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आगरा में 3 घंटे की मूसलाधार बारिश से हाहाकार: शहर डूबा, सड़कें बनीं तालाब, गाड़ियां रेंगती दिखीं!

आगरा। गुरुवार दोपहर को हुई महज 3 घंटे की तेज बारिश ने आगरा शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। मूसलाधार बारिश के चलते शहर की सड़कें और कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाले और नालियां उफन पड़े, और सड़कें किसी तालाब से कम नहीं लग रही थीं। घरों-दुकानों में घुसा पानी, यातायात व्यवस्था चरमराई बारिश का पानी तेजी से लोगों की दुकानों और मकानों में घुस गया, जिससे कई लोग अपने घरों में कैद हो गए। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और जगह-जगह लंबा जाम लग गया। सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई और वे रेंगती नजर आईं। शहर के कई इलाकों में गाड़ियां बंद पड़ गईं, जिन्हें राहगीरों की मदद से किनारे लगाना पड़ा। सड़कों पर एक फुट तक पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। इन इलाकों में दिखा सबसे बुरा हाल बारिश का सबसे अधिक असर शहर के व्यस्ततम इलाकों में देखने को मिला। हर बारिश में एक ही कहानी: कब सुधरेगी जल निकासी व्यवस्था? यह पहली बार नहीं है जब आगरा में थोड़ी सी बारिश के बाद शहर जलमग्न हो गया हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी ही स्थिति बनी है, जब लोगों को जलभराव और घंटों लंबे जाम का सामना करना पड़ा है। शहर की बेहद खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण यह समस्या हर साल और गंभीर होती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि बारिश उनके लिए आफत न बने।

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आगरा के लोहामंडी में ‘डिवाइडर पॉलिटिक्स’: नए RCC डिवाइडर से बढ़ी व्यापारियों की ‘टेंशन’, मेयर ने दिया ‘जाम’ न लगने का आश्वासन!

आगरा। आगरा के मदिया कटरा से लोहामंडी जाने वाली सड़क पर लगाए जा रहे नए आरसीसी डिवाइडर ने व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दुकानदारों का कहना है कि इन डिवाइडरों से सड़क इतनी संकरी हो गई है कि ग्राहकों को वाहन खड़े करने में दिक्कत होगी और भयंकर जाम लगने की आशंका है। हालांकि, मेयर हेमलता दिवाकर ने मौके का निरीक्षण कर आश्वासन दिया है कि डिवाइडर बनने के बाद कोई परेशानी नहीं आएगी। मेट्रो के काम से पहले ही संकरी सड़कें, अब डिवाइडर का ‘वार’ लोहामंडी से मदिया कटरा मार्ग पर आरसीसी के डिवाइडर लगाए जा रहे हैं, जिसका व्यापारी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। व्यापारी राकेश बंसल का कहना है कि मेट्रो के काम की वजह से एमजी रोड के वाहनों को पहले से ही इस मार्ग से निकाला जा रहा है, जिससे यहाँ की सड़कें और भी संकरी हो गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब यहाँ से बड़े वाहन गुजरेंगे, तो जाम लगना तय है, जिससे सभी व्यापारी भाइयों का व्यापार प्रभावित होगा। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि कुछ महीने पहले नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर लोहे के डिवाइडर लगाए थे। अब उन्हें तोड़कर आरसीसी के डिवाइडर लगाए जा रहे हैं, जिससे निगम पर राजस्व के धन को बर्बाद करने का आरोप लग रहा है। लोगों का कहना है कि लोहे की रेलिंग सड़क की जगह भी कम घेर रही थी और लोगों को कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अब आरसीसी के डिवाइडर जाम का कारण बनेंगे। पार्षद विक्रांत ने बताया कि मदिया कटरा की सड़क पर कुछ हिस्से में डिवाइडर लग गए हैं। पुलिस चौकी के पास की सड़क पहले से ही संकरी है और लोग अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा कर देते हैं, जिससे जाम लग जाता है। डिवाइडर लगने से सड़क और संकरी हो गई है, जिसकी वजह से व्यापारी नाराजगी जता रहे हैं। मेट्रो कार्य की वजह से लोग वैकल्पिक मार्ग चुनते हैं, जिससे दिल्ली गेट से हलवाई की बगीची की ओर जाने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस को दिल्ली गेट से आने वाले वाहनों को मटिया कटरा मार्ग से घुमा कर हलवाई की बगीची की ओर भेजना पड़ता है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। दशकों से अतिक्रमण का दंश झेल रहा है मार्ग, अब डिवाइडर पर विवाद आपको बता दें कि दशकों से लोहामंडी के इस मार्ग पर सरकार द्वारा निशान लगाकर स्थानीय निवासियों को अतिक्रमण की जानकारी दी गई थी, लेकिन इतने सालों बाद भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह स्थिति दर्शाती है कि शहर की नियोजित विकास में कहाँ कमी रह गई है। अब पुराने अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई किए बिना, नए डिवाइडर लगाकर समस्या को और बढ़ाने का आरोप लग रहा है। मेयर ने दिया ‘जाम’ न लगने का आश्वासन पार्षद विक्रांत ने बताया कि मेयर हेमलता दिवाकर ने आज मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि डिवाइडर तो बनाए जाएंगे, जिससे एमजी रोड पर जाम न लगे। मेयर ने आश्वासन दिया कि डिवाइडर का काम मदिया कटरा से लोहामंडी थाने तक किया जाना है और इससे यहाँ के व्यापारियों और लोगों को कोई परेशानी नहीं आएगी। अब देखना यह होगा कि मेयर का यह आश्वासन जमीन पर कितना खरा उतरता है और क्या ये नए डिवाइडर जाम की नई वजह बनेंगे या यातायात को सुगम करेंगे।

