Agra News: IGRS शिकायत पर निगम की कार्रवाई, 8 साल पुराना सड़क कब्जा मुक्त

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Agra News IGRS शिकायत पर नगर निगम ने विकास कॉलोनी सेक्टर डी में 8 साल से सार्वजनिक सड़क पर किए गए अवैध कब्जे को मुक्त कराया। साथ ही, भोगीपुरा से राम नगर पुलिया तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर निर्माण ध्वस्त किए। आगरा में सार्वजनिक मार्गों पर किए गए अवैध कब्जों पर नगर निगम ने आखिरकार कड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई तब संभव हुई जब क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम की लंबे समय से चली आ रही निष्क्रियता के बाद सीधे शासन के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का माध्यम था IGRS (Integrated Grievance Redressal System), जिसकी जवाबदेही ने विभाग को हरकत में आने पर मजबूर कर दिया। यह मामला विकास कॉलोनी सेक्टर डी का है, जहाँ एक सार्वजनिक सड़क पर पिछले आठ वर्षों से अवैध रूप से कब्जा किया गया था। वेस्टइंडीज देवी मंदिर के पास स्थित इस महत्वपूर्ण सड़क पर स्थानीय निवासी हरिओम ने अनाधिकृत निर्माण कर रखा था, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को आवागमन में लंबे समय से भीषण परेशानी हो रही थी। ऑनलाइन शिकायत पर त्वरित एक्शन स्थानीय नागरिक लंबे समय से नगर निगम से शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। आखिरकार, क्षेत्रीय नागरिक रूपेश पाराशर ने इस मामले में IGRS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद विभाग पर जवाबदेही तय हो जाती है और अधिकारी कार्रवाई के लिए बाध्य होते हैं। शिकायत का संज्ञान लेते हुए लोहामंडी ज़ोन के ज़ोनल अधिकारी सीपी सिंह तुरंत हरकत में आए। ज़ोनल अधिकारी आनंद-फानन में टीम को लेकर मौके पर पहुँचे और त्वरित कार्रवाई शुरू की गई। नगर निगम के अधिकारियों ने इस दौरान सख्त चेतावनी दी कि सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी सड़क, पार्क या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा दिखाई दे, तो वे तुरंत उसकी सूचना निगम को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। भोगीपुरा से राम नगर पुलिया तक चला विशेष अभियान अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही। नगर निगम प्रवर्तन दल ने उसी दिन एक और बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। यह अभियान भोगीपुरा चौराहे से लेकर राम नगर पुलिया तक चलाया गया। इस मार्ग पर अतिक्रमण की समस्या इतनी गंभीर हो गई थी कि पूरे दिन यातायात जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतें होती थीं। राम नगर पुलिया और आस-पास के क्षेत्र के लोगों ने लगातार इसकी शिकायत नगर निगम से की थी। बुधवार को नगर निगम प्रवर्तन दल भारी बल के साथ मौके पर पहुँचा और स्थाई तथा अस्थाई अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। इस दौरान: अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ स्थानों पर टीम का विरोध भी हुआ, खासकर काउंटर और टीन शेड हटाने के समय, लेकिन नगर निगम की टीम ने अपनी कार्रवाई को नहीं रोका और अभियान पूरी सख्ती से चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नियमित रूप से यह अभियान चलाया जा रहा है। अतिक्रमण करने वाले लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि उन्होंने दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास किया, तो उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की IGRS शिकायत पर त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि ऑनलाइन शिकायत मंच अब जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक मजबूत हथियार बन चुका है। Agra News: आगरा कैंट पर गूंजी ‘नन्ही परी’ की किलकारी, महिला पुलिसकर्मी बनीं फ़रिश्ता

Agra News: स्मार्ट सिटी की पोल खुली, फतेहाबाद रोड फिर धँसी

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Agra News आगरा स्मार्ट सिटी द्वारा बनाई गई फतेहाबाद रोड फिर धँसी। पाइपलाइन लीकेज के कारण ताजमहल मार्ग पर जाम। निगम ने मरम्मत कार्य शुरू किया। Agra News आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। एरिया बेस्ड डेवलपमेंट (एबीडी) एरिया की मुख्य फतेहाबाद रोड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा फिर से धंस गया है, जिससे इस प्रमुख मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है। यह सड़क, जो ताजमहल जाने वाले हजारों पर्यटकों का मुख्य मार्ग है, का बार-बार धंसना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्मार्ट सिटी का निर्माण, निगम की जिम्मेदारी फतेहाबाद रोड शहर की सबसे प्रमुख सड़कों में से एक है। नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि भूमिगत सीवर या पानी की पाइपलाइन लीक होने की वजह से सड़क बैठी है। इस सड़क का निर्माण कार्य आगरा स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने वर्ष 2021 में कराया था। अधिशासी अभियंता दीपांकर सिंह ने बताया कि निर्माण के बाद सड़क को हाल ही में नगर निगम को हैंडओवर किया गया। अधिशासी अभियंता दीपांकर सिंह ने पुष्टि की कि पूर्व में भी यह सड़क कई बार धंस चुकी है, और हर बार इसकी वजह भूमिगत पाइपलाइन से हुई लीकेज को ही माना गया है। पर्यटन नगरी की मुख्य सड़क का बार-बार धंसना स्थानीय प्रशासन और स्मार्ट सिटी परियोजना की कार्यप्रणाली पर बड़ा धब्बा है। ताजमहल के पर्यटकों और यातायात पर असर फतेहाबाद रोड ताजमहल जाने वाले पर्यटकों के लिए लाइफलाइन है। शहर में पर्यटकों का आवक अधिक होने के कारण इस मार्ग का निर्बाध चलना अत्यंत आवश्यक है। सड़क के धंसने और मरम्मत के कारण बैरिकेडिंग लगाए जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बैरिकेडिंग के बाद बची जगह से छोटे वाहन तो किसी तरह निकल रहे हैं, लेकिन बड़े वाहनों (जैसे बसें, ट्रक और बड़े टूरिस्ट वाहन) का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। उन्हें दूसरी सड़कों से निकलना पड़ रहा है। इसकी सीधी वजह से फतेहाबाद रोड पर जाम के हालात बन रहे हैं और लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरे लेन से वाहनों को निकाला जा रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर ट्रैफिक स्लो हो गया है। स्थायी समाधान की तलाश और दो दिन की डेडलाइन नगर निगम के अधिकारी इस पुनरावृत्ति वाली समस्या को स्थायी रूप से हल करने का दावा कर रहे हैं। सड़क की खोदाई कर मरम्मत कार्य तेजी से कराया जा रहा है। अधिशासी अभियंता दीपांकर सिंह ने आश्वासन दिया है कि दो दिन में सड़क की मरम्मत पूरी कर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अब मरम्मत इस तरह की जाएगी कि सड़क को स्थायी रूप से मजबूत बनाया जा सके, जिससे भविष्य में फिर से धंसने की कोई स्थिति न हो। स्मार्ट सिटी द्वारा किए गए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए निगम अब भूमिगत पाइपलाइन के लीकेज को स्थायी तौर पर ठीक करने और सड़क को अधिक टिकाऊ बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। पर्यटन नगरी की छवि बनाए रखने के लिए इस प्रमुख मार्ग का जल्द ठीक होना बेहद जरूरी है। Agra News: शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता के नाम मेट्रो स्टेशन पर जयंती!

Agra News: दिवाली पर बिना अनुमति प्रचार महंगा, निगम की कड़ी चेतावनी!

Agra News आगरा नगर निगम ने दिवाली पर बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाने वाले कारोबारियों को चेतावनी दी है। अवैध गेट/होर्डिंग लगाने पर कार्रवाई होगी, शुल्क जमा करना अनिवार्य है। Agra News आगरा नगर निगम ने त्योहारों के सीजन में अवैध रूप से लगाए जा रहे विज्ञापनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। दिवाली के अवसर पर ग्राहकों को आकर्षित करने की होड़ में कारोबारियों ने अपनी दुकानों और शोरूम के सामने बड़े-बड़े बोर्ड, होर्डिंग और स्वागत द्वार (गेट) लगाकर प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। मगर, नगर निगम की अनुमति लिए बिना लगाए गए ऐसे विज्ञापन अब व्यापारियों पर भारी पड़ने लगे हैं। निगम ने चेतावनी जारी की है कि यदि बिना अनुमति अपने शोरूम या प्रोडक्ट का प्रचार किया गया, तो यह महंगा पड़ सकता है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहायक नगर आयुक्त की दो टूक चेतावनी सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने इस संबंध में दो टूक चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यापारी यदि त्योहारों के दौरान विज्ञापन के लिए गेट या बोर्ड लगाना चाहता है, तो उसे पहले नगर निगम से विधिवत अनुमति लेनी होगी। अशोक प्रिय गौतम ने बताया, “विज्ञापन के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य है। बिना अनुमति लगाए गए सभी विज्ञापन पटों और गेटों को जब्त कर लिया जाएगा और संबंधित व्यापारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।” यह कार्रवाई न केवल सरकारी राजस्व को सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि सड़कों पर अतिक्रमण और यातायात अवरोध को रोकने के लिए भी आवश्यक है। विज्ञापन के लिए निर्धारित शुल्क दरें नगर निगम ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विज्ञापन शुल्क की दरें भी स्पष्ट कर दी हैं, ताकि किसी भी व्यापारी को भ्रम न हो। सहायक नगर आयुक्त ने दरों की जानकारी देते हुए कारोबारियों से सहयोग की अपील की है: नगर निगम ने कारोबारियों से अपील की है कि वे निर्धारित शुल्क जमा कर ही विज्ञापन करें, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उनका प्रचार अभियान वैध तरीके से जारी रह सके। अवैध विज्ञापन पर हो चुकी है कड़ी कार्रवाई नगर निगम की यह चेतावनी हवा-हवाई नहीं है, बल्कि पिछले दिनों अवैध विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई भी की जा चुकी है। राजस्व निरीक्षक (आरआई) शिप्रा गुप्ता के नेतृत्व में नगर निगम की एक टीम ने नेहरू नगर पुलिस चौकी के पास छापेमार कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान पाया गया कि कुछ प्रमुख कारोबारियों ने नगर निगम की बिना अनुमति के विज्ञापन गेट खड़े कर दिए थे, जिससे यातायात में भी अवरोध उत्पन्न हो रहा था। जिन कारोबारियों पर कार्रवाई हुई, उनमें तपन घी के संचालक, सुरेश चंद और दिनेश चंद साड़ी वाले शामिल थे। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी अवैध गेटों और बोर्डों को तुरंत हटवा दिया और उन्हें जब्त कर लिया। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर किया गया अतिक्रमण और अवैध प्रचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान दीपावली तक निरंतर जारी रहेगा। Agra News Today: अवैध विज्ञापनों पर निगम सख्त, गेट उखाड़े!

