्रवाल, मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल, अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, विकास मोहन बंसल, गणेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, निशा अग्रवाल, छावनी संगठन महामंत्री रुपेश अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, हिमांशु अग्रवाल, सुखिल अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, अमन अग्रवाल, अरुप गोयल, आशीष अग्रवाल, प्रकाश गोयल, नितिन गर्ग, प्रवीण अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, भारत मित्तल, रजत अग्रवाल, सौरभ गर्ग, रामअवतार अग्रवाल, नितिन गर्ग, जितेंद्र अग्रवाल, रवि गोयल, मुदित अग्रवाल, शिवम गर्ग, मयंक गर्ग, राजीव कैमरा, रवी गोयल, रामकुमार अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, भारत मित्तल, जितेंद्र अग्रवाल, सौरभ गर्ग, शरद अग्रवाल, अनुज गोयल, सौरभ जैन सहित बड़ी संख्या में वैश्य समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

अंजान की बिरयानी पड़ी भारी! आगरा में ट्रेन यात्री को खिलाया नशा, ₹3 लाख की लूट, सबक लें!

आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के साथ धोखाधड़ी और लूट का एक बड़ा सबक देने वाला मामला सामने आया है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ निवासी सूरज कोहली ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि मुंबई से नई दिल्ली जाते समय ट्रेन में दो अनजान व्यक्तियों ने उन्हें बिरयानी खिलाई, जिसमें नशीला पदार्थ मिला हुआ था। बिरयानी खाते ही सूरज बेहोश हो गए और बदमाश उनका कीमती सामान लेकर चंपत हो गए। यह घटना हमें फिर याद दिलाती है कि अंजान लोगों पर भरोसा करना कितना भारी पड़ सकता है और ऐसी गलतियों से बचना कितना ज़रूरी है। मुंबई से चला था, आगरा में जाकर टूटा सपना सूरज कोहली ने अपनी शिकायत में बताया कि वह 5 अगस्त को मुंबई के सीएसएमटी से पंजाब मेल में बैठकर नई दिल्ली जा रहे थे। ट्रेन में दो अनजान लोग – एक महिला और एक पुरुष – उनकी सीट के सामने बैठ गए। ये दोनों नासिक से थे और उनके पास रिजर्वेशन नहीं था, लेकिन उन्होंने टीटी से पेनल्टी देकर टिकट बनवाई थी। जब ट्रेन ग्वालियर पहुंची, तो उन दोनों ने सूरज को बिरयानी खाने के लिए दी। सूरज शाकाहारी थे, लेकिन उन्होंने यह कहकर बिरयानी दी कि यह वेज बिरयानी है। बिरयानी खाने के कुछ ही देर बाद सूरज को सर भारी लगने लगा और वह सो गए। होश आया तो सब गायब, खुद को प्लेटफॉर्म पर पाया जब सूरज को होश आया, तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। वे आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर थे और उनका सारा कीमती सामान गायब हो चुका था। चोरों ने उनका नया-नया आईफोन 16 प्रो मैक्स, 35 हजार रुपए नकद, और एक सोने की चेन (लगभग 3 लाख रुपए मूल्य की 3 ग्राम), साथ ही कपड़ों का बैग भी उड़ा लिया था। सूरज ने आरोप लगाया है कि ट्रेन में मौजूद उन दोनों अनजान व्यक्तियों ने ही उन्हें बिरयानी में नशीला पदार्थ मिलाकर यह वारदात की है। जीआरपी थाना आगरा कैंट ने सूरज कोहली की शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है, लेकिन यह घटना हमें एक बार फिर याद दिलाती है कि ट्रेन में अंजान लोगों से किसी भी तरह का खाने-पीने का सामान लेना कितना खतरनाक हो सकता है। अपनी सुरक्षा अपने हाथ में होती है।

आगरा में ‘पेंशन’ का इंतज़ार: विधवा महिलाओं ने 10,000 दिए दलालों को, सालों से नहीं मिली पेंशन; CDO ऑफिस से बस एक जवाब – “आ जाएगी!”

