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चांदी लूट एनकाउंटर पर उठे सवाल: परिजन बोले – “भाई को जिंदा पकड़ा था, शव को भी पेट्रोल-डीजल डालकर जबरन जला दिया”

आगरा। मथुरा में एक कारोबारी से 75 किलोग्राम चांदी लूट के आरोप में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नीरज बघेल के भाई ने मथुरा पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके भाई को गुरुवार सुबह ही हिरासत में ले लिया था और चांदी बरामदगी के बाद रात में उसे मुठभेड़ में मार गिराया। परिजनों का यह भी कहना है कि पुलिस ने जबरन नीरज का अंतिम संस्कार भी करा दिया और शव को पेट्रोल-डीजल डालकर जलाया गया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है।


“जिंदा पकड़ा था, फिर क्यों मार दिया?” – भाई मनोज के सवाल

मथुरा के सर्राफ की 75 किलोग्राम चांदी लूट के मामले में गुरुवार रात सैंया के गांव धाना तेहरा के रहने वाले नीरज बघेल को मथुरा पुलिस ने फरह क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया था। उसका एक साथी घायल हुआ था। शनिवार दोपहर नीरज के बड़े भाई मनोज गुजरात से अपने गांव पहुंच गए। नीरज तीन भाइयों में सबसे छोटा था, और उसके बड़े भाई नीरज (समान नाम?) और नरेंद्र ट्रक चलाते हैं। दोनों मुठभेड़ के समय गुजरात में थे और जानकारी मिलने पर वापस आ गए।

आरोपी नीरज के भाई मनोज ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि नीरज किसी मजिस्ट्रेट की प्राइवेट गाड़ी चलाता था। मनोज के अनुसार, नीरज 26 जुलाई को कांवड़ लेने सोरौं गया था, और सोमवार को कांवड़ लेकर वापस आया। मंगलवार और बुधवार को वह पूरे दिन घर पर ही था। गुरुवार को उसने खाना बनाने में भाभी की मदद की। दोपहर में उसके पास कोई कॉल आई, जिसके बाद वह सुबह 10:30 बजे घर से चला गया।

मनोज का दावा है कि करीब 11 बजे मथुरा पुलिस ने उसे ग्वालियर रोड पर स्थित बाद गांव से उठा लिया था। इसके बाद, दोपहर तीन बजे पुलिस उनके घर पहुंची। मनोज के अनुसार, पुलिस के पास नीरज के कमरे की चाबी थी। उन्होंने ताला खोला और नीरज के कमरे में घुस गए, जहाँ से चांदी बरामदगी दिखाई गई।

मनोज का कहना है कि, “पुलिस ने उसे जिंदा पकड़कर चांदी बरामद कर ली थी तो मारने की क्या जरूरत थी? भाई किसी साजिश का शिकार हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि, “अगर लूट करने के आरोप में पुलिस सजा-ए-मौत दे रही है तो सभी लुटेरों को मारा जाए।”


“पुलिस ने जबरन पेट्रोल डालकर शव जलाया” – परिजनों का आरोप

मनोज ने बताया कि जब भाई के एनकाउंटर की खबर मिली तो वे गुजरात के मोरबी में थे। शाम को जब शव गांव पहुंचा तो पुलिस ने जबरन रात में ही अंतिम संस्कार करा दिया। मनोज ने सुबह तक रुकने के लिए बार-बार गुजारिश की और परिवार के लोग भी हाथ जोड़ते रहे। मगर, इसके बाद भी पुलिस ने पेट्रोल डालकर शव को जला दिया। इस पूरी घटना ने मथुरा पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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