Agra News: सड़क जाम से आज़ाद, अवैध निर्माण पर चला बुलडोज़र!

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Agra News आगरा नगर निगम ने विकास नगर की सड़क से अवैध सब्जी मंडी हटाई, जिससे जाम खत्म हुआ। बाबरपुर में सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को भी ध्वस्त किया। Agra News नगर निगम ने सोमवार को एक साथ दो महत्वपूर्ण अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर शहर को जाम और अवैध कब्ज़े से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक सख्त संदेश दिया है। हाथरस रोड स्थित विकास नगर की 40 फुट चौड़ी सड़क को अवैध सब्जी मंडी से मुक्त कराया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों को घंटों जाम की समस्या से बड़ी राहत मिली है। वहीं, बाबरपुर में सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को रोककर कब्ज़े की कोशिश को भी नाकाम कर दिया गया। नगर निगम की इस सक्रियता से स्थानीय लोगों में राहत और विश्वास का माहौल बना है। विकास नगर में सड़क जाम से मुक्ति हाथरस रोड स्थित विकास नगर की मुख्य 40 फुट चौड़ी सड़क पर लंबे समय से अवैध रूप से सब्जी मंडी संचालित हो रही थी। ठेल-ढकेल और अस्थायी दुकानों के कारण यह सड़क संकरी हो गई थी, जिसके चलते स्थानीय निवासियों और यातायात को रोजाना घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ता था। स्थानीय नागरिकों ने इस समस्या को लेकर कई बार आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल के माध्यम से नगर निगम के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम की टीम सोमवार को भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुँची और सड़क को पूरी तरह खाली कराने का निर्णय लिया। ठेल-ढकेल और फड़ लगाने वाले दुकानदारों ने अभियान का विरोध करते हुए हंगामे की स्थिति पैदा कर दी। नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की गई और कुछ लोगों ने कार्रवाई को रोकने का भी प्रयास किया। इस दौरान सड़क पर आढ़त, फड़, तख्त और अस्थायी दुकानों के सहारे सब्जी बेचने वाले दुकानदारों ने खासा विरोध जताया। लेकिन नगर निगम की सख्ती के आगे उनकी एक न चली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम की सख्ती के चलते सभी ठेल-ढकेल वालों को अपना सामान हटाना पड़ा और पूरी सड़क को साफ करा दिया गया। अतिक्रमण हटने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। बाबरपुर में अवैध कब्ज़ा नाकाम, दीवार ध्वस्त एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई में आगरा नगर निगम ने मौजा बाबरपुर स्थित गाटा संख्या 1 पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकते हुए सरकारी भूमि पर कब्ज़े की कोशिश को नाकाम कर दिया। इस भूमि को लेकर सुनील पुत्र लाखन सिंह बनाम नगर निगम के बीच न्यायालय में वाद अभी भी विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षियों द्वारा यहाँ दीवार खड़ी कर कब्ज़ा करने का प्रयास किया जा रहा था। इस अवैध गतिविधि की जानकारी मिलते ही सहायक नगर आयुक्त श्रद्धा पांडेय ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल राजस्व निरीक्षक शिप्रा गुप्ता को कार्रवाई के लिए मौके पर भेजा। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विवादित सरकारी भूमि पर अवैध रूप से तेज़ी से दीवार खड़ी की जा रही थी। राजस्व निरीक्षक शिप्रा गुप्ता ने तुरंत काम रुकवा कर जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया। साथ ही, मौके पर मौजूद निर्माण सामग्री को भी जब्त कर लिया गया। संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि जब तक न्यायालय में वाद निस्तारित नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना कानूनन अपराध है और ऐसा करने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में सरकारी जमीन या सार्वजनिक मार्गों पर अवैध कब्ज़ा या अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा। सड़क से अतिक्रमण हटने और सरकारी जमीन सुरक्षित होने से लोगों ने निगम के प्रयास की सराहना की है। आगरा: नगर निगम की कार्रवाई, केके नगर में अवैध निर्माण पर लगे लाल निशान

Agra News: कचरा कलेक्शन में खेल! निगम ने कंपनी का भुगतान रोका!

Agra News आगरा नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में लापरवाही पर स्वच्छता कॉर्पोरेशन कंपनी का दो महीने का भुगतान रोका। टेंडर निरस्त करने का नोटिस दिया। Agra News आगरा नगर निगम ने घर-घर कचरा उठाने के महत्वपूर्ण कार्य में घोर लापरवाही और अनियमितता बरतने के आरोप में स्वच्छता कॉर्पोरेशन कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने कूड़ा कलेक्शन का काम संभाल रही कंपनी का दो महीने का भुगतान तुरंत प्रभाव से रोक दिया है और साथ ही टेंडर निरस्त करने की कड़ी चेतावनी दी है। इस संबंध में कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। निगम ने कंपनी से अभी तक हर वार्ड में लगाए गए कर्मचारियों और वाहनों का पूरा ब्यौरा तत्काल तलब किया है। पार्षदों की शिकायत और लापरवाही का खुलासा यह कार्रवाई पिछले महीने सदन में हुई बैठक में कई पार्षदों द्वारा की गई गंभीर शिकायतों के आधार पर की गई है। पार्षदों ने लोगों से मिली शिकायतों का हवाला देते हुए दावा किया था कि कई क्षेत्रों में कूड़ा उठाया ही नहीं जा रहा है। कंपनी के कर्मचारी आते भी हैं तो वे घरों से कूड़ा नहीं ले रहे हैं, बल्कि मोहल्लों के प्रमुख चौराहों से होते हुए निकल जाते हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और शहर में गंदगी फैल रही है। सदन में जिन पार्षदों ने कंपनी के काम की पोल खोली थी, उनमें प्रमुख रूप से अमित दिवाकर, भरत शर्मा, हेमंत प्रजापति, सुनील शर्मा, यशपाल सिंह, प्रवीण राजावत और हेमलता चौहान शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटर और नए क्षेत्रों में कूड़ा कलेक्शन की गाड़ी और कर्मचारी कभी गए ही नहीं हैं। डोर-टू-डोर दस्तक की शर्त का उल्लंघन टेंडर की शर्तों के अनुसार, कंपनी के कर्मचारियों को हर घर पर दस्तक देकर कचरा उठाना था। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि कर्मचारी सड़क पर धीरे-धीरे आगे बढ़ते जाते हैं, और जो लोग भागकर उन्हें कूड़ा दे पाते हैं, उनका कूड़ा लेकर आगे बढ़ जाते हैं। लोग गाड़ियों के पीछे भागते हुए कूड़ा डालने को मजबूर हैं। जो लोग ऐसा नहीं कर पाते, वे अंततः नाले के किनारे या सड़कों पर कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे शहर की स्वच्छता और सुंदरता पर गंभीर असर पड़ रहा है। कॉलोनियों में हो रही लापरवाही से लोग खासे नाराज हैं। खासकर अपार्टमेंट और निजी कॉलोनियों में कर्मचारी नियमित रूप से नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में लोगों को अपनी मजबूरी के चलते निजी सफाई कर्मचारियों को ज्यादा पैसे देकर कचरा उठवाना पड़ रहा है, जबकि इस सेवा के लिए वे निगम को टैक्स देते हैं। निगम की सख्ती और अंतिम चेतावनी सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने इस संबंध में पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कंपनी से सभी आवश्यक जानकारियां मांगी गई हैं और उन्हें टेंडर की शर्तों के अनुरूप तत्काल काम करने को कहा गया है। निगम इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। आगरा नगर निगम के 100 वार्डों से हर दिन करीब 1300 टन कूड़ा निकलता है। निगम इस कूड़े को कुबेरपुर में छलेसर स्थित खत्ताघर पर बेचता है, जहाँ गीला और सूखा कूड़ा अलग करने के बाद उसका निस्तारण किया जाता है। कंपनी के अनुसार, वे करीब 3000 कर्मचारी और 277 गाड़ियों से कूड़ा कलेक्शन कर रहे हैं, लेकिन यह संख्या भी जमीन पर दिखाई नहीं देती है। अशोक प्रिय गौतम ने स्पष्ट किया है कि अगर कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ और कंपनी ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, तो उसका टेंडर निरस्त करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। निगम का उद्देश्य आगरा को स्वच्छ और सुंदर बनाना है, और इसमें कोई भी खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Agra News Today: नाला निर्माण में लापरवाही पर Nagar Nigam का सख्त कदम, ठेकेदार को नोटिस जारी

Agra News Today: अवैध विज्ञापनों पर निगम सख्त, गेट उखाड़े!

