मिलिट्री अस्पताल की आपातकालीन कॉल पर हुई रेस्क्यू पीसीआई, जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक दिया गया अंजाम
आगरा, शनिवार, 23 अगस्त 2025,
आगरा: सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC) के कार्डियोलॉजी विभाग ने एक सेवारत सैनिक की जान बचाकर असाधारण तत्परता और विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया है। यह सफल ऑपरेशन दर्शाता है कि अस्पताल आपातकालीन स्थितियों में भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ऑपरेशन का विवरण
यह मामला तब सामने आया जब ड्यूटी पर तैनात एक सैनिक को दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तुरंत मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया, जहाँ शुरुआती उपचार के तौर पर उन्हें थ्रोम्बोलिसिस (Tenecteplase) दिया गया। हालांकि, दो घंटे बाद उनकी स्थिति बिगड़ गई और उन्हें दोबारा सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद ईसीजी में गंभीर बदलाव दिखाई दिए। सैनिक की नाजुक स्थिति को देखते हुए, मिलिट्री अस्पताल की टीम ने तुरंत एस.एन. मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. बसंत कुमार गुप्ता से संपर्क किया।
आपातकालीन कॉल मिलते ही, डॉ. बसंत कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में, रेस्क्यू पीसीआई (Percutaneous Coronary Intervention) प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। विभाग की पूरी कैथ लैब टीम, जिसमें छुट्टी पर गए कर्मचारी भी शामिल थे, को तुरंत बुलाया गया। टीम ने पूरी तैयारी के साथ कैथ लैब में रोगी का इंतजार किया।
सैनिक को मिलिट्री अस्पताल की टीम (मेजर डॉ. रोहित जैन और अन्य) के साथ सीधे कैथ लैब में लाया गया। डॉ. बसंत गुप्ता और डॉ. सौरभ नागर ने कुशलतापूर्वक और समय पर रेस्क्यू पीसीआई प्रक्रिया को पूरा किया। इस सफल ऑपरेशन में उच्च स्तर की विशेषज्ञता और बेहतरीन टीम वर्क का प्रदर्शन हुआ।
अधिकारियों की सराहना
ऑपरेशन के बाद, सैनिक की स्थिति अब स्थिर है और उन्हें सीने में कोई दर्द नहीं है। कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इस सफल ऑपरेशन के लिए पूरी कार्डियोलॉजी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा, “हमें अपने डॉक्टरों और कर्मचारियों की तत्परता और समर्पण पर गर्व है। यह घटना हमारे अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को दर्शाती है।”
यह सफल ऑपरेशन एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि एस.एन. मेडिकल कॉलेज का कार्डियोलॉजी विभाग अब शाम 4 बजे के बाद भी रेस्क्यू पीसीआई जैसी जटिल प्रक्रियाएं करने में सक्षम है। यह सेवा न केवल मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी, बल्कि चिकित्सा के क्षेत्र में अस्पताल की प्रतिष्ठा को भी बढ़ाएगी।



































































