आगरा। सरकार भले ही हर जरूरतमंद तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दावा करती हो, लेकिन आगरा में जमीन पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। संजय प्लेस स्थित CDO (मुख्य विकास अधिकारी) कार्यालय पर पिछले कई महीनों से विधवा, वृद्धा और दिव्यांग महिलाएं अपनी पेंशन न मिलने की शिकायतें लेकर चक्कर काट रही हैं। उनकी आपबीती सुनकर सरकारी दावों की पोल खुलती नजर आती है, क्योंकि हर बार उन्हें सिर्फ एक ही जवाब मिलता है – “पेंशन आ जाएगी।” दो साल में सिर्फ एक बार मिली पेंशन, 10,000 रुपये भी डूबे बोदला निवासी सुमन देवी की कहानी तो और भी दर्दनाक है। वह विधवा हैं और बताती हैं कि पिछले दो साल में उन्हें सिर्फ एक बार ही पेंशन मिली है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में दो बार पेंशन भेजी जा चुकी है। सुमन पिछले 5 महीने से CDO कार्यालय के चक्कर काट रही हैं, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया जाता है। सुमन ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि जानकारी की कमी के चलते उन्होंने मोहल्ले के एक व्यक्ति को पेंशन बनवाने के लिए 10,000 रुपये दिए थे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में किसी और को 300 रुपये दिए, फिर भी कोई हल नहीं निकला। दलाल पैसे लेकर गायब हो जाते हैं और जरूरतमंद महिलाएं ठगी का शिकार होती हैं। एक साल से वृद्धा पेंशन का इंतजार, भटक रही हैं बुजुर्ग महिलाएं एक और वृद्धा, जयप्यारी देवी, ने बताया कि उन्हें पिछले एक साल से विधवा पेंशन नहीं मिली है। वह अकेले ही कई बार CDO कार्यालय के चक्कर लगा चुकी हैं, कई बार तो रास्ता भी भूल जाती हैं, लेकिन पेंशन की आस में उन्हें मजबूरी में आना पड़ता है। उन्हें भी हर बार यही कहकर भेज दिया जाता है कि “आ जाएगी आप जाओ।” एक महिला ने तो यहां तक बताया कि कार्यालय कर्मचारियों के अनुसार, उनकी पिछले 3 सालों से पेंशन किसी और बैंक खाते में ट्रांसफर हो रही है, जिसका उन्हें कोई अता-पता नहीं। यह स्थिति दिखाती है कि कैसे पात्र लाभार्थियों को भी उनके हक का पैसा नहीं मिल रहा है, और अधिकारी टाल-मटोल कर रहे हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी बोले: “आधार लिंक न होना और जानकारी का अभाव कारण” इस मामले पर आगरा के जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल कुमार सोनी का कहना है कि विधवा पेंशन का लाभ अब तक 70,000 महिलाएं ले चुकी हैं। महिलाओं की शिकायतों पर उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं का अकाउंट आधार से लिंक नहीं है या KYC जैसी औपचारिकताएं पूरी नहीं हुई हैं, उन्हीं के खाते में पेंशन नहीं गई है। उन्होंने महिलाओं में जानकारी के अभाव को भी इसका एक कारण बताया। पेंशन योजना के नियम: सरकार की विधवा पेंशन योजना के तहत 18 वर्ष से ऊपर की विधवाओं को ₹900 से ₹1,800 प्रति माह तक की राशि मिलती है। इसके लिए आधार से जुड़ा बैंक खाता, मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। यूपी सरकार केंद्र की योजना के साथ मिलकर ₹1,000 मासिक तक की पेंशन देती है। हालांकि, जमीन पर हकीकत यह है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव और बिचौलियों के जाल में फंसकर जरूरतमंद महिलाएं अपने हक से वंचित हो रही हैं, और उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

आगरा में ‘होटल किरन विलास’ मालिक के बेटे पर रेप का आरोप: इंस्टाग्राम से दोस्ती कर 2 महीने होटल में रखा युवती को!