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AGRA NEWS TODAY आगरा नगर निगम ने बिना अनुमति लगे तपन घी और सुरेश चंद-दिनेश चंद सहित कई शोरूम के त्योहारी विज्ञापन गेट जब्त किए। ₹55.74 प्रति वर्ग फुट है शुल्क। Agra News Today त्योहारों के मौके पर ग्राहकों को आकर्षित करने की होड़ में बिना अनुमति के विज्ञापन करना कारोबारियों को भारी पड़ गया है। आगरा नगर निगम प्रशासन ने शहर में अवैध रूप से लगाए गए विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग और स्वागत गेटों के खिलाफ शनिवार को सघन अभियान चलाया। यह अभियान विशेष रूप से उन बड़े शोरूम और ब्रांड्स पर केंद्रित था, जिन्होंने निगम से अनुमति लिए बिना ही प्रचार सामग्री सड़कों पर या अपनी दुकानों के बाहर लगा दी थी, जिससे शहर की सुंदरता और यातायात प्रभावित हो रहा था। नगर निगम की आरआई (राजस्व निरीक्षक) शिप्रा गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने नेहरू नगर पुलिस चौकी के पास छापा मारकर यह कार्रवाई शुरू की। इस दौरान टीम ने तपन घी, सुरेश चंद-दिनेश चंद साड़ी वाले जैसे प्रमुख ब्रांड्स के अवैध विज्ञापन गेट और बोर्ड को हटा दिया और उन्हें तत्काल जब्त कर लिया। ये कारोबारी त्योहारों का लाभ उठाने के लिए बड़े-बड़े प्रचार गेट खड़े कर चुके थे, जो नियमों का उल्लंघन थे। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहारी सीजन में यह अभियान लगातार जारी रहेगा और शहर के किसी भी हिस्से में अवैध विज्ञापन बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अवैध विज्ञापन पर कार्रवाई और चेतावनी त्योहारों के मौके पर बिना अनुमति लगाए गए ये विज्ञापन पट और गेट न सिर्फ नगर निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि ये अक्सर फुटपाथों पर अतिक्रमण करते हुए पैदल चलने वालों और वाहन चालकों के लिए भी असुविधा पैदा करते हैं। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने इस कार्रवाई पर विस्तार से जानकारी दी और व्यापारियों को सख्त चेतावनी भी दी। उन्होंने स्पष्ट किया: “कोई भी व्यापारी यदि त्योहारों के दौरान विज्ञापन के लिए गेट या बोर्ड लगाना चाहता है, तो उसे पहले नगर निगम से विधिवत अनुमति लेनी होगी। इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य है। यदि कोई भी व्यापारी बिना अनुमति के विज्ञापन पट या गेट लगाता हुआ पाया जाता है, तो न सिर्फ उन विज्ञापनों को जब्त कर लिया जाएगा, बल्कि संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।” यह स्पष्टीकरण उन सभी छोटे और बड़े कारोबारियों के लिए एक चेतावनी है जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। निगम का लक्ष्य साफ है: शहर सुंदर दिखे और निगम का राजस्व नुकसान न हो। विज्ञापन शुल्क की निर्धारित दरें नगर निगम ने विज्ञापन शुल्क की दरें भी सार्वजनिक की हैं ताकि व्यापारी वैध तरीके से विज्ञापन कर सकें और किसी भी असुविधा से बच सकें। यह शुल्क विज्ञापन सामग्री के प्रकार और उसके आकार के आधार पर निर्धारित किया गया है: सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने सभी कारोबारियों से अपील की है कि वे इन निर्धारित शुल्क को जमा कर ही विज्ञापन करें, जिससे वे अवैध कार्रवाई और जुर्माने से बच सकें। निगम प्रशासन का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर में विज्ञापन व्यवस्था को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाना है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यवसाय अपनी प्रचार सामग्री से सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण न करे। निगम प्रशासन स्पष्ट रूप से जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। अभियान की निरंतरता और व्यापारियों से अपील निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई किसी एक दिन की नहीं, बल्कि एक निरंतर अभियान का हिस्सा है जो पूरे त्योहारी सीजन में जारी रहेगा। शहरभर में निगम की टीमें लगातार सघन जांच करेंगी और बिना अनुमति लगे अवैध विज्ञापनों को हटवाती रहेंगी। इस अभियान का दायरा सिर्फ नेहरू नगर तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह संजय प्लेस, कमला नगर, फतेहाबाद रोड और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों तक फैलाया जाएगा। निगम अधिकारियों ने व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील की है कि वे अपने सदस्यों को निगम के नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करें। नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी व्यवसायों को समान अवसर मिले और शहर की सौंदर्य व्यवस्था बनी रहे। अवैध विज्ञापन से होने वाली राजस्व क्षति को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है। यह कदम आगरा नगर निगम की राजस्व वृद्धि और स्वच्छ, सुंदर आगरा बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे शहर के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। आगरा:नगर निगम ने शीतला गली में सड़क पर बने अवैध किचन-बाथरूम तोड़े

आगरा में नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान, बोदला चौराहे से बिचपुरी रोड तक की सड़क खाली कराई

आगरा नगर निगम ने गुरुवार को बोदला चौराहे से बिचपुरी रोड तक सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। ज़ोनल अधिकारी चंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन दल ने दर्जनों दुकानों के आगे बढ़ाए गए टिन शेड, अवैध होर्डिंग, बैनर और बोर्ड हटाए। शिकायतों के बाद लिया गया एक्शन निगम अधिकारियों ने बताया कि इस मार्ग पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा था और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही थी। इन्हीं शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कई दुकानदारों ने विरोध करने की कोशिश की, जिससे टीम और उनके बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, पुलिस बल की मौजूदगी से स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। अधिकारियों की सख्त चेतावनी अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद कब्जा न हटाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह के नियमित अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए जाएंगे। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा रहा। आगरा में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू, बोदला चौराहे से हुई शुरुआत

आगरा:नगर निगम ने शीतला गली में सड़क पर बने अवैध किचन-बाथरूम तोड़े

आगरा। आगरा नगर निगम ने बुधवार को शीतला गली में सड़क पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। एक भवन स्वामी द्वारा सड़क पर अवैध रूप से बनाए गए किचन और बाथरूम को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया, जिससे लंबे समय से बाधित हो रहा आवागमन अब सुचारु हो गया है। इस मामले की शिकायत स्थानीय निवासी प्रणंग शर्मा ने IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद नगर निगम ने भवन स्वामी रज्जो को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा था। लेकिन, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाया गया, तो जोनल अधिकारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम मौके पर पहुँची और कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध के बावजूद जारी रही कार्रवाई अवैध निर्माण को गिराने के दौरान नगर निगम की टीम और अतिक्रमणकारियों के बीच काफी नोकझोंक हुई। इसके बावजूद, निगम की टीम ने सख्ती दिखाते हुए बुलडोजर से पूरा अवैध निर्माण गिरा दिया और मौके से ईंट-पत्थर सहित अन्य सामान भी जब्त कर लिया। क्या कहते हैं नगर आयुक्त? नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि सार्वजनिक मार्गों और सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नागरिकों को पहले नोटिस देकर खुद से अतिक्रमण हटाने का मौका दिया जाता है। लेकिन अगर समय सीमा के बाद भी कब्जा नहीं हटाया जाता, तो निगम सख्ती से कार्रवाई करता है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में यातायात और आमजन की सुविधा को प्रभावित करने वाले सभी अतिक्रमणों को जल्द ही हटाया जाएगा।

आगरा: मारुति एस्टेट अब लव-कुश चौक हो सकता है, नगर निगम कार्यकारिणी में प्रस्ताव पास

आगरा। आगरा में जगहों के नाम बदलने का सिलसिला जारी है। अब मारुति एस्टेट चौराहा का नाम बदलकर लव-कुश चौक करने का प्रस्ताव नगर निगम कार्यकारिणी में रखा गया है। कार्यकारिणी ने इस प्रस्ताव को विचार के लिए कमेटी के पास भेज दिया है। कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। मंगलवार को हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में कुल 8 प्रस्ताव रखे गए। बैठक की अध्यक्षता मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने की। बैठक की शुरुआत में अमित पटेल को नगर निगम कार्यकारिणी का उपसभापति चुना गया। मोतीगंज में बनेगी पार्किंग पार्षद राकेश जैन ने यमुना किनारा रोड पर जाम की समस्या को दूर करने के लिए मोतीगंज मंडी के पास खाली पड़ी जमीन पर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव दिया। उनका कहना था कि मोतीगंज में वाहनों के सड़क पर खड़े रहने से जाम लगता है। इस प्रस्ताव को कार्यकारिणी ने हरी झंडी दे दी है। लव-कुश चौक का प्रस्ताव पार्षद विक्रांत सिंह कुशवाह ने मारुति एस्टेट चौराहा का नाम बदलकर लव-कुश चौक करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सुझाव दिया कि चौराहे पर लव-कुश की प्रतिमा भी स्थापित की जाए। इस प्रस्ताव को कमेटी के पास भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। ये प्रस्ताव भी हुए पास:

आगरा: ईंट मंडी में खड़े ट्रैक्टरों पर लगेगा जुर्माना, नगर निगम की कार्रवाई

आगरा। आगरा की ईंट मंडी में अब ईंटों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े नहीं होंगे। नगर निगम ने प्रदूषण और यातायात की समस्या को देखते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब अगर कोई भी ट्रैक्टर सड़क पर खड़ा पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। कारगिल पेट्रोल पंप के पास स्थित ईंट मंडी में ईंटों से भरे ट्रैक्टरों के खड़े होने से भारी धूल उड़ती थी, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा था। साथ ही, इन वाहनों के कारण सड़क पर जाम की स्थिति भी बन रही थी। लोगों की लगातार शिकायतों के बाद, नगर निगम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। नगर निगम की टीम ने सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर चालकों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि अगर वे दोबारा सड़क पर वाहन खड़े करते हैं, तो उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्ग पर प्रदूषण फैलाना और यातायात बाधित करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान, नगर निगम ने बोदला चौराहे से कारगिल पेट्रोल पंप तक अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया। सड़क के दोनों ओर से अस्थायी निर्माण और दुकानों के कब्जे हटाए गए। अधिकारियों ने कहा कि शहर की सड़कों पर जाम और प्रदूषण की समस्या को खत्म करने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

आगरा: नगर निगम की कार्रवाई, केके नगर में अवैध निर्माण पर लगे लाल निशान

आगरा। आगरा के केके नगर में सड़क पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यहां लोगों ने 80 फीट की सड़क को घेरकर मकान बना लिए थे, जिससे सड़क की चौड़ाई 50 फीट से भी कम रह गई थी। लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम ने 6 ऐसे मकानों को चिह्नित किया है, जिन पर लाल निशान लगा दिए गए हैं। यह मामला IGRS (Integrated Grievance Redressal System) के माध्यम से मिली शिकायत के बाद सामने आया है। जांच में पता चला कि आधा दर्जन से अधिक लोगों ने मुख्य सड़क पर अवैध निर्माण कर लिया है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर अवर अभियंता हरिओम प्रवर्तन दल के साथ मौके पर पहुँचे और सभी अवैध निर्माणों पर लाल निशान लगाए। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मुख्य मार्गों और सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन भवनों पर लाल निशान लगाए गए हैं, उनके स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि निर्धारित समय में कब्जा नहीं हटाया गया, तो नगर निगम स्वयं कार्रवाई करेगा। पार्श्वनाथ पंचवटी सोसाइटी में नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह हिंदू महासभा ने शुरू किया अभियान, इमाम को तिरंगा और संदेश देने पर अड़ी मीरा राठौर

आगरा: इंटरलॉकिंग के काम में गड़बड़ी, ठेकेदार पर एक लाख का जुर्माना

आगरा। आगरा में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग कार्य में बड़ी लापरवाही सामने आई है। मानकों के अनुरूप लाल गिट्‌टी (जीएसबी) डाले बिना ही काम किया जा रहा था, जिसकी शिकायत मिलने के बाद जांच की गई। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर ठेकेदार पर एक लाख रुपये के जुर्माने की संस्तुति की गई है। यह मामला हरीपर्वत जोन क्षेत्र में सिकंदरा चौराहा से गेटवेल हॉस्पिटल होते हुए रेलवे लाइन तक की सड़क पटरी पर चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य का है। स्थानीय नागरिकों ने सीधे नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल से शिकायत की थी कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, नगर आयुक्त ने क्षेत्रीय अवर अभियंता हरी ओम को मौके पर जाकर जाँच के निर्देश दिए। अवर अभियंता की जाँच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि ठेकेदार, आरके एंटरप्राइजेज, ने जीएसबी की गुणवत्ता से समझौता किया है और कार्य मानक के अनुरूप नहीं है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर, अवर अभियंता ने ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि नगर निगम के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसी शिकायतें मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