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आगरा का कैलाश मेला बना ‘जामला’: 5 मिनट का सफर 3 घंटे में, एम्बुलेंस भी फंसी, प्रशासन की व्यवस्था हुई ‘फेल’!

आगरा। सावन के तीसरे सोमवार को आगरा में आयोजित कैलाश मेला इस बार भक्तों के लिए नहीं, बल्कि भयंकर जाम के लिए चर्चा में रहा। शहर की सड़कों पर ऐसा यातायात प्रभावित हुआ कि आमतौर पर 5 मिनट का सफर तय करने में लोगों को पूरे 3 घंटे लग गए। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कई एम्बुलेंस भी घंटों तक जाम में फंसी रहीं, जिससे प्रशासन की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई। रूट डायवर्जन के बावजूद सड़कों पर ‘वाहनों का रेला’ शाम 6 बजे से भगवान शिव के भक्तों का मेला देखने के लिए निकलना शुरू हुआ और हजारों की संख्या में लोग कैलाश मेले में पहुँचे। जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन प्लान जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों पर तीन से चार घंटे तक भारी जाम लगा रहा। भगवान टॉकीज से मथुरा की ओर जाने वाले वाहन सिकंदरा पर बुरी तरह फंस गए, क्योंकि प्रशासन के प्लान के बावजूद कई बड़े वाहन मेले की ओर चले गए। गुरु के ताल वाला मार्ग भी जाम से अछूता नहीं रहा, वहाँ भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने सिकंदरा की ओर जाने वाले वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग वैकल्पिक रास्तों से वहाँ तक पहुँच गए, जिससे और अधिक जाम लग गया। शहर के कई इलाकों में लगा जाम का ‘झाम’ कैलाश मेले की वजह से शहर की अन्य छोटी-बड़ी सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया, और कई जगह जाम लग गया। मदिया कटरा, लोहा मंडी, हरी पर्वत, भगवान टॉकीज, सिकंदरा, बोदला, और मेले के आसपास के कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बार के कैलाश मेले में यातायात प्रबंधन की यह विफलता प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई, जिससे भक्तों को असुविधा और आपातकालीन सेवाओं में बाधा का सामना करना पड़ा।

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