आगरा। आगरा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ थाना ताजगंज पुलिस ने होटल किरन विलास के मालिक के बेटे को युवती से रेप करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि युवक ने उसे दो महीने तक अपने होटल में रखा, शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया, और बाद में शादी से मुकर गया। इंस्टाग्राम से दोस्ती, होटल में रखकर किया दुष्कर्म इटावा की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि एक साल पहले उसकी दोस्ती इंस्टाग्राम के माध्यम से ताजनगरी निवासी विभोर राजपूत से हुई थी। विभोर ने उससे शादी करने का वादा किया था, जिसके बाद दोनों का मिलना-जुलना शुरू हो गया। युवती के अनुसार, विभोर राजपूत ने उसे अपने होटल किरन विलास में दो महीने तक रखा और इस दौरान कई बार उसके साथ रेप किया। शादी से इनकार और जान से मारने की धमकी जब पीड़िता ने आरोपी विभोर से शादी के बारे में बात की, तो उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि विभोर ने युवती को ‘चालाक और चरित्रहीन’ बताकर शादी से मना कर दिया। इतना ही नहीं, उसने पीड़िता को धमकी भी दी कि यदि उसने किसी को इस बारे में बताया तो वह उसे जान से मार देगा। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। एसीपी का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना ऑनलाइन दोस्ती और उसके बाद होने वाली धोखाधड़ी के खतरों को एक बार फिर उजागर करती है।

आगरा में असलहा बाबू ‘निलंबित’: UIN में की ‘अजीब हेराफेरी’, पंजाब के शख्स के नाम पर चढ़ा दिया आगरा का लाइसेंस!

आगरा। आगरा में शस्त्र लाइसेंस के यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) में एक बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहां के असलहा बाबू ने पंजाब के गुरुदासपुर में रहने वाले एक व्यक्ति के नाम पर गलत UIN दर्ज कर दिया। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। छुट्टी के दिन कैसे इस्तेमाल हुई आईडी? दरअसल, यह गड़बड़ी तब सामने आई जब गुरुदासपुर निवासी अर्जन सिंह के नाम पर UIN 295200034518182018 को अप्रैल 2025 में आगरा के आयुध कार्यालय से बदल दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि अर्जन सिंह का आगरा से कोई संबंध नहीं है। मामला संज्ञान में आने के बाद ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी को इसकी जांच सौंपी गई। उन्होंने असलहा बाबू प्रशांत कुमार से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि जिस दिन ये UIN दर्ज की गई, उस दिन वह छुट्टी पर थे। ऐसे में सवाल उठ खड़ा हुआ कि जब असलहा बाबू छुट्टी पर थे, तो पोर्टल की लॉगिन आईडी का पासवर्ड किसी दूसरे के पास कैसे पहुँचा, क्योंकि बिना पासवर्ड के पोर्टल की लॉगिन आईडी खुल ही नहीं सकती थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए DM ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को शुरुआती चरण में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच ADM न्यायिक धीरेंद्र सिंह को सौंप दी गई है। ओम प्रकाश सिंह की UIN से जुड़ा था मामला, एक और गड़बड़ी भी मिली यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में तैनात रहे ओम प्रकाश सिंह से जुड़ा है। उन्होंने 2010 में शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। सेवानिवृत्त होने के बाद वे झुंझुनू स्थित अपने पैतृक निवास आ गए। मई 2025 में जब वे अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने झुंझुनू के आयुध विभाग के कार्यालय पहुँचे, तो उन्हें पता चला कि उनके UIN पर गुरुदासपुर के अर्जन सिंह का नाम आगरा से चढ़ा दिया गया था। ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी ने बताया कि ओम प्रकाश सिंह ने लाइसेंस तो बनवा लिया था, लेकिन शस्त्र नहीं खरीदा था। जांच में एक नाम रेशम सिंह का भी सामने आया है, जिनकी UIN में भी इसी तरह की गड़बड़ी होने की जानकारी मिली है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा, “असलहा बाबू को निलंबित कर दिया गया है। जांच चल रही है। गुरुदासपुर, ऊधमपुर और झुंझुनू के जिलाधिकारी से जवाब मांगा है जो कि अब तक नहीं मिला है।” यह मामला शस्त्र लाइसेंस प्रणाली में बड़े पैमाने पर धांधली की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है।

आगरा स्टेशन पर भीख मांग रही युवती की ‘रुला देने वाली’ कहानी: प्यार में मिला ‘धोखा’, प्रेमी ने साथी संग स्टेशन पर छोड़ा!

आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर भीख मांगकर गुजारा कर रहीं दो युवतियों की दर्दनाक कहानी सामने आई है। शादी के सपने संजोकर अपने प्रेमियों के लिए घर छोड़ने वाली इन युवतियों को इतना बड़ा धोखा मिला कि अब वे पिछले 18 दिनों से रेलवे स्टेशन पर भीख मांगने को मजबूर हैं। बुधवार को दोनों ने डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र दिया है। एक कॉल ने बदली जिंदगी, प्यार में मिला ‘गहरा घाव’ महोबा निवासी पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि एक साल पहले उसके मोबाइल पर शमसाबाद, आगरा निवासी एक युवक की अनजान कॉल आई थी। शुरुआत में गलत नंबर बताकर कॉल काटने के बाद, युवक बार-बार कॉल करने लगा और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। आरोपी युवक ने पीड़िता से शादी का वादा किया और उसे 28 फरवरी को महोबा से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले आया। वे गुजरात में किराए पर कमरा लेकर रहने लगे, जहां तीन महीने तक युवक ने पीड़िता का शारीरिक शोषण किया। जब पीड़िता गर्भवती हो गई, तो आरोपी ने उसे दर्द की दवा बताकर गर्भपात की दवा खिला दी। इसके बाद वह उसे राजस्थान के मेहंदीपुर लेकर आ गया। स्टेशन पर छोड़कर ‘फुर्र’ हुए प्रेमी, घर वालों ने भी भगाया मेहंदीपुर से फिर से डेढ़ महीने की गर्भवती होने पर आरोपी युवक उसे आगरा लेकर आ गया। यहां उसका चचेरा भाई भी कानपुर की एक महिला के साथ मिला। दोनों भाइयों ने युवतियों को होटल में कमरा बुक करने की बात कहकर आगरा कैंट स्टेशन पर बैठाया और फिर लौटकर वापस नहीं आए। उन्होंने अपने फोन भी बंद कर लिए। पीड़िता ने हिम्मत कर आरोपियों के बताए पते पर शमशाबाद स्थित उनके गांव पहुंची, तो वहां परिजनों ने उनके साथ मारपीट कर भगा दिया। इसके बाद उन्होंने शमशाबाद पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। अब दोनों युवतियां पिछले 18 दिनों से आगरा कैंट स्टेशन पर भीख मांगकर अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।

आगरा में फिल्मी ‘फरार’ दुल्हन: शादी के 15 दिन बाद प्रेमी संग जेवरात-नकदी लेकर भागी, पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा!

आगरा। आगरा के शमशाबाद थाना क्षेत्र के चितौरा गांव में एक नवविवाहिता ने अपनी शादी के महज 15 दिन बाद ही फिल्मी अंदाज में घर से जेवरात और नकदी लेकर प्रेमी संग फरार होने की वारदात को अंजाम दे दिया। लेकिन, आगरा पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर ही फरार दुल्हन को उसके प्रेमी और दो अन्य साथियों के साथ दबोच लिया। व्हाट्सएप चैट और वायरल फोटो से खुला राज़ यह घटना 4 जुलाई को हुई शादी के सिर्फ 15 दिन बाद रविवार-सोमवार की दरमियानी रात की है। जब परिवार को दुल्हन के घर में न होने का पता चला तो उन्होंने तलाश शुरू की। जल्द ही, मामले में सामने आए वायरल फोटो और व्हाट्सएप चैट से खुलासा हुआ कि दुल्हन पहले से ही किसी अन्य युवक के संपर्क में थी। वायरल चैट में दुल्हन ने रात में घर से निकलने की पूरी योजना बनाई थी। एक चौंकाने वाली फोटो में वह युवक दुल्हन की मांग में सिंदूर भरता भी दिखाई दे रहा है, जिससे उसके पहले से प्रेम-संबंधों में होने की पुष्टि होती है। पति ने दर्ज कराई शिकायत, चार आरोपी गिरफ्तार पीड़ित पति सचिन ने थाना शमशाबाद में शिकायत दर्ज कराई। सचिन ने अपने ही एक रिश्तेदार (जिसने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी) सहित चार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। सचिन ने बताया कि बिहार की रहने वाली कविता से उसकी शादी 15 दिन पहले ही हुई थी और सब कुछ ठीक-ठाक संपन्न हुआ था, लेकिन अचानक 15 दिन बाद उसकी पत्नी गायब हो गई। इंस्पेक्टर शमशाबाद देवी प्रसाद तिवारी ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दुल्हन, उसके प्रेमी और एक बिचौलिए की पत्नी समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने चोरी की गई नकदी और जेवरात भी बरामद कर लिए हैं। हालांकि, इस मामले में अभी भी दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

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