टैक्स वसूली में लापरवाही पर आगरा नगर आयुक्त सख्त, कर्मचारी सस्पेंड

आगरा। आगरा में टैक्स वसूली में लापरवाही को लेकर नगर निगम के अधिकारी सख्त हो गए हैं। गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने जलकल विभाग के बिल कलेक्टर मृडाल गहलौत को बिना सूचना के गायब रहने पर तत्काल सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही, राजस्वकर्मी तेजपाल और सतीश सेहरा का वेतन रोकने का भी आदेश दिया गया है। नगर आयुक्त ने टैक्स वसूली का लक्ष्य पूरा न करने पर लोहामंडी के जोनल अधिकारी के खिलाफ शासन को पत्र लिखने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में लिए गए अहम फैसले: नगर आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वसूली के लक्ष्य में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

आगरा में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू, बोदला चौराहे से हुई शुरुआत

आगरा। आगरा नगर निगम ने बुधवार को शहर में अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान चलाया। यह कार्रवाई बोदला चौराहे से थाना जगदीशपुरा तक की गई, जिसमें सड़क किनारे और फुटपाथ पर लगे काउंटर, खोखे, बोर्ड और अन्य अवैध कब्जे हटा दिए गए। इसके साथ ही बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग और बैनर भी जब्त कर लिए गए। अभियान के दौरान कुछ दुकानदारों और नगर निगम की टीम के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए काम जारी रखा। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने दुकानदारों से फुटपाथ और सड़क किनारे दोबारा सामान न रखने की अपील की। आगे इन क्षेत्रों में चलेगा अभियान नगर निगम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। आने वाले दिनों में यह अभियान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर चलाया जाएगा। आगरा में नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान, बोदला चौराहे से बिचपुरी रोड तक की सड़क खाली कराई

आगरा में नगर निगम का बड़ा एक्शन, टोरंट पावर पर ₹7 लाख से अधिक का जुर्माना

आगरा। आगरा में नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने पर टोरेंट पावर लिमिटेड पर सख्त कार्रवाई करते हुए ₹7,15,700 का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना शास्त्रीपुरम एमआईजी बी ब्लॉक में सड़क काटने और जलकल विभाग की लाइन को नुकसान पहुँचाने के लिए लगाया गया है, जबकि नगर निगम ने 30 सितंबर तक रोड कटिंग पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। शास्त्रीपुरम मॉल से दहतोरा मंदिर तक लगभग 600 मीटर लंबी सड़क को बिना अनुमति के काट दिया गया था, जिससे स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा था। क्षेत्रीय पार्षद की शिकायत पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जाँच के आदेश दिए, जिसमें नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। LEFT:केबल डालने के लिए टोरंट पॉवर ने खोदी सड़क। RIGHT: नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर में चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान। ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण पर भी कार्रवाई इसके अलावा, नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर में भी एक बड़ा अभियान चलाया। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, निगम की टीम ने उन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की, जिन्होंने सड़क पर कबाड़ और वाहनों के कलपुर्जे रखकर रास्ता रोक रखा था। इस अभियान के दौरान दुकान नंबर 147 के मालिक मनीष कुमार जैन पर ₹25,000 और पाठक एंटरप्राइजेज पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया गया। दोनों को 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने की सख्त चेतावनी भी दी गई। इस कार्रवाई से उन स्थानीय दुकानदारों को राहत मिली है, जिन्होंने सड़क पर सामान रखे जाने से हो रही दिक्कतों की शिकायत की थी। अगर आपके क्षेत्र में भी कोई खुदाई या निर्माण कार्य चल रहा हो, तो उनसे अनुमति पत्र दिखाने के लिए कहें। इससे आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि यह काम नियमों के अनुसार हो रहा है और आपको या आपके पड़ोसियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

आगरा हवाई अड्डे पर हवाई सुरक्षा के लिए नगर निगम का अभियान, पकड़े गए एक दर्जन बंदर

आगरा। आगरा के खेरिया हवाई अड्डे पर विमानों की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम ने एक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत हवाई अड्डे के परिसर से लगभग एक दर्जन बंदरों को पकड़ा गया है। इन सभी बंदरों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है, जहां प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें छोड़ा जाएगा। वायुसेना ने मंडलायुक्त के समक्ष उठाया था मुद्दा यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब वायुसेना के अधिकारियों ने हाल ही में मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में हवाई अड्डे पर बंदरों और आवारा कुत्तों की मौजूदगी से होने वाले खतरे के बारे में बताया। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई, जिसने अभियान चलाकर इन बंदरों को पकड़ा। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी नियमित रूप से निगरानी रखी जाएगी ताकि हवाई पट्टी के आसपास किसी भी तरह का खतरा न हो। कूड़े के कारण बढ़ रहा बर्ड एक्टिविटी का खतरा एयरोड्रम पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में यह भी बताया गया था कि आगरा-कोटा और आगरा-जयपुर रेलवे ट्रैक के पास भी काफी गंदगी है। साथ ही, एयरफोर्स की बाउंड्री के किनारे भी कई अवैध डलावघर बन गए हैं। इन जगहों पर खुले में पड़े कूड़े की वजह से बर्ड एक्टिविटी बढ़ रही है, जो विमानों के लिए एक बड़ा खतरा है। मंडलायुक्त ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि सभी अवैध डलावघरों को तुरंत हटाया जाए, कूड़ा उठाया जाए और रेलवे ट्रैक के आसपास नियमित सफाई की जाए। साथ ही, लोगों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का पालन करने की अपील भी की गई है, ताकि लोग खुले में कूड़ा न फेंकें।

आगरा में अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम टीम को लौटना पड़ा, स्थानीय लोगों ने किया विरोध

आगरा। आगरा के आवास विकास सेक्टर-7 में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई भारी हंगामे के कारण रुक गई। जोनल अधिकारी सी.पी. सिंह के नेतृत्व में गई निगम की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बिना कार्रवाई किए ही खाली हाथ लौटना पड़ा। यह कार्रवाई इलाके के एक निवासी ललित अग्रवाल की आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद शुरू हुई थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि कई लोगों ने अपने घरों के सामने अवैध रूप से रैंप बना लिए हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जैसे ही नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि उनके नाम से की गई शिकायत फर्जी है और शिकायतकर्ता ललित अग्रवाल ने उनके जाली हस्ताक्षर कर दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सरकारी भूमि पर रैंप बनाना अवैध है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। हालांकि, तनाव बढ़ने पर निगम टीम को पीछे हटना पड़ा। लोगों ने कहा कि वे खुद ही रैंप हटा लेंगे और निगम को कार्रवाई नहीं करने देंगे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया है, लेकिन अगर तय समयसीमा में रैंप नहीं हटे तो निगम सख्त कार्रवाई करेगा।

आगरा में रामलीला महोत्सव की तैयारी शुरू, 66 लाख से संवरेगा मैदान

आगरा। आगरा में श्रीरामलीला महोत्सव की तैयारियों को लेकर नगर निगम पूरी तरह से जुट गया है। इस साल महोत्सव से पहले रामलीला मैदान को नया रूप देने के लिए 66.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है, ताकि 6 सितंबर से शुरू होने वाले महोत्सव में श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। मैदान और नाले की मरम्मत पर विशेष ध्यान नगर निगम द्वारा रामलीला मैदान और उसके आसपास की व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्य अभियंता (निर्माण) बीएल गुप्ता ने बताया कि रामलीला मैदान के सामने स्थित काजीपाड़ा नाले की क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत कराई जा रही है। नाले की सफाई के लिए रैंप बनाया जा रहा है और सुरक्षा के लिए जाल भी लगाया जाएगा। इसके अलावा, मैदान की बाउंड्रीवाल और सीढ़ियों की रंगाई-पुताई और मरम्मत का काम भी चल रहा है। मैदान में नए प्लेटफॉर्म और सीढ़ियों का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। जनकपुरी क्षेत्र से हटाया गया अतिक्रमण रामलीला महोत्सव के साथ ही होने वाले जनकपुरी महोत्सव की तैयारियों के मद्देनजर नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को कमला नगर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। सुल्तानगंज की पुलिया के आसपास फुटपाथ पर लगे टिन शेड, अस्थाई काउंटर और दुकानों के आगे रखे गए सामान को निगम की टीम ने हटवा दिया। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि रामलीला महोत्सव शहर की सांस्कृतिक धरोहर है। हमारा लक्ष्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल देना है। उन्होंने बताया कि सभी कार्यों को 6 सितंबर से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आगरा में हाउस टैक्स पर 10% छूट का आखिरी मौका: 31 अगस्त के बाद पेनाल्टी और सख्त कार्रवाई, बकायादारों पर निगम सख्त

आगरा। आगरा नगर निगम हाउस टैक्स जमा करने वाले नागरिकों को 31 अगस्त तक 10% की विशेष छूट दे रहा है। इस समय सीमा के बाद न केवल यह छूट समाप्त हो जाएगी, बल्कि बकायादारों को पेनाल्टी भी भरनी पड़ेगी और नगर निगम वसूली के लिए सख्त कदम उठाएगा। बकायादारों को भेजे जा रहे नोटिस, होगी कड़ी कार्रवाई नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने हाउस टैक्स वसूली को लेकर सभी जोनल कार्यालयों को टारगेट फिक्स कर दिए हैं। प्रत्येक जोन के कर निर्धारण अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ₹50,000 या उससे अधिक का बकाया रखने वाले संपत्ति मालिकों को प्राथमिकता पर नोटिस भेजें और उनसे वसूली करें। शहर में ऐसे हजारों संपत्ति स्वामी हैं, जिन पर भारी मात्रा में हाउस टैक्स बकाया है। इन सभी को निगम द्वारा व्यक्तिगत बिल भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही, फील्ड स्टाफ को घर-घर जाकर बिल वितरित करने और बकाया वसूली के लिए संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। यह 10% की छूट 1 अप्रैल से 31 मार्च 2026 तक के हाउस टैक्स बिल पर मिल रही है। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा, लेकिन कार्रवाई की तैयारी भी अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि 31 अगस्त के बाद न सिर्फ छूट समाप्त हो जाएगी, बल्कि वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। निगम द्वारा संपत्ति कुर्की, सीलिंग और सार्वजनिक नोटिस जैसे दंडात्मक उपायों को भी अपनाया जा सकता है। बकायादारों की सुविधा के लिए नगर निगम ने https://agrapropertytax.com/ पोर्टल पर ऑनलाइन गृह कर भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। करदाता अपने मोबाइल या कंप्यूटर से आसानी से बकाया चुकता कर सकते हैं। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने आगरा के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 31 अगस्त की समय सीमा समाप्त होने से पहले इस गृह कर छूट का लाभ उठाएं। उन्होंने समय से कर अदा कर नगर निगम की आय को सुदृढ़ बनाने का आग्रह किया, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति दी जा सके। और खबरें भी हैं…

आगरा में कांग्रेस का नगर निगम पर धरना: ‘स्मार्ट सिटी के नाम पर बंदरबांट, सड़कें-सीवर बदहाल’, उग्र आंदोलन की चेतावनी

