कभी सत्ता की धुरी रहा सपा कार्यालय अब वीरान, दीवार पर काई, गेट पर जंग; ₹4 लाख का बिल बकाया होने पर कटा था कनेक्शन
आगरा। कभी सत्ता की चमक से चकाचौंध रहने वाला आगरा का समाजवादी पार्टी कार्यालय अब अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है। फतेहाबाद रोड जैसे महंगे इलाके में स्थित, यह कार्यालय, जो 2012 से 2017 तक आगरा और आसपास के जिलों की राजनीति का केंद्र हुआ करता था, अब वीरान पड़ा है। गेट पर कई-कई दिनों तक ताला लटका रहता है, गैलरी में कूड़ा है, दीवारों पर काई जम गई है, और गेट भी जंग खा रहा है। बिजली का बिल बकाया होने पर कटा कनेक्शन पार्टी नेताओं की उदासीनता का आलम यह है कि कार्यालय का बिजली का बिल तक जमा नहीं किया गया था। बताया जा रहा है कि वर्ष 2010 से 2025 तक बिल जमा न होने के कारण बकाया 4 लाख रुपये से अधिक हो गया था। जब टोरेंट पावर के अधिकारियों ने बार-बार संपर्क साधा और कोई जवाब नहीं मिला, तो कनेक्शन काट दिया गया। हालांकि, बाद में कुछ नेताओं ने मिलकर कुछ रकम जमा कराई और कनेक्शन को दोबारा जुड़वाया। यह बात जब पार्टी के आलाकमान तक पहुंची तो वे काफी खफा हुए और इसी के बाद आगरा का पूरा संगठन बर्खास्त कर दिया गया था। तब से अब तक संगठन का दोबारा गठन नहीं हुआ है और सभी पद खाली चल रहे हैं, जो कार्यालय की इस हालत की एक बड़ी वजह है। सरकार जाते ही नेताओं ने छोड़ा साथ वर्ष 2017 में यूपी से सरकार जाने के बाद समाजवादी पार्टी से नेताओं के जाने का सिलसिला शुरू हो गया था। इनमें कई ऐसे नाम भी थे, जो कभी पार्टी का मजबूत चेहरा हुआ करते थे। 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में कई प्रमुख नेताओं ने सपा को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया, जिसमें शामिल हैं: संगठन के नेताओं का पक्ष इस मामले पर निवर्तमान महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार का कहना है कि कार्यालय प्रतिदिन खुलता है और उसकी साफ-सफाई के लिए प्रभारी भी नियुक्त है। उन्होंने कहा कि हो सकता है हवा से कुछ कूड़ा उड़कर आ गया हो, लेकिन सफाई नियमित होती है। बसपा कार्यालय की रंगाई-पुताई जहां एक ओर समाजवादी पार्टी का कार्यालय बदहाली का शिकार है, वहीं दूसरी ओर आगरा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यालय की स्थिति बेहतर हो रही है। कालिंदी विहार स्थित बसपा कार्यालय में साफ-सफाई के साथ-साथ रंगाई-पुताई का काम भी चल रहा है।