आगरा। आगरा की फतेहाबाद रोड पर सोमवार को कांग्रेस ने नगर निगम ताजगंज जोन पर धरना देकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शहर की विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए प्रदेश नगर विकास मंत्री के नाम एक ज्ञापन जोनल अधिकारी गजेंद्र कुमार को सौंपा। सीवर-पानी की समस्या और बदहाल सड़कों पर भड़के कांग्रेसी धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अनिल शर्मा ने किया। उन्होंने आगरा की मूलभूत समस्याओं को उठाते हुए कहा कि शहर में जगह-जगह सीवर लाइनें बह रही हैं और मैनहोल खुले पड़े हैं। उन्होंने पानी की किल्लत पर भी चिंता जताते हुए कहा कि लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में तो सीवर और पानी मिक्स होकर आ रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। शर्मा ने बारिश से खराब हुई सड़कों और बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, और इनकी जल्द मरम्मत की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार धरना दिया गया है, लेकिन “निगम की सोई हुई सरकार और इन अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है।” ‘स्मार्ट सिटी के नाम पर धोखा’: उग्र आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि “स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और अधिकारी मौज मार रहे हैं।” उनका कहना था कि निगम के पैसे का “बंदरबांट किया जा रहा है” और आगरा के विकास के नाम पर जनता के साथ धोखा हो रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो यह अभी केवल एक सांकेतिक धरना है, और इसके बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा। यह प्रदर्शन शहर की बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं की बदहाली पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कथित उदासीनता को उजागर करता है। और खबरें भी हैं…

आगरा की सड़कें बनी ‘मौत का कुआँ’: जनप्रतिनिधियों के घर के पास चमचमाती सड़क, शहर में 5 किलोमीटर के दायरे में हर 5-10 मीटर पर गड्ढे और खुले मैनहोल

आगरा। आगरा में सड़कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। जहाँ एक ओर जनप्रतिनिधियों के घरों के आसपास की सड़कें भले ही अच्छी दिखती हों, वहीं शहर के आम रास्तों पर चलना खतरे से खाली नहीं है। वायु विहार से मिल्टन पब्लिक स्कूल होते हुए शंकरगढ़ पुलिया तक, 5 किलोमीटर की सड़क पर हर 5 से 10 मीटर पर गहरे गड्ढे मौजूद हैं। इसके साथ ही कई जगहों पर खुले मैनहोल भी हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं। वायु विहार में खुला मैनहोल बना बड़ा खतरा वायु विहार स्थित 8 नंबर रेलवे फाटक से महज 20 कदम की दूरी पर एक सीवर का मैनहोल खुला पड़ा है। वायु विहार सड़क से गुजर रहे मयंक राजपाल ने बताया कि यह मैनहोल पिछले दो महीने से खुला हुआ है। सीवर लाइन बंद होने के कारण मलबा जमा है, जिससे मैनहोल गहरा नहीं है, हालांकि यह बड़े हादसों को टाल रहा है। लेकिन, रात के समय सड़क पर अंधेरा होने के कारण हादसे ज्यादा हो रहे हैं, और लोग इसमें गिर जाते हैं। मयंक राजपाल ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि अपना पेट भर रहे हैं और उन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार है। उनका आरोप है कि सरकारी अफसर और जनप्रतिनिधि का जन समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं है, जिससे आम जनता की जीवनशैली पर बुरा असर पड़ रहा है, और उन्हें इससे कोई लेना-देना नहीं है। अवधपुरी से कलवारी तक भी सड़कें बदहाल, खुले सीवर से दुर्गंध शहर के अन्य इलाकों की भी यही कहानी है। अवधपुरी से कलवारी तक लगभग दो किलोमीटर सड़क खराब पड़ी हुई है और हर जगह गड्ढे हैं। इस रास्ते पर दो बड़े स्कूल, मिल्टन और सिंबोयजिया स्कूल भी हैं। यहाँ नगर निगम का सीवर भी खुला पड़ा है। जब लोग यहाँ से निकलते हैं, तो सीवर से निकलने वाले पानी की आवाज डरावनी लगती है। अजय कुमार तिवारी ने बताया कि कलवारी से सौ फुटा रोड तक भी सड़क खराब है, और वहाँ भी मैनहोल खुले पड़े हैं। पास में दो स्कूल होने के कारण यह स्थिति और भी गंभीर है। उन्होंने बताया कि कई लोगों को इन खुले मैनहोल की वजह से आए दिन चोट लगती है, जिससे हर दिन खतरे का डर बना रहता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। और खबरें भी हैं…

आगरा में स्वतंत्रता दिवस का जश्न शुरू: शहर में निकली कई भव्य तिरंगा यात्राएं, देशभक्ति के रंग में सराबोर हुआ माहौल

आगरा। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आगरा शहर पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया है। सोमवार को नगर निगम, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा, सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एस.एन.एम.सी.) के छात्र-छात्राओं और स्थानीय भाजपा नेताओं के नेतृत्व में कई भव्य तिरंगा यात्राएं निकाली गईं। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को सफल बनाना और देशवासियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाना था। नगर निगम की तिरंगा यात्रा: कर्मचारियों का जोश और मेयर-नगरायुक्त की अनुपस्थिति सोमवार को नगर निगम ने मधु नगर से फतेहाबाद रोड स्थित सेल्फी प्वाइंट तक एक तिरंगा यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा को अपर नगर आयुक्त शिशिर राय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। देशभक्ति के गीतों पर झूमते हुए और तिरंगा लहराते हुए नगर निगम के कर्मचारी, पूर्व सैनिक और क्षेत्रीय लोग पूरे जोश के साथ आगे बढ़ रहे थे। जगह-जगह ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जोरदार नारे गूंज रहे थे, जिससे माहौल पूरी तरह देशभक्तिमय हो गया। हालांकि, इस महत्वपूर्ण आयोजन में मेयर और नगरायुक्त की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। 100 पार्षदों में से भी केवल एक पार्षद ही यात्रा में शामिल हुआ। इसके बावजूद, नगर निगम के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिन्होंने पूरी ऊर्जा के साथ यात्रा को सफल बनाया। खंदौली में भाजपा युवा मोर्चा की 1 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा: पुलवामा के शौर्य का स्मरण रविवार को खंदौली में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेतृत्व में एक किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा पढ़ाव चौराहा से शुरू होकर शहीद स्मारक तक पहुँची। इसमें भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भी बेहद उत्साह के साथ हिस्सा लिया। यात्रा का नेतृत्व भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष सशांक शर्मा ने किया। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख जगवीर सिंह तोमर और जिलाध्यक्ष सशांक शर्मा ने शहीद भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस यात्रा का एक विशेष महत्व था, क्योंकि इसे पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए सैन्य अभियान की सफलता की खुशी में आयोजित किया गया था। यात्रा के दौरान “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा, और स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। देशभक्ति के इस माहौल में युवा और छात्र पूरी तरह तिरंगे के रंग में रंगे नजर आए। इस यात्रा का सफल संचालन दीपक शर्मा ने किया। एस.एन. मेडिकल कॉलेज की ‘तिरंगा यात्रा’: युवाओं में राष्ट्रप्रेम का संदेश स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव की भावना को आगे बढ़ाते हुए, सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एस.एन.एम.सी.), आगरा के एम.बी.बी.एस. और नर्सिंग के छात्र-छात्राएं भी एक भव्य “तिरंगा यात्रा” का आयोजन कर रहे हैं। यह यात्रा 12 अगस्त, मंगलवार को प्रातः 7:00 बजे सूरसदन, संजय प्लेस से प्रारंभ होगी। इस यात्रा में सैकड़ों मेडिकल छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेंगे। प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इस पहल पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि देश के भावी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय पर्वों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं और शहरवासियों को प्रधानमंत्री के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जोड़ना और अपनी स्वतंत्रता के महत्व को समझाना है। अजीजपुर से धनौली बुद्ध विहार तक भव्य तिरंगा यात्रा: आवास पीड़ितों को आश्वासन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार चल रहे #हर_घर_तिरंगा अभियान के अंतर्गत सोमवार को अजीजपुर से धनौली बुद्ध विहार तक भी एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद राजकुमार चाहर के सुपुत्र शूरवीर चाहर और भाजपा नेता उपेंद्र सिंह उपस्थित रहे, जिन्होंने यात्रा का नेतृत्व किया। इस तिरंगा यात्रा में मंडल अध्यक्ष फौरन सिंह राठौड़, ग्राम प्रधान लोकेश कुमार, भाजपा नेता ओम प्रकाश चलनी वाले, पूर्व विधायक कालीचरण सुमन, निहाल सिंह भोले, सोमदत्त, महाराज सिंह लोधी, तेज कपूर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। धनौली क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने 70 से अधिक घरों को टूटने से बचाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए, इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने वाले शूरवीर चाहर और उपेंद्र सिंह का फूल-मालाओं से गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया। शूरवीर चाहर ने अपने संबोधन में कहा कि यह तिरंगा यात्रा भारत माता के प्रति सम्मान और एकता का प्रतीक है, जिससे क्षेत्रवासियों में देशभक्ति की भावना और प्रगाढ़ हुई है। भाजपा नेता उपेंद्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज मोदी जी के नेतृत्व में देश बहुत प्रगति कर रहा है, और जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश विरोधियों को सबक सिखाया गया वह प्रशंसनीय है। उन्होंने जोर दिया कि मोदी जी और योगी जी के नेतृत्व में देश और प्रदेश बहुत प्रगति कर रहा है। धनौली के आवास पीड़ितों के बीच बोलते हुए उपेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पिछले दिनों हुई भेंटवार्ता में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हमारी सरकार दलित, शोषित, पिछड़ों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है, और किसी का अहित नहीं होने दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण यात्रा का संचालन सोमदत्त ने किया।

नगर आयुक्त को फोन करो, कहो-कांग्रेस महानगर अध्यक्ष आएं हैं: ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’, नाई की मंडी में अतिक्रमण हटाने गई टीम को कांग्रेस नेता ने रोका, बिना कार्रवाई लौटी नगर निगम की टीम

आगरा। आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र में गुरुवार दोपहर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह मौके पर पहुंचे और नगर निगम के जोनल अधिकारी से तीखी नोकझोंक हो गई। अमित सिंह ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को रोकते हुए जोनल अधिकारी से सीधे कहा, “नगर आयुक्त को फोन करो, उनसे कहो- महानगर अध्यक्ष आए हैं।” काफी देर तक वाद-विवाद चला, जिसके बाद नगर निगम की टीम बिना कोई कार्रवाई किए ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देकर लौट गई। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अतिक्रमण हटाने की मांगी ‘परमिशन’, कहा- ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’ यह पूरा मामला गुरुवार दोपहर का है, जब नगर निगम की टीम नाई की मंडी में सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह वहां आ गए और उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने जोनल अधिकारी अवधेश कुमार से अतिक्रमण हटाने की पहले ‘परमिशन’ दिखाने को कहा, और उसके बाद ही अभियान चलाने की बात कही। इस पर जोनल अधिकारी अवधेश कुमार ने सवाल किया, “सड़क पर बाजार लगाने की अनुमति किसने दी?” जिसका जवाब देते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कहा कि “बाजार सड़क पर ही चलता है। दूसरे बाजारों की भी स्थिति देख लीजिए।” इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। चेतावनी देकर लौटी टीम, जल्द फिर से अभियान चलाने का ऐलान लंबी नोकझोंक और वाद-विवाद के बाद, नगर निगम की टीम नाई की मंडी से बिना कोई ठोस कार्रवाई किए ही वापस लौट गई। जोनल अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि नाई की मंडी में लोगों ने सड़क पर भारी अतिक्रमण कर रखा है। इन अतिक्रमणकारियों को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद उन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया। उन्होंने बताया कि अब एक बार फिर चेतावनी दी गई है और जल्द ही इस क्षेत्र में फिर से बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। यह घटना शहर में अतिक्रमण हटाने के अभियानों के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप और आम जनता द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है।

जल्दी करा लो रजिस्ट्रेशन! आगरा नगर निगम का ‘डंडा’: बिना रजिस्टर्ड पालतू कुत्तों को उठाया जाएगा, लगेगा ₹2500 का जुर्माना; टीम गठित, अभियान शुरू!

आगरा, उत्तर प्रदेश। आगरा में पालतू कुत्तों को रखने वालों के लिए अब सख्त नियम लागू हो गए हैं। आगरा नगर निगम ने उन सभी मालिकों पर कार्रवाई की कमर कस ली है, जिन्होंने अभी तक अपने पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। शहर में हजारों की संख्या में पालतू कुत्ते होने के बावजूद, वर्तमान वित्तीय वर्ष में जुलाई तक मात्र 552 कुत्तों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है, जो बेहद निराशाजनक है। नगर निगम ने इसे बेहद निंदनीय मानते हुए अब एक विशेष टीम का गठन कर दिया है, जो जल्द ही पूरे शहर में सघन जांच अभियान चलाएगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी। लाखों पेट लवर्स, पर रजिस्ट्रेशन सिर्फ 552! अब निगम की सख्ती से होगी परेशानी यह चौंकाने वाला आंकड़ा बताता है कि आगरा में पेट लवर्स की लाखों की संख्या होने के बावजूद, अपने पालतू जानवरों के प्रति जिम्मेदारी निभाने में लोग कितने गंभीर नहीं हैं। उनका सोचना है कि “कुछ नहीं होगा,” लेकिन नगर निगम ने अब साफ कर दिया है कि इस बार कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अगर आपके पास बिना रजिस्टर्ड पालतू कुत्ता मिलता है, तो उसे सीधे पकड़ लिया जाएगा और मालिक पर ₹2500 तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, कुत्ते को पकड़ने और उसके खाने-पीने का खर्च भी मालिक से ही वसूला जाएगा। यह बात जान लें कि वह दिन दूर नहीं, जब आपका प्यारा पालतू जानवर निगम की डॉग कैचर वैन में बैठा होगा और आपको जुर्माना भरने के लिए दौड़ना पड़ेगा। नगर निगम ने रजिस्ट्रेशन शुल्क देसी नस्ल के लिए ₹100 प्रति वर्ष और विदेशी नस्ल के लिए ₹500 प्रति वर्ष रखा है। पंजीकरण ‘मेरा आगरा’ एप के माध्यम से ऑनलाइन या नगर निगम कार्यालय में ऑफलाइन भी करवाया जा सकता है। क्यों ज़रूरी है रजिस्ट्रेशन? रैबीज-फ्री आगरा और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने इस अभियान की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया, “नगर निगम का यह अभियान सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह शहर के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रजिस्ट्रेशन से पालतू कुत्तों का एक सटीक रिकॉर्ड बनेगा, जिससे रैबीज जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम, समय पर टीकाकरण और आपात स्थिति (जैसे कुत्ते के काटने) में उसकी पहचान करना आसान हो जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि आगरा न सिर्फ साफ-सुथरा और स्मार्ट बने, बल्कि एक रैबीज-फ्री और पेट-फ्रेंडली सिटी के रूप में भी पहचाना जाए। मगर, जब तक पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, तब तक कोई भी योजना आगे नहीं बढ़ सकती।” भविष्य की योजनाएं डेटा पर निर्भर: पेट-फ्रेंडली पार्क और बेहतर सुविधाएं नगर निगम आगे चलकर शहर में पेट-फ्रेंडली पार्क, डॉग वॉकिंग एरिया, और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की योजना बना रहा है। लेकिन इन सुविधाओं को लागू करने के लिए यह जानना बेहद ज़रूरी है कि शहर में कितने पालतू जानवर हैं, और यह तभी संभव है जब सभी का रजिस्ट्रेशन हो। आप आजकल सोशल मीडिया पर कुत्तों के हमलों और रैबीज से हुई मौतों के बारे में देख रहे होंगे। यह सब पालतू जानवरों के मालिकों की सुविधा और बाकी लोगों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है, इसलिए इन नियमों का पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कड़ा संदेश नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहरवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “पालतू जानवर पालना आपकी आज़ादी है, लेकिन उनकी जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि न जुर्माना लगे, न जानवर जब्त हो, और साथ ही शहर को एक स्वस्थ, सुरक्षित और पेट-फ्रेंडली माहौल मिल सके।” तो, देर न करें। अपने प्यारे पालतू जानवर का रजिस्ट्रेशन जल्द से जल्द करवा लें, ताकि आप किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई और आर्थिक जुर्माने से बच सकें, और आगरा को एक सुरक्षित और स्वस्थ शहर बनाने में अपना योगदान दे सकें।

सड़क पर फावड़ा-गैती चलती दिखे तो तुरंत बताएं! आगरा में 30 सितंबर तक ‘नो कटिंग जोन’ घोषित, नगर निगम हुआ सख्त: दोषी अधिकारी होंगे जिम्मेदार!

आगरा। बारिश के मौसम में शहर की सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए आगरा नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने 30 सितंबर तक किसी भी प्रकार की रोड कटिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। चेतावनी दी गई है कि यदि कहीं भी बिना अनुमति रोड कटिंग करते हुए कोई दिखा, तो अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम को लगातार प्रतिबंध के बावजूद कुछ कंपनियों द्वारा रोड कटिंग की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसे अब गंभीरता से लिया गया है। अब क्षेत्रीय अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार मुख्य अभियंता (निर्माण) बीएल गुप्ता ने बताया कि शहर में हो रही अनधिकृत रोड कटिंग पर लगाम लगाने के लिए क्षेत्रीय सहायक अभियंताओं (AE) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसका मतलब साफ है कि अब यदि किसी भी क्षेत्र में बिना अनुमति रोड कटिंग होती है, तो संबंधित क्षेत्रीय AE को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। सभी सहायक और अवर अभियंताओं को लगातार फील्ड में निरीक्षण करने और सड़क कटिंग की घटनाओं पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जुर्माना और सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थाओं या कंपनियों द्वारा नियमों की अनदेखी की जाएगी, उनके खिलाफ जुर्माना, कार्य रोकने और अन्य दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस सख्त कदम का मुख्य उद्देश्य बरसात के समय में होने वाले जलभराव, सड़क धंसने और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को रोकना है। बता दें कि बारिश में शहर की बहुत सी सड़कें धंस चुकी हैं। जलभराव के दौरान यह पता नहीं चल पाता कि कहां सड़क है और कहां गड्ढा, जिससे हादसों की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। इन्हीं सब को रोकने के लिए रोड कटिंग पर यह पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आम जनता से भी अपील: ‘हमें बताएं, अगर कहीं देखें रोड कटिंग’ नगर निगम ने आमजन से भी अपील की है। मुख्य अभियंता ने कहा है कि अगर कहीं पर कोई कंपनी फावड़ा, गैंती या कोई कटिंग मशीन चलाते हुए रोड कटिंग करती पाई जाए, तो इसकी सूचना तत्काल नगर निगम कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएं। अब पूरा आगरा 30 सितंबर तक ‘नो कटिंग जोन’ है!

आगरा नगर निगम बेच रहा गोबर वाली राखियां! आइए और ले जाइए सिर्फ ₹15-20 में… जानिए इन ‘ईको-फ्रेंडली’ राखियों की खासियतें

आगरा। इस रक्षाबंधन पर भले ही लोग सोने और चांदी की राखियां खरीद रहे हों, लेकिन आगरा में नगर निगम की गौशाला में बनी राखियां लोगों के बीच खूब चर्चा बटोर रही हैं और पसंद भी की जा रही हैं! ये अनोखी राखियां गाय के गोबर से तैयार की गई हैं और पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली हैं। हाउस टैक्स या अन्य काम के लिए निगम परिसर आ रहे लोग इन राखियों को खरीद भी रहे हैं। फेंकने पर उगेगा तुलसी का पौधा: पर्यावरण को मिलेगा ‘सकारात्मक’ रूप नगर निगम आगरा अपनी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नए-नए उत्पाद तैयार कर रहा है। दीपावली पर ईको-फ्रेंडली लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और होली पर गोकाष्ठ (गोबर की लकड़ी) तैयार की जाती है। इसी कड़ी में इस बार रक्षाबंधन के लिए गाय के गोबर से बनी राखियां नगर निगम परिसर में उपलब्ध कराई गई हैं। स्टॉल संचालक प्रांकुर जैन ने बताया कि इन राखियों को बनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सकारात्मक रूप देना है। इन राखियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें तुलसी का बीज डाला गया है। राखी का त्योहार खत्म होने के बाद जब इसे फेंका जाएगा या गमले में डाला जाएगा, तो इससे तुलसी का पौधा उग आएगा! यह वाकई एक अभिनव और पर्यावरण-हितैषी पहल है। रंग-बिरंगी राखियां और ‘सीड बॉल’ भी उपलब्ध प्रांकुर जैन ने बताया कि लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए रंग-बिरंगी राखियां बनाई जा रही हैं, जो मात्र ₹15 से ₹20 में नगर निगम परिसर स्थित दुकान पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, नगर निगम ने कई अन्य ईको-फ्रेंडली उत्पाद भी तैयार किए हैं। इनमें सीड बॉल भी शामिल हैं, जिनमें सहजन, जामुन और नीम के बीज डाले गए हैं। इन सीड बॉल को मानसून में सड़क किनारे, पार्क या नमी वाली जगह पर फेंकने से पौधे उग आएंगे, जिससे हरियाली बढ़ेगी। यह पहल न केवल गौशालाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है। इस रक्षाबंधन पर आप भी इन अनोखी राखियों को अपनाकर प्रकृति के प्रति अपना प्यार दिखा सकते हैं।

₹4.80 करोड़ की नई सड़क पहली ही बारिश में धंसी! आगरा में बोदला-लोहामंडी रोड पर हर 30 मीटर पर गड्ढे, डिवाइडर भी धंसा

आगरा। आगरा में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बोदला चौराहे से सेंट जॉन्स तक ₹4 करोड़ 80 लाख की लागत से बन रही सड़क का आधा काम पूरा भी नहीं हुआ कि इसी के बीच पड़ने वाला बोदला-लोहामंडी रोड पहली ही बारिश में बदहाल हो गया। नई बनी सड़क जगह-जगह धंस गई है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। हर 30 मीटर पर गड्ढे, डिवाइडर भी धंसा और कूड़ा भरा ‘भास्कर’ की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो हालात चौंकाने वाले थे। लोहामंडी चौराहे के बाद लगभग हर 30 मीटर पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दिए। किशोरपुरा पेट्रोल पंप के ठीक सामने, सड़क के बीचों-बीच बना डिवाइडर भी धंसा हुआ मिला और उसके दोनों तरफ की सड़क भी बुरी तरह टूट गई है। कई जगहों पर तो डिवाइडर में पौधे की जगह कूड़ा भरा हुआ दिखाई दिया, जो निर्माण और रखरखाव दोनों पर सवाल खड़े करता है। खराब सड़क की कुछ तस्वीरें: स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क कई साल बाद बनी थी, लेकिन पहली ही बारिश ने इसकी पोल खोल दी। इन गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को रोज दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और उखड़ी सड़क व धंसे डिवाइडर से हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। पार्षद बोले- “पाइपलाइन और भारी वाहनों से हुआ नुकसान, बारिश के बाद होगी मरम्मत” इस मामले पर क्षेत्रीय पार्षद संजीव सिकरवार ने सफाई देते हुए कहा कि किशोरपुरा पेट्रोल पंप के सामने सड़क इसलिए धंसी क्योंकि स्थानीय निवासियों ने बिना सूचना के पाइपलाइन डलवा दी थी। उनके अनुसार, भारी वाहनों के निकलने से पाइपलाइन टूट गई, जिससे सड़क धंस गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि बारिश का सीजन खत्म होने के बाद जहाँ-जहाँ सड़क धंसी है या जहाँ भी शिकायतें हैं, उन सभी जगहों पर मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही, बोदला-लोहामंडी रोड से सेंट जॉन्स तक का अधूरा निर्माण कार्य भी बारिश के बाद जल्द शुरू किया जाएगा। करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का पहली ही बारिश में इस तरह धंस जाना प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है।

आगरा में मेयर पर विकास न करने का आरोप: गंदे पानी में बैठकर लोगों ने किया प्रदर्शन, सड़कों पर गड्ढे और जलभराव से हाहाकार!

आगरा। आगरा में सड़कों की बदहाली और जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों ने बुधवार को नगर निगम और मेयर के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। शंकरगढ़ पुलिया से आजम पाड़ा की ओर जाने वाली सड़क पर गहरे गड्ढों और नालियों के गंदे पानी के बीच बैठकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि मेयर शहर के विकास पर ध्यान नहीं दे रही हैं, जिससे मुख्यमंत्री के “गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश” के सपने पर पानी फिर रहा है। सड़क पर जलभराव से हादसे, बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल भारतीय किसान यूनियन (भानू) के नेतृत्व में यह धरना प्रदर्शन किया गया। किसान नेता अभिषेक चौहान ने बताया कि शंकरगढ़ से आजम पाड़ा तक की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पास में तीन स्कूल हैं, और आए दिन स्कूली बच्चे इन गड्ढों में गिरकर चोटिल होते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम को 10 से अधिक बार शिकायत पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन, आज स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर भरे गंदे पानी में बैठकर धरना देना पड़ा है। अभिषेक चौहान ने चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, उनका धरना जारी रहेगा, और जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल भी की जाएगी। पार्षद पर भी अनदेखी का आरोप, वार्ड 40 की बदहाली प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र वार्ड 40 के अंतर्गत आता है, जिसके पार्षद रवि दिवाकर हैं। उन्हें भी इस समस्या की जानकारी दी गई थी और उन्होंने निरीक्षण भी किया, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत नहीं सुधरी। नालियों का गंदा पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है और दोपहिया वाहन चालकों के साथ आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों ने कहा कि जहां एक ओर मुख्यमंत्री का सपना उत्तर प्रदेश को गड्ढा मुक्त बनाना है, वहीं आगरा की मेयर उनके सपनों पर पानी फेर रही हैं। उनका आरोप है कि मेयर का शहर के विकास पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है, जिससे जनता परेशान है। इस प्रदर्शन ने शहर की मूलभूत समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगरा में हाउस टैक्स पर छूट का आज आखिरी दिन: नगर निगम की 10% छूट सिर्फ गुरुवार रात 12 बजे तक, इसके बाद लगेगी पेनल्टी!

आगरा। अगर आपने अभी तक अपना हाउस टैक्स जमा नहीं किया है, तो यह आपके लिए आखिरी मौका है। आगरा नगर निगम द्वारा गृहकर बकायेदारों को दी जा रही 10% की विशेष छूट का लाभ उठाने की आज (गुरुवार, 31 जुलाई, 2025) अंतिम तिथि है। गुरुवार रात 12 बजे के बाद यह छूट समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद आपको पूरे बकाया पर पेनल्टी चुकानी पड़ेगी। 50 हजार से अधिक बकाएदारों को भेजे जा रहे नोटिस, होगी सख्ती नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने हाउस टैक्स वसूली को लेकर सभी जोनल कार्यालयों को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जोन के कर निर्धारण अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में 50 हजार रुपये या उससे अधिक का बकाया रखने वाले संपत्ति मालिकों को प्राथमिकता पर नोटिस/बिल भेजें और वसूली की कार्रवाई तेज करें। शहर में हजारों ऐसे संपत्ति स्वामी हैं जिन पर भारी मात्रा में हाउस टैक्स बकाया है। इन सभी को निगम द्वारा व्यक्तिगत बिल भेजे जा रहे हैं। नगर निगम 1 अप्रैल से 31 मार्च 2026 तक के हाउस टैक्स पर 31 जुलाई तक 10% की छूट दे रहा है। अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया है कि 31 जुलाई के बाद न सिर्फ छूट समाप्त हो जाएगी, बल्कि वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिसमें संपत्ति कुर्की और सील करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध, नगर आयुक्त की अपील बकायेदारों की सुविधा के लिए नगर निगम ने nagarnigam.in पोर्टल पर ऑनलाइन गृह कर भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। नागरिक घर बैठे आसानी से अपना टैक्स जमा कर इस छूट का लाभ उठा सकते हैं। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 31 जुलाई की समय सीमा समाप्त होने से पहले इस छूट का लाभ उठाएं और समय से हाउस टैक्स अदा कर नगर निगम की आय को सुदृढ़ बनाएं, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति दी जा सके।

आगरा में व्यापारियों का ‘हाउस टैक्स’ पर हंगामा: नगर निकायों पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, बोले- ‘मनमाने तरीके से बढ़ा रहे टैक्स, सीवर-जलकर की भी लूट!’

आगरा। आगरा में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के खिलाफ व्यापारियों ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने आज नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि स्थानीय निकाय G.I. सर्वे के नाम पर मनमाने तरीके से हाउस टैक्स बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार के 28 जून 2024 के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है। “सीवर नहीं, फिर भी सीवर टैक्स! पेयजल का अभाव, फिर भी जलकर वसूली!” संगठन के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सीवर की सुविधा तक नहीं है, वहाँ भी सीवर टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा, बाजारों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था न होने के बावजूद जलकर वसूली जारी है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजारों में वाटर कूलर लगाए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर निगम और पालिका के अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तरों में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है। साथ ही, बरसात में जलभराव, कूड़ा निस्तारण में लापरवाही, और सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट आदि की बदहाल स्थिति से व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। “आवारा जानवरों का आतंक, अतिक्रमण पर आंखें मूंदे प्रशासन” संगठन ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है। वहीं, शहर की बड़ी समस्या अतिक्रमण और जाम को दूर करने के लिए स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 को अब तक ठीक से लागू नहीं किया गया है। व्यापारियों की ओर से मांग की गई है कि इन सभी समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और संबंधित निकायों को जवाबदेह बनाया जाए। ज्ञापन देने आए प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे, मुकेश सिंह, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, कपूर चंद रावत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। व्यापारियों का यह विरोध नगर निकायों के कामकाज पर सवालिया निशान लगाता है और उनकी जवाबदेही की मांग करता है।

आगरा में नगर निगम की ‘गुगली’: सड़क पर रखा जनरेटर नहीं हटा पाई टीम, विरोध के आगे झुककर लौटना पड़ा!

आगरा। आगरा में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी मुहिम को शनिवार को एक झटका लगा। ट्रांस यमुना कॉलोनी में सड़क पर रखे एक जनरेटर को हटाने पहुँची नगर निगम की टीम को लोगों के भारी विरोध के चलते बिना कार्रवाई के ही वापस लौटना पड़ा। IGRS पोर्टल पर मिली शिकायत का निस्तारण किए बिना ही टीम को उल्टे पांव लौटना पड़ा, जिससे प्रशासन की ‘पकड़’ पर सवाल खड़े हो गए हैं। जयदीप अस्पताल का जनरेटर, राहगीर परेशान मामला ट्रांस यमुना कॉलोनी का है, जहाँ IGRS पोर्टल के माध्यम से नगर निगम को शिकायत मिली थी कि सड़क पर एक जनरेटर रखा हुआ है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। शिकायत के निस्तारण के लिए नगर निगम की टीम शनिवार को मौके पर पहुँची। पता चला कि यह जनरेटर जयदीप अस्पताल प्रबंधन ने रास्ते में रखा हुआ था। नगर निगम की टीम ने जैसे ही इसे हटाना शुरू किया, अस्पताल प्रबंधन के लोग बाहर निकल आए और हंगामा करने लगे। देखते ही देखते आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और सभी ने मिलकर नगर निगम की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। जोनल अधिकारी से तीखी नोकझोंक, टीम को लौटना पड़ा खाली हाथ स्थिति इतनी बिगड़ गई कि टीम का नेतृत्व कर रहे जोनल अधिकारी अवधेश कुमार से भी तीखी नोकझोंक हुई। पिछले दिनों खेरिया मोड़ पर प्लास्टिक के खिलाफ अभियान के दौरान विधायक के चाचा से हुए विवाद के बाद नगर निगम के अधिकारी अब ज्यादा जोखिम लेने से बच रहे हैं। यही वजह रही कि बिगड़ती स्थिति देख नगर निगम की टीम बिना कार्रवाई किए ही लौट गई। जोनल अधिकारी ने स्वीकार किया कि शिकायत जायज थी और सड़क किनारे अवैध रूप से रखा जनरेटर आसपास के लोगों के लिए आवाज और धुएं से परेशानी का सबब बनता है। मगर, विरोध के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी। अन्य इलाकों में चला ‘बुलडोजर’, ठेल-धकेल हटाए हालांकि, नगर निगम की टीम ने शनिवार को ही शहर के अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखा। पालीवाल पार्क और रामबाग चौराहा क्षेत्र में सड़कों और फुटपाथों पर खड़े ठेल, धकेल और अन्य अवैध अतिक्रमण को हटाया गया, जिससे पैदल चलने वालों को कुछ राहत मिली। लेकिन ट्रांस यमुना कॉलोनी में हुई घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।

आगरा के ‘जनकपुरी’ क्षेत्र का होगा कायाकल्प: 3 पार्षदों ने सौंपी ‘विकास’ की लंबी लिस्ट, 1.5 करोड़ के कामों का प्रस्ताव!

आगरा। आगरा का ऐतिहासिक जनकपुरी महोत्सव इस बार कमला नगर में होने जा रहा है, और इसके लिए प्रस्तावित क्षेत्र को भव्य तरीके से सजाने की तैयारी है। जनकपुरी आयोजन समिति और स्थानीय पार्षदों ने मिलकर नगर निगम को कई बड़े विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए हैं, जिनकी लागत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसका मकसद मानसून के बाद तुरंत काम शुरू कर क्षेत्र को चमकाना है। मानसून के बाद शुरू होंगे काम, टेंडर प्रक्रिया की तैयारी फिलहाल मानसून का सीजन चल रहा है, जिससे निर्माण कार्य करना मुश्किल है। जनकपुरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में सड़क, खड़ंजा, नालियां, पुलिया और लाइट व्यवस्था से जुड़े काम कराए जाने हैं। जनकपुरी आयोजन समिति चाहती है कि मानसून के दौरान ही विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार हो जाएं और उनकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाए, ताकि मानसून खत्म होते ही विकास कार्य तेजी से शुरू किए जा सकें और महोत्सव से पहले क्षेत्र पूरी तरह तैयार हो जाए। इन पार्षदों ने दिए प्रमुख प्रस्ताव: जनकपुरी क्षेत्र के विकास के लिए तीन प्रमुख पार्षदों ने नगर निगम को प्रस्ताव सौंपे हैं: इस बारे में नगर निगम के मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता का कहना है कि पहले इन प्रस्तावों का परीक्षण कराया जाएगा। उसके बाद आगणन (अनुमानित लागत) तैयार कर टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जनकपुरी महोत्सव को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और इन विकास कार्यों से क्षेत्र के निवासियों को भी लंबे समय तक लाभ मिलेगा।

आगरा में गरजा नगर निगम का ‘बुलडोजर’: सड़क पर खुला ढाबा ध्वस्त, नाली पर बने निर्माण भी साफ!

आगरा। आगरा में अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को नगर निगम ने बूढ़ी का नगला क्षेत्र में सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर चलाए जा रहे एक अवैध ढाबे को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया। ‘ज्ञानी ढाबा’ पर चला बुलडोजर, राहगीरों को हो रही थी परेशानी जानकारी के अनुसार, बूढ़ी का नगला क्षेत्र में एक व्यक्ति ने सड़क और फुटपाथ को घेर कर ‘ज्ञानी’ के नाम से अवैध ढाबा खोल रखा था। ढाबे पर आने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े कर देते थे, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने इस अवैध ढाबे पर कार्रवाई के निर्देश दिए। दोपहर में नगर निगम के ध्वस्तीकरण दस्ते ने मौके पर पहुँचकर ढाबे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अन्य क्षेत्रों में भी हटा अतिक्रमण, नाली पर बना निर्माण भी साफ बूढ़ी का नगला के अलावा, प्रवर्तन दल ने भगवान टॉकीज के पास पार्थी पेठा स्टोर के समीप तिरपाल डालकर किए गए अतिक्रमण को भी हटवाया। इसी प्रकार, कमला नगर में दिलीप मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा नाली पर किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जहाँ से भी शिकायतें मिलेंगी, वहाँ अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम में हर रोज दर्जनों अवैध कब्जों की शिकायतें पहुँचती हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। WordPress SEO Optimization:

आगरा में ‘अवैध’ कब्जे पर गरजा बुलडोजर: नगर निगम ने सड़क पर बने रैंप तोड़े, सिंधी बाजार से भी हटाए गए बोर्ड

आगरा। आगरा नगर निगम ने गुरुवार को नाई की मंडी और सिंधी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। नाई की मंडी चौराहे से गालिब होटल तक नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए रैंपों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं माने दुकानदार नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन वे सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर रहे थे। इससे ट्रैफिक व्यवस्था और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। क्षेत्रीय लोगों ने भी इसकी शिकायत नगर निगम से की थी। अभियान के दौरान नाई की मंडी में काफी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए आनन-फानन में अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। सिंधी बाजार में भी हुई कार्रवाई, फुटपाथ खाली कराया नाई की मंडी के अलावा, नगर निगम की टीम ने सिंधी बाजार में भी कार्रवाई करते हुए फुटपाथ पर रखे गए सामान, बोर्ड और होर्डिंग्स को हटवाया। अधिकारियों ने साफ किया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुकानदार दोबारा कब्जा करते पाए गए, तो जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहर के व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करें और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें।

आगरा नगर निगम का ‘विज्ञापन’ एक्शन! 24 शोरूम संचालकों को नोटिस, नहीं जमा किया लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट; ‘दोगुना’ जुर्माना लगेगा!

आगरा। आगरा में अपने शोरूम पर बड़े-बड़े विज्ञापन लगाकर प्रचार करना अब कई संचालकों को भारी पड़ने वाला है! नगर निगम ने शहरभर में सर्वे कर ऐसे कारोबारियों की एक सूची तैयार की है, जिन्होंने विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं किया है। फिलहाल, 24 ऐसे शोरूम संचालकों को पैनल्टी के साथ लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। इस नियम के तहत दिए नोटिस, 60 कारोबारियों को अब तक मिला ‘झटका’ नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर नगर निगम ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 3×2 फुट तक के विज्ञापन पट लगाने पर निगम कोई प्रीमियम/साइड रेंट नहीं लेता है। लेकिन, इससे बड़े साइनबोर्ड लगाने या अन्य किसी प्रकार से प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन करना विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में आता है। देखने में आ रहा है कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं जो बिना अनुमति होर्डिंग आदि लगाकर अपना विज्ञापन कर रहे हैं। ऐसे सभी कारोबारियों को अब प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में लाया जा रहा है। नगर निगम उपविधि 2017 के तहत, अब तक पहली बार 60 कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अगर नोटिस की अवधि में रेंट जमा नहीं किया गया, तो शोरूम संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नहीं जमा किया तो देना होगा ‘दोगुना किराया’, रजिस्ट्रेशन भी होगा रद्द! सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि यदि नोटिस जारी होने के बाद भी कोई शोरूम संचालक निर्धारित समय में प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं कराता है, तो उसे निर्धारित रेंट से दोगुना रेंट अदा करना होगा। इन प्रमुख नामों पर लाखों का बकाया है: फिलहाल, साल 2023-24 और 2024-25 के किराये की गणना की जा रही है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने साफ चेतावनी दी है, “जो भी कारोबारी नगर निगम सीमा में विज्ञापन कर रहे हैं, वे समय से प्रीमीयम/साइड रेंट को जमा कराएं। अन्यथा उनके खिलाफ खाता सीज और कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।“ नगर निगम शहर में अवैध रूप से विज्ञापन करने वाली कंपनियों का पता लगाने के लिए लगातार सर्वे करा रहा है। नोटिस के बाद भी जो लोग प्रीमियम साइड रेंट विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करेंगे, उनके रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

आगरा जिला अस्पताल में ‘गंदगी का राज’: DM ने लगाई फटकार, गायब सफाई कर्मचारियों का मांगा रिकॉर्ड!

औचक निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ अन्य अधिकारी

आगरा के जिला अस्पताल में ‘गंदगी का राज’ देखकर मंगलवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी का पारा चढ़ गया! उन्होंने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां ओपीडी और सभी वार्डों में व्यवस्थाएं देखीं। मरीजों और उनके तीमारदारों से भी बात की, लेकिन अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर देखकर डीएम ने सीएमएस, अस्पताल मैनेजर और सफाई सुपरवाइजर को कड़ी फटकार लगाई। मरीजों से ली जानकारी, मिली ‘संतोषजनक’ प्रतिक्रिया डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी अचानक जिला अस्पताल पहुंचे और सबसे पहले ओपीडी, महिला व बच्चा वार्ड, इमरजेंसी वार्ड आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से दवाई की उपलब्धता, बाहर से दवाई खरीद, खाना, डॉक्टरों व नर्स द्वारा चिकित्सा और देखभाल के बारे में जानकारी ली। मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि उन्हें समय से उपचार और खाना मिल रहा है, और अस्पताल से दवाएं भी मिल जाती हैं। ‘कूड़े के ढेर’ देखकर डीएम का ‘गुस्सा’ मरीजों से मिली संतोषजनक प्रतिक्रिया के बाद जब डीएम ने जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया, तो उन्हें हर जगह कूड़ा और गंदगी मिली। डायलिसिस भवन और प्राइवेट वार्ड बिल्डिंग के आसपास तो गंदगी व कूड़े के ढेर लगे थे। परिसर में गंदगी मिलने पर डीएम ने सीएमएस, अस्पताल मैनेजर और सफाई कर्मचारियों के हेड सुपरवाइजर को मौके पर तलब किया। डीएम ने उनसे सवाल किए और कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएमएस नियमित रूप से परिसर का दौरा करें और उच्चस्तरीय साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने साफ कहा कि अस्पताल परिसर में कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। ‘गायब’ मिले सफाई कर्मचारी, एजेंसी पर होगी कार्रवाई! निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल मैनेजर से जिला अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का ब्योरा मांगा। उन्हें बताया गया कि 23 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी विभिन्न शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाती है। डीएम ने सभी कर्मचारियों को मौके पर बुलाया और गिनती कराई, जिसमें सुपरवाइजर सहित केवल 9 सफाईकर्मी ही उपस्थित मिले! इस पर डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों, सफाई एजेंसी और टेंडर प्रक्रिया के बारे में जवाब तलब किया। उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमएस को सभी जरूरी चीजों में सुधार के निर्देश दिए, जिसमें हर वार्ड के बाहर डस्टबिन रखने, पूरे परिसर की सफाई कराने और मरीज व तीमारदारों द्वारा अस्पताल परिसर में गंदगी न फैलाने के निर्देश शामिल थे। उन्होंने बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान हेतु नगर निगम को भी निर्देशित किया। इस दौरान सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार, अस्पताल मैनेजर मोहित भारती, डॉ. सीपी वर्मा सहित जिला अस्पताल के डॉक्टर मौजूद रहे।

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